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संविधान शिल्पी को नमन: सुल्तानगंज में महादलित टोलों ने दिखाया एकजुटता का दम

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Bhagalpur News: भारतीय संविधान के शिल्पी और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती सुल्तानगंज प्रखंड के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों में माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं महादलित टोलों से निकली विशाल रैलियों ने पूरे क्षेत्र को ‘नीले रंग’ के उत्साह में सराबोर कर दिया।

​गंगनिया महादलित टोला: उमड़ा जनसैलाब

​जदयू अनुसूचित जाति के जिलाध्यक्ष महेश दास ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनके नेतृत्व में गंगनिया पंचायत के महादलित टोला से एक विशाल पैदल रैली निकाली गई।

  • ​रैली का मार्ग: यह रैली गंगनिया से शुरू होकर कमरगंज पहुँची और वहाँ से घोरघट गाँव का भ्रमण करते हुए वापस गंगनिया में समाप्त हुई।
  • ​उत्साह: रैली में सैकड़ों की संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। “बाबा साहेब अमर रहें” के नारों से पूरा वातावरण गूँज उठा।

​मुरारका कॉलेज से शाहाबाद तक ‘भीम’ की गूँज

​इसी कड़ी में मुरारका महाविद्यालय के समीप रैयदास नगर दुधैला गाँव में भी जयंती समारोह के उपलक्ष्य में एक और बड़ी रैली का आयोजन हुआ।

  • ​पैदल मार्च: सैकड़ों समर्थकों और स्कूली बच्चों ने मुरारका महाविद्यालय से पैदल मार्च शुरू किया।
  • ​भ्रमण: यह रैली शाहाबाद चौक और बैकुंठपुर गाँव होते हुए पुनः मुरारका महाविद्यालय पहुँची, जहाँ बाबा साहेब की प्रतिमा के समीप इसका समापन किया गया।

​बाबा साहेब के विचारों पर व्याख्यान

​समारोह के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जदयू जिलाध्यक्ष महेश दास और सेवानिवृत्त शिक्षक जमादार दास ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

​प्रमुख बातें:

  • ​समानता का संदेश: वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने समाज के सबसे पिछड़े तबके को सम्मान से जीने का अधिकार दिया।
  • ​शिक्षा की अहमियत: उन्होंने बच्चों को शिक्षित बनने और समाज को संगठित करने पर जोर दिया।
  • ​अतुलनीय योगदान: वक्ताओं ने संविधान निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का भाग्य विधाता बताया।

​इनकी रही मुख्य उपस्थिति

​इस गौरवपूर्ण अवसर पर जदयू अनुसूचित जाति के जिला अध्यक्ष महेश दास, रिटायर शिक्षक जमादार दास के अलावा भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता, ग्रामीण और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पूरे प्रखंड में सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से जयंती समारोह का समापन हुआ।

​भागलपुर: डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, भव्य शोभायात्रा से गूँजा शहर

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Bhagalpur News: भारत रत्न और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आज सिल्क सिटी भागलपुर पूरी तरह से ‘नीले रंग’ के उत्साह में डूबी नजर आई। शहर के नगर निगम परिसर से शुरू हुई भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र में सामाजिक एकता और समानता का संदेश दिया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों की भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

​नगर भ्रमण: आस्था और सम्मान का अनूठा संगम

​नगर निगम परिसर से शुरू हुई यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। शोभायात्रा का दृश्य अत्यंत मनमोहक था, जहाँ लोग हाथों में नीला झंडा और बाबा साहेब की तस्वीर वाले बैनर लेकर चल रहे थे।

  • ​नारेबाजी: पूरे मार्ग में “बाबा साहेब अमर रहें” और “जय भीम” के नारों के साथ-साथ उनके अमर संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” की गूंज सुनाई दी।
  • ​सक्रिय भागीदारी: इस शोभायात्रा की खास बात यह रही कि इसमें केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाओं और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

​शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम

​केवल शोभायात्रा ही नहीं, बल्कि भागलपुर के विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों में भी बाबा साहेब के व्यक्तित्व पर आधारित कार्यक्रमों की झड़ी लगी रही।

  • ​प्रतियोगिताएं: छात्रों के लिए क्विज, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
  • ​उद्देश्य: इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को बाबा साहेब के कठिन जीवन संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान से परिचित कराना था।

​अंबेडकर भवन में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

​बरारी स्थित अंबेडकर भवन परिसर में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यहाँ समाज के बुद्धिजीवियों और गणमान्य व्यक्तियों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। वक्ताओं ने उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने आजादी के समय थे।

​क्या बोले मुख्य वक्ता (प्रमुख बाइट्स)

​मंजेश कुमार (शिक्षक): “बाबा साहेब ने केवल एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के उत्थान के लिए काम किया। उनकी शिक्षाएं आज के छात्रों के लिए सफलता का मूल मंत्र हैं।”

 

​नीतीश कुमार (डायरेक्टर): “समतामूलक समाज का निर्माण तभी संभव है जब हम उनके बताए रास्तों पर चलें। आज की यह भीड़ साबित करती है कि युवा उनके विचारों को अपनाने के लिए तैयार हैं।”

 

​सुरेंद्र बाबू: “संविधान ने हमें जो अधिकार दिए हैं, उनकी रक्षा करना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना ही बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

भागलपुर में अंबेडकर जयंती के इस अवसर पर सामाजिक समरसता का अद्भुत नजारा दिखा। विभिन्न संगठनों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संपन्न हुआ यह कार्यक्रम समाज को एकजुट करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ।

अभाविप नवगछिया ने लेख प्रतियोगिता के जरिए दी बाबा साहब को श्रद्धांजलि, सैकड़ों छात्रों ने दिखाई प्रतिभा

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Bhagalpur News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) नवगछिया नगर इकाई द्वारा आधुनिक भारत के निर्माता और संविधान शिल्पी डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक भव्य लेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को बाबा साहब के संघर्षों, लोकतांत्रिक मूल्यों और शिक्षा की शक्ति से अवगत कराया गया।

​प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण

​नगर क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में अपनी वैचारिक उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतिभागियों ने 150 शब्दों के भीतर बाबा साहब के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर अपनी लेखनी चलाई, जिसमें मुख्य विषय रहे:

  • ​सामाजिक न्याय और समानता।
  • ​राष्ट्र निर्माण में बाबा साहब का योगदान।
  • ​शिक्षा के माध्यम से महिला और वंचित वर्ग का सशक्तिकरण।

​‘अंतिम व्यक्ति की चिंता करने वाले महानायक थे बाबा साहब’

​कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं और वक्ताओं ने बाबा साहब के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला:

  • ​नगर अध्यक्ष श्रीओम सिंह ने कहा, “बाबा साहब ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की उतनी ही चिंता की जितनी पहले व्यक्ति की। उन्होंने वंचितों को अधिकार दिलाने और शिक्षा के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।”
  • ​नगर उपाध्यक्ष रितेश ठाकुर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “डॉ. आंबेडकर केवल एक विधिवेत्ता नहीं, बल्कि एक विजनरी लीडर थे। आज के युवाओं को उनके कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।”

​सम्मान और भविष्य की राह

​प्रतियोगिता के समापन पर घोषणा की गई कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को जल्द ही एक विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा। उपस्थित अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें निरंतर अध्ययन व समाज सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया।

​कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस कार्यक्रम का सफल संचालन जीबी कॉलेज मंत्री अंश राज ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नगर मंत्री शुभम कुमार द्वारा किया गया।

​प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:

  • ​विश्वास वैभव (प्रांत संयोजक, राष्ट्रीय कला मंच, दक्षिण बिहार)
  • ​राहुल शर्मा (पूर्व जिला संयोजक)
  • ​श्रीओम सिंह (नगर अध्यक्ष)
  • ​रितेश ठाकुर (नगर उपाध्यक्ष)
  • ​शुभम कुमार (नगर मंत्री)
  • ​विक्की मिश्रा (पूर्व नगर मंत्री)
  • ​दीपा कुमारी (नगर सह मंत्री)
  • ​अंश राज (जीबी कॉलेज मंत्री)
  • ​शुभम कुमार (जीबी कॉलेज उपाध्यक्ष)

​इसके अलावा दर्जनों कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस वैचारिक उत्सव के साक्षी बने।

बिहार की राजनीति में महाभूकंप: नीतीश कुमार कल देंगे इस्तीफा! नए मुख्यमंत्री के चेहरे पर सस्पेंस खत्म, सम्राट चौधरी की बढ़ी सुगबुगाहट

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Patna News: बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने जा रहा है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए विश्वसनीय सूत्रों से खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल यानी 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सोमवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई जदयू (JD-U) के वरिष्ठ नेताओं की हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद इस फैसले पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।

​भाजपा का होगा मुख्यमंत्री? सम्राट चौधरी रेस में सबसे आगे

​इस राजनीतिक बदलाव की सबसे बड़ी खबर यह है कि नई सरकार में इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में जा सकती है।

  • ​सम्राट चौधरी: सूत्रों के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान राजनीति के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
  • ​उपमुख्यमंत्री पर चर्चा: चर्चा यह भी है कि कैबिनेट में संतुलन बनाने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं, जिनमें विजय चौधरी और नीतीश कुमार के पुत्र निशान्त कुमार के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

​क्या है इस बड़े बदलाव की वजह?

​राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह बदलाव आगामी चुनावों और गठबंधन को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। नीतीश कुमार खुद को केंद्र की राजनीति में या गठबंधन के मार्गदर्शक की भूमिका में रख सकते हैं, जबकि बिहार की कमान भाजपा के हाथों में सौंपकर एक नए युग की शुरुआत की जा रही है।

​15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की तैयारी

​अगर नीतीश कुमार कल इस्तीफा सौंपते हैं, तो परसों यानी 15 अप्रैल को राजभवन में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है। खबर यह भी है कि इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना पहुँच सकते हैं।

​विपक्ष की हलचल तेज

​इधर, सत्ता के गलियारों में मची इस हलचल ने विपक्षी खेमे में भी खलबली मचा दी है। राजद (RJD) और अन्य विपक्षी दल इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं और अपनी अगली रणनीति तैयार करने के लिए आपात बैठकें बुला रहे हैं।

‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26’ में नंबर-1 बनने के लिए महापौर ने फूंका बिगुल, सड़कों पर उतरी जन-जागरूकता रैली

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Bhagalpur News: भागलपुर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में अव्वल लाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। सोमवार को ‘स्वच्छ भारत मिशन (शहरी)’ के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक भव्य रैली का आयोजन किया गया। भागलपुर नगर निगम परिसर से इस रैली का शुभारंभ माननीय महापौर, उप महापौर और नगर आयुक्त द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया गया।

​शपथ के साथ शुरू हुआ स्वच्छता का महाअभियान

​रैली की शुरुआत बेहद गौरवपूर्ण तरीके से हुई, जहाँ नगर निगम के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, निगम कर्मियों और बड़ी संख्या में मौजूद स्कूली छात्रों को स्वच्छता की सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने एक सुर में संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं सफाई रखेंगे, बल्कि शहर के प्रत्येक नागरिक को कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जागरूक भी करेंगे।

​शहर के मुख्य मार्गों पर गूँजे स्वच्छता के नारे

​महापौर द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद यह जागरूकता रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौराहों से होकर गुजरी। रैली में शामिल युवा और निगम कर्मी “स्वच्छता की नई पहल बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ” और “स्वच्छ भागलपुर, स्वस्थ भागलपुर” जैसे जोशीले नारे लगा रहे थे। हाथों में तख्तियां और स्लोगन लिए हुए इन प्रतिभागियों ने राहगीरों और दुकानदारों को सफाई का महत्व समझाया।

​प्रशासनिक प्रतिबद्धता: कचरा मुक्त होगा भागलपुर

​इस अवसर पर नगर आयुक्त ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि नगर निगम शहर को सुंदर, हरा-भरा और कचरा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन की कोशिशें तभी सफल होंगी जब इसमें आम जनता का सक्रिय सहयोग मिलेगा। निगम द्वारा कचरा उठाने वाली गाड़ियों की मॉनिटरिंग और डंपिंग पॉइंट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी कार्य किया जा रहा है।

​महापौर की भावुक अपील: “हमारा शहर, हमारी जिम्मेदारी”

​महापौर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से समस्त भागलपुर वासियों से अपील करते हुए कहा:

  • ​कचरा पृथक्करण: हर घर से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग डिब्बों में ही दें।
  • ​प्लास्टिक मुक्त शहर: सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करें और कपड़े के थैलों का प्रयोग बढ़ाएं।
  • ​शिखर पर भागलपुर: उन्होंने कहा कि जब “हमारा शहर, हमारी जिम्मेदारी” का भाव हर नागरिक के मन में होगा, तभी भागलपुर स्वच्छता के शिखर पर पहुँच पाएगा।

भागलपुर के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: 16 अप्रैल को लगेगा नियोजन कैंप, Utkarsh Small Finance Bank में मिलेगी नौकरी

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Bhagalpur News: बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में भागलपुर के युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर सामने आया है। आगामी 16 अप्रैल को शहर के अवर प्रादेशिक नियोजनालय (Employment Exchange) परिसर में एक दिवसीय नियोजन कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस कैंप में निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित Utkarsh Small Finance Bank द्वारा युवाओं का चयन किया जाएगा।

​भर्ती प्रक्रिया और पदों का विवरण

​नियोजन कैंप की विस्तृत जानकारी देते हुए सहायक निदेशक (नियोजन) ने बताया कि इस कैंप के माध्यम से बैंक में TCO/TRO के पदों पर बहाली की जाएगी। रिक्तियों और योग्यताओं का विवरण इस प्रकार है:

  • ​कुल पद: 30 (रिक्तियां)
  • ​पद का नाम: TCO / TRO
  • ​शैक्षणिक योग्यता: इंटरमीडिएट या स्नातक (Graduate) पास।
  • ​आयु सीमा: 18 वर्ष से 32 वर्ष के बीच।
  • ​वेतनमान: ₹10,476 से ₹16,113 प्रति माह।
  • ​लिंग: केवल पुरुष उम्मीदवारों के लिए।

​कैंप में भाग लेने के लिए जरूरी शर्तें

​इस नियोजन कैंप में शामिल होने वाले आवेदकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:

  1. ​निबंधन अनिवार्य: आवेदक का नियोजनालय में निबंधन (Registration) होना अनिवार्य है। यदि आपने अभी तक निबंधन नहीं कराया है, तो किसी भी कार्य दिवस में नियोजनालय जाकर नि:शुल्क निबंधन करा सकते हैं।
  2. ​जरूरी दस्तावेज: उम्मीदवार अपने साथ सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, 2 पासपोर्ट साइज फोटो, नियोजनालय का निबंधन कार्ड और अपना बायोडाटा (Resume) लेकर सुबह 11:00 बजे कैंप स्थल पर पहुँचें।
  3. ​समय: यह कैंप सुबह 11:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक चलेगा।

​पूरी तरह नि:शुल्क है प्रक्रिया

​सहायक निदेशक ने स्पष्ट किया है कि यह नियोजन कैंप पूरी तरह से नि:शुल्क है। इसमें भाग लेने के लिए किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। योग्य युवा इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

बिहार में यूरिया की किल्लत होगी खत्म: कृषि निदेशक ने कहा- राज्य में 2.84 लाख टन स्टॉक मौजूद, कालाबाजारी पर होगी जेल

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Patna News: बिहार में आगामी खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की समस्या न हो, इसके लिए कृषि विभाग ने अभी से कमर कस ली है। सोमवार को कृषि भवन, मीठापुर में कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में राज्य के प्रमुख उर्वरक विक्रेताओं और निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।

​पर्याप्त स्टॉक: घबराने की जरूरत नहीं

​बैठक को संबोधित करते हुए कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में राज्य के पास 2.84 लाख टन यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने विक्रेताओं को निर्देश दिया कि स्टॉक का प्रबंधन सही तरीके से करें और किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के आधार पर ही उर्वरक की बिक्री करें।

​कंपनियों और थोक विक्रेताओं को सख्त चेतावनी

​कृषि निदेशक ने उर्वरक कंपनियों और थोक विक्रेताओं को दो टूक लहजे में चेतावनी दी है:

  • ​टैगिंग पर रोक: कोई भी कंपनी या दुकानदार खाद के साथ जबरन अन्य उत्पाद (जैसे जिंक या सल्फर) की टैगिंग नहीं करेगा। ऐसा करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • ​उचित मूल्य: यह सुनिश्चित करना होगा कि किसानों को निर्धारित एमआरपी (MRP) पर ही खाद मिले।
  • ​FOR सप्लाई: सभी आपूर्तिकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि ‘Freight on Rate’ (FOR) के आधार पर उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

​वैकल्पिक उर्वरकों पर जोर

​मिट्टी की सेहत सुधारने और पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए कृषि निदेशक ने विक्रेताओं से अपील की कि वे किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों (जैसे नैनो यूरिया आदि) के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि चूंकि अभी फसल का मुख्य मौसम शुरू होने में समय है, इसलिए जिला और राज्य स्तर पर भंडारण और संरक्षण की पुख्ता व्यवस्था की जाए।

​गलत करने वालों पर होगी सीधी कार्रवाई

​बैठक में मौजूद पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कृषि निदेशक ने कहा कि यदि कोई दुकानदार, थोक विक्रेता या विभाग का कोई कर्मचारी अनियमितता बरतता है या अवैध वसूली करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों से आए थोक विक्रेताओं और विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी बैसाखी की बधाई; बोले- ‘किसानों के जीवन में उमंग और उल्लास का संचार करता है यह पर्व’

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Patna News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यवासियों एवं देशवासियों को बैसाखी के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने इस पर्व के सांस्कृतिक और कृषि प्रधान महत्व को रेखांकित करते हुए लोगों के सुख-समृद्धि की कामना की है।

​किसानों की मेहनत और खुशहाली का प्रतीक

​मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि बैसाखी का पर्व मुख्य रूप से हमारे अन्नदाताओं यानी किसानों के जीवन में नई ऊर्जा, उमंग और उल्लास लेकर आता है। उन्होंने कहा कि जब खेतों में फसल तैयार होकर लहलहाती है, तो किसान अपनी मेहनत का फल देख खुशी व्यक्त करते हैं। यही खुशी बैसाखी के रूप में मनाई जाती है, जो भारत की कृषि प्रधान संस्कृति का अभिन्न अंग है।

​विविधता में एकता का संदेश

 नीतीश कुमार ने आगे कहा कि फसल कटाई और नए साल के आगमन का यह पर्व देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों और विविध लोक पर्वों के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व हमारी साझा विरासत और अनेकता में एकता की पहचान को और मजबूत करता है।

​समरसता और सेवा का संकल्प

​मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की जनता से एक विशेष अपील भी की। उन्होंने कहा कि:

  • ​इस पर्व के अवसर पर हमें समाज में आपसी भाईचारा (Harmonious) और पारस्परिक सौहार्द्र को बढ़ावा देने का संकल्प लेना चाहिए।
  • ​समर्पण की भावना से मानवता की सेवा करना ही इस पर्व का असली संदेश है।
  • ​हमें समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और राज्य की प्रगति में योगदान देने का प्रण लेना चाहिए।

पूर्व रेलवे की नई पहल: अब रेलवे स्टेशनों पर नहीं सताएगा ‘सीढ़ियों का डर’, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सफर हुआ आसान

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कोलकाता/मालदा: रेलवे का सफर अब केवल एक गंतव्य तक पहुँचना नहीं, बल्कि सम्मान और सुविधा का अनुभव बनता जा रहा है। पूर्व रेलवे (Eastern Railway) ने अपने नेटवर्क के तहत आने वाले स्टेशनों पर शारीरिक बाधाओं को दूर करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। मिशन का उद्देश्य स्पष्ट है—समाज के उन वर्गों, जैसे बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार यात्री, के मन से ‘ऊंची सीढ़ियों का डर’ पूरी तरह खत्म करना।

​शांति देवी और राजेश जैसे लाखों यात्रियों को मिली ‘आजादी’

​रेलवे ने अपनी इस उपलब्धि को मानवीय नजरिए से साझा किया है। जहाँ 85 वर्षीय शांति देवी जैसे बुजुर्ग अब घुटनों के दर्द के बावजूद आधुनिक लिफ्ट के जरिए आसानी से प्लेटफॉर्म तक पहुँच रहे हैं, वहीं राजेश जैसे दिव्यांग युवाओं को अब किसी के सहारे की जरूरत नहीं पड़ती। पूर्व रेलवे के स्टेशनों पर यह बदलाव कंक्रीट के ढांचे से कहीं अधिक यात्रियों के आत्मविश्वास और गरिमा को बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।

​आंकड़ों में पूर्व रेलवे की ‘सुगम’ प्रगति

​31 मार्च 2026 तक पूर्व रेलवे ने अपने विभिन्न मंडलों में सुविधाओं का एक मजबूत ढांचा तैयार कर लिया है:

मंडल (Division)

लिफ्ट की संख्या (Lifts)

एस्केलेटर की संख्या (Escalators)

मालदा (Malda)

37

16

हावड़ा (Howrah)

19

26

सियालदह (Sealdah)

14

26

आसनसोल (Asansol)

23

09

कुल (Total)

93

77

मिशन 2026-2027: विस्तार की नई योजना

​रेलवे यहीं नहीं रुक रहा है। चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है, जिसके तहत:

  • ​14 नई लिफ्ट: आसनसोल में 5, मालदा में 6 और सियालदह में 3 नई लिफ्ट लगाई जाएंगी।
  • ​04 नए एस्केलेटर: आसनसोल मंडल में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 4 नए एस्केलेटर लगाए जाएंगे।

​अधिकारियों का संदेश: समावेशन ही प्राथमिकता

​पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO)  शिबराम माझि ने बताया कि रेलवे स्टेशनों के अनुभव को शारीरिक परिश्रम के बजाय पूर्ण आराम में बदलना हमारा मूल लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि लिफ्ट और एस्केलेटर का यह निरंतर विस्तार यात्री सेवा के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है ताकि कोई भी यात्री अपनी उम्र या शारीरिक स्थिति के कारण यात्रा करने से कतराए नहीं।

भागलपुर: ईवीएम वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे DM, किया त्रैमासिक निरीक्षण

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Bhagalpur News: भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के कड़े निर्देशों के आलोक में सोमवार को भागलपुर के जिलाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) वेयर हाउस का विधिवत निरीक्षण किया। यह निरीक्षण वेयर हाउस के त्रैमासिक और अप्रैल माह के मासिक रख-रखाव की समीक्षा के तहत किया गया।

​सुरक्षा मानकों की हुई बारीकी से जांच

​जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने वाणिज्य कर कार्यालय के समीप स्थित वेयर हाउस पहुँचकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, सीलिंग और तकनीकी रख-रखाव का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वेयर हाउस के आंतरिक और बाहरी सुरक्षा घेरे को देखा और पंजी (Registers) का मिलान किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।

​राजनीतिक दलों की मौजूदगी में हुई प्रक्रिया

​निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता नीति के तहत, यह निरीक्षण विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर सत्ताधारी दल (जदयू) के प्रतिनिधि के रूप में मृत्युंजय कुमार मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति में वेयर हाउस के तालों और सुरक्षा मानकों की जांच की गई।

​मौके पर मौजूद रहे अधिकारी

​निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के कई वरीय अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें मुख्य रूप से:

  • ​श्वेता कुमारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी, भागलपुर।
  • ​निर्वाचन शाखा के संबंधित पदाधिकारी एवं सुरक्षा कर्मी।

​जिलाधिकारी ने निरीक्षण के बाद बताया कि यह एक नियमित प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा और उनकी कार्यक्षमता को सुरक्षित रखना है। उन्होंने वेयर हाउस की साफ-सफाई और सुरक्षा प्रबंधों पर संतोष व्यक्त किया।