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भागलपुर: थ्रेसर की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत, गेहूं की कटाई के दौरान मातम में बदली खुशियां

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। नाथनगर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव में गेहूं की मड़ाई (तैयारी) के दौरान हुए एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक महिला की थ्रेसर मशीन में साड़ी फंसने के कारण जान चली गई।

​कैसे हुआ हादसा?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, फतेहपुर निवासी सुबो देवी अपने घर के समीप ही खेत में गेहूं की तैयारी कर रही थीं। थ्रेसर मशीन चल रही थी और काम पूरे जोरों पर था। इसी दौरान असावधानीवश उनकी साड़ी का पल्लू मशीन के घूमते हुए शाफ्ट की चपेट में आ गया।

​इससे पहले कि सुबो देवी खुद को संभाल पातीं या कोई कुछ समझ पाता, मशीन ने उन्हें तेजी से अपनी ओर खींच लिया। आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने और मशीन बंद करने तक महिला गंभीर रूप से लहूलुहान हो चुकी थी।

​अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

​घटना के तुरंत बाद परिजनों और ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में घायल महिला को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल (JLNMCH) ले जाया गया। हालांकि, चोटें इतनी गंभीर थीं कि अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

​बरतें सावधानी: विशेषज्ञों की राय

​स्थानीय ग्रामीणों और कृषि जानकारों का कहना है कि थ्रेसर और अन्य भारी कृषि मशीनों का उपयोग करते समय थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

​सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:

  • ​ढीले कपड़े न पहनें: थ्रेसर चलाते समय साड़ी, दुपट्टा या ढीले कुर्ते से बचें। महिलाएं सिर पर कपड़ा बांधकर रखें।
  • ​नशे या थकान में काम न करें: थ्रेसर पर काम करते समय पूरी एकाग्रता जरूरी है।
  • ​बच्चों को रखें दूर: मशीन के चलते समय बच्चों को कार्यस्थल से दूर रखें।
  • ​इमर्जेंसी कट-ऑफ: मशीन चलाने वालों को इमरजेंसी स्टॉप बटन की जानकारी होनी चाहिए।

महापौर डॉ. बसुंधरा लाल ने किया IMA ‘स्वास्थ्य सप्ताह’ का शुभारंभ; बोलीं— “कैंसर से बचने का सबसे बड़ा हथियार है समय पर जांच”

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Bhagalpur News: भागलपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आम जनमानस को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। स्थानीय आईएमए (IMA) हॉल में ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’, भागलपुर शाखा द्वारा आयोजित ‘स्वास्थ्य सप्ताह 2025-26’ के अंतर्गत एक विशेष कैंसर डिटेक्शन कैंप का आयोजन किया गया।

​भव्य उद्घाटन और दीप प्रज्वलन

​कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर डॉ. बसुंधरा लाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। एक चिकित्सक और जन-प्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए जीवन रक्षक कदम बताया।

​कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता और समाधान

​उपस्थित जनसमूह और मेडिकल विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए डॉ. बसुंधरा लाल ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

​“कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने का सबसे प्रभावी हथियार ‘जागरूकता’ और ‘समय पर जांच’ है। आज के दौर में विशेषकर महिलाओं में ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में इस तरह के स्क्रीनिंग शिविर न केवल बीमारी को प्रारंभिक चरण में पकड़ने में मदद करते हैं, बल्कि कीमती जिंदगियां भी बचाते हैं।”

 

​‘साइंस के साथ स्वास्थ्य’ का संकल्प

​महापौर ने समाज के हर वर्ग से अपील की कि वे स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह न रहें और भ्रांतियों के बजाय वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति पर भरोसा करें। उन्होंने इस आयोजन के मूल मंत्र पर जोर देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य “Together for Health, Stand with Science” के संकल्प को जमीन पर उतारना होना चाहिए, ताकि हम मिलकर एक ‘स्वस्थ और जागरूक भागलपुर’ का निर्माण कर सकें।

​शिविर की मुख्य विशेषताएं:

  1. ​नि:शुल्क स्क्रीनिंग: शिविर में आए दर्जनों लोगों की प्रारंभिक कैंसर जांच की गई।
  2. ​विशेषज्ञ परामर्श: शहर के नामचीन कैंसर विशेषज्ञों ने मरीजों को खान-पान और जीवनशैली के प्रति सलाह दी।
  3. ​जागरूकता सत्र: महिलाओं को स्वयं जांच (Self-Examination) के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।

​IMA भागलपुर द्वारा आयोजित यह स्वास्थ्य सप्ताह आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाएगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित चिकित्सकों ने महापौर के प्रति आभार व्यक्त किया और सामूहिक रूप से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

बिहार के डेयरी क्षेत्र में ‘स्पेस तकनीक’ का शंखनाद: अब ISRO की मदद से होगा हरे चारे का मानचित्रण, दुग्ध उत्पादन में आएगी क्रांति

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Patna News: बिहार के डेयरी सेक्टर को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ (COMFED) ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ मिलकर राज्य के सभी 38 जिलों में ‘हरा चारा मानचित्रण अध्ययन’ (Green Fodder Mapping) की शुरुआत की है।

​इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विधिवत उद्घाटन आज पटना के होटल चाणक्य में आयोजित एक विशेष कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में किया गया।

​रिमोट सेंसिंग और GIS तकनीक से बदलेगी पशुपालन की सूरत

​पशु संसाधन विभाग के सचिव  शीर्षत कपिल अशोक ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अंतरिक्ष तकनीक (रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस) का उपयोग अनिवार्य है।

​”चारे की सटीक उपलब्धता का डेटा होने से हम पशुपालकों के लिए बेहतर नीतियां बना सकेंगे।” – श्री शीर्षत कपिल अशोक, सचिव

 

​दूध उत्पादन की लागत में आएगी भारी कमी

​कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ (IAS) ने इस पहल के आर्थिक पहलुओं पर जोर देते हुए बताया:

  • ​लागत नियंत्रण: दुग्ध उत्पादन की कुल लागत का लगभग 70% हिस्सा केवल चारा और पशु आहार पर खर्च होता है।
  • ​सटीक आकलन: इसरो की तकनीक से यह पता चल सकेगा कि किस जिले में किस किस्म के चारे की पैदावार हो रही है और कहाँ कमी है।
  • ​बेहतर प्लानिंग: इससे पशुपालकों को सही समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

​प्रमुख डेयरी संघों ने लिया प्रशिक्षण

​कार्यशाला में बिहार के प्रमुख दुग्ध संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल थे:

  • ​VPMU (पटना), TIMUL (मुजफ्फरपुर)
  • ​DRMU (बरौनी), SMU (आरा)
  • ​बिहार शरीफ डेयरी परियोजना (नालंदा) के नोडल पदाधिकारी।

​प्रशिक्षण के दौरान गणनाकर्ताओं को बताया गया कि कैसे सैटेलाइट डेटा के माध्यम से चारे के क्षेत्रफल और किस्मों का विश्लेषण किया जाता है। एनडीडीबी कोलकाता के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. सब्यसाची रॉय ने भी वर्चुअल माध्यम से इस तकनीक की बारीकियों को साझा किया।

​इस अध्ययन के 3 मुख्य उद्देश्य:

  1. ​डेटा आधारित नीति: चारे की फसल के क्षेत्रफल का सटीक वैज्ञानिक डेटा तैयार करना।
  2. ​बीज प्रबंधन: उच्च गुणवत्ता वाले चारे के बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  3. ​सतत आपूर्ति: चारे की कमी वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करना।

बिहार सरकार, एनडीडीबी और कॉम्फेड की यह संयुक्त पहल न केवल दुग्ध उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाएगी, बल्कि राज्य के लाखों पशुपालकों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। अंतरिक्ष से लेकर जमीन तक की यह जुगलबंदी बिहार को डेयरी हब बनाने की ओर एक बड़ा कदम है।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत का सख्त तेवर: PNG कार्य में सुस्ती दिखाई तो नपेंगी कंपनियां, ‘मिशन मोड’ में काम करने का अल्टीमेटम

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Patna News: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’ (CMG) की उच्चस्तरीय बैठक में कड़ा रुख अख्तियार किया है। राज्य में पीएनजी (PNG) पाइपलाइन बिछाने के कार्यों की कछुआ चाल पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्होंने तेल कंपनियों को स्पष्ट चेतावनी दी है। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में किसी भी प्रकार की कोताही बरती गई, तो संबंधित कंपनियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​कंपनियों को निर्देश: ऑफिस नहीं, धरातल पर उतरकर दिखाएं काम

​समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि पटना और मुजफ्फरपुर को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में घरेलू पीएनजी कनेक्शन की प्रगति लक्ष्य से काफी पीछे है। मुख्य सचिव ने आईओसीएल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL), एचपीसीएल (HPCL), गेल (GAIL) और थिंक गैस (Think Gas) के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे अब ‘मिशन मोड’ में काम करें।

  • ​हर सोमवार रिपोर्ट: नोडल विभाग को हर सोमवार मुख्य सचिव के समक्ष प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया है।
  • ​ग्राउंड जीरो पर जांच: प्रमंडलीय आयुक्त और प्रभारी सचिवों को जिलों का भ्रमण कर ठेकेदारों और मैनपावर की उपलब्धता की भौतिक जांच करने को कहा गया है।

​एलपीजी बैकलॉग पर नकेल: 22 हजार से अधिक निरीक्षण

​बैठक में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और बैकलॉग की भी समीक्षा की गई। विशेष रूप से अरवल, गया, कैमूर, रोहतास, सारण और पश्चिमी चंपारण में समस्या को रेखांकित किया गया।

  • ​छापेमारी और जब्ती: अब तक जिलाधिकारियों द्वारा 22,878 सघन निरीक्षण किए गए हैं, जिसमें कई अवैध सिलेंडर जब्त किए गए और एफआईआर (FIR) दर्ज की गई।
  • ​OTP से डिलीवरी: तेल कंपनियों ने बताया कि अब 90% डिलीवरी केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए ही हो रही है, ताकि कालाबाजारी रुक सके।

​बाहर फंसे श्रमिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

​बिहार के जो श्रमिक मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) या अन्य राज्यों में फंसे हैं, उनकी सहायता के लिए श्रम संसाधन विभाग ने राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम और नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी है।

​सहायता के लिए संपर्क करें:

  • ​फोन नंबर: 0612-2520053
  • ​व्हाट्सएप नंबर: 7368855002

 

​युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

​पीएनजी पाइपलाइन कार्यों में तेजी लाने के लिए सरकार ने एक मास्टर प्लान बनाया है। इसके तहत पटना, लखीसराय और मुंगेर जैसे जिलों में PHED प्लंबरों और ITI छात्रों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर किया जा सके।

​बैठक में ये रहे मौजूद:

​बैठक में विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (गृह), डीजीपी समेत स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, परिवहन, आपदा प्रबंधन और नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव एवं सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

बड़ी वारदात की फिराक में थे बदमाश, भागलपुर पुलिस ने घेराबंदी कर कट्टे के साथ दबोचा!

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Bhagalpur Bihar: भागलपुर जिले में अपराध नियंत्रण और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में भागलपुर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार की गई छापेमारी में ईशाकचक थाना पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को एक देसी कट्टे और मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया है।

​गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल

​मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को ईशाकचक पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि चांदनी चौक के पास कुछ अपराधी अवैध हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (नगर) शैलेन्द्र सिंह और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-01) अजय कुमार चौधरी के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया।

​घेराबंदी देख भागने लगे अपराधी

​पुलिस टीम ने जब बाईपास की ओर से आने वाली चांदनी चौक पर सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर घबरा गए और विपरीत दिशा में भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा।

​तलाशी में मिला अवैध हथियार

​गिरफ्तार किए गए युवकों की जब तलाशी ली गई, तो उनके पास से 01 देसी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है। पकड़े गए अपराधियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. ​मो. रमजानी (पिता: मो. नेहाल) – निवासी: भीखनपुर गुमटी नं. 03, थाना: ईशाकचक।
  2. ​मो. नकुल (पिता: मो. कलीम) – निवासी: भीखनपुर टैंकलेन, थाना: ईशाकचक।

​बरामदगी का विवरण:

  • ​देसी कट्टा: 01
  • ​मोटरसाइकिल: 01

​छापेमारी टीम में शामिल पुलिस अधिकारी:

​इस सफल ऑपरेशन में ईशाकचक थानाध्यक्ष पु.नि. आलोक कुमार के साथ पु.अ.नि. रौशन कुमार, पु.अ.नि. नीलमणि कुमार दास, पु.अ.नि. प्रिंस कुमार, पी.टी.सी. गौतम कुमार और सिपाही विजय कुमार शामिल थे।

​पुलिस का बयान:

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे। भागलपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

भागलपुर: मायागंज अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर ‘वसूली’ का खेल! मरीज से मांगे ₹40 हजार, राजद नेता के हस्तक्षेप के बाद मड़कंप

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Bhagalpur News: बिहार के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में शुमार जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (मायागंज) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल में गरीब मरीजों से इलाज और ऑपरेशन के नाम पर अवैध राशि की मांग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस बार पीड़ित नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के बैजलपुर पंचायत अंतर्गत कुरपट गांव की निवासी माला देवी हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

​ क्या है पूरा मामला: ₹40,000 की ‘डिमांड’

​माला देवी के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के कुछ कर्मियों द्वारा ऑपरेशन करने के एवज में उनसे ₹40,000 की मांग की गई। परिजनों ने बताया कि सरकारी अस्पताल होने के बावजूद उनसे इतनी बड़ी रकम मांगी गई, जिससे वे बेहद परेशान और डरे हुए थे।

​ राजद नेता जेड हसन ने संभाला मोर्चा

​मामले की जानकारी मिलते ही नाथनगर विधानसभा से राजद के पूर्व प्रत्याशी जेड हसन तुरंत मायागंज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित मरीज और उनके परिजनों से मुलाकात कर पूरी स्थिति का जायजा लिया।

  • ​त्वरित कार्रवाई: जेड हसन ने तत्काल हड्डी रोग विभाग (Orthopaedics) के विभागाध्यक्ष से फोन पर बात की।
  • ​यूनिट और बेड का आवंटन: उनके हस्तक्षेप के बाद मरीज माला देवी को दूसरे यूनिट में शिफ्ट किया गया और तुरंत बेड की व्यवस्था कराई गई।
  • ​अधीक्षक से शिकायत: उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से बात कर आरोपी कर्मियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

​ “सरकारी अस्पताल में लूट बर्दाश्त नहीं”

​मीडिया से बात करते हुए जेड हसन ने कहा कि सरकारी अस्पताल में गरीबों को निःशुल्क इलाज मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है। अगर ऑपरेशन के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं, तो यह एक संगठित अपराध है।

​चेतावनी: “हमने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट कर दिया है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मरीज को समुचित और मुफ्त इलाज सुनिश्चित कराया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य गरीब परिवार के साथ ऐसी लूट न हो।”

मायागंज अस्पताल में अवैध वसूली की शिकायतें नई नहीं हैं, लेकिन एक बार फिर इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब देखना यह है कि अस्पताल अधीक्षक उन ‘काली भेड़ों’ की पहचान कर पाते हैं या नहीं जो सरकारी सेवा को व्यापार बना रहे हैं।

भागलपुर: लोदीपुर में भीषण सड़क हादसा, अनियंत्रित हाइवा की टक्कर से युवक की मौके पर ही मौत

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Bhagalpur News: भागलपुर के लोदीपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। थाना क्षेत्र के वी.जे स्कूल के समीप एक अनियंत्रित हाइवा वाहन ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

​ घर से काम के लिए निकला था मनीष

​मृतक की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो लोदीपुर क्षेत्र के जमसी गाँव का रहने वाला था।

  • ​घटना का क्रम: जानकारी के अनुसार मनीष अपनी बाइक से अपने घर जमसी से भागलपुर शहर की ओर आ रहा था।
  • ​भीषण टक्कर: जैसे ही वह वी.जे स्कूल के पास पहुँचा, विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित हाइवा ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद मनीष सड़क पर काफी दूर तक घिसटता चला गया।

​ पुलिस की कार्रवाई और छानबीन

​हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोदीपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला।

​जांच की स्थिति: पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने घटनास्थल से दुर्घटनाग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया है और फरार हाइवा चालक की गिरफ्तारी के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

 

 गांव में पसरा सन्नाटा

​मनीष की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव जमसी पहुँची, पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही पर लगाम लगाई जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

क्रॉसवर्ड चैंपियनशिप: भागलपुर और पटना के छात्रों ने राष्ट्रीय पटल पर गाड़ा झंडा, ‘डीपीएस पटना’ के नन्या देव बने बिहार टॉपर

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Patna News: देश की प्रतिष्ठित 14वीं इंटर-स्कूल CCCC क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड कॉन्टेस्ट के प्रैक्टिस राउंड के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इस प्रतियोगिता में बिहार के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। विशेष रूप से पटना, भागलपुर, अररिया और दरभंगा जैसे शहरों के छोटे-बड़े स्कूलों के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की इस रैंकिंग में अपनी जगह बनाई है।

​ राष्ट्रीय स्तर पर पुणे का दबदबा, पटना तीसरे स्थान पर

​राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में पुणे के सूर्यदत्ता नेशनल स्कूल के साहिल संदीप सबने ने पहला स्थान प्राप्त कर देशभर में टॉप किया है। साहिल ने एकल (सोलो) प्रतिभागी के तौर पर यह उपलब्धि हासिल की।

  • ​उपविजेता: हैदराबाद के भारतीय विद्या भवन पब्लिक स्कूल की अंजलि नंदूरी और आराध्या रंजीथ की टीम।
  • ​तीसरा स्थान: पटना के डॉन बॉस्को अकादमी के धैर्य पांडेय ने अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए देश में तीसरा स्थान हासिल किया।

​ बिहार के सितारे: नन्या देव बने स्टेट टॉपर

​बिहार राज्य की रैंकिंग में डीपीएस (DPS) पटना के नन्या देव सिंह ने एकल श्रेणी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ‘स्टेट टॉपर’ का खिताब अपने नाम किया। नन्या के इस प्रदर्शन से स्कूल और शहर में हर्ष का माहौल है।

​ छोटे शहरों की बड़ी उड़ान: भागलपुर और अररिया के छात्रों का जलवा

​इस बार की चैंपियनशिप में बिहार के छोटे शहरों की भागीदारी और प्रदर्शन में भारी उछाल देखा गया है:

  • ​भागलपुर: माउंट असीसी स्कूल की युबराज आनंद और सक्षम सिंह की टीम ने जिला स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
  • ​अररिया: एसडीड़ीएनजी गवर्नमेंट हाई स्कूल के शिवम कुमार झा (एकल) ने पहला स्थान प्राप्त कर सबको चौंका दिया।
  • ​दरभंगा: सिंड्रेला इंग्लिश स्कूल के शौर्य श्रीवास्तव शहर के टॉपर रहे।
  • ​जमुई: ईएमआरएस आस्था, झाझा के मयंक बेसरा और बिष्णु मुर्मू की टीम मेरिट सूची में शीर्ष पर रही।

​ छात्राओं ने भी दिखाया दम: आवासीय विद्यालयों का शानदार प्रदर्शन

​लड़कियों ने भी इस दिमागी खेल में लड़कों को कड़ी टक्कर दी है:

  1. ​आरा (भोजपुर): डॉ. बीआर अंबेडकर आवासीय बालिका विद्यालय की आंचल कुमारी और रेखा कुमारी अव्वल रहीं।
  2. ​औरंगाबाद: इसी विद्यालय की आंचल कुमारी और बर्शा कुमारी की टीम जिला टॉपर बनी।
  3. ​मुजफ्फरपुर: डॉ. बीआर अंबेडकर आवासीय विद्यालय की वंदना और रौशनी कुमारी ने प्रथम स्थान पाया।
  4. ​लखीसराय: सरकारी एससी आवासीय बालिका उच्च विद्यालय की आनंदी और रिया कुमारी शीर्ष पर रहीं।

​ 12 अप्रैल से शुरू होगा असली मुकाबला

​प्रैक्टिस राउंड के बाद अब मुख्य प्रतियोगिता की बारी है। स्कोरिंग राउंड के जरिए ही नेशनल ग्रैंड फिनाले का रास्ता साफ होगा:

  • ​स्कोरिंग राउंड की तिथियां: 12, 19 और 26 अप्रैल (लगातार तीन रविवार)।
  • ​फॉर्मेट: यह प्रतियोगिता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में आयोजित की जाती है।
  • ​रजिस्ट्रेशन: इच्छुक छात्र अभी भी crypticsingh.com पर निशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं।

बिहार के मेधावी छात्रों का यह प्रदर्शन साबित करता है कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। प्रैक्टिस राउंड के परिणामों ने स्कोरिंग राउंड के लिए रोमांच और बढ़ा दिया है। चयनित टीमें वर्ष के अंत में नई दिल्ली में होने वाले ग्रैंड फिनाले में राष्ट्रीय क्रॉसवर्ड चैंपियन ट्रॉफी के लिए मुकाबला करेंगी।

बिहार बना पूर्वी भारत का ‘ग्रोथ इंजन’: 5 साल में ₹50 लाख करोड़ के निवेश और 1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य

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Patna News: बिहार अब केवल खेती-किसानी का राज्य नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक ‘ग्लोबल हब’ बनने की ओर अग्रसर है। सोमवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सभागार में आयोजित एक भव्य प्रेस वार्ता के दौरान माननीय उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऐतिहासिक उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में “समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार” के संकल्प के साथ राज्य अब योजना से क्रियान्वयन के मोड में आ चुका है।

​  विजन 2030: महत्वाकांक्षी लक्ष्य और संस्थागत ढांचा

​बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए एक बेहद साहसी रोडमैप तैयार किया है:

  • ​निवेश और रोजगार: ₹50 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 1 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा करना।
  • ​नए निदेशालयों का गठन: MSME क्षेत्र को मजबूती देने के लिए MSME निदेशालय और उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए बिहार राज्य विपणन प्राधिकार (BSMA) की स्थापना की गई है।
  • ​एपेक्स समितियां: बिहार को ‘ईस्टर्न टेक हब’ और ‘ग्लोबल बैकएंड हब’ बनाने के लिए तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है।

​  नीतिगत क्रांति: BIIPP 2025 और सेमीकंडक्टर नीति

​बिहार ने निवेशकों को रिझाने के लिए देश का सबसे प्रतिस्पर्धी पैकेज पेश किया है:

  • ​BIIPP 2025: इसके तहत उच्च-मूल्य निवेशों के लिए निःशुल्क भूमि, पूंजी अनुदान, और SGST पुनर्भरण जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
  • ​बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026: पूर्वी भारत में बिहार पहला राज्य बनने जा रहा है जो सेमीकंडक्टर डिजाइन, फैब्रिकेशन और पैकेजिंग में निवेश को प्रोत्साहित करेगा।
  • ​क्षेत्र विशेष नीतियां: लॉजिस्टिक्स, बायोफ्यूल्स, वस्त्र और चमड़ा नीतियों के माध्यम से ‘Policy for All’ के तहत हर वर्ग को समान अवसर दिए जा रहे हैं।

​ निवेश के आंकड़े: जमीन पर उतर रही है प्रगति

​वर्ष 2025-26 बिहार के लिए ‘निवेश का साल’ साबित हुआ है:

  • ​नए प्रस्ताव: कुल 747 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनका मूल्य ₹17,217 करोड़ से अधिक है।
  • ​दिग्गज कंपनियां: रिलायंस इंडस्ट्रीज, जे. के. लक्ष्मी सीमेंट, आदित्य बिरला ग्रुप, मदर डेयरी और HPCL जैसी कंपनियों को बियाडा (BIADA) के माध्यम से भूमि आवंटित की जा चुकी है।
  • ​भूमि बैंक: 24 जिलों में 13,343 एकड़ से अधिक भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

​ मेगा प्रोजेक्ट्स: बदल रही है बिहार की तस्वीर

​राज्य में बुनियादी ढांचे का जाल बिछाया जा रहा है:

  • ​BIMCGL गया: अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत गया के डोभी में 1,670 एकड़ में मैन्युफैक्चरिंग सिटी का निर्माण।
  • ​मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क: फतुहा के जैतिया में 102 एकड़ में निर्माण जारी, साथ ही पास में फिनटेक सिटी की योजना।
  • ​SEZ और पार्क: बक्सर और पश्चिमी चम्पारण में स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) और मुजफ्फरपुर में लेदर व टेक्सटाइल पार्क का विस्तार।
  • ​महिला छात्रावास: कामकाजी महिलाओं के लिए 10 जिलों में हॉस्टल का निर्माण प्रगति पर है।

​ ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस: श्रम सुधारों में अग्रणी

​बिहार ने उद्योगों के संचालन को आसान बनाने के लिए नियमों में लचीलापन लाया है:

  • ​महिला सशक्तिकरण: अब महिलाएं सुबह 5:00 से रात 10:00 बजे तक फैक्ट्रियों में काम कर सकेंगी।
  • ​काम के घंटे: प्रतिदिन 12 घंटे तक संचालन की अनुमति (साप्ताहिक 48 घंटे की सीमा के साथ)।
  • ​सिंगल विंडो सिस्टम: बिहार अब ‘नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम’ (NSWS) के साथ पूरी तरह एकीकृत है।

​ स्टार्टअप और स्वरोजगार: युवाओं के सपनों को उड़ान

  • ​स्टार्टअप बिहार: इस साल 109 नए स्टार्टअप पंजीकृत हुए। अब तक ₹92.2 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है। पटना और पूर्णिया में को-वर्किंग स्पेस तैयार हैं।
  • ​मुख्यमंत्री उद्यमी योजना: अब तक 44,179 लाभुकों को ₹3,242 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई है।
  • ​खादी और शिल्प: पटना खादी मॉल ने ₹22 करोड़ की रिकॉर्ड बिक्री की। पूर्णिया, दरभंगा और गया में भी नए मॉल प्रस्तावित हैं।

​ उद्योग मंत्री ने विश्वास दिलाया कि बिहार अब ‘निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य’ बन चुका है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, बेहतर हवाई संपर्क और नई नीतियों के संगम से बिहार पूर्वी भारत के विकास का असली चेहरा बनकर उभरेगा।

अररिया: 93 करोड़ से बदलेगी जयनगर-घुरना सड़क की सूरत, भारत-नेपाल सीमा तक सुगम होगा सफर

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Patna News: सीमावर्ती जिला अररिया के विकास को नई रफ्तार देने के लिए पथ निर्माण विभाग ने एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। जयनगर से नरपतगंज होते हुए घुरना (भारत-नेपाल सीमा) तक जाने वाली 35.77 किलोमीटर लंबी सड़क के मजबूतीकरण के लिए विभाग 93 करोड़ 11 लाख 22 हजार रुपए खर्च कर रहा है। इस सड़क के बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि सामरिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

​ कनेक्टिविटी का नया हब: कई नेशनल हाईवे से सीधा जुड़ाव

​यह सड़क क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जा रही है क्योंकि यह सीधे तौर पर बड़े राजमार्गों को आपस में जोड़ती है:

  • ​बेहतर संपर्क: इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण से NH-327E, NH-27, NH-527 और SH-77 का भारत-नेपाल पथ से सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा।
  • ​विस्तार: 5.50 मीटर चौड़ी यह सड़क सैफगंज-सुकेला मोड़ से शुरू होकर मिरदौल-पिठौरा चौक, नरपतगंज बाजार और अचरा होते हुए मीरगंज के पास भारत-नेपाल सीमा पर समाप्त होती है।

​ 5 लाख की आबादी और किसानों को बड़ी सौगात

​विभागीय अनुमान के अनुसार, इस सड़क के सुदृढ़ीकरण से अररिया और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 5 लाख से अधिक लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

  1. ​व्यापार को बढ़ावा: नेपाल सीमा से सटे होने के कारण व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
  2. ​किसानों की राह आसान: अलग-अलग फसलों की खेती करने वाले लाखों किसानों को अपनी उपज मंडियों और बाजारों तक पहुंचाने में अब समय और पैसे की बचत होगी।
  3. ​रोजगार के अवसर: बेहतर सड़क बुनियादी ढांचे से स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों और रोजगार को बल मिलेगा।

​ मंत्री प्रदीप सिंह का सख्त निर्देश: “गुणवत्ता से समझौता नहीं”

​विभागीय मंत्री प्रदीप सिंह ने इस परियोजना को लेकर संबंधित अभियंताओं और निर्माण एजेंसी को कड़े निर्देश जारी किए हैं:

  • ​समयसीमा: कार्य को निर्धारित समय के भीतर पूरा करना अनिवार्य है।
  • ​गुणवत्ता जाँच: निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों की नियमित तकनीकी जाँच की जाए ताकि सड़क टिकाऊ बने।
  • ​तकनीकी मानक: सड़क निर्माण के हर स्तर पर उच्च तकनीकी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जयनगर-घुरना सड़क का यह मजबूतीकरण कार्य अररिया जिले के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। नेपाल सीमा तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से न केवल सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि आम जनता का जीवन भी आसान होगा।