काली मंदिर अध्यक्ष पद और पार्षद चुनाव की रंजिश में हुई हत्या, SIT की दबिश के बाद मुख्य साजिशकर्ता समेत 8 पर शिकंजा
Crime News: भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कुम्हार टोली के पास हुए बहुचर्चित भाजपा नेता उमाभूषण तांती उर्फ पप्पू तांती हत्याकांड का भागलपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की लगातार छापामारी और चौतरफा दबाव के कारण मामले में शामिल सभी प्रमुख आरोपियों पर शिकंजा कस गया है।
पुलिस तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि यह हत्या कुतुबगंज स्थित महादेव तालाब विवाद, काली मंदिर के अध्यक्ष पद और आगामी नगर निगम/पार्षद चुनाव के वर्चस्व को लेकर रची गई साजिश का नतीजा थी।
क्या था पूरा मामला?
बीती 11 सितंबर 2026 को बबरगंज थाना क्षेत्र के कुम्हार टोली के पास उमाभूषण तांती उर्फ पप्पू तांती (पिता- अर्जुन तांती, निवासी- कुतुबगंज महादेव तालाब) को बेखौफ अपराधियों ने गोली मार दी थी। घटना की सूचना मिलते ही बबरगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल पप्पू तांती को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव और नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) अतुलेश झा ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया, परिजनों से मुलाकात की और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। मृतक के भाई अरविंद कुमार के बयान पर बबरगंज थाना (कांड सं0-151/26) में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
SIT का गठन और ताबड़तोड़ कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर SSP के निर्देशन और City SP के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। इसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-2), बबरगंज थानाध्यक्ष, मोजाहिदपुर थानाध्यक्ष, कोतवाली थानाध्यक्ष और तकनीकी शाखा की टीम को शामिल किया गया।
SIT ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की।
चुनावी रंजिश और मंदिर अध्यक्ष पद का विवाद बना वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच और अब तक के अनुसंधान से यह स्पष्ट हुआ है कि मुख्य आरोपी कृष्णा मोदी और मृतक पप्पू तांती के बीच कुतुबगंज स्थित महादेव तालाब से जुड़े विवाद के साथ-साथ काली मंदिर के अध्यक्ष पद और आगामी पार्षद चुनाव के वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद चल रहा था।
इस पूरे हत्याकांड की मुख्य साजिश शशि मोदी द्वारा रची गई थी। योजना बनाने में शशि मोदी का भगीना कृष्णा मोदी, सुमन कुमार और अन्य सहयोगी शामिल थे।
पुलिस के खौफ से कोर्ट में सरेंडर, 6 गिरफ्तार
पुलिस टीम के बढ़ते दबाव और लगातार हो रही छापेमारी के कारण नामजद और मुख्य आरोपियों को घुटने टेकने पड़े:
- शशि मोदी (मुख्य साजिशकर्ता) ने 15 सितंबर 2026 को ही अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।
- कृष्णा मोदी (साजिशकर्ता/भगीना) ने पुलिसिया दबाव में आज, 18 सितंबर 2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष सरेंडर कर दिया।
इसके अलावा, पुलिस SIT टीम ने छापेमारी कर घटना में शामिल 6 अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है:
- दीपिका कुमारी (पति- शशि मोदी, कुतुबगंज, बबरगंज)
- अमित राज (पिता- रविंद्र मंडल, बरईचक पाटम, नयारामनगर, मुंगेर)
- सूरज कुमार (पिता- स्व. हरेराम साह, सिकंदरपुर, मोजाहिदपुर)
- लवीस आनंद (पिता- विपिन प्रसाद साह, गुरहट्टा चौक, मोजाहिदपुर)
- सुमन कुमार (पिता- मनोज मोदी, कुतुबगंज, बबरगंज)
- नितीश कुमार उर्फ अक्षय यादव (पिता- चौबे यादव, मैतोफी, मुफस्सिल, मुंगेर)
पुलिस का बयान
भागलपुर पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं का वैज्ञानिक और तकनीकी पद्धति से गहन अनुसंधान किया जा रहा है। एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर सभी अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में मजबूत पैरवी कर कठोरतम सजा सुनिश्चित कराई जाएगी।


