स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और छात्रावासों की सुविधाएं होंगी दुरुस्त; ‘कायाकल्प’ पोर्टल से योजनाओं की होगी निगरानी, नई आधारभूत संरचनाओं को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
Patna News: बिहार में सार्वजनिक सुविधाओं और सरकारी परिसंपत्तियों को बेहतर, स्वच्छ और उपयोगी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘कायाकल्प’ पोर्टल का भी लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर लंबित छोटे-छोटे विकास कार्यों को 30 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को दीपावली से पहले ही दुरुस्त करने का प्रयास किया जाए, ताकि आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाना अभियान का मुख्य उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का मूल उद्देश्य सार्वजनिक सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों को बेहतर एवं स्वच्छ बनाना, पुरानी परिसंपत्तियों का उन्नयन एवं मरम्मती करना तथा आवश्यकता के अनुसार नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना है।
अभियान के दो प्रमुख हिस्से तय किए गए हैं। पहला हिस्सा पहले से मौजूद परिसंपत्तियों के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और मरम्मती से जुड़ा है, जिसे 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं दूसरा हिस्सा नई आधारभूत संरचनाओं एवं परिसंपत्तियों के निर्माण से संबंधित है, जिसे 31 मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।
स्कूल से लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक होंगे दुरुस्त
मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर उन छोटे-छोटे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने का निर्देश दिया, जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। इसके तहत विद्यालयों की रंगाई-पुताई, आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े कार्य, सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य केंद्र और छात्रावासों में जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने अंबेडकर छात्रावास, कर्पूरी ठाकुर छात्रावास सहित अन्य छात्रावासों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक भवनों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में लंबित छोटे कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
‘कायाकल्प’ पोर्टल से योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘कायाकल्प’ पोर्टल का लोकार्पण करते हुए कहा कि इससे विभिन्न योजनाओं की प्रगति की निगरानी आसान होगी। पोर्टल पर संबंधित विभागों की योजनाओं की प्रगति, अब तक हुए कार्य, पूर्ण हो चुकी योजनाओं और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी।
इसके साथ ही कायाकल्प मोबाइल ऐप के माध्यम से भी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। सरकार के अनुसार डिजिटल निगरानी व्यवस्था से लंबित कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
कई विभागों की योजनाएं अभियान में शामिल
‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पंचायती राज, नगर विकास एवं आवास, शिक्षा, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों और स्थानीय स्तर के लोगों का सहयोग लिया जाए। पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से स्थानीय जरूरतों की पहचान कर आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
मंत्रियों और अधिकारियों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और जिला प्रशासन को अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने मंत्रियों से भी अभियान की बेहतर मॉनिटरिंग करने को कहा।
उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी योजनाओं और कार्यों के माध्यम से आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। जहां लोगों को परेशानी हो रही है या किसी सार्वजनिक सुविधा के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की आवश्यकता है, वहां जरूरत के अनुसार कार्य कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि अभियान के सफल क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर लंबे समय से लंबित छोटे-छोटे कार्य पूरे होंगे और आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह समेत कई मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं सचिव तथा अन्य वरीय अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम से जुड़े।


