Bhagalpur News: पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के अवसर पर 26 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रम और जुलूस को लेकर सुल्तानगंज थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य पर्व के दौरान क्षेत्र में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखना तथा जुलूस के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियों पर चर्चा करना था।
बैठक की अध्यक्षता सुल्तानगंज थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने की। इस दौरान मंच पर प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव कुमार, एसआई विष्णुदेव कुमार और एसआई पियूष कुमार मौजूद रहे।
बैठक में 26 अगस्त को मुस्लिम समुदाय द्वारा पैगम्बर साहब के जन्मदिवस के मौके पर विभिन्न अखाड़ों से निकलने वाले जुलूस को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। पुलिस और प्रशासन की ओर से पर्व के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने तथा शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की गई।
डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जुलूस और पर्व के दौरान डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन की ओर से सभी समुदाय के लोगों से अपील की गई कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण वातावरण में पर्व मनाएं और किसी भी तरह की अफवाह या विवाद से बचें।
वहीं, शाही मस्जिद में मुस्लिम समुदाय द्वारा चादरपोशी और नमाज अदा कर पैगम्बर साहब का जन्मदिवस हर्षोल्लास के साथ मनाने की बात कही गई।
आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील
शांति समिति की बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों से भी क्षेत्र में आपसी सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि सुल्तानगंज की पहचान सामाजिक समरसता और भाईचारे के लिए रही है। ऐसे में सभी समुदाय के लोग मिल-जुलकर पर्व मनाएं और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
बैठक में सांसद प्रतिनिधि पवन केसान, भाजपा नगर अध्यक्ष डॉ. अलका चौधरी, उपाध्यक्ष चंदन कुमार, विकास कुमार कर्ण, जदयू नेत्री प्रेम प्रभात सिन्हा, रानी झा, वार्ड पार्षद रूबी देवी, राजद के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष मो. मेराज, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मो. मंजूर, खालिद खान उर्फ मो. नन्हे, भाजपा नेता विजय सिंह, रालोसपा नेता मिथलेश कुमार चन्द्रवंशी समेत दर्जनों जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक के दौरान प्रशासन ने सभी लोगों से अपील की कि 26 अगस्त को पैगम्बर साहब के जन्मदिवस का पर्व शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे के माहौल में मनाएं। साथ ही जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि या अफवाह से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की बात कही गई।


