Home Blog Page 271

बोल बम की गूंज में दब गया भाषा विवाद, महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं ने कहा – ‘यह सिर्फ राजनीतिक स्टंट है’

0

सुल्तानगंज/भागलपुर: श्रावण मास की आस्था और भक्ति से सराबोर बाबा धाम यात्रा इस बार सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक बन गई है। सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ घाट से प्रतिदिन लाखों कांवड़िए गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं। इस विशाल जनसैलाब में भाषा और प्रांत के सारे भेद भूलकर श्रद्धालु ‘बोल बम’ के नारों में एक स्वर में गूंज रहे हैं।

हाल ही में महाराष्ट्र में हिंदी भाषी लोगों को लेकर कथित विवाद और दुर्व्यवहार की खबरों के बीच यहां मौजूद महाराष्ट्र से आए कांवड़ियों ने इन घटनाओं को ‘राजनीतिक स्टंट’ करार दिया है। उनका साफ कहना है कि “महाराष्ट्र में ज़मीनी स्तर पर कोई भाषा विवाद नहीं है, यह सब आगामी महानगरपालिका चुनावों को ध्यान में रखकर फैलाया जा रहा है।”

‘हम सब साथ हैं, यही है असली भारत’

महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि “हम मराठी हैं और हमारे साथ बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के कांवड़िए मिलकर बाबा की जय-जयकार कर रहे हैं। यहां किसी को यह फर्क नहीं पड़ता कि कौन किस भाषा में बात कर रहा है।”
एक श्रद्धालु ने कहा, “यहां श्रद्धा बोलती है, राजनीति नहीं। बाबा की भक्ति ने सबको एक डोर में बांध रखा है।”

‘हिंदी राष्ट्रभाषा है, सभी भाषाएं हमारी धरोहर’

महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े और मूल रूप से बिहार के रहने वाले डॉ. मृणाल शेखर ने कहा, “भाषा विवाद केवल एक राजनीतिक हथकंडा है। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, जो पूरे देश को जोड़ती है। मराठी हो या भोजपुरी – सभी भाषाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं, और इनका सम्मान किया जाना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि “जब देश श्रद्धा और एकता के मार्ग पर बढ़ रहा है, तब भाषा को लेकर विवाद खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारों और नेताओं को जोड़ने की राजनीति करनी चाहिए, तोड़ने की नहीं।”

बाबा की राह में कोई भेदभाव नहीं

गंगा घाट से लेकर बाबा धाम तक, यात्रा मार्ग पर देखा गया कि मराठी और बिहारी कांवड़िए एक-दूसरे का हाथ थामे हुए ‘बोल बम’ के नारे लगाते आगे बढ़ रहे हैं। कहीं से कोई भाषा, जाति या क्षेत्र का भेदभाव देखने को नहीं मिला। यह दृश्य उस भारत की तस्वीर पेश करता है जहां धर्म और आस्था के मार्ग पर भाषा की दीवारें खुद-ब-खुद टूट जाती हैं।

अब वीरांगनाएं बनाएंगी सेना स्कूलों की पोशाकें, पटना में शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण शिविर

0

पटना: शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों के आश्रितों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। अब सेना के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की स्कूली पोशाकें इन वीर महिलाओं के हाथों से तैयार की जाएंगी। यह पहल सैनिक कल्याण निदेशालय, भारतीय स्टेट बैंक और सामाजिक संस्था नव अस्तित्व फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई है।

राजधानी पटना के अल्बर्ट एक्का भवन में इन महिलाओं के लिए दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर का उद्घाटन बिहार रेजीमेंटल सेंटर के ब्रिगेडियर केडी जसपाल ने किया। प्रशिक्षण के बाद इन वीरांगनाओं को स्वचालित सिलाई मशीन और टूल किट भारतीय स्टेट बैंक द्वारा मुफ्त प्रदान की जाएगी।

वीरांगनाओं को मिलेगा स्थायी रोजगार का अवसर

उद्घाटन के अवसर पर ब्रिगेडियर जसपाल ने कहा, “यह सिर्फ एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम है।” उन्होंने बताया कि सेना के सैकड़ों स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की यूनिफॉर्म तैयार करने का ऑर्डर इन्हीं वीरांगनाओं को मिलेगा। इससे न केवल उन्हें सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिलेगा, बल्कि समाज में उनकी भूमिका भी सशक्त होगी।

बड़ी संस्थाएं साथ आईं

इस पुनीत कार्य में भारतीय स्टेट बैंक की बिहार-झारखंड इकाई के चीफ जनरल मैनेजर बीके बंगारराजू की प्रमुख भूमिका रही। उन्होंने कहा कि बैंक इस योजना के तहत इन महिलाओं को सिलाई कौशल में प्रशिक्षित कर स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशिक्षण का तकनीकी पक्ष नव अस्तित्व फाउंडेशन द्वारा संभाला जा रहा है।

राज्य के अन्य जिलों में भी होगा विस्तार

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर मृगेंद्र कुमार, सहायक निदेशक कर्नल संतोष कुमार त्रिपाठी, और जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल मनोज कुमार समेत कई पूर्व सैनिक और अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि यह शिविर एक मॉडल के रूप में राज्य के अन्य जिलों में भी शुरू किया जाएगा।

।

साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलेगा राज्यव्यापी अभियान, हर्षित गैंग पर शिकंजा

0

पटना: बिहार में साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़े अभियान की शुरुआत हो गई है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने कुख्यात साइबर ठग हर्षित की गिरफ्तारी के बाद उसके पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि हर्षित ने झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से फर्जी पहचान पत्रों के जरिये एक हजार से अधिक सिम कार्ड खरीदे थे, जिन्हें साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया।

ईओयू की इस कार्रवाई में अब केंद्रीय एजेंसियां भी जुड़ गई हैं। सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा और आईबी की विशेष टीम के अधिकारी पटना पहुंच चुके हैं और ईओयू अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर जांच को और तेज कर दिया गया है।

फर्जी सिम कार्ड से लेकर डार्क वेब तक फैला जाल

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हर्षित और उसके गिरोह ने डार्क वेब के जरिए ठगी के करोड़ों रुपये की डीलिंग की, जिसमें अधिकांश राशि क्रिप्टो करेंसी के रूप में लेनदेन हुई। ईओयू ने हर्षित के एक बैंक खाते को सील कर दिया है, जिसमें ₹2.5 करोड़ से अधिक की राशि पाई गई है। अब तक 35 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है।

राज्यभर में होगी सघन छापेमारी

ईओयू के सूत्रों के अनुसार, बिहार के विभिन्न जिलों में रैंडम सर्च और छापेमारी की जा रही है। साइबर अपराध से जुड़े अन्य सरगनाओं की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि ऐसे ही सिम बॉक्स और फर्जी दस्तावेजों के सहारे अन्य गैंग भी ठगी में सक्रिय हैं।

विदेशी कनेक्शन की भी जांच

चौंकाने वाली बात यह है कि हर्षित गैंग के तार विदेशों से भी जुड़े हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गहन जांच के लिए अब केंद्रीय एजेंसियों की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि बहुराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जा सके।

ईओयू का बड़ा बयान

ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान ने बताया कि, “यह महज एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे साइबर अपराध तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। राज्यभर में अभियान तेज़ किया गया है और जल्द ही कई और गिरफ्तारियां संभावित हैं।”

कांवर यात्रा सिर्फ आस्था नहीं, शरीर के लिए भी है संजीवनी: डीएम भागलपुर डॉ. नवल किशोर चौधरी

0

भागलपुर: श्रावणी मेले के दौरान सुल्तानगंज से देवघर तक की कांवर यात्रा, जिसे आम तौर पर धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रतीक माना जाता है, अब स्वास्थ्य और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी चर्चा में है। भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, जो पूर्व में एक मेडिकल प्रैक्टिशनर रह चुके हैं, ने कांवर यात्रा के मेडिकल फायदों पर विस्तार से प्रकाश डाला है।

कांवर यात्रा: धार्मिक आस्था से स्वास्थ्य लाभ तक

डॉ. चौधरी ने बताया कि कांवर यात्रा में शिवभक्त लगभग 105 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं। यह लंबी पदयात्रा न केवल धार्मिक भक्ति का माध्यम है, बल्कि शरीर के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।

“कांवर यात्रा से हृदय, फेफड़े, मांसपेशियां और मानसिक संतुलन बेहतर होता है। पैरों की निरंतर चाल से रक्तसंचार सुधरता है और ‘बोल बम’ का जाप ध्यान केंद्रित करने में सहायक होता है। इससे मानसिक स्वास्थ्य को भी बल मिलता है।”
– डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर

उन्होंने इसे “इको-मेडिको-रिलिजियस टूरिज्म” की अनूठी मिसाल बताते हुए कहा कि कांवर यात्रा के दौरान शरीर से अत्यधिक पसीना निकलने से डिटॉक्सीफिकेशन होता है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक है।

धार्मिक परंपरा से स्वस्थ जीवनशैली की ओर

डॉ. चौधरी ने कहा कि हर साल लाखों कांवरिये सुल्तानगंज के गंगाधाम से गंगाजल लेकर देवघर के बाबाधाम तक पदयात्रा करते हैं। यह परंपरा न केवल धार्मिक चेतना को जागृत करती है बल्कि लोगों को एक अनुशासित, सक्रिय और सकारात्मक जीवनशैली की ओर भी प्रेरित करती है।

सरकारी सहयोग से बढ़ेगा आयाम

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को इस तरह की यात्राओं को स्वास्थ्य मंत्रालय और पर्यटन विभाग के सहयोग से एक नई वैज्ञानिक दिशा देनी चाहिए, ताकि श्रद्धालु आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ भी उठा सकें।

“कांवर यात्रा को धार्मिक, पर्यावरणीय और स्वास्थ्य लाभों से जोड़कर आगे बढ़ाना जरूरी है। इससे भारत में धार्मिक पर्यटन को भी एक नई पहचान मिलेगी।”

बांका: बालू लदे ट्रक की टक्कर से छात्रा की मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का लगाया आरोप

0

बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। नवीं कक्षा की छात्रा श्रेया, जो रोज की तरह साइकिल से ट्यूशन पढ़ने जा रही थी, उसे बधाई पेट्रोल टंकी के पास एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद श्रेया सड़क पर गिर पड़ी और गंभीर रूप से घायल हो गई।

इलाज में लापरवाही का आरोप

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से श्रेया को रजौन प्राथमिक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिजनों के मुताबिक,

“अस्पताल में सुई देने के बाद श्रेया की तबीयत और बिगड़ गई। उसे तेज पेट दर्द होने लगा और जब तक उसे बेहतर इलाज के लिए ले जाया जाता, तब तक उसने चौहान स्कूल के पास तड़पते हुए दम तोड़ दिया।”

परिवार में मचा कोहराम

श्रेया अपने माता-पिता की तीन बेटियों में सबसे बड़ी थी। उसके पिता राजमिस्त्री का कार्य करते हैं और परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। बेटी की असामयिक और दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है।

पुलिस ने शव को लिया कब्जे में, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही रजौन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। वहीं, परिजनों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है और वे अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल

श्रेया की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक तेज रफ्तार और लापरवाह ट्रक ड्राइवरों की वजह से मासूम जानें जाती रहेंगी। साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही को लेकर भी जनता में गहरी नाराजगी है।

कचहरी चौक पर सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग की पत्रकारों ने बचाई जान, मानवता की पेश की मिसाल

0

भागलपुर: भागलपुर के कचहरी चौक पर बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा उस वक्त हो गया जब एक अनियंत्रित बाइक सवार ने सड़क किनारे भीख मांग रहे एक बुजुर्ग को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग सड़क पर गिर पड़े और बुरी तरह घायल हो गए। लेकिन अफसोस की बात यह रही कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद अधिकांश लोग तमाशबीन बने रहे।

पत्रकारों ने दिखाई संवेदनशीलता, पहुंचाया अस्पताल

इस दुखद घटना के दौरान वहां मौजूद पत्रकार विकास सिंह, संजय, सुमित, अमरजीत, श्याम सिंह, विजय सिंहा, आदित्य और आलोक ने मानवता का परिचय देते हुए घायल बुजुर्ग की तुरंत मदद की। उन्होंने न सिर्फ बुजुर्ग को सड़क से उठाया, बल्कि बिना देरी किए उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां बुजुर्ग का इलाज जारी है।

बुजुर्ग की हालत गंभीर

डॉक्टरों के अनुसार, घायल बुजुर्ग की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। पत्रकारों की तत्परता से उन्हें समय रहते चिकित्सा सुविधा मिल सकी।

स्थानीय लोगों ने की सराहना

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पत्रकारों की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। यह घटना न केवल शहर की ट्रैफिक अव्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पत्रकार सिर्फ खबरों तक सीमित नहीं हैं, वे ज़रूरत पड़ने पर समाज के सच्चे मददगार भी साबित होते हैं।

भागलपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट मोड में; संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई निगरानी टीमें

0

भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी टीमें तैनात कर दी गई हैं।

संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी

सुल्तानगंज, राघोपुर, इस्माईलपुर, बिंदटोली और बुद्धुचक जैसे इलाकों में बने स्परों (बांध/तटबंधों) पर इंजीनियरों की टीम 24 घंटे तैनात है। ये टीमें लगातार कटाव, पानी का दबाव और तकनीकी स्थिति पर नजर रख रही हैं। फ्लड फाइटिंग के सभी संसाधन स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।

आपात स्थिति के लिए राहत-बचाव दल तैयार

प्रशासन ने जानकारी दी है कि जैसे ही गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार करेगा, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर भेजी जाएंगी। साथ ही सरकारी नावों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा सके।

सेंट्रल वॉटर कमीशन की रिपोर्ट पर नजर

नेपाल की नदियों और गंगा की जलस्तर स्थिति को लेकर सेंट्रल वॉटर कमीशन की रिपोर्ट पर जिला प्रशासन लगातार निगरानी रखे हुए है। डीएम ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर ही अग्रिम कदम उठाए जा रहे हैं।

डीएम ने की आमजन से अपील

डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने आम लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत नजदीकी प्रशासनिक कार्यालय या कंट्रोल रूम को दें, ताकि त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके।

नाथनगर प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति को मिला अपना कार्यालय, भव्य उद्घाटन समारोह में जुटे जनप्रतिनिधि व अधिकारी

0

भागलपुर/ नाथनगर: लंबे इंतजार के बाद नाथनगर प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति को आखिरकार अपना नया कार्यालय मिल गया। प्रखंड परिसर में बने इस कार्यालय का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काट कर कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया।

इन प्रमुख हस्तियों ने किया उद्घाटन

उद्घाटन समारोह में समिति के अध्यक्ष ललन कुमार सिंह, उपाध्यक्ष मनीष कुमार यादव, सदस्य सचिव सह प्रखंड विकास पदाधिकारी शालिनी कुमारी, तथा पूर्व विधायक लक्ष्मीकांत मंडल सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। मौके पर पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी जेड हसन, जदयू जिलाध्यक्ष बिपिन बिहारी सिंह, भाजपा नेता गिरीश कुमार चौधरी, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुनीता गोस्वामी, जदयू नेता पप्पू मंडल, शिशुपाल भारती और मधुसूदनपुर थानेदार मो. सफदर अली समेत कई लोग उपस्थित रहे।

अतिथियों का हुआ सम्मान

समारोह में आए सभी अतिथियों को पुष्प माला पहनाकर एवं अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सदस्यों और पदाधिकारियों ने कार्यालय की उपयोगिता, योजनाओं की निगरानी और लोगों से सीधे संवाद की महत्ता पर प्रकाश डाला।

जनसंपर्क और विकास कार्यों में मिलेगी गति

समिति अध्यक्ष ललन कुमार सिंह ने कहा,

“अब आम लोग सीधे कार्यालय में आकर अपनी समस्याएं रख सकेंगे। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग बेहतर होगी और क्षेत्रीय विकास के लिए ठोस रोडमैप तैयार किया जा सकेगा।”

वहीं उपाध्यक्ष मनीष कुमार यादव ने खुशी जताते हुए कहा कि कार्यालय से जनता को सीधे सुविधा मिलेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि

“फिलहाल यह कार्यालय आकार में छोटा है, लेकिन जल्द ही इसे किसी बड़े स्थान पर स्थानांतरित करने की पहल की जाएगी।”

नियमित कार्य संचालन में सहूलियत

पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी जेड हसन ने कार्यालय मिलने को एक अहम उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे योजनाओं के नियमित निष्पादन में सहूलियत होगी और लोगों की समस्याएं भी समय पर हल होंगी।

सज्जादानशी परिवार को जान से मारने की धमकी, निर्माण कार्य में बाधा: शाह मार्केट में बढ़ा तनाव

0

वक्फ संपत्ति पर हो रहे निर्माण के दौरान जातिसूचक शब्दों और जानलेवा धमकियों से फैली दहशत, पीड़ित परिवार ने कोतवाली में दर्ज कराई प्राथमिकी

भागलपुर: शहर के व्यस्त शाह मार्केट इलाके में खानकाह-ए-पीर दमरिया शाह से जुड़ी वक्फ संपत्ति (वक्फ संख्या 159) पर निर्माण कार्य के दौरान सज्जादानशी सह मुतवल्ली सय्यद शाह फखरे आलम हसन और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। घटना से इलाके में तनाव फैल गया है।

घटना का विवरण

जानकारी के मुताबिक, वक्फ के अंतर्गत आने वाले नाले और छज्जे के निर्माण कार्य की शुरुआत सज्जादानशीन परिवार द्वारा की गई थी। लेकिन ढलाई के समय कुछ अज्ञात लोगों ने निर्माण कार्य में बाधा डाल दी और मजदूरों को जातिसूचक शब्द कहे और गाली-गलौज की। यही नहीं, उन्हें धमकाया गया कि यदि वे कार्य जारी रखते हैं, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।

पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद आज़ाद, इक़बाल, रिज़वान, रेहान (पिता अनवारुल हक) सहित करीब 20 लोगों ने हाथों में लाठी-डंडे लेकर पहुंचकर न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि सज्जादानशीन फखरे आलम हसन और उनके परिवार को धमकी दी कि “तुम्हें जान से मारकर ज़मीन में गाड़ देंगे।”

पुलिस में शिकायत, कार्रवाई की मांग

इस पूरे मामले की शिकायत कोतवाली थाना में की गई है, जहां पांच नामजद और 15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

इलाके में बढ़ा तनाव

घटना के बाद शाह मार्केट क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

बिहार को रेलवे बजट में ऐतिहासिक लाभ: 11 वर्षों में 9 गुना वृद्धि, विकास की नई रफ्तार पर शिवहर–सीतामढ़ी रेल प्रोजेक्ट

0

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का लोकसभा में ऐलान – बिहार को ₹10,000 करोड़ का रेलवे बजट, अमृत भारत ट्रेनों से गरीबों को मिली सुविधा और सम्मान

नई दिल्ली/पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को रेलवे क्षेत्र में ऐतिहासिक लाभ मिला है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2013-14 में जहां बिहार के लिए रेलवे बजट ₹1132 करोड़ था, वहीं अब यह बढ़कर ₹10,000 करोड़ हो गया है। यह 11 वर्षों में लगभग 9 गुना वृद्धि है, जो केंद्र सरकार की बिहार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

शिवहर–सीतामढ़ी रेल परियोजना को मिली रफ्तार

रेल मंत्री ने बताया कि शिवहर–सीतामढ़ी रेल लाइन जैसी बहुप्रतीक्षित परियोजनाएं अब तेजी से धरातल पर उतर रही हैं। बागमती नदी पर बनने वाले ब्रिज के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिससे देकुली धाम, शिवहर को जोड़ने वाली कड़ी मजबूत होगी। इस परियोजना के भूमि अधिग्रहण के लिए ₹262 करोड़ पहले ही जमा कर दिए गए हैं, जबकि परियोजना के लिए कुल ₹557 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

गरीबों की ट्रेन बनी ‘अमृत भारत’

श्री वैष्णव ने बताया कि बिहार को अमृत भारत ट्रेनों की सौगात मिली है, जिनके माध्यम से राज्य के विभिन्न हिस्सों को राजधानी दिल्ली, बेंगलुरु जैसे महानगरों से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि –

“अमृत भारत ट्रेनें प्रधानमंत्री जी की गरीब-केन्द्रित विकास नीति की प्रतीक हैं, जिनका उद्देश्य है कि देश के हर वर्ग को आधुनिक, सुरक्षित और सस्ती रेल सुविधाएं मिलें।”

एनडीए सरकार के प्रयासों को दी सफलता की दिशा

श्री वैष्णव ने जोर देकर कहा कि बिहार में जिन रेल परियोजनाओं की शुरुआत एनडीए सरकार ने की थी, उनका समापन भी एनडीए सरकार के कार्यकाल में ही हो रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बिहार की जनता के साथ न्याय और समर्पण केवल एनडीए सरकार ही कर सकती है।