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तेतरी वाली मैया के दरबार में रचा गया अनोखा इतिहास: तीसरे सामूहिक विवाह महोत्सव में 25 जोड़े बने जीवनसाथी

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Bhagalpur News: नवगछिया के तेतरी वाली मैया के पावन दरबार में इस बार फिर समाजिक सौहार्द और मानवीय संवेदना की एक अद्वितीय मिसाल देखने को मिली। तीसरे निशुल्क सामूहिक विवाह महोत्सव में 25 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, जिसमें निर्धन, निसहाय, विकलांग और वंचित वर्गों के युवक-युवतियों को गरिमा के साथ विवाह संस्कार में सम्मिलित किया गया।

विवाह नहीं, समाज सेवा का उत्सव

यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समर्पण और मानवता का महापर्व बन गया। समिति द्वारा नवविवाहित जोड़ों के लिए वस्त्र, श्रृंगार, भोजन और विदाई तक की संपूर्ण व्यवस्था की गई थी। विवाह की हर रस्म, पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई।

उपहारों में आत्मनिर्भरता का संदेश

कार्यक्रम में समाजसेवी प्रेम सागर उर्फ डब्लू यादव ने नवविवाहितों को सिलाई मशीन भेंट की, ताकि वे आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम बढ़ा सकें। वहीं रंगरा प्रखंड प्रमुख ने सभी नवविवाहितों को कूलर प्रदान किया। अन्य समाजसेवियों ने भी कुकर सहित आवश्यक घरेलू वस्तुएं भेंट कीं, ताकि नवदंपति की गृहस्थी सहजता से प्रारंभ हो।

प्रेरक कहानियों से भरी सूची

विवाह के बंधन में बंधने वाले जोड़ों में कई ऐसी कहानियां हैं जो समाज को प्रेरणा देती हैं। काजल, कृष्णा, मुस्कान, सोनू, प्रीति, अमरेश, अनीशा, विभाष, गुंजन, गुड्डू—ये केवल नाम नहीं, बल्कि उन सपनों की झलक हैं, जो अब एक नई दिशा की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

भागलपुर में ठेला चालक की बेटी ने की आत्महत्या, परिवार में मचा कोहराम

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के तातारपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 17 वर्षीय किशोरी काजल कुमारी ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली। काजल गरीब ठेला चालक गज्जू रजक की बेटी थी और अत्यंत साधारण परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थी।

घटना की सूचना मिलते ही तातारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है, हालांकि आत्महत्या के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है।

गरीबी और लाचारी में टूटा परिवार

काजल के परिवार में एक छोटा भाई और एक बहन भी हैं। बेहद गरीब परिवार में यह घटना आर्थिक और मानसिक तौर पर गहरा आघात लेकर आई है। काजल की मौत के बाद परिजन बदहवास हैं और मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, काजल पढ़ाई में अच्छी थी लेकिन आर्थिक तंगी परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती थी।

पुलिस कर रही है जांच

तातारपुर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

समाज में उठ रहे सवाल

इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आर्थिक तंगी और सामाजिक दबाव किस हद तक नवयुवाओं की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रहे हैं। काजल की आत्महत्या ने गरीब तबके के बच्चों की उपेक्षित हालत और संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।

नयागांव पंचायत में जल नल योजना पर रोका गया कार्य, महादलित टोला के लोगों में उबाल

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Bhagalpur News: सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत नयागांव पंचायत के वार्ड संख्या-4 में जल नल योजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। समाजसेवी शुभतोष कुमार और ग्रामीणों ने पंचायत के जनप्रतिनिधि पर राजनीतिक कारणों से जल आपूर्ति कार्य को रोकने का आरोप लगाया है। इसके खिलाफ वीडियो और पीएचईडी विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर योजना का लाभ दिलाने की मांग की गई है।

समाजसेवी शुभतोष कुमार ने कहा कि महादलित बहुल इस टोले में उनके विशेष अनुरोध पर PHED विभाग द्वारा जल नल योजना के अंतर्गत जलापूर्ति कार्य शुरू किया गया था। लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधि की राजनीतिक साजिश के कारण इस कार्य को रोका जा रहा है, जिससे कई महादलित परिवार पीने के स्वच्छ पानी से वंचित हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने जताया आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीण योगेंद्र रविदास, बबलू रविदास, नीरज रविदास, देवेंद्र रविदास, महेंद्र रविदास सहित अन्य ने बताया कि उनके टोले को जानबूझकर योजना से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बलपूर्वक योजना का कार्य रुकवाया गया है, जो सामाजिक अन्याय है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस योजना का लाभ नहीं मिला, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

समाजसेवी ने अधिकारियों से की हस्तक्षेप की मांग

शुभतोष कुमार ने कहा कि उन्होंने इस मामले में सुल्तानगंज बीडीओ, पीएचईडी विभाग के जेई और एसडीओ से मुलाकात कर महादलित टोला में नल जल योजना के कार्य को पुनः शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल योजना का लाभ देने की बात नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सम्मान का भी सवाल है।

सरकार की मंशा को पलीता लगाने का आरोप

शुभतोष कुमार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा संचालित “हर घर नल का जल” जैसी महत्वपूर्ण योजना को राजनीतिक द्वेष के कारण रोकना सरकारी मंशा और नीति के खिलाफ है। उन्होंने आग्रह किया कि तत्काल हस्तक्षेप कर योजना को बहाल किया जाए ताकि सभी वर्गों को समुचित रूप से लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने LNMI में कई परियोजनाओं का किया शिलान्यास, 20 सहायक प्राध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

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Patna News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना स्थित ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान (LNMI) परिसर में लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विभिन्न भवनों की आधारशिला रखी। उन्होंने एनेक्सी भवन (2.87 करोड़), वार्डन ब्लॉक (4.90 करोड़) और स्टार्टअप ब्लॉक (5.33 करोड़) का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर वहां की शैक्षणिक, भौतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा संस्थान परिसर में स्थापित पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।

20 सहायक प्राध्यापकों को मिला नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने LNMI में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में 20 नव-नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने रीतू नारायण, प्रीति सिंह,  अशोक कुमार, संतोष कुमार झा एवं  संजय कुमार को सांकेतिक रूप से नियुक्तिपत्र प्रदान किया।

शिक्षा व विकास की दिशा में LNMI का योगदान

मुख्यमंत्री को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं संस्थान के निदेशक डॉ. एस. सिद्धार्थ ने हरित पौधा भेंटकर स्वागत किया, वहीं शिक्षा मंत्री सह कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुनील कुमार ने पुष्पगुच्छ भेंट किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह और एसएसपी अवकाश कुमार समेत बड़ी संख्या में प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं नव-नियुक्त शिक्षक मौजूद रहे।

LNMI – बिहार का अग्रणी प्रबंधन संस्थान

1973 में स्थापित LNMI वर्तमान में पूर्वी भारत के अग्रणी प्रबंधन संस्थानों में शामिल है। वर्ष 2025 के Times B-School Survey में संस्थान ने शीर्ष 15 संस्थानों में स्थान प्राप्त किया है। यहां AICTE मान्यता प्राप्त स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्स संचालित किए जाते हैं।

LNMI का Start-up Cell भावी उद्यमियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। संस्थान का 90% से अधिक प्लेसमेंट रिकॉर्ड, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कम फीस ढांचा छात्रों को आकर्षित कर रहा है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को भी लाभ मिल रहा है।

LNMI, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्ध है और राज्य सरकार द्वारा यहां निरंतर आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है।

बट सावित्री व्रत: सुहागिनों ने की पति की लंबी उम्र की कामना, भागलपुर में आस्था का जनसैलाब

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में आज बट सावित्री व्रत के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सुहागिन महिलाओं ने परंपरागत परिधान में सज-धजकर बटवृक्ष (बरगद के पेड़) के नीचे पूजा-अर्चना की और अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की।

सोलह श्रृंगार में लिपटीं महिलाएं, डलिया में फल और पकवान

पूरे जिले में आज एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल बना रहा। महिलाएं लाल रंग की साड़ियों, सोलह श्रृंगार और हाथों में पूजा की डलिया, बांस का पंखा, फल, मिठाई और पकवान लेकर सुबह से ही बटवृक्ष के पास पहुंच गईं। उन्होंने बरगद के पेड़ की परिक्रमा कर व्रत की विधिपूर्वक पूजन की।

व्रती महिलाओं की आस्था और श्रद्धा ने रचा भक्ति का दृश्य

महिलाओं ने बताया कि वे हर साल यह व्रत करती हैं। “जैसे सावित्री ने अपने तप और भक्ति से यमराज से अपने पति सत्यवान का जीवन वापस लिया, उसी तरह हम भी अपने पतियों की रक्षा और दीर्घायु की प्रार्थना करती हैं।”

यह पर्व भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति के प्रेम, समर्पण और त्याग का प्रतीक माना जाता है। यह सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संस्कार और भावनाओं की परंपरा है जो पीढ़ियों से निभाई जा रही है।

शहर से लेकर गांव तक दिखा उत्सव का उल्लास

भागलपुर के कृष्णानंद स्टेडियम, मिरजान हाट, बरारी, सुल्तानगंज और नवगछिया समेत कई क्षेत्रों में व्रती महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। मंदिरों और वटवृक्षों के पास मेले जैसा माहौल रहा। कई जगह कथावाचकों द्वारा सावित्री-सत्यवान की कथा सुनाई गई।

अजगैविनाथ धाम में वट सावित्री पूजा की धूम, वट वृक्ष के पास उमड़ी सुहागिनों की भारी भीड़

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित पवित्र अजगैविनाथ धाम में सोमवार को वट सावित्री पूजा के पावन अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों की संख्या में सुहागिनें कृष्णानंद स्टेडियम सहित अन्य स्थानों पर स्थित वट वृक्षों के नीचे पूजा-अर्चना करती नज़र आईं।

पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं यह व्रत

वट सावित्री व्रत हिन्दू धर्म में विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष (बरगद के पेड़) के नीचे बैठकर विधिपूर्वक पूजा करती हैं और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती हैं।

सुहागिनों ने व्रत रखकर वट वृक्ष के चारों ओर सूत का धागा लपेटा, फल-फूल, मिठाई और पूजन सामग्री अर्पित कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना की। पूरे इलाके में भक्ति-भाव, लोकगीतों और पूजा की गूंज सुनाई दी।

देशभर में धूमधाम से मनाया गया वट सावित्री व्रत

सिर्फ भागलपुर ही नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी यह पर्व आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक, हर जगह महिलाएं व्रत रखकर वट वृक्ष के नीचे पूजा करती दिखीं।

दिनदहाड़े सर्राफा व्यवसायी पर चाकू से जानलेवा हमला, मायागंज अस्पताल में भर्ती

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Crime News: बिहार के बांका जिले के पंजवारा थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दिनदहाड़े एक सर्राफा व्यवसायी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना में गंभीर रूप से घायल व्यवसायी को भागलपुर स्थित मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घायल की पहचान और घटना का विवरण

घायल व्यवसायी की पहचान सबलपुर गांव निवासी 45 वर्षीय बाबूलाल शाह के रूप में की गई है। वे रोजाना की तरह अपनी ज्वेलरी की दुकान के लिए घर से निकले थे, लेकिन बीच रास्ते में घात लगाए अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाबूलाल पर धारदार हथियार से कमर, कंधे और चेहरे पर हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उनकी पत्नी जुली देवी ने बताया कि बदमाशों ने उन्हें चार अलग-अलग जगहों पर चाकू मारा, जिससे शरीर से काफी खून बह गया।

पहले से रची गई थी साजिश?

परिजनों और पड़ोसियों को आशंका है कि हमलावरों को बाबूलाल के पास नगद पैसे होने की जानकारी पहले से थी, इसलिए उन्होंने पहले से घात लगाकर हमला किया। परिजनों ने बताया कि बाबूलाल 30 वर्षों से रोज दुकान पर जाते थे, लेकिन ऐसी घटना पहले कभी नहीं घटी।

इलाज और पुलिस कार्रवाई

घायल को पहले स्थानीय रेफरल अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर गंभीर स्थिति को देखते हुए भागलपुर मायागंज अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, बाबूलाल को काफी खून बह गया है और इलाज जारी है।

वहीं, पंजवारा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों की शिनाख्त कर गिरफ्तारी की जाएगी।

परिवार में डर का माहौल

घटना के बाद बाबूलाल शाह का पूरा परिवार सदमे और दहशत में है। पत्नी जुली देवी ने बताया,

“हर रोज की तरह दुकान गए थे, कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो जाएगा। किसी ने जान से मारने की नीयत से हमला किया है।“

घटना ने स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में असुरक्षा की भावना को जन्म दिया है। व्यापारी वर्ग ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

बकरी को डॉग बाइट्स का इंजेक्शन दिलाने मानव अस्पताल पहुंची वृद्ध महिला, डॉक्टर भी रह गए हैरान

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Bihar News:  भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नारायणपुर में उस वक्त सभी स्वास्थ्यकर्मी चौंक गए जब एक वृद्ध महिला अपनी बकरी को गोद में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंच गई।

यह घटना जितनी मासूमियत से भरी, उतनी ही समाज के ग्रामीण जीवन की संवेदनशीलता को दर्शाने वाली है।

बकरी को काटा था कुत्ते ने, पहुंच गई मानव अस्पताल

मामला नारायणपुर गांव की निवासी मदीना खातून, पत्नी स्वर्गीय अलाउद्दीन का है। मदीना खातून की बकरी को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। वे तुरंत बकरी को लेकर पास के मानव अस्पताल (CHC नारायणपुर) पहुंच गईं ताकि उसे डॉग बाइट का इंजेक्शन दिलाया जा सके।

जैसे ही वह अस्पताल पहुंचीं और बकरी का इलाज करने का आग्रह किया, वहां मौजूद डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी हैरान रह गए। उन्होंने महिला को समझाया कि पशुओं का इलाज वेटनरी (पशु) अस्पताल में होता है, न कि मानव अस्पताल में।

मासूमियत ने जीता दिल

स्वास्थ्यकर्मियों की बात सुनकर मदीना खातून थोड़ी मायूस हुईं लेकिन फिर मासूमियत से पशु अस्पताल का पता पूछने लगीं। इस पूरे घटनाक्रम ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। यह एक ऐसा उदाहरण है जो ग्रामीण लोगों की पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और अपनापन को दर्शाता है।

पशु अस्पताल में नहीं उपलब्ध दवा

इस बीच, पशु चिकित्सक डॉ. रुस्तम कुमार रोशन ने जानकारी दी कि फिलहाल उनके अस्पताल में एंटी डॉग रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, और इस बाबत राज्य मुख्यालय को सूचना भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

भागलपुर: संदिग्ध हालात में युवक की मौत, गोली मारने की आशंका से फैली सनसनी

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Bhagalpur News: भागलपुर के लोदीपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान वास्तु विहार निवासी राजा बादल उर्फ निक्की कुमार के रूप में की गई है। शुरुआती जांच में निक्की की दाईं कनपटी पर दो छेद पाए गए हैं, जिससे परिजन गोली मारकर हत्या की आशंका जता रहे हैं।

घटना स्थल और संदिग्ध परिस्थितियाँ

घटना लोदीपुर बाइपास पर उस समय सामने आई जब एनएचएआई (NHAI) के निर्माण कार्य में लगे कर्मियों ने निक्की को सड़क पर गिरा हुआ देखा। उसकी हालत देखकर उन्होंने तुरंत लोदीपुर थाना को सूचना दी। कुछ ही देर में डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल निक्की को मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शरीर पर मिले घसीटने के निशान

निक्की के कपड़ों पर घसीटने के स्पष्ट निशान पाए गए हैं, जिससे आशंका और गहरी हो गई है कि उसे गोली मारने के बाद घसीटकर सड़क पर फेंका गया हो सकता है। पुलिस अब तक इसे संदिग्ध मौत मानकर हत्या और दुर्घटना दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।

परिवार और पड़ोसियों की प्रतिक्रिया

निक्की के पड़ोसी और इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षक डॉ. आर. के. झा ने बताया कि निक्की के पिता शिवेश झा, सुल्तानगंज स्थित मुरारका कॉलेज में लाइब्रेरियन थे और उनका निधन पिछले वर्ष हुआ था। घटना की रात डॉ. झा को निक्की की मां के रोने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वे उनके घर पहुंचे।

निक्की की मां ने उन्हें बताया कि वह स्कूटी से बाहर गया था और एक्सीडेंट हो गया है। इसके बाद डॉ. झा मायागंज अस्पताल पहुंचे, जहां बाद में निक्की के चचेरे बहनोई नितेश कुमार और कुछ दोस्त भी पहुंचे।

दोस्तों के बयान और निक्की का स्वभाव

निक्की के दोस्तों ने बताया कि वह एक रेस्टोरेंट में उनके साथ गया था और वहां से निकलने के बाद उसने कहा था कि वह सीधा घर जा रहा है। दोस्तों के अनुसार, निक्की मिलनसार स्वभाव का था और उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था और इन दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।

पुलिस जांच में जुटी, हत्या की आशंका प्रबल

लोदीपुर थाना पुलिस ने मायागंज अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक की जांच में पुलिस इसे संदिग्ध मान रही है, लेकिन शरीर पर मिले घावों और परिस्थितियों को देखते हुए हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

भागलपुर: ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में छूट गया सर्जिकल ब्लेड, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

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Bhagalpur News: भागलपुर के तिलकामांझी इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला के ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही के चलते उसके पेट में सर्जिकल ब्लेड छूट गया। इस लापरवाही का आरोप भागलपुर की प्रसिद्ध गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. अनुपमा सिन्हा पर लगा है।

ऑपरेशन के बाद मरीज को सौंपा गया जूनियर के हवाले

पीड़ित महिला का ऑपरेशन सफल होने के बाद डॉ. अनुपमा सिन्हा ने मरीज को अपनी देखरेख में न रखकर एक जूनियर डॉक्टर को सौंप दिया, और स्वयं अपने चेंबर लौट गईं। ऑपरेशन के तुरंत बाद कोई असामान्यता सामने नहीं आई, लेकिन करीब 10 दिन बाद महिला को तेज़ पेट दर्द की शिकायत हुई।

जांच में हुआ खुलासा: पेट के अंदर रह गया ब्लेड

परिजनों ने जब महिला को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया और एक्स-रे व अन्य चिकित्सकीय जांच कराई, तो सामने आया कि महिला के पेट के अंदर सर्जिकल ब्लेड छूट गया है। यह खबर सामने आने के बाद परिजन हैरान और आक्रोशित हैं।

परिजन दर्ज कराएंगे FIR, उठी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग

पीड़िता के परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि अब वे इस मामले में FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। साथ ही, उन्होंने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा परिषद से डॉ. अनुपमा सिन्हा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

मेडिकल एथिक्स पर सवाल

यह घटना न केवल चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि मरीज की जान के साथ हुए अनदेखी और जोखिमपूर्ण व्यवहार को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्जरी जैसी गंभीर प्रक्रिया के बाद मरीज की स्थिति पर सीधे सीनियर डॉक्टर की निगरानी रहनी चाहिए थी।

अब तक अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं

घटना के सामने आने के बाद अब तक अस्पताल या डॉ. अनुपमा सिन्हा की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। परिजन इस मामले को लेकर अब कानूनी कार्रवाई के लिए कदम बढ़ा चुके हैं।