हर जिले में बनेगी डेडिकेटेड हेल्पलाइन, उड़नदस्ता दल होंगे मजबूत; राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह और नगर विकास विभाग पर विशेष निगरानी
Patna News: बिहार में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति को प्रभावी बनाने की दिशा में निगरानी विभाग ने अपनी कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की त्वरित सूचना, जांच और कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए अब जिला स्तर पर निगरानी तंत्र को अधिक सक्रिय किया जाएगा।
इसी उद्देश्य से सोमवार, को निगरानी विभाग की ओर से संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें प्रधान सचिव, निगरानी विभाग, महानिदेशक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, विशेष निगरानी इकाई और तकनीकी परीक्षक कोषांग के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में जिला स्तर पर कार्यरत कोषांगों और उड़नदस्ता दलों को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के साथ-साथ उनके दायित्वों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
हर जिले में बनेगी डेडिकेटेड हेल्पलाइन
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्देशों में से एक प्रत्येक जिले में Dedicated Helpline स्थापित करने का है। इसका उद्देश्य आम लोगों को भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत या सूचना देने के लिए एक आसान माध्यम उपलब्ध कराना है। अधिकारियों को हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकें।
निगरानी मामलों की FIR समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश
जिला स्तर पर निगरानी से संबंधित मामलों में दर्ज होने वाली FIR की जानकारी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को समय पर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया। इससे मामलों की निगरानी, जांच और आगे की कार्रवाई में बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया है।
उड़नदस्ता दलों को मिलेगा प्रशिक्षण
बैठक में प्रत्येक जिले में तैनात उड़नदस्ता दल के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया। प्रशिक्षण के जरिए टीमों को उनके दायित्वों, कार्रवाई की प्रक्रिया और भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में प्रभावी तरीके से काम करने को लेकर तैयार किया जाएगा।
पांच विभागों पर विशेष फोकस
निगरानी विभाग के अनुसार सबसे अधिक निगरानी संबंधी मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, गृह विभाग तथा नगर एवं आवास विकास विभाग से प्राप्त होते हैं।
इसे देखते हुए बैठक में इन पांच विभागों से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान देने और निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई गई।
निगरानी विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार उन्मूलन की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इन प्रयासों से विभाग को अपेक्षित सफलता भी मिल रही है। जिला स्तर पर हेल्पलाइन, प्रशिक्षित उड़नदस्ता दल और बेहतर समन्वय की व्यवस्था लागू होने से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में दिए गए निर्देशों का उद्देश्य राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी तंत्र को जमीनी स्तर तक मजबूत करना और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।


