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बाखरपुर में भीषण अगलगी: चार घर जलकर राख, लाखों की संपत्ति का नुकसान

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के बाखरपुर पश्चिमी पंचायत में बीती रात आग ने ऐसा तांडव मचाया कि चार परिवारों की मेहनत की गाढ़ी कमाई पल भर में खाक हो गई। भीषण अगलगी की इस घटना में चार बासा (घर) पूरी तरह जलकर राख हो गए, जिससे लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इस हादसे में एक मवेशी (बछड़ा) भी गंभीर रूप से झुलस गया है।

​नींद में थे ग्रामीण, अचानक मची चीख-पुकार

​मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब सभी लोग गहरी नींद में सोए हुए थे। अचानक उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। जब तक लोगों की नींद खुली, आग ने बबीन्दर यादव, रामनाथ यादव, महेश यादव और सुभाष यादव के बासा को अपनी चपेट में ले लिया था। आसपास के लोगों द्वारा शोर मचाने पर पूरे गाँव में अफरा-तफरी मच गई।

​लाखों का सामान जलकर स्वाहा

​इस भीषण अग्निकांड में पीड़ितों का सब कुछ बर्बाद हो गया है। घर में रखा:

  • ​पंपिंग सेट मशीन
  • ​बैलगाड़ी
  • ​भारी मात्रा में अनाज
  • ​मवेशियों का चारा (कुट्टी-भूसा)
  • ​अन्य घरेलू कीमती सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। पीड़ितों के अनुसार, इस हादसे में उन्हें लाखों की आर्थिक क्षति हुई है, जिससे उनके सामने अब जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।

​ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा

​आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास के अन्य घरों पर भी खतरा मंडराने लगा था। लेकिन गाँव के युवाओं और ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। बिना दमकल के इंतजार किए, ग्रामीणों ने एकजुट होकर पानी और मिट्टी की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की इसी तत्परता की वजह से आग को आगे बढ़ने से रोका जा सका, वरना पूरा मोहल्ला इसकी चपेट में आ सकता था।

​कारण अब भी अज्ञात

​फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। स्थानीय प्रशासन से मांग की जा रही है कि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता और मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए ताकि वे दोबारा अपना आशियाना खड़ा कर सकें।

​“सब कुछ आंखों के सामने जल गया, हम कुछ न बचा सके। अब सरकार से ही उम्मीद है कि कुछ मदद मिले।”

— पीड़ित परिवार

 

​बाखरपुर की यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की कमी को दर्शाती है। प्रशासन को चाहिए कि वह प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर उन्हें उचित राहत प्रदान करे।

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बिहार में ‘सम्राट’ युग की शुरुआत: पीरपैंती में भाजपा कार्यकर्ताओं का भव्य जश्न, आतिशबाजी और मिठाई के साथ मनाया गया उत्साह

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Bhagalpur News: बिहार की राजनीति में आए बड़े बदलाव और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालने के बाद प्रदेश भर में उत्साह की लहर है। इसी क्रम में भागलपुर जिले के पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक जश्न मनाया। सड़कों पर उतरे कार्यकर्ताओं ने न केवल पटाखे फोड़कर अपनी खुशी जाहिर की, बल्कि एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर जीत की बधाई दी।

​सुशासन और विकास की नई उम्मीद

​जश्न के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी जोश देखा गया। स्थानीय भाजपा नेताओं और समर्थकों ने एकजुट होकर सम्राट चौधरी के समर्थन में नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि:

  • ​सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार अब विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
  • ​युवाओं और किसानों के लिए प्रदेश में रोजगार और खुशहाली के नए अवसर पैदा होंगे।
  • ​राज्य में कानून व्यवस्था और सुशासन को और अधिक मजबूती मिलेगी।

​उत्सव में तब्दील हुआ पूरा क्षेत्र

​पीरपैंती के मुख्य चौक-चौराहों पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया था। जैसे ही पदभार ग्रहण करने की खबर पुख्ता हुई, पूरा इलाका पटाखों की गूंज से सराबोर हो गया। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते हुए इसे बिहार की राजनीति के लिए एक ‘स्वर्ण युग’ की शुरुआत बताया।

​कार्यकर्ताओं का संकल्प

​इस मौके पर वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक पद का परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की जनता की आकांक्षाओं की जीत है। उन्होंने आगामी चुनावों में भी इसी एकजुटता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों को मजबूत करने का संकल्प लिया।

​“बिहार को अब एक ऐसा नेतृत्व मिला है जो जमीनी हकीकत को समझता है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से राज्य में विकास की गति दोगुनी होगी।”

— भाजपा कार्यकर्ता, पीरपैंती

 

पीरपैंती में हुआ यह शक्ति प्रदर्शन और जश्न इस बात का प्रमाण है कि सम्राट चौधरी की ताजपोशी से भाजपा कैडर में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। अब जनता की नजरें सरकार के आगामी फैसलों और विकास कार्यों पर टिकी हैं।

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भागलपुर में अग्निशमन सेवा सप्ताह का आगाज़; जागरूकता रथ रवाना, मॉल और रेस्टोरेंट की होगी सघन जांच

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में अगलगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम जनमानस को सुरक्षा के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ का भव्य शुभारंभ किया गया। समाहरणालय परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त (DDC) ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया।

​गाँव-गाँव तक पहुँचेगा जागरूकता का संदेश

​इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने संबोधित करते हुए कहा कि आग से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार ‘सतर्कता’ है। उन्होंने बताया:

  • ​यह जागरूकता रथ जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों का भ्रमण करेगा।
  • ​लाउडस्पीकर और हैंडबिल के माध्यम से लोगों को आग लगने की स्थिति में किए जाने वाले प्राथमिक उपायों की जानकारी दी जाएगी।
  • ​गर्मी के मौसम में बढ़ती अगलगी की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

​व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर रहेगी पैनी नजर

​सिर्फ जागरूकता ही नहीं, बल्कि प्रशासन अब सख्ती के मूड में भी है। डीडीसी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के तहत जिले के मॉल, होटल और रेस्टोरेंट में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि:

  1. ​क्या संबंधित प्रतिष्ठानों के पास पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) उपलब्ध हैं?
  2. ​क्या वहां लगे उपकरण चालू हालत में हैं या सिर्फ दिखावे के लिए रखे गए हैं?
  3. ​क्या कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में इन उपकरणों को चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त है?

​अग्निशमन विभाग की मुस्तैदी

​कार्यक्रम के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारी और जवान पूरी वर्दी में तैनात रहे। अधिकारियों ने बताया कि सेवा सप्ताह के दौरान मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि लोग लाइव डेमो देखकर यह समझ सकें कि रसोई गैस या बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी आग पर कैसे काबू पाया जाए।

​“सावधानी और सही जानकारी ही आग जैसी आपदा से जान-माल के नुकसान को कम कर सकती है। यह अभियान जिले के हर नागरिक को सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाने की एक कोशिश है।”

— उप विकास आयुक्त, भागलपुर

 

​भागलपुर प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम भीषण गर्मी के दस्तक देते ही बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस जांच अभियान के बाद जिले के कितने व्यावसायिक प्रतिष्ठान सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं।

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बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण, सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री

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Patna News: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आया है। लंबे चले घटनाक्रम के बाद आखिरकार राज्य में नई सरकार का गठन हो गया है। राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल ने नए मंत्रिमंडल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस नई सरकार में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली है, वहीं विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

​ मुख्य आकर्षण: शपथ ग्रहण समारोह की बड़ी बातें

  • ​नेतृत्व परिवर्तन: सम्राट चौधरी अब बिहार के नए मुख्यमंत्री हैं, जो राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
  • ​अनुभवी सारथी: जेडीयू के दिग्गज नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सरकार को मजबूती प्रदान की है।
  • ​शक्ति संतुलन: नई सरकार में गठबंधन के सभी प्रमुख दलों के बीच सामंजस्य बिठाने की कोशिश की गई है।

​ सम्राट चौधरी: बिहार के नए ‘कैप्टन’

​बीजेपी के फायरब्रांड नेता सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना पार्टी की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में बीजेपी बिहार में अपनी जड़ों को और मजबूत करने की कोशिश करेगी। शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने संकेत दिया कि उनकी प्राथमिकता सुशासन और विकास की रफ्तार को तेज करना है।

​ विजय चौधरी और विजेंद्र यादव: अनुभव का साथ

​विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव का उपमुख्यमंत्री बनना यह दर्शाता है कि नई सरकार में अनुभव को तरजीह दी गई है। ये दोनों नेता नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते रहे हैं और शासन चलाने का लंबा अनुभव रखते हैं। इनकी मौजूदगी सरकार में स्थिरता और प्रशासनिक पकड़ सुनिश्चित करेगी।

​ क्या होगा नई सरकार का एजेंडा?

​सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार के गठन के तुरंत बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। सरकार का मुख्य फोकस इन बिंदुओं पर रहने वाला है:

    1. ​कानून व्यवस्था: राज्य में अपराध पर लगाम लगाना पहली प्राथमिकता होगी।
    2. ​रोजगार: युवाओं के लिए नई भर्तियों और रोजगार के अवसरों पर तेजी से काम होगा।
    3. ​विकास योजनाएं: अटकी हुई सड़क और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को गति दी जाएगी।

​संपादकीय टिप्पणी: बिहार की राजनीति हमेशा से चौंकाने वाली रही है। सम्राट चौधरी का सीएम बनना और विजय-विजेंद्र की जुगलबंदी राज्य को किस दिशा में ले जाएगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल सूबे में जश्न का माहौल है।

 

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ब्रेकिंग: नीतीश कुमार का सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट— “हमने तय किया था कि अब CM पद छोड़ देंगे”, बिहार की जनता के नाम लिखा आखिरी संदेश

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Bihar News: बिहार के राजनीतिक क्षितिज पर आज एक बड़े युग का सूर्यास्त हो गया। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर एक लंबा और भावुक पोस्ट साझा किया है। इस पोस्ट में उन्होंने न केवल अपने इस्तीफे की पुष्टि की, बल्कि 2005 से लेकर अब तक के अपने विकास कार्यों का लेखा-जोखा भी जनता के सामने रखा।

​‘न्याय के साथ विकास’ का दिया हवाला

​नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट की शुरुआत 24 नवंबर, 2005 की यादों से की, जब राज्य में पहली बार एनडीए की सरकार बनी थी। उन्होंने लिखा, “तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के हिंदू, मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और महादलित—सभी तबकों के लिए काम किया है।

​7 निश्चय-3 और 2030 का विजन

​इस्तीफे के बावजूद नीतीश कुमार ने बिहार के भविष्य का रोडमैप साझा किया। उन्होंने बताया:

  • ​7 निश्चय-3: अगले पांच वर्षों (2025 से 2030) के लिए ‘7 निश्चय-3’ का गठन किया गया है।
  • ​केंद्र का सहयोग: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र के सहयोग से बिहार देश के टॉप राज्यों में शामिल होगा।

​इस्तीफे पर क्या कहा?

​पोस्ट के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से में नीतीश कुमार ने अपने पद छोड़ने के फैसले पर स्पष्टता दी। उन्होंने लिखा:

​“हमने तय किया था कि अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे और इसलिए आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद माननीय राज्यपाल से मिलकर उन्हें इस्तीफा सौंप दिया।”

 

​उन्होंने आगे कहा कि अब नई सरकार यहाँ का काम देखेगी और नई सरकार को उनका पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलता रहेगा।

​सोशल मीडिया पर वायरल हुआ संदेश

​जैसे ही नीतीश कुमार ने यह पोस्ट साझा किया, यह देखते ही देखते वायरल हो गया। समर्थकों के बीच जहाँ इस फैसले से उदासी है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे एक सोची-समझी रणनीतिक विदाई माना जा रहा है। नीतीश कुमार ने अंत में सभी को धन्यवाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

भागलपुर: TNB कॉलेज में डॉ. अंबेडकर जयंती पर छात्र RL-मोर्चा का ‘महा-संवाद’, क्विज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम

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Bhagalpur News: छात्र राष्ट्रीय लोक मोर्चा (CRLM), भागलपुर इकाई द्वारा मंगलवार को प्रतिष्ठित टी.एन.बी कॉलेज के परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर “संविधान और समरसता: स्मृति दिवस समारोह सह छात्र संवाद” का सफल आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में जिले के विभिन्न कॉलेजों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर बाबा साहब के विचारों को आत्मसात किया।

​दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि से हुई शुरुआत

​कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ छात्र राष्ट्रीय अध्यक्ष विराट सिंह कुशवाहा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सामूहिक कुलगीत के गायन से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के भाव से भर गया। मुख्य अतिथियों और छात्र नेताओं ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

​‘संविधान के मूल्यों को अपनाएं युवा’

​मुख्य अतिथि प्रदेश सचिव सुमित सिंह कुशवाहा और विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा:

  • ​डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के सबसे बड़े पैरोकार थे।
  • ​आज के युवाओं को समानता और भाईचारे के संवैधानिक मूल्यों को समाज में स्थापित करने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

​क्विज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

​कार्यक्रम के दौरान छात्रों की प्रतिभा निखारने के लिए दो मुख्य आयोजन किए गए:

  1. ​क्विज प्रतियोगिता: इसमें सैकड़ों छात्रों ने अपनी मेधा दिखाई। टॉप 10 प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
  2. ​सांस्कृतिक कार्यक्रम: छात्रों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विजेताओं को मोमेंटो प्रदान किए गए।

​इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

​कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्र जिला अध्यक्ष सत्यम मिश्रा ने की, जबकि मंच संचालन हृषिकेश प्रकाश ने प्रभावी ढंग से किया।

​गणमान्य अतिथियों में शामिल रहे:

  • ​सुमन कुमार प्रसून (जिला अध्यक्ष)
  • ​निशा भारती (महिला नेत्री)
  • ​डॉ. विवेक कुशवाहा (प्रदेश अध्यक्ष)
  • ​प्रतीक कुशवाहा (प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष)
  • ​सूरज मौर्य (प्रदेश प्रवक्ता)

​कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में गिरीश झा, रमन राठौर, शुभम कुमार और अन्य कार्यकर्ताओं की भूमिका सराहनीय रही। अंत में रमन राठौर ने धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया।

​आगे की योजना

​छात्र राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि युवाओं में संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और सशक्त हो सके।

बिहार मध्यमा परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित: 87.5% छात्र सफल, बोर्ड ने मात्र 27 दिनों में रिजल्ट जारी कर रचा इतिहास

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Patna News: बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार को मध्यमा (कक्षा 10वीं के समकक्ष) परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। बोर्ड ने इस बार न केवल शानदार सफलता दर दर्ज की है, बल्कि महज 27 दिनों के भीतर रिजल्ट प्रकाशित कर एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया है। बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने संविधान निर्माता और संस्कृत भाषा के समर्थक डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती एवं ‘सतूआनी’ के पावन अवसर पर आधिकारिक रूप से नतीजों की घोषणा की।

​परीक्षा परिणाम की मुख्य झलकियां (Result Highlights)

​इस वर्ष परीक्षा में छात्रों का प्रदर्शन पिछले वर्षों के मुकाबले काफी बेहतर रहा है। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • ​कुल आवेदक: 23,614
  • ​परीक्षा में शामिल हुए: 21,493 छात्र
  • ​सफलता प्रतिशत: 87.5% से अधिक परीक्षार्थी उत्तीर्ण।
  • ​श्रेणी वार परिणाम: * प्रथम श्रेणी: 10,129 छात्र
    • ​द्वितीय श्रेणी: 9,118 छात्र
    • ​तृतीय श्रेणी: 1,310 छात्र

​27 दिनों में रिजल्ट: बोर्ड की बड़ी उपलब्धि

​बोर्ड अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने बताया कि 16 से 19 मार्च के बीच राज्य के 59 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद 23-24 मार्च को प्रैक्टिकल परीक्षाएं हुईं। बोर्ड ने पारदर्शी और समयबद्ध मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाते हुए रिकॉर्ड समय में रिजल्ट तैयार किया। इस सफलता का श्रेय बोर्ड के अधिकारियों, कर्मचारियों और संस्कृत शिक्षकों के अथक परिश्रम को दिया गया है।

​त्रुटिहीन रिजल्ट पर विशेष जोर

​अध्यक्ष ने कहा कि इस वर्ष अंकपत्र (Marksheet) में गलतियों को कम से कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। छात्रों को अपना रिजल्ट देखने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग किया गया है। छात्र अपना रौल नंबर डालकर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से अपना परिणाम चेक कर सकते हैं। अगले एक सप्ताह के भीतर सभी छात्रों को उनके संबंधित विद्यालयों में भौतिक अंकपत्र उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

​असफल छात्रों के लिए बोर्ड का आश्वासन

​सफल छात्रों को भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए अध्यक्ष ने उन छात्रों का भी हौसला बढ़ाया जो इस बार उत्तीर्ण नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि असफल छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है; बोर्ड जल्द ही उनके लिए ठोस निर्णय लेगा ताकि उनका शैक्षणिक सत्र बर्बाद न हो।

​इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​रिजल्ट प्रकाशन के इस ऐतिहासिक अवसर पर बोर्ड के सचिव नीरज कुमार, परीक्षा नियंत्रक उपेंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। समय पर रिजल्ट आने से छात्रों और अभिभावकों के बीच खुशी का माहौल है, क्योंकि अब वे आगे की कक्षाओं में नामांकन के लिए समय पर तैयारी कर सकेंगे।

​कैसे चेक करें रिजल्ट?

  1. ​बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. ​‘Madhyama Result 2026’ लिंक पर क्लिक करें।
  3. ​अपना Roll Code और Roll Number दर्ज करें।
  4. ​सबमिट बटन दबाते ही आपका परिणाम स्क्रीन पर होगा।

बिहार की सियासत में ‘निशांत’ उदय! क्या डिप्टी सीएम की कुर्सी से होगी नीतीश कुमार के बेटे की पॉलिटिकल एंट्री?

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Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) की विरासत को कौन आगे बढ़ाएगा। राजनीतिक गलियारों में यह खबर आग की तरह फैल रही है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार का अगला उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया जा सकता है।

​सियासी गलियारों में अटकलें तेज: ‘विरासत’ की नई पारी

​नीतीश कुमार हमेशा अपने परिवार को राजनीति से दूर रखने के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में पार्टी को एकजुट रखने और अपनी विरासत को सुरक्षित करने के लिए निशांत कुमार का नाम सबसे आगे चल रहा है। चर्चा है कि उन्हें जदयू कोटे से उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जिससे भाजपा-जदयू गठबंधन में शक्ति का संतुलन बना रहे।

​क्यों उठ रहा है निशांत कुमार का नाम?

​राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कुमार के केंद्र की राजनीति में जाने के बाद जदयू को एक ऐसे चेहरे की जरूरत है जो सर्वमान्य हो।

  • ​पार्टी की मजबूती: निशांत कुमार के आने से पार्टी कार्यकर्ताओं में एक नया उत्साह देखा जा रहा है।
  • ​भरोसेमंद चेहरा: नीतीश कुमार के समर्थकों के लिए निशांत एक ऐसा नाम हैं जो पिता के ‘सुशासन’ के एजेंडे को आगे बढ़ा सकते हैं।

​विपक्ष और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया

​हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जदयू के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी के बड़े नेता इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। वहीं, विपक्षी खेमा इसे ‘परिवारवाद’ का नया अध्याय बता रहा है।

​बिहार के लिए बड़ा बदलाव

​अगर निशांत कुमार उपमुख्यमंत्री बनते हैं, तो यह बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट होगा। सालों से लाइमलाइट से दूर रहने वाले निशांत के कंधों पर अब पिता की बनाई हुई साख और पार्टी के भविष्य की जिम्मेदारी होगी।

बिहार में पहली बार भाजपा के हाथ में सत्ता की कमान, सम्राट चौधरी होंगे सूबे के नए मुख्यमंत्री

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Bihar News: बिहार की सियासत में आज वह क्षण आ गया जिसका भारतीय जनता पार्टी को दशकों से इंतजार था। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब बिहार में पहली बार भाजपा अपने दम पर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रही है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को नेता चुन लिया गया है, जिससे उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।

​ऐतिहासिक पल: बिहार में ‘कमल’ राज की शुरुआत

​बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका होगा जब भाजपा का कोई कद्दावर नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा। अब तक भाजपा केवल गठबंधन में ‘जूनियर पार्टनर’ या उपमुख्यमंत्री की भूमिका में रही है, लेकिन सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा ने बिहार की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है।

​सम्राट चौधरी के नाम पर लगी मुहर

​पटना में हुई भाजपा विधायक दल की हाई-प्रोफाइल बैठक में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी विधायकों ने एकमत होकर स्वीकार कर लिया। सम्राट चौधरी, जो अपनी प्रखर राजनीति और कड़े तेवरों के लिए जाने जाते हैं, अब बिहार की बागडोर संभालने के लिए तैयार हैं।

​कल होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह

​सूत्रों के अनुसार, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल (15 अप्रैल) पटना के राजभवन में आयोजित किया जाएगा।

  • ​पीएम मोदी की मौजूदगी: खबर है कि इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पटना पहुँच सकते हैं।
  • ​सादा समारोह: हालांकि समय की कमी को देखते हुए इसे एक गरिमामयी और सादे समारोह के रूप में आयोजित किया जाएगा।

​बिहार के लिए नई दिशा?

​राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा का अपना मुख्यमंत्री होना राज्य की विकास योजनाओं और राजनीतिक दिशा को एक नया मोड़ देगा। सम्राट चौधरी के सामने अब राज्य की कानून-व्यवस्था और विकास की गति को और तेज करने की बड़ी चुनौती होगी।

बिहार की राजनीति में महापरिवर्तन: नीतीश कुमार ने सीएम पद से दिया इस्तीफा, खत्म हुआ दो दशकों का ‘नीतीश युग’

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Bihar News: बिहार के राजनीतिक इतिहास में आज (14 अप्रैल, 2026) का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। सूबे के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दोपहर बाद राजभवन पहुँचकर उन्होंने राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना त्यागपत्र सौंपा, जिसके साथ ही बिहार की सत्ता की कमान अब नए हाथों में जाने का रास्ता साफ हो गया है।

​राज्यसभा के रास्ते केंद्र की राजनीति में सक्रिय होंगे ‘सुशासन बाबू’

​नीतीश कुमार का यह फैसला अचानक नहीं है। हाल ही में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वे बिहार की सक्रिय राजनीति से विदा ले सकते हैं। अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे दिल्ली की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाएंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केंद्र में उनकी अनुभवी प्रशासनिक क्षमता का लाभ उठाया जाएगा।

​कैबिनेट की आखिरी बैठक में छलका दर्द: मंत्रियों को कहा ‘शुक्रिया’

​इस्तीफा देने से पहले नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक की। इस बैठक में मौजूद मंत्रियों के अनुसार, माहौल काफी भावुक था।

  • ​धन्यवाद ज्ञापन: मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान साथ देने वाले सभी सहयोगियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
  • ​भावुक क्षण: कई मंत्रियों ने इसे एक ‘युग का अंत’ बताया। नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार का विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगी।

​बिहार के विकास का चेहरा रहे नीतीश

​साल 2005 से शुरू हुआ नीतीश कुमार का सफर (बीच के कुछ महीनों को छोड़कर) बिहार की सड़कों, स्कूलों और कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए जाना जाता है। महिलाओं के लिए पंचायती राज में आरक्षण और साइकिल योजना जैसे क्रांतिकारी फैसलों ने उनकी ‘सुशासन बाबू’ की छवि को मजबूत किया।

​अब आगे क्या?

​नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब सबकी निगाहें भाजपा और नई सरकार के गठन पर टिकी हैं। बिहार में पहली बार भाजपा की कमान में सरकार बनने की संभावनाओं ने राज्य की सियासी सरगर्मी को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।