Patna News: बिहार के मोकामा स्थित चाराडीह में बाबा वीर चौहरमल महाराज धाम को आधिकारिक रूप से पर्यटन स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेन्द्र पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात कर इस संबंध में एक औपचारिक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा।
मुलाकात के दौरान मंत्री लखेन्द्र पासवान ने बाबा वीर चौहरमल धाम के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को विस्तार से बताया।
अपार आस्था का केंद्र है चाराडीह धाम
मंत्री लखेन्द्र पासवान ने कहा कि मोकामा का चाराडीह स्थित बाबा वीर चौहरमल महाराज धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और लोकसंस्कृति का प्रतीक है।
- वार्षिक मेला: यहाँ प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले भव्य मेले में केवल बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु नतमस्तक होने आते हैं।
- ऐतिहासिक पहचान: यह स्थल बिहार की समृद्ध विरासत और लोक-नायकों के योगदान को प्रदर्शित करता है।
पर्यटन स्थल बनने से होंगे ये बड़े बदलाव
धाम को आधिकारिक पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा:
- बुनियादी सुविधाएं: क्षेत्र में चौड़ी सड़कें, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश (लाइटिंग), स्वच्छता व्यवस्था और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए उत्तम पर्यटन सुविधाओं का निर्माण होगा।
- स्थानीय रोजगार: पर्यटन का केंद्र बनने से मोकामा और आसपास के इलाकों में स्थानीय युवाओं के लिए व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सांस्कृतिक विरासत को मिलेगी वैश्विक पहचान
मंत्री ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आग्रह किया कि धाम को जल्द से जल्द पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की जाए, ताकि बिहार की इस अनमोल लोक-आस्था और सांस्कृतिक धरोहर को एक नई और व्यापक पहचान मिल सके।


