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भागलपुर: ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान के तहत जनसुनवाई, DM ने सुनीं 30 फरियादियों की समस्याएं

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Bhagalpur News: बिहार सरकार के ‘7 निश्चय पार्ट-3’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में सोमवार को ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई की। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 30 आम जनों ने अपनी समस्याओं को डीएम के समक्ष रखा।

​पेंशन और जमीन विवाद के मामलों की रही प्रधानता

​जनसुनवाई के दौरान पहुंचे आवेदनों में सबसे अधिक मामले लंबित पेंशन और जमीन विवाद से संबंधित पाए गए। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी फरियादियों की बात सुनी और संबंधित फाइलों का अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन शिकायतों का निष्पादन समय सीमा के भीतर किया जाए ताकि आम जनता को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

​पूरे जिले में चला सुनवाई का दौर

​सिर्फ जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि जिले के सभी स्तरों पर आज शिकायतों की सुनवाई की गई:

  • ​वरीय अधिकारियों की मौजूदगी: उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता (राजस्व), अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) और अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) ने अपने-अपने विभागों से संबंधित मामलों को सुलझाया।
  • ​प्रखंड और थाना स्तर: सभी प्रखंड कार्यालयों, अंचलों और थानों में भी अधिकारियों ने आम जनों की समस्याएं सुनीं।

​फरियादियों की सुविधाओं का रखा गया विशेष ख्याल

​प्रशासन की ओर से इस बार जनसुनवाई में आने वाले लोगों की सहूलियत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे:

  1. ​पंजीकरण और रसीद: हर शिकायतकर्ता का आवेदन विधिवत रजिस्टर में दर्ज किया गया और उन्हें प्राप्ति रसीद दी गई।
  2. ​बुनियादी सुविधाएं: भीषण गर्मी को देखते हुए सभी कार्यालयों के समीप शुद्ध पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था और शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की गई थी।

​क्या है ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’?

​यह अभियान बिहार सरकार की प्राथमिकता है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को पारदर्शी बनाना और आम नागरिक के जीवन को सुगम (Ease of Living) बनाना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का मुख्य लक्ष्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है।

भागलपुर की ऐतिहासिक विरासत का होगा कायाकल्प: ज्ञान भारतम मिशन के तहत पुरानी पांडुलिपियों का होगा डिजिटलीकरण

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल शुरू की है। ज्ञान भारतम मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भागलपुर के उप विकास आयुक्त (DDC)  प्रदीप कुमार सिंह ने सोमवार को शहर के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का गहन निरीक्षण किया।

​एक हजार से अधिक ऐतिहासिक पांडुलिपियों का भंडार

​निरीक्षण के दौरान डीडीसी सबसे पहले प्रसिद्ध पीर दमड़िया खानकाह पहुँचे। यहाँ का अवलोकन करते समय प्रशासन को ऐतिहासिक धरोहरों का एक विशाल संग्रह मिला। खानकाह में एक हजार से अधिक प्राचीन पांडुलिपियां, शाही फरमान और मुग़लकालीन महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित पाए गए। इन दस्तावेजों को देख डीडीसी ने इनकी ऐतिहासिक अहमियत पर चर्चा की और इनके बेहतर रखरखाव पर जोर दिया।

​डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखेगी भागलपुर की विरासत

​ज्ञान भारतम मिशन का मुख्य उद्देश्य इन अमूल्य और दुर्लभ दस्तावेजों को आधुनिक तकनीक के जरिए संरक्षित करना है। डीडीसी ने बताया कि:

  • ​इन सभी पांडुलिपियों का जल्द ही डिजिटलीकरण (Digitization) किया जाएगा।
  • ​इन्हें एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा ताकि देश-दुनिया के शोधार्थी (Researchers) और आम जनता इन्हें आसानी से देख और पढ़ सके।
  • ​इससे न केवल कागजात सुरक्षित रहेंगे, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास को समझने में मदद मिलेगी।

​अधिकारियों को सख्त निर्देश

​निरीक्षण के दौरान डीडीसी श्री प्रदीप कुमार सिंह ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:

    1. ​जिले के सभी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की सूची जल्द तैयार की जाए।
    2. ​जहाँ भी पांडुलिपियां या प्राचीन दस्तावेज उपलब्ध हैं, उनका त्वरित दस्तावेजीकरण (Documentation) शुरू करें।
    3. ​संरक्षण के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

​डीडीसी का संदेश: > “ज्ञान भारतम मिशन भागलपुर की ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह मिशन हमारी विरासत को विलुप्त होने से बचाएगा और उसे भविष्य के लिए सुरक्षित करेगा।”

 

​इस दौरे के दौरान जिला जनसंपर्क कार्यालय के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इस पहल से स्थानीय इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों में खुशी की लहर है।

भागलपुर: विकास कार्यों में देरी पर डीएम सख्त, लंबित योजनाओं को युद्ध स्तर पर पूरा करने का दिया अल्टीमेटम

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले की आधारभूत संरचना (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने आज समीक्षा भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान डीएम ने विकास योजनाओं में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आपसी समन्वय बनाकर फाइलों को आगे बढ़ाएं और धरातल पर काम पूरा करें।

​सड़कों का पेच सुलझाने का निर्देश: पैमाइश के कारण अटकी हैं 4 योजनाएं

​समीक्षा के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग (कार्य प्रमंडल नवगछिया) के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 4 महत्वपूर्ण सड़कें केवल सरकारी भूमि की पैमाइश (Measurement) न होने के कारण रुकी हुई हैं।

  • ​प्रभावित क्षेत्र: इस्माइलपुर, रंगरा चौक और नवगछिया अंचल।
  • ​डीएम का एक्शन: जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि वे सीधे अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) नवगछिया से व्यक्तिगत तालमेल बिठाएं और जमीन की मापी कराकर तुरंत निर्माण कार्य शुरू कराएं।

​भीषण गर्मी में राहत की तैयारी: “हर घर नल का जल” पर फोकस

​गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डीएम ने जलापूर्ति योजनाओं को प्राथमिकता पर रखा। पीएचईडी (पूर्वी एवं पश्चिमी) के इंजीनियरों ने बताया कि पीआरडी वार्डों के छूटे हुए टोलों में पाइपलाइन बिछाने का काम जारी है।

  • ​सख्त हिदायत: डीएम ने निर्देश दिया कि गर्मी को देखते हुए जलापूर्ति का काम यथाशीघ्र पूरा हो। इसके लिए संवेदकों (Contractors) के साथ नियमित बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान करने और काम में तेजी लाने को कहा गया।

​खेल और पंचायत सरकार भवन: देरी पर जिलाधिकारी ने जताया खेद

​बैठक में गोराडीह और इस्माइलपुर प्रखंडों में आउटडोर स्टेडियम के निर्माण की भी समीक्षा हुई। स्टेडियम के लिए नई भूमि का प्रस्ताव अब तक लंबित होने पर डीएम ने समन्वय स्थापित कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया।

वहीं, पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन और भवन निर्माण प्रमंडल के इंजीनियरों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर इन भवनों को जल्द से जल्द जनता को समर्पित करें।

भागलपुर में दबंगों का तांडव: 1 लाख की रंगदारी नहीं देने पर घर में घुसकर मारपीट, पीड़ित ने SSP से मांगी सुरक्षा

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Bhagalpur News: भागलपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के परवत्ती मोहल्ले से सामने आया है, जहाँ रंगदारी न देने पर एक परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने अब पुलिस के आला अधिकारियों का दरवाजा खटखटाकर न्याय की गुहार लगाई है।

​घर पर चढ़कर मारपीट और लूटपाट की कोशिश

​परवत्ती मोहल्ले के निवासी पवन कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि इलाके के ही कुछ दबंगों ने उनके घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि घर में घुसकर मारपीट की और सामान लूटने का प्रयास भी किया। दबंगों की मांग है कि उन्हें एक लाख रुपये की रंगदारी दी जाए, और ऐसा न करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई है।

​केस उठाने का दबाव: हथियारों के साथ दी जा रही है धमकी

​पीड़ित पवन कुमार यादव के अनुसार, यह विवाद पुराना है और इस मामले को लेकर पहले ही न्यायालय में एक नालसी (Complaint) केस दर्ज है।

  • ​दबाव की राजनीति: आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी और भी उग्र हो गए हैं। वे लगातार पवन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
  • ​दहशत का माहौल: पीड़ित का कहना है कि आरोपी अक्सर हथियारों के साथ उनके घर पहुँच जाते हैं और सरेआम जान से मारने की धमकी देते हैं, जिससे पूरा परिवार दहशत में है।

​CCTV में कैद हुई दबंगई

​घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दबंगों ने दिनदहाड़े इस घटना को अंजाम दिया। पीड़ित ने दावा किया है कि 29 मार्च 2026 को जब आरोपी उनके घर धमकाने पहुँचे थे, तो उनकी यह करतूत CCTV कैमरे में कैद हो गई है। यह फुटेज अब मामले में सबसे बड़ा सबूत माना जा रहा है।

​एसएसपी से न्याय की गुहार: “परिवार खतरे में है”

​विश्वविद्यालय थाना स्तर पर उचित कार्रवाई न होता देख, पीड़ित ने वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को लिखित आवेदन दिया है। पवन कुमार यादव ने प्रशासन से मांग की है कि:

  1. ​आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
  2. ​सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तारी सुनिश्चित हो।
  3. ​पीड़ित परिवार को जान-माल की सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

पटना से बेतिया अब मात्र 3 घंटे में! मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्सप्रेस-वे का किया निरीक्षण, काम में तेजी लाने के निर्देश

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Patna News: बिहार में कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने आज पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य का जमीनी निरीक्षण किया। इस महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड परियोजना के पूरा होने से उत्तर बिहार और राजधानी पटना के बीच की दूरी न केवल कम होगी, बल्कि व्यापार और विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे।

​ग्राउंड जीरो पर मुख्यमंत्री: बकरपुर-मानिकपुर खंड का लिया जायजा

​मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सारण जिले के बकरपुर-मानिकपुर सड़क पर रुककर एक्सप्रेस-वे के प्रथम खंड के निर्माण कार्य की प्रगति देखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और गति पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रोजेक्ट को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।

​3 घंटे में तय होगा सफर: अप्रैल 2027 तक पूरा होगा पहला फेज

​पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि:

  • ​लक्ष्य: एक्सप्रेस-वे के प्रथम खंड का निर्माण अप्रैल 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
  • ​बचत: वर्तमान में पटना से बेतिया जाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यह सफर मात्र 3 घंटों में सिमट जाएगा।
  • ​ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट: यह एक पूरी तरह से नई सड़क (ग्रीनफील्ड) है, जिससे ट्रैफिक का दबाव पुराने रास्तों पर कम होगा।

​उत्तर बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

​निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि बिहार की प्रमुख कनेक्टिविटी लाइफलाइन है। इसके शुरू होने से:

  1. ​सीधा जुड़ाव: वैशाली, सारण, पूर्वी चम्पारण और पश्चिम चम्पारण जिले सीधे राजधानी पटना से जुड़ जाएंगे।
  2. ​आर्थिक विकास: उत्तर बिहार के जिलों में कृषि और छोटे उद्योगों को नया बाजार मिलेगा और माल ढुलाई आसान होगी।
  3. ​जाम से मुक्ति: मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने से लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

​प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

​इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:

  • ​मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  दीपक कुमार
  • ​पथ निर्माण सचिव  पंकज कुमार पाल
  • ​मुख्यमंत्री के सचिव  कुमार रवि
  • ​सारण जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक  विनीत कुमार और उप विकास आयुक्त  लक्ष्मण तिवारी सहित NHAI के अधिकारी भी उपस्थित थे।

बाबा साहेब की राह पर बिहार: SC/ST छात्रों के लिए छात्रावास अनुदान राशि हुई दोगुनी, मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन का बड़ा ऐलान

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Patna News: बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के उत्थान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पटना के बापू सभागार में आयोजित “डॉ. भीमराव अम्बेडकर समग्र शिक्षा समागम” के दौरान छात्र हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिनमें सबसे प्रमुख छात्रावास अनुदान राशि को दोगुना करना रहा।

​शिक्षा के बजट में बड़ा उछाल: ₹1000 से बढ़कर ₹2000 हुआ मासिक अनुदान

​कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने घोषणा की कि राज्य सरकार के छात्रावासों में रह रहे SC/ST छात्रों को अब ₹1000 के स्थान पर ₹2000 प्रति माह का अनुदान दिया जाएगा। यह निर्णय अप्रैल माह से ही प्रभावी होगा। इसके साथ ही विद्यालय छात्रवृत्ति की दरों को भी दोगुना कर दिया गया है, जिससे गरीब तबके के मेधावी छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में बड़ी आर्थिक मजबूती मिलेगी।

​मेधा का महाकुंभ: 6000 छात्रों के बीच गूँजा ‘शिक्षित बनो’ का नारा

​बापू सभागार में आयोजित इस भव्य समागम में बिहार के विभिन्न जिलों से आए लगभग 6000 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में टॉप करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विशेष रूप से गयाघाट आवासीय विद्यालय की 123 छात्राओं को प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने पर मंच से पुरस्कृत किया गया, जो महिला शिक्षा की बदलती तस्वीर को बयां करता है।

​बुनियादी ढांचे में सुधार: हर जिले में बनेंगे 100 बेड वाले बालिका छात्रावास

​विभागीय उपलब्धियों को साझा करते हुए मंत्री श्री लखेंद्र कुमार रौशन ने बताया कि:

  • ​बेटियों के लिए विशेष पहल: बिहार के सभी 38 जिलों में बालिकाओं के लिए 100 बेड वाले आधुनिक छात्रावासों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
  • ​सिविल सेवा में उड़ान: मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत ₹30,000 से ₹1,00,000 तक की सहायता दी जा रही है, जिससे अब तक 6223 अभ्यर्थी लाभान्वित हो चुके हैं।
  • ​विदेश में पढ़ाई का सपना: ‘नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना’ के माध्यम से अब वंचित वर्ग के छात्र भी उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा सकेंगे।

​विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा समाज: उप-मुख्यमंत्री ने दी बधाई

​मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाबा साहेब की जयंती की पूर्व संध्या पर छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमारी सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने के लिए संकल्पित है।” कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार सहित कई कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहे।

​एक नज़र में विभाग की अन्य बड़ी उपलब्धियाँ:

योजना

प्रगति/लाभ

थरुहट विकास अभिकरण

357 में से 279 योजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण।

महादलित विकास मिशन

4858 सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड का निर्माण।

सहायता कॉल सेंटर

24×7 छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान।

विकास रजिस्टर 2.0

विकास मित्रों द्वारा योजनाओं का डिजिटल क्रियान्वयन।

 

यह समागम केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि बिहार के वंचित वर्गों के लिए स्वर्णिम भविष्य की नींव रखने वाला दिन साबित हुआ। शिक्षा के प्रति सरकार की यह प्रतिबद्धता आने वाले समय में राज्य की साक्षरता और सामाजिक समरसता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।

पूर्णिया सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: खाली कराया गया पूरा परिसर, चप्पे-चप्पे की जांच में जुटी बम निरोधक दस्ता

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Purnia News: बिहार के पूर्णिया से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक अज्ञात ईमेल ने पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। पूर्णिया सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे कचहरी परिसर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर आनन-फानन में पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया है और हर आने-जाने वाले रास्ते को सील कर दिया गया है।

​दो महीने में दूसरी बार मिली धमकी

​हैरानी की बात यह है कि पूर्णिया सिविल कोर्ट को निशाना बनाने की यह पहली कोशिश नहीं है। इससे ठीक दो महीने पहले भी इसी तरह का एक धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ था। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं और अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम जनता में भी दहशत का माहौल है।

​छावनी में तब्दील हुआ कोर्ट परिसर

​धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:

  • ​बम निरोधक दस्ता (BDDS): डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे को खंगाल रहा है। फाइलों, कमरों और बेंचों की गहन तलाशी ली जा रही है।
  • ​रास्ते बंद: कचहरी चौक से कोर्ट की तरफ जाने वाली सभी सड़कों को बैरिकेडिंग कर पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
  • ​मुस्तैद पुलिस बल: किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल के जवानों की तैनाती की गई है।

​अज्ञात मेल के IP एड्रेस की तलाश

​पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह धमकी एक अज्ञात ईमेल आईडी से भेजी गई है। साइबर सेल की मदद से मेल के IP एड्रेस को ट्रैक किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह शरारती तत्वों की हरकत है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश।

​“सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। धमकी मिलने के बाद प्रोटोकॉल के तहत पूरे परिसर को खाली कराकर जांच की जा रही है। घबराने की जरूरत नहीं है, पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।” > — वरीय पुलिस अधिकारी, पूर्णिया

 

​कामकाज ठप, लोगों में दहशत

​अचानक कोर्ट खाली कराए जाने से वहां मौजूद फरियादियों और वकीलों के बीच अफरा-तफरी मच गई। अदालती कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। लोग दूर-दूर खड़े होकर पुलिसिया कार्रवाई को देख रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

​दो महीने के भीतर दोबारा मिली धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ा दी है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।

नारी शक्ति का शंखनाद: भागलपुर में BJP महिला मोर्चा का हस्ताक्षर अभियान, छात्राओं ने कहा— ‘अब नेतृत्व की बारी हमारी’

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Bhagalpur News: नारी सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व को नई दिशा देने के उद्देश्य से आज भागलपुर के प्रतिष्ठित सुंदरवती महिला महाविद्यालय (SM College) में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम के तहत विशाल हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से न केवल छात्राओं को जागरूक किया गया, बल्कि आगामी भविष्य में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी का संकल्प भी लिया गया।

​छात्राओं में दिखा जबरदस्त उत्साह

​अभियान के दौरान महाविद्यालय परिसर का माहौल पूरी तरह नारी शक्ति के रंग में रंगा नजर आया। कॉलेज की छात्राओं ने इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

  • ​बड़ी संख्या में हस्ताक्षर: छात्राओं ने बैनर पर अपने हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि वे देश के विकास और नेतृत्व में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
  • ​सशक्तिकरण का संकल्प: छात्राओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें अपने अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति नई प्रेरणा मिलती है।

​“अब नेतृत्व की बागडोर महिलाओं के हाथ” — सुनीता गोस्वामी

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुनीता गोस्वामी ने महिलाओं की बदलती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा:

​“नारी शक्ति वंदन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें नेतृत्व के योग्य बनाने की एक सामूहिक जिम्मेदारी है। अब वह समय आ गया है जब महिलाएं केवल सहभागी नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता के रूप में देश का मार्गदर्शन करेंगी।”

 

​जागरूकता ही सशक्तिकरण का आधार

​जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि इस तरह के हस्ताक्षर अभियान समाज में महिलाओं के प्रति सोच बदलने और खुद महिलाओं को उनके कानूनी व सामाजिक अधिकारों के प्रति सचेत करने में मील का पत्थर साबित होते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सुंदरवती महिला महाविद्यालय की ये शिक्षित और जागरूक छात्राएं कल के सशक्त भारत की नींव रखेंगी।

कार्यक्रम के अंत में मोर्चा के अन्य पदाधिकारियों ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन भागलपुर में महिलाओं के राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव को लेकर एक बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुंगेर: खाकी, प्यार और खूनी अंजाम! SI की पत्नी की मौत में नया मोड़, परिजनों ने कहा— ‘महिला दरोगा के चक्कर में हुई हत्या’

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Munger News: बिहार के मुंगेर में एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी की संदिग्ध मौत ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सफियाबाद थाने में तैनात दारोगा चंदन कुमार की पत्नी मधु कुमारी की मौत, जिसे पहले आत्महत्या बताया जा रहा था, अब हत्या के आरोपों के घेरे में है। समस्तीपुर से मुंगेर पहुंचे मधु के परिजनों ने दामाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले को नया मोड़ दे दिया है।

​सर्विस रिवॉल्वर से चली गोली और उजड़ गया संसार

​घटना सफियाबाद थाना क्षेत्र की है, जहां थाने से कुछ ही दूरी पर किराए के मकान में SI चंदन अपनी पत्नी के साथ रहते थे। जानकारी के मुताबिक, 11 अप्रैल की शाम चंदन की सर्विस रिवॉल्वर से मधु को सीने में गोली लगी। आनन-फानन में उसे मुंगेर इमरजेंसी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

  • ​पति का दावा: चंदन के अनुसार, बाथरूम जाने के दौरान मधु ने खुद को गोली मार ली।
  • ​परिजनों का आरोप: मधु के पिता रंजीत कुमार और मां पिंकी देवी का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है।

​‘वो लेडी दरोगा’ और तकरार की दास्तान

​परिजनों के अनुसार, यह सिर्फ एक हादसा या आत्महत्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक ‘त्रिकोणीय प्रेम संबंध’ की साजिश है।

    • ​महिला पुलिसकर्मी से दोस्ती: परिजनों का आरोप है कि चंदन का थाना में ही पदस्थापित एक महिला दरोगा के साथ काफी करीबी रिश्ता था।
    • ​अक्सर होता था विवाद: मधु अक्सर फोन पर अपनी मां और मौसी से इस बात का जिक्र करती थी कि उस महिला दरोगा की वजह से चंदन के साथ उसका विवाद होता रहता है।
    • ​मजबूत इरादों वाली मधु: मां पिंकी देवी ने रोते हुए कहा, “मेरी बेटी बहुत बहादुर थी, वह आत्महत्या जैसा कदम कभी नहीं उठा सकती। उसे रास्ते से हटाया गया है।”

​“मैंने अपनी हैसियत से बढ़कर सब-इंस्पेक्टर दामाद को बेटी सौंपी थी, लेकिन उसके दूसरी महिला पुलिसकर्मी से अवैध संबंधों ने मेरा घर उजाड़ दिया। मेरी बेटी की हत्या उसके पति ने ही अपनी सर्विस पिस्टल से की है।” > — रंजीत कुमार (मृतिका के पिता)

 

​पुलिस जांच और FSL की टीम सक्रिय

​घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंगेर एसपी सहित तमाम वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उस सर्विस पिस्टल को जब्त कर लिया है जिससे गोली चली थी।

      • ​FSL जांच: फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम साक्ष्य जुटा रही है ताकि यह साफ हो सके कि गोली मधु ने खुद चलाई या उसे पास से मारा गया।
      • ​शादी के एक साल: बता दें कि मधु और चंदन की शादी 7 फरवरी 2025 को बड़े धूमधाम से हुई थी। महज एक साल के भीतर इस दुखद अंत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

​क्या यह वाकई एक आत्महत्या है या खाकी की आड़ में छिपी कोई गहरी साजिश? परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। फिलहाल मुंगेर पुलिस हर एंगल से मामले की तफ्तीश कर रही है।

DEO कार्यालय पर शिक्षकों का हल्लाबोल: प्रमोशन समेत 9 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी

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Bhagalpur News: अपनी लंबित मांगों और विभागीय अनदेखी के खिलाफ आज जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले माध्यमिक शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय का घेराव किया। ‘हमारी मांगें पूरी करो’ और ‘शिक्षक एकता जिंदाबाद’ के नारों से पूरा कार्यालय परिसर गूँज उठा। बड़ी संख्या में जुटे शिक्षकों ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि अब वे अपने हक के लिए और इंतजार करने के मूड में नहीं हैं।

​प्रमुख मांग: हिंदी विद्यापीठ की उपाधि और प्रमोशन का मामला

​प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने जोर देकर कहा कि उनकी मांगों को लंबे समय से ठंडे बस्ते में डाला गया है। धरने के दौरान मुख्य रूप से दो तकनीकी और कानूनी मांगों पर ध्यान आकर्षित किया गया:

  • ​हिंदी विद्यापीठ देवघर: संघ की मांग है कि हिंदी विद्यापीठ देवघर से उपाधि प्राप्त शिक्षकों को बिना किसी देरी के प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति (Promotion) दी जाए।
  • ​राघवेन्द्र शर्मा बनाम बिहार सरकार: शिक्षकों ने मांग की कि राघवेन्द्र शर्मा मामले में माननीय न्यायालय के आदेश के आलोक में प्रोन्नति की प्रक्रिया को तुरंत लागू किया जाए।

​इन 9 मांगों पर अड़ा शिक्षक संघ

​शिक्षकों ने कुल नौ सूत्री मांग पत्र सौंपा है, जिनमें प्रमुख हैं:

    1. ​प्रधानाध्यापक पद पर लंबित प्रोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना।
    2. ​सेवा शर्तों में सुधार और विसंगतियों को दूर करना।
    3. ​लंबित वेतन और अन्य एरियर का शीघ्र भुगतान।
    4. ​प्रोन्नति के मामलों का समयबद्ध निष्पादन।

​“हम केवल अपना हक मांग रहे हैं। सालों से लंबित फाइलों के कारण शिक्षकों का करियर अधर में लटका है। अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो यह धरना उग्र आंदोलन का रूप लेगा।”

— संघ प्रतिनिधि

 

​प्रशासन को सीधी चेतावनी

​धरने के दौरान शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि विभाग केवल आश्वासन देता है, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन 9 मांगों पर जल्द ही कोई ठोस आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया, तो जिला स्तर से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन राज्य स्तर तक पहुंचेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।

​देर शाम तक चले इस धरने ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी शिक्षकों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।