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भागलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मार्च में दर्ज हुए 813 कांड, तो 1122 का हुआ निपटारा; बेहतर प्रदर्शन करने वाले 22 पुलिसकर्मी सम्मानित

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Bhagalpur News: वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार, भागलपुर की अध्यक्षता में बुधवार को मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित कांडों की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य न केवल अपराध रोकना है, बल्कि दर्ज मामलों का त्वरित निष्पादन कर पीड़ितों को न्याय दिलाना भी है।

​आंकड़ों में भागलपुर पुलिस की सफलता: निष्पादन दर में उछाल

​समीक्षा बैठक के दौरान मार्च-2026 के आंकड़े पेश किए गए, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाते हैं:

  • ​दर्ज मामले: मार्च महीने में कुल 813 नए कांड प्रतिवेदित हुए।
  • ​निष्पादित मामले: पुलिस ने शानदार कार्यक्षमता दिखाते हुए पुराने और नए मिलाकर कुल 1122 कांडों का निष्पादन किया।

​बेहतर कार्य के लिए 22 पुलिस अधिकारियों को मिला ‘प्रशस्ति पत्र’

​एसएसपी ने उन पुलिस पदाधिकारियों की हौसलाअफजाई की जिन्होंने कांडों के निष्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कहलगांव, महिला थाना, जोगसर, सबौर और सुल्तानगंज समेत विभिन्न थानों के 22 पुलिस पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में पु०नि० श्यामला कुमार (कहलगांव), पु०नि० लुसी कुमारी (महिला थाना) और पु०अ०नि० मंटू कुमार (जोगसर) प्रमुख रूप से शामिल हैं।

​अपराधियों की खैर नहीं: SSP के कड़े निर्देश

​बैठक में एसएसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:

  1. ​सोशल मीडिया मॉनिटरिंग: भ्रामक खबरों और शांति भंग करने वाले तत्वों पर नजर रखने के लिए 24×7 सोशल मीडिया मॉनिटरिंग का आदेश दिया गया।
  2. ​जमानत रद्दीकरण: संपत्ति मूलक कांडों (चोरी, लूट आदि) में बार-बार संलिप्त रहने वाले अपराधियों की जमानत रद्द कराने और स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलाने का निर्देश दिया गया।
  3. ​शहरी क्षेत्र में विशेष अभियान: शहर में बढ़ती बाइक चोरी और अन्य चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कार्य योजना बनाने को कहा गया।
  4. ​ई-साक्ष्य और आधुनिक तकनीक: नए आपराधिक कानून के तहत ई-साक्ष्य ऐप, CCTNS और अन्य पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि को अनिवार्य और समयबद्ध करने का निर्देश दिया गया।

​जमीन विवाद और जन-सुनवाई पर जोर

​एसएसपी ने थानों में आने वाले फरियादियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, जमीन विवाद के मामलों के निपटारे के लिए हर शनिवार को अंचलाधिकारी (CO) के साथ अनिवार्य बैठक करने और समाधान निकालने पर बल दिया।

​मुख्य बिंदु एक नजर में:

  • ​813 नए मामले दर्ज, 1122 का निपटारा।
  • ​अपराधियों की सूची बनाकर निगरानी और सत्यापन का आदेश।
  • ​वारंटी और फरार अभियुक्तों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई तेज होगी।
  • ​संवेदनशील इलाकों में गश्त और पुलिस की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी।

बेमौसम बारिश की मार: जगदीशपुर में रबी फसलों पर फिरा पानी, बर्बादी देख किसानों की आंखों में आए आंसू

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Bhagalpur News: प्रकृति की अनिश्चितता ने एक बार फिर किसानों की कमर तोड़ दी है। जगदीशपुर प्रखंड क्षेत्र में बुधवार दोपहर बाद अचानक हुए मौसम परिवर्तन और मूसलाधार बेमौसम बारिश ने रबी की तैयार फसलों को मटियामेट कर दिया है। खेतों में लहलहाती गेहूं और चने की बालियां अब जमीन चूम रही हैं, जिससे किसानों की साल भर की मेहनत और पूंजी डूबती नजर आ रही है।

​खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल, कटनी पर लगा ब्रेक

​क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, चना, मकई और प्याज की खेती को पहुंचा है।

  • ​तैयार फसलें हुई धराशायी: खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसलें तेज हवा और पानी के दबाव से खेतों में ही झुक गई हैं।
  • ​भीगकर खराब हुई उपज: कई जगहों पर किसानों ने फसल की कटनी कर उसे बोझ बनाकर रखा था, जो बारिश में पूरी तरह भीग गई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, कटी हुई फसल भीगने से दानों के काले पड़ने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है।

​आर्थिक तंगी की दोहरी मार

​किसानों का कहना है कि इस साल रबी सीजन की शुरुआत से ही मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। पहले ही खाद और बीज की बढ़ती लागत ने उन्हें परेशान कर रखा था, और अब इस तबाही ने उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है। खासकर प्याज और मकई की फसलों पर इस बारिश का बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे उत्पादन घटने की पूरी आशंका है।

​बीते जख्म हुए ताजा: खरीफ के बाद अब रबी भी संकट में

​जगदीशपुर के किसान अभी खरीफ फसल की बर्बादी के गम से उबरे भी नहीं थे कि रबी पर भी संकट के बादल छा गए। विदित हो कि प्रखंड क्षेत्र में पहले बाढ़ और फिर बेमौसम बारिश की वजह से खरीफ की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई थीं। अब रबी सीजन में भी वही स्थिति दोहराई जा रही है, जिससे किसान अपने भविष्य को लेकर गहरे संशय और चिंता में हैं।

​प्रशासन से मुआवजे की मांग

​फसल बर्बादी के मंजर को देख आक्रोशित और दुखी किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से अविलंब क्षति का आकलन (Survey) कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सरकार उचित मुआवजा प्रदान करे ताकि उन्हें इस आर्थिक संकट से कुछ राहत मिल सके। लगातार बदलते मौसम ने अब खेती को एक बड़ा जोखिम बना दिया है।

​रिपोर्ट: बीरेंद्र कुमार राय

भागलपुर: कहलगांव के सेंट जोसेफ स्कूल के प्रिंसिपल पर यौन उत्पीड़न का संगीन आरोप, प्रशासनिक जांच के बाद FIR दर्ज

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Bhagalpur News: कहलगांव अनुमंडल के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेंट जोसेफ पब्लिक स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल के प्रिंसिपल बोनीफेस मरांडी पर एक महिला शिक्षिका ने यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है और स्कूल परिसर में घंटों चली जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल की ही एक शिक्षिका ने प्रिंसिपल बोनीफेस मरांडी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने न केवल उसके साथ बल्कि उसकी बेटी के साथ भी यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार किया। इस शिकायत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।

​SDO के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ सह प्रशिक्षु आईएएस कृष्ण चंद्र गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष प्रशासनिक टीम स्कूल पहुंची। टीम ने स्कूल के स्टाफ, संबंधित पक्षों और प्रत्यक्षदर्शियों से घंटों पूछताछ की। प्रशासन की इस सघन जांच के बाद स्टाफ के बयान के आधार पर आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

​अभिभावकों का भी फूटा गुस्सा: ‘महंगी किताबों का खेल’

​जांच के दौरान स्कूल पहुंचे दर्जनों अभिभावकों ने भी अपनी नाराजगी जताई। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों पर महंगी किताबें और विशिष्ट सिंडिकेट की सामग्री खरीदने का दबाव बनाया जाता है। प्रिंसिपल पर लगे संगीन आरोपों के साथ-साथ इस ‘आर्थिक शोषण’ को लेकर भी लोगों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

​प्रशासन का पक्ष

​जांच टीम का नेतृत्व कर रहे कृष्ण चंद्र गुप्ता ने बताया कि कानून अपना काम कर रहा है। यौन शोषण जैसे संवेदनशील मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

​प्रमुख बिंदु:

  • ​आरोपी: प्रिंसिपल बोनीफेस मरांडी।
  • ​जांच टीम: एसडीओ कृष्ण चंद्र गुप्ता और अन्य प्रशासनिक अधिकारी।
  • ​धाराएं: यौन उत्पीड़न और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज।

बिहार की प्राचीन पाण्डुलिपियों को सहेजने के लिए ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ शुरू: मुख्य सचिव ने दिया 30 दिनों का अल्टीमेटम

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Patna News: बिहार की सदियों पुरानी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। बुधवार को पटना स्थित बिहार संग्रहालय में मुख्य सचिव  प्रत्यय अमृत (IAS) की अध्यक्षता में ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ की एक अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य भर में बिखरी प्राचीन पाण्डुलिपियों को सूचीबद्ध करना और उन्हें डिजिटल रूप में संरक्षित करना रहा।

​30 दिनों के भीतर पूरा होगा सर्वे: मुख्य सचिव का कड़ा निर्देश

​मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पाण्डुलिपियों के संरक्षण को राज्य की पहचान से जोड़ते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाण्डुलिपियों का संरक्षण हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए अनिवार्य है।

  • ​अल्टीमेटम: मुख्य सचिव ने पूरे बिहार में राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण के कार्य को अगले 30 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
  • ​मिशन मोड: इस अभियान को ‘मिशन मोड’ में चलाने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​कल 4 बजे होगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

​अभियान की प्रगति को ट्रैक करने और जिलाधिकारियों के साथ समन्वय बिठाने के लिए कल, 09 अप्रैल को शाम 4:00 बजे एक विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बुलाई गई है। इसमें सभी जिलाधिकारियों को स्थानीय क्लस्टर सेंटर और स्वतंत्र केंद्रों के साथ मिलकर कार्य की गति बढ़ाने का निर्देश दिया जाएगा।

​विशेषज्ञों का मिला साथ

​बैठक में कला एवं संस्कृति विभाग के कई दिग्गज और विशेषज्ञ शामिल रहे, जिनमें:

  • ​ अंजनी कुमार सिंह, महानिदेशक, बिहार संग्रहालय।
  • ​ प्रणव कुमार, सचिव, कला एवं संस्कृति विभाग।
  • ​डॉ. इम्तियाज अहमद, पूर्व निदेशक, खुदाबख्श लाइब्रेरी।
  • ​प्रो. सिद्धार्थ सिंह, कुलपति, नव नालंदा महाविहार।

​क्या है ‘ज्ञान भारतम् मिशन’?

​यह मिशन बिहार की उन दुर्लभ पाण्डुलिपियों को खोजने और सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है जो ताड़ के पत्तों, भोजपत्रों या प्राचीन कागजों पर लिखी गई हैं। इन पाण्डुलिपियों में बिहार का इतिहास, दर्शन, चिकित्सा और विज्ञान समाहित है। डिजिटलाइजेशन के बाद इन्हें पूरी दुनिया के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

भागलपुर के खिलाड़ियों के लिए सुनहरा मौका: 9 अप्रैल को सैंडीस कंपाउंड में होगा वॉलीबॉल का महा-ट्रायल

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Bhagalpur News: अगर आपके भीतर एक उभरता हुआ खिलाड़ी है और आप खेलों की दुनिया में अपना नाम रोशन करना चाहते हैं, तो बिहार सरकार आपके लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। खेल विभाग और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा संचालित एकलव्य राज्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केंद्रों में चयन के लिए भागलपुर में विशेष ट्रायल्स का आयोजन किया जा रहा है।

​9 अप्रैल: वॉलीबॉल के लिए सैंडीस कंपाउंड में जुटेंगे खिलाड़ी

​06 अप्रैल को तीरंदाजी, बास्केटबॉल और बैडमिंटन के ट्रायल्स के सफल आयोजन के बाद, अब 09 अप्रैल 2026 को वॉलीबॉल का ट्रायल होना है।

  • ​समय: सुबह 08:00 बजे से शाम 04:30 बजे तक।
  • ​स्थान: वॉलीबॉल मैदान, सैंडीस कंपाउंड, भागलपुर।
  • ​चयनकर्ता: श्री कुमार हीरा (9798481513), श्री शुभम कुमार (8877783373) और श्री आलोक कुमार पाण्डेय (7631794952)।

​कौन ले सकता है भाग? (पात्रता)

  • ​आयु सीमा: 12 से 14 वर्ष (जन्म तिथि 01.01.2012 से 01.01.2014 के बीच)।
  • ​विशेष छूट: राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को आयु सीमा में 2 वर्ष की छूट दी जाएगी।
  • ​वर्ग: बालक और बालिका दोनों (बास्केटबॉल को छोड़कर)।

​चयनित खिलाड़ियों को मिलेंगी ये शानदार सुविधाएं:

​एकलव्य केंद्र में चयन होने के बाद बिहार सरकार खिलाड़ियों का पूरा खर्च उठाएगी:

  • ​मुफ़्त आवास और पौष्टिक आहार।
  • ​विशेषज्ञ कोच द्वारा प्रोफेशनल ट्रेनिंग और खेल किट।
  • ​शैक्षणिक सुविधा और चिकित्सा बीमा।
  • ​सबसे महत्वपूर्ण: खिलाड़ियों को हर महीने नकद छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।

​साथ लाना न भूलें ये दस्तावेज:

​ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों को अपने साथ जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, विद्यालय प्रमाण पत्र और खेल उपलब्धियों के सर्टिफिकेट लेकर निर्धारित समय पर पहुंचना अनिवार्य है।

​अधिकारियों की अपील

​जिला खेल पदाधिकारी  जयनारायण कुमार ने बताया कि जिले की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से सभी विद्यालय प्रधानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक बच्चों को इस ट्रायल के लिए प्रेरित करें।

सबौर प्रखंड कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण: एक्शन मोड में दिखे DDC प्रदीप सिंह, कस्तूरबा विद्यालय की समस्याओं पर तत्काल निर्देश

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। बुधवार को भागलपुर के उप विकास आयुक्त (DDC)  प्रदीप सिंह ने सबौर प्रखंड का विस्तृत वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ब्लॉक मुख्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर पंचायतों में चल रही योजनाओं की गुणवत्ता तक का गहन अवलोकन किया।

​उपस्थिति और रिकॉर्ड देख हुए गदगद

​निरीक्षण की शुरुआत में डीडीसी ने प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति पंजी की जांच की। संतोषजनक बात यह रही कि सभी कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात पाए गए। कार्यालय के विभिन्न अभिलेख और रजिस्टर भी अद्यतन (Updated) मिले, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। बैठक में बीडीओ सहित प्रखंड के सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

​विकास योजनाओं की ‘क्वालिटी’ पर जोर

​डीडीसी ने 15वें वित्त आयोग से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि पंचायतों में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

  • ​WPU की जांच: उन्होंने प्रखंड के सभी वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (WPU) की क्रियाशीलता की जांच कर जल्द विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
  • ​कार्यालयों का दौरा: बाल विकास परियोजना (ICDS), व्यापार मंडल, आरटीपीएस और मनरेगा कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई और समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

​कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं से सीधा संवाद

​निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का दौरा रहा। डीडीसी ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई और सुविधाओं के बारे में बात की।

  • ​छात्राओं की मांग: छात्राओं ने खेल सामग्री की कमी और विद्यालय में चाहरदीवारी (Boudary Wall) न होने की समस्या उठाई।
  • ​तत्काल एक्शन: डीडीसी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को तुरंत प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि जल्द से जल्द चाहरदीवारी का निर्माण कराया जा सके।

​निरीक्षण दल में ये रहे शामिल

​इस वार्षिक निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परिषद के अधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS) सहित कई विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

भागलपुर में तैयार होंगे ‘धोनी और ईशान किशन’ जैसे सितारे, बीसीसीआई मानक पर बनेगा इंटरनेशनल लेवल का क्रिकेट ग्राउंड

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Bhagalpur News: रेशम नगरी अब खेल के मैदान में भी अपनी चमक बिखेरने को तैयार है। बुधवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में खेल के सर्वांगीण विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक का मुख्य फोकस भागलपुर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित करना रहा।

​क्रिकेट के लिए बनेगा ‘BCCI स्टैंडर्ड’ का मैदान

​बैठक में जिलाधिकारी ने भागलपुर में क्रिकेट के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि इस धरती पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और स्टार क्रिकेटर ईशान किशन जैसे खिलाड़ी खेल चुके हैं।

​मैदान का विस्तार: बीसीसीआई के मानकों को पूरा करने के लिए वर्तमान क्रिकेट ग्राउंड को 10 फीट और बढ़ाने पर चर्चा हुई।

विश्वस्तरीय सुविधाएं: पिच तैयार करने, मैदान की लेबलिंग और दर्शकों के बैठने के लिए आधुनिक गैलरी बनाने पर विमर्श किया गया ताकि यहाँ राष्ट्रीय स्तर के मैच आयोजित हो सकें।
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सभी खेलों के लिए चिन्हित होंगे ग्राउंड
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केवल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि फुटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, लॉन टेनिस और बैडमिंटन के लिए भी विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।

​वॉलीबॉल: कोर्ट के पास शौचालय, चेंजिंग रूम, शुद्ध पेयजल और हाई-मास्ट लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
​अनुशासन सर्वोपरि: डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि “बिना अनुशासन के कोई भी खिलाड़ी महान नहीं बन सकता।” इसके लिए उन्होंने खिलाड़ियों के लिए रेगुलेटरी उपाय अपनाने पर जोर दिया।

​सक्रिय खेल संघों की बनेगी सूची
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जिलाधिकारी ने जिला खेल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे जिले के सभी सक्रिय खेल संघों की सूची तैयार करें। सभी संघों को खेल विभाग से जुड़ना अनिवार्य होगा और उन्हें अपने पदाधिकारियों की जानकारी विभाग को उपलब्ध करानी होगी।

​बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी
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इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता दिनेश राम, एडीएम (विधि व्यवस्था) राकेश रंजन और जिला खेल पदाधिकारी जय नारायण कुमार सहित विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

भागलपुर: खेतों में उतरे डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी, खुद खड़े होकर कराई गेहूं की कटनी

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में रबी फसलों की पैदावार का सटीक आकलन करने के लिए प्रशासनिक तत्परता दिखने लगी है। बुधवार को भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी खुद खेतों में उतरे और सबौर प्रखंड के फरका मौजा में बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत गेहूं की फसल कटनी प्रयोग (Crop Cutting Experiment) का अपनी मौजूदगी में निरीक्षण किया।

​वैज्ञानिक तरीके से हुआ उपज का आकलन

​निरीक्षण के दौरान प्रखंड-सबौर के मौजा-फरका (थाना संख्या 40) के खेसरा संख्या 373 में फसल कटनी का प्रयोग किया गया।

  • ​मापदंड: जिलाधिकारी की देखरेख में 10×5 मीटर के एक निश्चित क्षेत्र में गेहूं की कटनी कराई गई।
  • ​परिणाम: इस छोटे क्षेत्र से कुल 23.400 किलोग्राम दाना प्राप्त हुआ।
  • ​अनुमानित उपज: इस आंकड़े के आधार पर विशेषज्ञों ने प्रति हेक्टेयर 46 क्विंटल 800 किलोग्राम की शानदार उपज दर का अनुमान लगाया है।

​किसानों को मिलेगा योजना का लाभ

​जिलाधिकारी ने बताया कि फसल कटनी प्रयोग के इन आंकड़ों का महत्व बहुत अधिक है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर जिले में औसत उपज का निर्धारण होता है, जिससे भविष्य में किसानों को फसल बीमा और ‘बिहार राज्य फसल सहायता योजना’ का लाभ मिलने में आसानी होती है। डीएम ने मौके पर मौजूद किसान श्री तेज नारायण पासवान से खेती-बारी की स्थिति और सरकारी योजनाओं के लाभ पर भी चर्चा की।

​मौके पर मौजूद रहे आला अधिकारी

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सबौर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी और किसान सलाहकार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

डाक विभाग के ‘सितारों’ को मिला सम्मान: जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कर्मियों को किया पुरस्कृत

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के टाउन हॉल में बुधवार को डाक विभाग, पूर्वी प्रक्षेत्र, भागलपुर द्वारा ‘डाक उत्कृष्टता सम्मान पुरस्कार वितरण समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह में भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विभाग के उन कर्मठ कर्मियों को सम्मानित किया जिन्होंने अपनी सेवा से विभाग का मान बढ़ाया है।

​डीएम के हाथों मिला उत्कृष्टता का प्रमाण

​समारोह के दौरान जिलाधिकारी ने डाक विभाग के विभिन्न प्रभागों में बेहतरीन कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने हाथों से स्मृति चिन्ह और उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम की शुरुआत में डाक महाध्यक्ष (पूर्वी प्रक्षेत्र) श्री मनोज कुमार ने जिलाधिकारी को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत और अभिनंदन किया।

​बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहन जरूरी: डीएम

​मीडिया को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन कर्मियों का मनोबल बढ़ाना है जो ईमानदारी और लगन से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

  • ​प्रोत्साहन: “अच्छे कार्य को पहचान मिलना जरूरी है। जब हम उत्कृष्ट कर्मियों की उपलब्धियों को सबके सामने लाते हैं, तो इससे अन्य कर्मियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।”
  • ​डाक विभाग की भूमिका: उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुँचाने में डाक विभाग की भूमिका की सराहना की।

भागलपुर पुलिस की बड़ी पहल: साइबर ठगों के मकड़जाल से जनता को बचाने के लिए सड़कों पर उतरी टीम

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Bhagalpur News: आज के डिजिटल युग में जहां एक क्लिक पर बैंकिंग और शॉपिंग आसान हुई है, वहीं साइबर अपराधियों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। इसी खतरे को भांपते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के निर्देशन में जिले के साइबर थाने की टीम ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और बाजारों में सघन ‘साइबर जागरूकता अभियान’ चलाया।

​डिजिटल दुनिया में सुरक्षा के गुर सिखा रही पुलिस

​आज दिनांक 08 को पुलिस अधीक्षक (नगर) की निगरानी और पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने राहगीरों, छात्रों और दुकानदारों के बीच जाकर उन्हें साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया। पुलिस ने आम नागरिकों को पम्फलेट्स बांटे और बताया कि कैसे सावधानी बरतकर अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रखी जा सकती है।

​इन खतरों से रहें सावधान:

​जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य रूप से निम्नलिखित ठगी के तरीकों पर प्रकाश डाला:

  • ​ऑनलाइन ठगी और फिशिंग: फर्जी ईमेल और अनजान लिंक पर क्लिक करने के खतरे।
  • ​लॉटरी और इनाम का झांसा: लुभावने ऑफर्स के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी।
  • ​सोशल मीडिया हैकिंग: अकाउंट्स की सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत रखने की सलाह।
  • ​UPI और OTP फ्रॉड: किसी भी परिस्थिति में अपना पासवर्ड या ओटीपी साझा न करने की चेतावनी।

​अंजाम होने पर क्या करें? (हेल्पलाइन नंबर)

​पुलिस ने स्पष्ट रूप से सलाह दी कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी की घटना होती है, तो घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करें:

  1. ​राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।
  2. ​आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं ताकि वित्तीय नुकसान को कम किया जा सके।

​भविष्य में भी जारी रहेंगे कार्यक्रम

​स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है। साइबर थाना भागलपुर ने जानकारी दी है कि आने वाले समय में भी इस प्रकार के कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज को डिजिटल रूप से सुरक्षित और सशक्त बनाया जा सके।

​प्रमुख संदेश: “किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें और अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।”