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इश्क, साजिश और कत्ल: बहू के अवैध संबंध में ‘कांटा’ बने ससुर की बेरहमी से हत्या, नवगछिया पुलिस ने किया खौफनाक वारदात का खुलासा

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Bhagalpur News: बिहार के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत बिहपुर थाना क्षेत्र के भगवतीपुर गांव में 21 अप्रैल की रात हुई प्रकाश मंडल की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह महज एक सामान्य अपराध नहीं, बल्कि विश्वासघात और अवैध संबंधों की एक ऐसी खौफनाक कहानी है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ससुर अपनी बहू के गलत रिश्तों के खिलाफ खड़े थे, जिसे बहू ने अपनी राह का कांटा मानकर मौत के घाट उतरवा दिया।

​पंचायत भी नहीं रोक सकी रिश्तों की आग

​पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक प्रकाश मंडल की छोटी बहू सुषमा कुमारी का गांव के ही संजीव कुमार के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। करीब एक महीने पहले दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथ पकड़ा गया था। उस समय गांव में पंचायत भी हुई और मामला शांत कराने की कोशिश की गई, लेकिन सुषमा और संजीव के सिर पर इश्क का जुनून इस कदर सवार था कि उन्होंने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं।

​आधी रात को गूंजी गोलियां, दहला गांव

​21 अप्रैल की देर रात करीब 12:30 बजे, जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तब अपराधियों ने घर में घुसकर प्रकाश मंडल पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोली लगते ही प्रकाश मंडल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पुलिस तुरंत एक्शन में आई।

​SIT की फुर्ती और बड़ी गिरफ्तारी

​नवगछिया एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) और FSL की टीम ने मौके पर छानबीन शुरू की। वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ी और वारदात का पर्दाफाश किया।

  • ​गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने मृतक की बहू सुषमा कुमारी, निखिल कुमार और दिवाकर कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है।
  • ​बरामदगी: आरोपी दिवाकर के घर से हत्या में इस्तेमाल किया गया देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया है।

​क्या बोले एसपी?

​नवगछिया एसपी राजेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस हत्याकांड की मुख्य वजह प्रेम प्रसंग और पारिवारिक प्रतिष्ठा को लेकर उपजा तनाव था। बहू को लगा कि ससुर उसके और उसके प्रेमी के बीच बाधा बन रहे हैं, इसलिए उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज रही है और मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।

​ समाज में बढ़ते इस तरह के अपराध सोचने पर मजबूर करते हैं कि कैसे रिश्तों का कत्ल सिर्फ अपनी क्षणिक खुशियों के लिए किया जा रहा है। नवगछिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

भागलपुर में बाबू वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव की धूम: 80 की उम्र में भी जिनके शौर्य से कांप उठे थे अंग्रेज, उनकी वीरता की गाथा से गूंजा शहर

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Bhagalpur News: आज सिल्क सिटी भागलपुर पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। अवसर था 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा और अदम्य साहस के प्रतीक बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव का। शहर के कोने-कोने से आए लोगों ने उस वीर सपूत को याद किया, जिसने 80 वर्ष की उम्र में अपनी तलवार की धार से ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दी थीं।

​प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ समारोह का आगाज

​विजयोत्सव की शुरुआत जीरो माइल चौक पर स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह की भव्य आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। यहाँ स्थानीय नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुंवर सिंह केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध एक जलती हुई मशाल थे।

​गगनभेदी नारों के साथ निकली भव्य शोभा यात्रा

​समारोह का मुख्य आकर्षण जीरो माइल से आदमपुर टाउन हॉल तक निकाली गई विशाल शोभा यात्रा रही।

  • ​शौर्य का प्रदर्शन: हाथों में झंडे और जुबां पर देशभक्ति के तराने लिए हजारों की संख्या में युवा और बुजुर्ग इस यात्रा का हिस्सा बने।
  • ​गूंज उठा शहर: ‘बाबू वीर कुंवर सिंह अमर रहें’ और ‘जय भवानी’ के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
  • ​ऐतिहासिक मार्ग: यह यात्रा शहर के प्रमुख चौराहों से होते हुए गुजरी, जहाँ जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर वीर कुंवर सिंह के शौर्य को नमन किया।

​अदम्य साहस की मिसाल: जब काटा था अपना ही हाथ

​कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने बाबू वीर कुंवर सिंह के उस ऐतिहासिक प्रसंग को भी याद किया, जब गंगा पार करते समय अंग्रेजों की गोली लगने पर उन्होंने अपना हाथ काटकर मां गंगा को अर्पित कर दिया था। 80 वर्ष की आयु में भी उनकी युद्ध कला और छापामार रणनीति ने अंग्रेजों को नाकों चने चबवा दिए थे।

​“बाबू वीर कुंवर सिंह का बलिदान और उनका शौर्य आज की युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने सिखाया कि राष्ट्र की रक्षा के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं होता।”

— समारोह में उपस्थित गणमान्य वक्ता

 

​भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत

​आदमपुर टाउन हॉल में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि ऐसे वीर पुरुषों के इतिहास को पाठ्यक्रमों और जन-जन तक पहुँचाना अनिवार्य है। आज के इस उत्सव ने यह साबित कर दिया कि भागलपुर की मिट्टी में आज भी देशभक्ति और स्वाभिमान का जज्बा कायम है।

​ भागलपुर में मनाया गया यह विजयोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि इतिहास के उस महान अध्याय का सम्मान है, जिसने भारत की आजादी की नींव रखी थी। शहर का हर नागरिक आज गर्व से भरा हुआ महसूस कर रहा था।

बिहार में रफ्तार पकड़ेगा सड़कों का जाल: पटना-आरा-सासाराम प्रोजेक्ट 15 मई से शुरू, मोकामा-मुंगेर फोरलेन का काम आवंटित

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Patna News: बिहार की सड़क अवसंरचना (Road Infrastructure) को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने NHAI और MoRTH की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला पटना-आरा-सासाराम प्रोजेक्ट को लेकर लिया गया, जिसका काम अगले महीने से धरातल पर दिखने लगेगा।

​ बिहार की नई लाइफलाइन

  • ​पटना-आरा-सासाराम: प्रथम खंड (सुअरा से गड़हनी) का निर्माण 15 मई तक शुरू करने का आदेश।
  • ​मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड: फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य आवंटित, जल्द शुरू होगा काम।
  • ​पटना रिंग रोड: कन्हौली-शेरपुर खंड का कार्य भी आवंटित।
  • ​बजट और विस्तार: 218 किमी लंबी 6 परियोजनाओं (लागत ₹8134 करोड़) और 360 किमी लंबी 12 परियोजनाओं (लागत ₹11222 करोड़) की हुई समीक्षा।

​सचिव के कड़े तेवर: “कोताही बर्दाश्त नहीं”

​विभागीय सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सचिव पंकज कुमार पाल ने फॉरेस्ट क्लियरेंस और भू-अर्जन में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि पर्यावरण विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाकर बाधाओं को दूर करें।

​“परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूर्ण करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यारंभ में देरी और निर्माण में कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

 

​इन बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहा विशेष फोकस

  1. ​साहेवगंज-अरेराज-बेतिया: बेतिया में भू-अर्जन कार्य तेज करने का निर्देश दिया गया है ताकि मॉनसून से पहले काम सुचारू रूप से शुरू हो सके।
  2. ​भागलपुर (ढाका मोड़): ढाका मोड़ के फोरलेन चौड़ीकरण और बिहार-झारखंड सीमा (बलझोर) तक सड़क विस्तार के लिए शीघ्र निविदा (Tender) आमंत्रित करने का आदेश दिया गया है।
  3. ​NH-333A: झाझा, नरगंजो और भौरोगंज बाईपास के लिए वैधानिक स्वीकृति प्राप्त कर जल्द टेंडर जारी करने को कहा गया है।

​ROB निर्माण के लिए अक्टूबर की डेडलाइन

​लंबित रेल ओवर ब्रिज (ROB) परियोजनाओं पर सचिव ने सख्त रुख अपनाते हुए कटिहार (NH-31) और सुपौल (NH-327E) के निर्माणाधीन ROB को हर हाल में अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए मुख्य अभियंता से विस्तृत कार्य योजना मांगी गई है।

​बैठक में उपस्थिति

​इस उच्च स्तरीय बैठक में पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव, NHAI एवं MoRTH के क्षेत्रीय पदाधिकारी, अभियंता प्रमुख सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

​ सरकार के इन निर्देशों के बाद उम्मीद है कि बिहार के प्रमुख राजमार्गों और रिंग रोड के निर्माण में तेजी आएगी, जिससे राज्य के परिवहन और व्यापार को एक नई गति मिलेगी।

जमुई की गुफाओं में मिला बिहार की प्राचीन सभ्यता का ‘डिजिटल हस्ताक्षर’, हजारों साल पुराने शैल चित्रों का होगा संरक्षण

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Patna News: बिहार का ऐतिहासिक गौरव अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा। जमुई जिले के गिद्धेश्वर वन प्रमंडल की पहाड़ियों में मिले हजारों साल पुराने शैल चित्र (रॉक पेंटिंग्स) राज्य की सांस्कृतिक विरासत में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहे हैं। बिहार सरकार ने इन दुर्लभ प्रागैतिहासिक कलाकृतियों को न केवल संरक्षित करने का निर्णय लिया है, बल्कि इन्हें शोध (Research) के लिए भी उपयोग में लाया जाएगा।

​इतिहास के झरोखे से

  • ​प्राचीनता: ये शैल चित्र नवपाषाण काल (Neolithic Age) से लेकर प्रारंभिक ऐतिहासिक काल के माने जा रहे हैं।
  • ​अनोखी कला: चित्रों में इंसानी गतिविधियों, जंगली जानवरों और शिकार के दृश्यों को बेहद खूबसूरती से उकेरा गया है।
  • ​खोज का श्रेय: जमुई वन प्रमंडल पदाधिकारी तेजस जायसवाल के नेतृत्व वाली टीम ने इन शैलाश्रयों (Rock Shelters) की खोज और रिकॉर्डिंग की है।
  • ​विरासत का संरक्षण: वन विभाग जल्द ही इन चित्रों की सुरक्षा और वैज्ञानिक संरक्षण का कार्य शुरू करेगा।

​सभ्यता के विकास का प्रमाण: नवपाषाण काल की छाप

​गिद्धेश्वर की पहाड़ियों में मिले ये चित्र उस दौर के हैं जब मानव ने शिकार के साथ-साथ खेती और पशुपालन करना सीखा था (लगभग 10,000 ईसा पूर्व से 2,000 ईसा पूर्व)। लिखित इतिहास से पहले के इन चित्रों को ‘शैल कला’ कहा जाता है, जो तत्कालीन मानव के जीवन जीने के तरीके और उनके आसपास के वातावरण को दर्शाते हैं।

​वन विभाग की बड़ी पहल

​वन प्रमंडल पदाधिकारी तेजस जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2022 से शुरू हुई इस खोज की प्रक्रिया अब संरक्षण के चरण में पहुंच गई है।

​“गिद्धेश्वर की पहाड़ियां हमारी समृद्ध विरासत की गवाह हैं। इन चित्रों का मिलना यह साबित करता है कि हजारों साल पहले भी यहाँ मानव सभ्यता विकसित थी। हमारा लक्ष्य इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना और शोधकर्ताओं के लिए सुलभ बनाना है।”

 

​रिसर्च के खुलेंगे नए द्वार

​इन शैल चित्रों के संरक्षण के साथ ही यहाँ पुरातत्वविदों और शोधकर्ताओं के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन स्थलों को इस तरह विकसित किया जाए कि शोध कार्य के साथ-साथ यहाँ पर्यटन की संभावनाएं भी तलाशी जा सकें।

​खोज दल की टीम

​इस महत्वपूर्ण सर्वेक्षण में डीएफओ तेजस जायसवाल के साथ फॉरेस्टर मिथिलेश कुमार, वनरक्षक दीपु रविदास, धीरेंद्र कुमार और टीम के अन्य सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई है। टीम ने दुर्गम पहाड़ियों पर चढ़कर इन शैलाश्रयों का डेटा एकत्र किया है।

 जमुई के ये शैल चित्र बिहार को विश्व के पुरातत्व मानचित्र पर एक नई पहचान दिला सकते हैं। इनका संरक्षण न केवल हमारे अतीत को बचाएगा, बल्कि भविष्य के इतिहासकारों के लिए भी अनमोल खजाना साबित होगा।

खाकी का ‘रील’ मोह पड़ेगा भारी: वर्दी में वीडियो बनाने वाले 40 पुलिसकर्मियों पर मुख्यालय की टेढ़ी नजर, पटना में सबसे ज्यादा मामले

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Patna News: बिहार पुलिस में अनुशासन को ताक पर रखकर सोशल मीडिया के लिए रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वर्दी की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों को पत्र लिखकर ऐसे पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है।

​अनुशासन का डंडा

  • ​मुख्यालय का सख्त आदेश: ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर रील बनाना अब पूरी तरह प्रतिबंधित।
  • ​40 कर्मी रडार पर: सोशल मीडिया सेंटर ने रील बनाने वाले 40 कर्मियों की पहचान कर सूची जिलों को भेज दी है।
  • ​पटना जिला अव्वल: रील बनाने वालों में सबसे अधिक 10 पुलिसकर्मी राजधानी पटना के हैं।
  • ​महिला सिपाहियों की संख्या अधिक: चिन्हित कर्मियों में कांस्टेबल से लेकर दरोगा तक शामिल हैं, जिनमें महिला सिपाहियों की तादाद ज्यादा है।

​SOP का उल्लंघन पड़ेगा महंगा

​पुलिस मुख्यालय (सोशल मीडिया सेंटर) की ओर से जारी ‘मानक संचालन प्रक्रिया’ (SOP) के बावजूद राज्य के कई जिलों से लगातार वर्दी में वीडियो बनाने की शिकायतें मिल रही थीं। सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) की ओर से सभी SSP, SP और रेल पुलिस को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्दी पहनकर रील बनाना सीधे तौर पर सेवा नियमावली और SOP का उल्लंघन है।

​लिस्ट तैयार, कार्रवाई शुरू

​पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर ने गहन निगरानी (Monitoring) के बाद उन चेहरों को बेनकाब किया है जो ड्यूटी छोड़कर डिजिटल दुनिया में रील चमकाने में व्यस्त थे।

    1. ​चिन्हित कर्मी: कुल 40 पुलिसकर्मियों की विस्तृत सूची जिलों को सौंपी गई है।
    2. ​पद: इसमें सिपाही से लेकर सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
    3. ​निर्देश: सभी जिला कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे इन कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

​“पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य जनसेवा और कानून का पालन कराना है। वर्दी पहनकर रील बनाना न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि यह विभाग की छवि को भी धूमिल करता है।”

 

​सोशल मीडिया पर पैनी नजर

​मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया सेंटर की टीम चौबीसों घंटे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नजर रख रही है। अब केवल रील बनाना ही नहीं, बल्कि ड्यूटी के समय अनावश्यक सोशल मीडिया का उपयोग भी जांच के दायरे में आएगा। सभी रैंक के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों को SOP के प्रति जागरूक करें और खुद भी इसका कड़ाई से पालन करें।

​मुख्यालय की इस सख्ती के बाद यह साफ है कि अब बिहार पुलिस के जवानों को ‘लाइक’ और ‘फॉलोअर्स’ से ज्यादा अपनी ड्यूटी और अनुशासन पर ध्यान देना होगा।

सोलर लाइट की हर हरकत पर होगी जनता की नजर: समाहरणालयों में लगेंगी LED स्क्रीन, 76 लाख रुपये मंजूर

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Patna News: बिहार की ग्राम पंचायतों में लगी सोलर स्ट्रीट लाइटें जल रही हैं या नहीं, इसकी जानकारी अब किसी दफ्तर के चक्कर लगाए बिना सीधे जिला मुख्यालयों में मिल सकेगी। पंचायती राज विभाग ने मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए राज्य के सभी समाहरणालयों (Collectorates) में बड़ी LED टीवी लगाने का फैसला किया है।

तकनीक से पारदर्शिता तक

  • ​रियल टाइम अपडेट: एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सोलर लाइटों की क्रियाशीलता की लाइव जानकारी सार्वजनिक होगी।
  • ​बजट का आवंटन: राज्य योजना मद से कुल 76 लाख रुपये (2 लाख रुपये प्रति जिला) स्वीकृत किए गए हैं।
  • ​15 दिनों की डेडलाइन: निदेशक ने अगले दो हफ्तों के भीतर सभी जिलों में टीवी अधिष्ठापन का निर्देश दिया है।
  • ​CMS प्रणाली: ब्रेडा (BREDA) द्वारा विकसित सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ेगा डेटा।

​समाहरणालयों में दिखेगा ‘डिजिटल रिपोर्ट कार्ड’

​पंचायती राज विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य योजना की प्रभावी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अक्सर शिकायतें आती हैं कि लाइटें लगने के बाद खराब हो जाती हैं, लेकिन अब कोई भी आम नागरिक समाहरणालय के सार्वजनिक स्थल पर लगी टीवी के माध्यम से यह देख सकेगा कि किस पंचायत में कितनी लाइटें काम कर रही हैं।

​“योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग का परम ध्येय है। टीवी के माध्यम से लाइटों की अद्यतन स्थिति को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

 

​ब्रेडा और विभाग की संयुक्त तकनीक

​सोलर स्ट्रीट लाइटों के अनुश्रवण के लिए ब्रेडा के माध्यम से एक केंद्रीकृत अनुश्रवण प्रणाली (CMS) विकसित की गई है। यह प्रणाली सीधे सोलर प्लेट्स और बैटरी से जुड़े सेंसर के माध्यम से डेटा प्राप्त करती है और उसे क्लाउड सर्वर पर भेजती है। यही डेटा अब समाहरणालयों की स्क्रीन पर लाइव प्रदर्शित किया जाएगा।

​आमजन को मिलेगा सीधा लाभ

​विभाग का मानना है कि इस कदम से न केवल अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि लाइट लगाने वाली एजेंसियों पर भी समय पर मरम्मत करने का दबाव होगा। 15 दिनों के भीतर अधिष्ठापन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं, जिससे योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों तक पहुंचना सुनिश्चित हो सकेगा।

​ मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना को डिजिटल और पारदर्शी बनाकर सरकार ने सुशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की कोशिश की है।

मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अब नहीं लगाने होंगे चक्कर, अंत्येष्टि के 24 घंटे के भीतर परिजनों को मिलेगा सर्टिफिकेट

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Patna News: बिहार में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और आम जनता को राहत देने की दिशा में पंचायती राज विभाग ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य की ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि के मात्र 24 घंटे के भीतर मृतक के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) निर्गत कर दिया जाएगा।

समीक्षा बैठक में कड़े निर्देश

  • ​24 घंटे की समय सीमा: मोक्षधाम या कब्रिस्तान में अंत्येष्टि के बाद प्रमाण पत्र देना अनिवार्य।
  • ​आधार सेवा केंद्र: स्वीकृत 2000 पंचायतों में जल्द शुरू होंगे आधार सेंटर।
  • ​सोलर लाइट का लक्ष्य: इस महीने के अंत तक 100% सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का टास्क।
  • ​लापरवाह एजेंसियों पर जुर्माना: काम में ढिलाई बरतने वाली कंपनियों पर लगेगा आर्थिक दंड।

​निदेशक नवीन कुमार सिंह ने दी सख्त हिदायत

​पंचायती राज विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के सभी उप-विकास आयुक्तों (DDC) और जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को यह निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।

​“ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि के बाद परिजनों को भटकना न पड़े, इसके लिए विभाग ने 24 घंटे के भीतर प्रमाण पत्र निर्गत करने का लक्ष्य तय किया है। बेहतर काम करने वाले जिलों की सराहना की गई है, जबकि पिछड़ रहे जिलों को सुधार की चेतावनी दी गई है।”

 

​पंचायतों में बढ़ेंगी डिजिटल सुविधाएं

​बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य की चिन्हित 2000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्रों के संचालन की प्रक्रिया जल्द पूर्ण की जाए। इससे ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने या सुधार करवाने के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कर उन्हें क्रियाशील बनाने का निर्देश भी दिया गया है।

​सोलर स्ट्रीट लाइट और मेंटेनेंस पर जोर

​मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की समीक्षा करते हुए निदेशक ने बताया कि अब तक राज्य में 10,77,158 सोलर लाइटें लगाई जा चुकी हैं।

  • ​डेडलाइन: इसी महीने के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना है।
  • ​रखरखाव: जो लाइटें खराब हैं, उन्हें तुरंत ठीक करने और एजेंसियों की जवाबदेही तय करने को कहा गया है। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

​बैठक में ये रहे मौजूद

​इस महत्वपूर्ण बैठक में विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी ललित राही सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जिला परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी भी शामिल हुए।

​पंचायती राज विभाग का यह कदम न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा, बल्कि आपदा के समय शोक संतप्त परिवारों को सरकारी दफ्तरों की दौड़ भाग से भी मुक्ति दिलाएगा।

वर्दी का टशन अब पड़ेगा भारी: रील बनाने वाले 40 पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज, मुख्यालय सख्त

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Patna News: बिहार पुलिस में वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने और उसे चमकाने का शौक अब महंगा पड़ने वाला है। पुलिस मुख्यालय ने अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है जो ड्यूटी के दौरान या वर्दी में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।

​प्रमुख बिंदु: कार्रवाई के घेरे में खाकी

  • ​40 पुलिसकर्मी चिन्हित: पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर ने मॉनिटरिंग के बाद लगभग 40 कर्मियों की सूची तैयार की है।
  • ​पटना सबसे आगे: कार्रवाई की इस जद में सबसे ज्यादा पटना जिले के करीब 10 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
  • ​महिला सिपाही और दरोगा भी शामिल: चिन्हित किए गए लोगों में सिपाही से लेकर दरोगा स्तर के पदाधिकारी हैं, जिनमें महिला सिपाहियों की संख्या सबसे अधिक है।
  • ​SOP का उल्लंघन: वर्दी में रील बनाना ‘मानक संचालन प्रक्रिया’ (SOP) का सीधा उल्लंघन माना गया है।

​मुख्यालय ने जारी किया कड़ा फरमान

​पुलिस मुख्यालय के सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) की ओर से राज्य के सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), पुलिस अधीक्षक (SP) और रेल इकाई को एक पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर पहले से जारी एसओपी (SOP) का हर हाल में पालन सुनिश्चित कराया जाए।

​“किसी भी पुलिसकर्मी को वर्दी पहनकर या ड्यूटी के दौरान रील बनाने की अनुमति नहीं है। यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है और ऐसे कर्मियों पर नियमानुकूल सख्त कार्रवाई की जाए।”

 

​सोशल मीडिया सेंटर की पैनी नजर

​पुलिस मुख्यालय का सोशल मीडिया सेंटर लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की मॉनिटरिंग कर रहा है। जांच में पाया गया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद कई पुलिसकर्मी फिल्मी गानों और डायलॉग्स पर रील बनाकर अपनी वर्दी की गरिमा को ताक पर रख रहे हैं। मुख्यालय ने अब उन 40 कर्मियों की सूची भी संबंधित जिलों को भेज दी है, ताकि उन पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।

​क्या है नया निर्देश?

​सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर से यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में कोई भी जवान या अधिकारी वर्दी की मर्यादा न लांघे। मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि पुलिस का काम जनता की सेवा और कानून व्यवस्था बनाए रखना है, न कि सोशल मीडिया पर ‘इन्फ्लुएंसर’ बनना।

​इस कार्रवाई से बिहार पुलिस के महकमे में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह है कि मुख्यालय की इस सख्ती के बाद खाकी का ‘डिजिटल मोह’ कितना कम होता है।

जगदीशपुर के स्कूल में पृथ्वी दिवस पर जागरूकता की अनोखी पहल, छात्रों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय, सैनो में 22 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय के छात्रों, NCC कैडेट्स और शिक्षकों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरी से हुई, जिसमें छात्रों ने पूरे क्षेत्र में घूमकर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। इस दौरान “पर्यावरण बचाओ” और “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।
विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्रों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही चित्रकला एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम भी चलाया गया, जिसमें कई पौधे लगाए गए और उनकी देखभाल का संकल्प लिया गया। शिक्षकों ने छात्रों को बताया कि पर्यावरण की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण और NCC से जुड़े पदाधिकारियों की अहम भूमिका रही। अंत में सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने की शपथ ली।
इस आयोजन ने न सिर्फ छात्रों में जागरूकता बढ़ाई, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देने का काम किया।

नवगछिया हादसा: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया गहरा दुख, मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का किया एलान

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Patna News: भागलपुर के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत कदवा थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने खैरपुर कदवा गांव में शौचालय की टंकी की शटरिंग खोलने के दौरान दम घुटने से हुई तीन मजदूरों की मृत्यु को अत्यंत दुखद बताया है।

​मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता की घोषणा

​हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आर्थिक सहायता का निर्देश दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 02-02 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान (Ex-gratia) देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि सहायता राशि जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जाए।

​“घटना से मर्माहत हूँ” – मुख्यमंत्री

​मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा, “यह घटना काफी दुखद है और मैं इससे मर्माहत हूँ।” उन्होंने दिवंगत आत्माओं की चिर शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करें।

​हादसे की पृष्ठभूमि

​गौरतलब है कि बुधवार को खैरपुर कदवा गांव में एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक की शटरिंग निकालने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से श्रीलाल मंडल, जयनंदन मंडल और बमबम मंडल की जान चली गई थी। स्थानीय स्तर पर एसडीपीओ और अन्य अधिकारियों ने पहले ही मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था, जिसके बाद अब राज्य सरकार की ओर से इस बड़ी सहायता की घोषणा की गई है।