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करमचट डैम की नई पहचान, हाउसबोट सुविधा से पर्यटन को नई उड़ान

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Bihar News: कैमूर जिले के दुर्गावती जलाशय स्थित करमचट डैम में पहली बार हाउसबोट सुविधा शुरू की जा रही है। यह आधुनिक हाउसबोट पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता के साथ आरामदायक और यादगार अनुभव प्रदान करेगी। इसका उद्घाटन 24 अगस्त को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार करेंगे।

हाउसबोट में एक एसी कमरा, बाथरूम और किचन की व्यवस्था है। इसमें एक समय में 8 से 10 लोग सवार हो सकते हैं। बोट में खाने-पीने की भी उत्तम सुविधा रहेगी।

चारों तरफ से पहाड़ियों और झरनों से घिरा करमचट डैम पहले से ही पर्यटन के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। हाउसबोट सेवा शुरू होने से यहां पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, गाइड और हस्तशिल्प से जुड़े व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। हाउसबोट सेवा इस क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर और खास बनाएगी।

बच्चों के लिए थ्री-डी विज्ञान फिल्म की होगी व्यवस्था: सचिव कुमार रवि ने किया साइंस सिटी का निरीक्षण

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पटना: बच्चों और विज्ञान प्रेमियों के लिए बनाई जा रही डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। शुक्रवार को भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने साइंस सिटी का स्थल निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि यहां आने वाले बच्चों के लिए ऑडिटोरियम में थ्री-डी विज्ञान फिल्म दिखाने की विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि सीखने की प्रक्रिया और अधिक रोचक और आकर्षक बन सके।

सचिव ने एट्रियम एरिया, ऑडिटोरियम, डोरमेटरी, अस्थायी प्रदर्श गैलरी समेत परिसर में चल रहे विभिन्न कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अभियंताओं और एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रदर्श अधिष्ठापन कार्य के साथ-साथ फिनिशिंग कार्य भी तेजी से पूरा करें, ताकि साइंस सिटी का उद्घाटन तय समय पर किया जा सके।

20.5 एकड़ में बन रहा है विज्ञान का अद्भुत संसार

मोईन-उल-हक स्टेडियम के पास 20.5 एकड़ में फैली यह साइंस सिटी बिहार के बच्चों और युवाओं को विज्ञान की नई दुनिया से रूबरू कराएगी। यहाँ कुल 5 गैलरियों का निर्माण किया जा रहा है –

  • बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी
  • बेसिक साइंस गैलरी
  • सस्टेनेबल प्लैनेट गैलरी
  • स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी गैलरी
  • बॉडी एंड माइंड गैलरी

इन गैलरियों का कुल क्षेत्रफल लगभग 7725 वर्गमीटर है और इनमें 26 थीम पर आधारित 269 विज्ञान प्रदर्श लगाए जाएंगे।

आधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर

साइंस सिटी परिसर में 500 सीटों वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, 150 छात्रों और 3 शिक्षकों के लिए डोरमेटरी का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं एट्रियम में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की मूर्ति, डिजिटल पैनल और म्यूरल लगाए गए हैं। बच्चों और आगंतुकों के लिए आकर्षक सेल्फी पॉइंट भी तैयार किया गया है।

निरीक्षण के दौरान विभाग के संयुक्त सचिव आशुतोष द्विवेदी, अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

साइंस सिटी का उद्देश्य बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाना, उन्हें प्रयोग और प्रदर्श के माध्यम से सीखने का अवसर देना और विज्ञान को मनोरंजन से जोड़ना है। यह न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए विज्ञान शिक्षा का एक मील का पत्थर साबित होगा।

भागकर भी नहीं बच पाए अपराधी: बिहार एसटीएफ ने दूसरे राज्यों से 64 कुख्यातों को दबोचा

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पटना: बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध करके भागने वाले अपराधियों की कहीं भी सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। इस वर्ष जनवरी से 20 अगस्त तक एसटीएफ ने विशेष अभियान चलाकर दूसरे राज्यों से 64 कुख्यात और इनामी अपराधियों को दबोचकर बिहार लाया है। इसकी जानकारी एडीजी (अभियान) सह एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।

सबसे ज्यादा 14 अपराधी दिल्ली से गिरफ्तार किए गए हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल से 9, उत्तर प्रदेश और गुजरात से 7-7, झारखंड से 6, हरियाणा से 5, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से 4-4, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से 2-2, जबकि राजस्थान, गोवा, उड़ीसा, उत्तराखंड, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और मणिपुर से 1-1 अपराधी गिरफ्तार किए गए।

संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार

एडीजी कृष्णन ने बताया कि नक्सली हिंसा में कमी आने के बाद एसटीएफ को संगठित अपराध और कुख्यात गिरोहों के सफाए की जिम्मेदारी दी गई है। परिणामस्वरूप इस वर्ष 23 मुठभेड़ हुई हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 8 थी। वर्ष 2024 में जहां 752 अपराधियों को पकड़ा गया था, वहीं 2025 में अब तक 857 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी तरह इस वर्ष अब तक 101 नक्सलियों को दबोचा गया है।

साल 2025 में अब तक 12,176 कारतूस, 32 रेगुलर हथियार और भारी मात्रा में अवैध असलहे बरामद किए गए हैं। यह आँकड़े इस बात का सबूत हैं कि एसटीएफ लगातार संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।

इनामी अपराधी भी हत्थे चढ़े

प्रेस वार्ता में एडीजी ने बताया कि 18 अगस्त को महाराष्ट्र से 2 लाख का इनामी बुटन चौधरी, 5 अप्रैल को दिल्ली से अंतरराज्यीय सोना लुटेरा सुबोध सिंह और 2 लाख का इनामी विकास कुमार उर्फ जॉन राइट, 28 मार्च को महाराष्ट्र से एक लाख का इनामी नक्सली राजेश यादव और 8 फरवरी को दिल्ली से 50 हजार का इनामी अपराधी मनीष को गिरफ्तार किया गया।

शहीद हुए एसटीएफ के जवान

इस अभियान में कई एसटीएफ जवानों ने अपने प्राणों की आहुति भी दी। गुजरात के सूरत में ऑपरेशन के दौरान सड़क हादसे में दारोगा मुकुंद मुरारी, जेसी विकास कुमार, जेसी जीवधारी कुमार, दारोगा संतोष कुमार और मिथिलेस पासवान शहीद हो गए। उनकी शहादत ने इस लड़ाई को और भी मजबूती दी है।

एनआईए भी सक्रिय

एडीजी कृष्णन ने बताया कि अवैध हथियार और गोलियों की सप्लाई चेन की जांच एनआईए कर रही है। हाल ही में हाजीपुर समेत सात ठिकानों पर छापेमारी की गई है। अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। दानापुर के विधायक रीतलाल यादव के भाई की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव ईओयू को भेजा गया है, जिसे आगे ईडी को भी भेजा जा सकता है।

ऑपरेशन लंगड़ा की अफवाह बेबुनियाद

एडीजी ने साफ किया कि पुलिस मुख्यालय “ऑपरेशन लंगड़ा” नामक कोई अभियान नहीं चला रहा है। अपराधियों की गिरफ्तारी के दौरान अगर पुलिस पर गोली चलाई जाती है तो जवाबी कार्रवाई की जाती है।

बिहार एसटीएफ की ये उपलब्धियाँ साफ संदेश देती हैं कि अब अपराधियों के लिए न तो बिहार सुरक्षित है और न ही कोई दूसरा राज्य।

बोधगया से बिहार को मिला 13 हजार करोड़ का विकास पैकेज: पीएम मोदी और सीएम नीतीश ने दी बड़ी सौगात

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पटना: बिहार की ऐतिहासिक और पवित्र धरती बोधगया से आज राज्य को विकास की एक नई दिशा मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मगध विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य समारोह में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास, गृह प्रवेश और फ्लैग ऑफ कार्यक्रम किया। इस अवसर पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बिजली, रेल, सड़क, स्वास्थ्य, आवास, जलापूर्ति, शहरी एवं ग्रामीण संरचना, कैंसर केयर और नदी संरक्षण जैसी बहुप्रतीक्षित योजनाओं का शुभारंभ हुआ। इसके अलावा दो नई ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की विकास यात्रा में केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह योजनाएँ बिहार की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर बिहारवासियों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि कुल 14 प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है, जिनकी लागत 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इन योजनाओं से बिजली, सड़क और शहरी विकास के साथ-साथ आम लोगों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार के पिछले 20 वर्षों के विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2005 से एनडीए सरकार बनने के बाद से राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं की पेंशन राशि 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये की गई है। इसके अलावा जुलाई 2025 से सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

रोजगार सृजन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 10 लाख सरकारी नौकरी और 39 लाख से अधिक रोजगार दिए जा चुके हैं। आगामी 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी देने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही नए उद्योग लगाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने गयाजी और बोधगया के विकास का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी पर रबर डैम, सीता सेतु, महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र और विशिष्ट अतिथि गृह का निर्माण कराया गया है। पहले गया को गयाजी नाम दिया गया, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़ा है।

उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने 2024 और 2025 के बजट में बिहार के लिए विशेष पैकेज दिया है, जिसमें मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर और बाढ़ नियंत्रण योजनाएँ शामिल हैं। साथ ही “खेलो इंडिया यूथ गेम्स” का आयोजन बिहार को सौंपा गया है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। यह अवसर न केवल बिहार के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए विकास और जनभागीदारी की मिसाल साबित हुआ।

ऐतिहासिक दिन: पीएम मोदी और सीएम नीतीश ने किया औंटा-सिमरिया 6 लेन गंगा पुल का उद्घाटन

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पटना: बिहार को आज एक और बड़ी सौगात मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेगूसराय जिले के सिमरिया धाम स्थित गंगा नदी पर औंटा (मोकामा) – सिमरिया (बेगूसराय) के बीच नवनिर्मित 6 लेन गंगा पुल का उद्घाटन किया। लगभग 1871 करोड़ रुपये की लागत से बना यह वर्ल्ड क्लास पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को एक नई आधुनिक सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

कुल 8.150 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में गंगा पुल की लंबाई 1.865 किलोमीटर है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने स्वयं पुल का भ्रमण कर इसका जायजा लिया। इस दौरान पुल के समीप भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया और हजारों लोगों ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने रोड शो भी किया, जिसमें सड़क किनारे उमड़े जनसैलाब ने दोनों नेताओं के समर्थन में जोरदार नारे लगाए।

यह पुल राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाया गया है। वर्षों पुराने राजेंद्र सेतु के जर्जर होने और भारी वाहनों पर रोक के कारण अब तक वाहनों को 100 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। लेकिन अब वही सफर मात्र 8 किलोमीटर में तय होगा। इससे समय, ईंधन और लॉजिस्टिक लागत में भारी बचत होगी।

नया पुल न केवल यातायात और औद्योगिक गतिविधियों को सुगम बनाएगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगा। सुपौल, मधुबनी, अररिया, बेगूसराय जैसे उत्तरी जिलों की सीधी कनेक्टिविटी शेखपुरा, नवादा और लखीसराय से होगी। बरौनी रिफाइनरी, थर्मल पावर स्टेशन, सुधा डेयरी और उर्वरक कारखाना जैसे उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही मखाना, केला, दूध और मक्का जैसी स्थानीय कृषि उपज बड़े बाजारों तक आसानी से पहुँच सकेगी। इससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और हजारों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

यह पुल न केवल एक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, बल्कि बिहार की प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है।

बिहार कृषि विभाग को सीआईपीएस नवाचार पुरस्कार : ‘खेत से भाग्य तक’ पहल और डीबीटी प्लेटफॉर्म ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान

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पटना: बिहार के कृषि विभाग ने नवाचार और पारदर्शिता के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने आज श्रीनगर के पंडित भजन सोपोरी सभागार में आयोजित भव्य समारोह में बिहार कृषि विभाग को सार्वजनिक प्रणालियों में नवाचार केंद्र (CIPS) नवाचार पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया। यह सम्मान दो प्रमुख श्रेणियों—“ग्रामीण विकास” और “आईटी”—में प्रदान किया गया।

“ग्रामीण विकास” श्रेणी में “खेत से भाग्य तक – मखाना के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना” पहल को चुना गया, जबकि “आईटी” श्रेणी में विभाग द्वारा विकसित डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को नवाचार पुरस्कार मिला। कृषि विभाग, बिहार के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस अवसर पर निदेशक उद्यान श्री अभिषेक कुमार और संयुक्त निदेशक (शस्य) फसल एवं प्रक्षेत्र डॉ. राजेश कुमार भी मौजूद रहे।

माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने बिहार कृषि विभाग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि मखाना उत्पादन ने बिहार को वैश्विक पहचान दिलाई है और यह ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने डीबीटी प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता और सफलता को किसानों तक लाभ पहुँचाने की दिशा में आदर्श मॉडल बताया।

उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस उपलब्धि को राज्य की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह सम्मान बिहार के किसानों को सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मखाना से ग्रामीण सशक्तिकरण

“खेत से भाग्य तक” पहल के अंतर्गत मखाना की खेती के वैज्ञानिक विस्तार, प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और निर्यात संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। इस प्रयास से बिहार के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मखाना को सुपरफूड के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने से ग्रामीण समुदायों को आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती मिली है।

डीबीटी प्लेटफॉर्म से पारदर्शिता

बिहार कृषि विभाग ने सरकारी सब्सिडी के लिए पूरी तरह ऑनलाइन, आधार-आधारित पंजीकरण और आवेदन प्रणाली विकसित की है। अब तक 2 करोड़ से अधिक किसान इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। लगभग 2.28 करोड़ आवेदनों के माध्यम से 4300 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। 97% से अधिक सफलता दर वाला यह प्लेटफॉर्म पारदर्शी, स्वचालित और समय-समय पर ऑडिटेड है।

बिहार का बढ़ता कदम

सीआईपीएस पुरस्कार यह साबित करता है कि बिहार कृषि एवं आईटी आधारित नवाचारों में देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। यह उपलब्धि किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। बिहार का यह मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। यह सम्मान न केवल बिहार के कृषि विभाग बल्कि पूरे राज्य के किसानों के लिए गर्व का क्षण है।

गयाजी से बिहार को 12 हज़ार करोड़ की सौगात, पीएम मोदी बोले- हर गरीब को मिलेगा पक्का घर

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गया: ज्ञान और मोक्ष की नगरी गयाजी आज ऐतिहासिक विकास योजनाओं की गवाह बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां 12 हज़ार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें ऊर्जा, स्वास्थ्य और शहरी विकास से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं, जो बिहार को नई औद्योगिक और रोजगार संभावनाएं देंगे।

पीएम मोदी ने गयाजी में अत्याधुनिक हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया और कहा – “गरीब के जीवन को आसान बनाना और हर जरूरतमंद को पक्का घर देना मेरा संकल्प है।” आज ही मगध क्षेत्र के 16 हज़ार से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए घर मिले।

उन्होंने आतंकवाद पर सख्त संदेश देते हुए कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रक्षा नीति को नई दिशा दी है, अब आतंकवादी कहीं भी छिप नहीं पाएंगे।” साथ ही, भ्रष्टाचार के खिलाफ नए कानून का ऐलान करते हुए कहा कि अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री जेल जाता है और 30 दिन में जमानत नहीं मिलती, तो उसे कुर्सी छोड़नी होगी।

बिहार के विकास को रफ्तार देने के लिए गयाजी के डोभी में राज्य का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया और टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित किया जाएगा। बक्सर व पीरपैंती में नए थर्मल पावर प्लांट्स से बिजली आपूर्ति बढ़ेगी। औंटा-सिमरिया गंगा पुल और अमृत भारत स्टेशन योजना से कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।

सभा के अंत में पीएम मोदी ने जनता से डबल इंजन सरकार पर भरोसा बनाए रखने की अपील की और जोरदार नारे लगे – “भारत माता की जय।”

आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई: भागलपुर के अवर निबंधक विनय सौरभ के ठिकानों पर EOU की छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

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भागलपुर: बिहार पुलिस की आर्थिक एवं साइबर अपराध प्रभाग (EOU) ने शुक्रवार को भागलपुर के अवर निबंधक विनय सौरभ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। टीम ने सुबह से ही भागलपुर शहर के खंजरपुर स्थित अभिनव एनक्लेव वाले फ्लैट समेत राज्य में उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। कार्रवाई का उद्देश्य आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच करना है। इस दौरान प्रारंभिक छानबीन में तीन करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है।

मामले की पृष्ठभूमि

विनय सौरभ पर भ्रष्ट और अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि उन्होंने अपनी घोषित आय से 188.23 प्रतिशत अधिक संपत्ति बनाई है। उन पर 1 करोड़ 43 लाख 78 हजार रुपये मूल्य की अघोषित परिसंपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इसी आधार पर आर्थिक अपराध थाना, पटना में 21 अगस्त 2025 को केस दर्ज किया गया था।

छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम

छापेमारी के मद्देनज़र खंजरपुर स्थित अभिनव एनक्लेव वाले फ्लैट पर पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती की गई। सुरक्षाकर्मियों ने चारों ओर से घेराबंदी कर दी ताकि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति अंदर या बाहर न जा सके। निबंधन कार्यालय और अन्य ठिकानों पर भी सुरक्षा चाक-चौबंद रही।

छापेमारी में बरामद संपत्ति

टीम ने अब तक की जांच में कई अहम दस्तावेज और बहुमूल्य संपत्ति का पता लगाया है। इनमें शामिल हैं:

  • विभिन्न बैंकों और बीमा कंपनियों से जुड़े डिपॉजिट स्कीम के कागजात
  • बांड और निवेश से संबंधित दस्तावेज
  • जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री
  • सोने और हीरे जड़े जेवरात
  • भारी मात्रा में नगदी, जिसकी गिनती के लिए टीम नोट गिनने की मशीन साथ लाई थी

EOU टीम की कार्रवाई

छापेमारी के दौरान टीम ने सभी दस्तावेजों और बरामद संपत्ति का मूल्यांकन शुरू कर दिया है। शुरुआती अनुमान के अनुसार अब तक तीन करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चला है, जबकि आगे की छानबीन में और भी खुलासे होने की संभावना है।

प्रशासनिक सख्ती और संदेश

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की यह कार्रवाई राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। अधिकारियों का कहना है कि यदि विनय सौरभ पर लगे आरोप प्रमाणित होते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

भागलपुर में हुई इस छापेमारी ने जिले समेत पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में अवर निबंधक पर हुई कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में EOU की जांच से कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

गहन पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही पर नवगछिया प्रखंड कार्यालय सख्त, 13 बीएलओ को नोटिस

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भागलपुर: नवगछिया प्रखंड कार्यालय ने गहन पुनरीक्षण 2025 के तहत मतदाता सूची अद्यतन कार्य में लापरवाही बरतने वाले 13 बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 153 गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र सह प्रखंड विकास पदाधिकारी नवगछिया द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित बीएलओ ने निर्वाचन आयोग (ECI) पोर्टल पर उपलब्ध डेटा के आधार पर निर्धारित कार्य समय पर पूरा नहीं किया, जिससे विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

चुनाव आयोग के निर्देशानुसार बीएलओ को प्रतिदिन 200 से अधिक मतदाताओं का सत्यापन और दस्तावेज़ अपलोड करना था, लेकिन संबंधित बीएलओ द्वारा यह कार्य समय पर नहीं किया गया। इसके कारण मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया प्रभावित हुई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड कार्यालय ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

नोटिस की प्रमुख बातें

  • बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे 20 अगस्त 2025 तक अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
  • यदि समय पर जवाब नहीं मिलता है तो अगस्त 2025 का वेतन स्थगित कर दिया जाएगा।
  • इसके अतिरिक्त, विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव जिला शिक्षा पदाधिकारी, भागलपुर को भेजा जाएगा।

नोटिस पाने वाले बीएलओ

नोटिस प्राप्त करने वालों में श्री दारा सिंह (केंद्र 98), श्री पप्पू कुमार मंडल (केंद्र 80), श्री अनिल कुमार (केंद्र 118), श्री हेमंत कुमार (केंद्र 57), श्री बुधन कुमार (केंद्र 65), श्री धनंजय पासवान (केंद्र 76), श्री मो. महमद आलम (केंद्र 77), श्री मो. जाकिर हुसैन (केंद्र 56), श्री अजय कुमार (केंद्र 84), श्री अमीत कुमार (केंद्र 02), श्री मो. चांद (केंद्र 55), श्री जयकरण यादव (केंद्र 34) और श्री मो. उमेर आलम (केंद्र 70) शामिल हैं।

प्रशासन का रुख

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन कार्य अत्यंत संवेदनशील और प्राथमिकता वाला कार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी बीएलओ अपने दायित्वों का निर्वहन समय पर और पूरी ईमानदारी से करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

समस्तीपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: लूट की घटना को अंजाम देने से पहले ही अपराधी हथियार समेत गिरफ्तार

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Bihar News: समस्तीपुर पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध और अपराधियों पर उसकी पैनी नज़र है। जिले की चकमेसी पुलिस और डीआईयू-20 टीम ने संयुक्त रूप से की गई कार्रवाई में लूट की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। इस दौरान पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को हथियारों और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस तत्परता और त्वरित कार्रवाई ने न केवल संभावित लूट की घटना को टाल दिया बल्कि आमजन के बीच सुरक्षा का संदेश भी दिया।

घटना का विवरण

20 अगस्त 2025 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ अपराधी लूट की घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही चकमेसी पुलिस और डीआईयू-20 टीम ने सक्रियता दिखाई और संदिग्ध स्थान पर वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को रोका, जिसकी पहचान अविनाश कुमार उर्फ स्वो रविंद्र राम, निवासी बहिलवारा, थाना सरैया, जिला मुजफ्फरपुर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी पिस्टल, दो मैगजीन और सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधी का इरादा समस्तीपुर जिले में लूट की वारदात को अंजाम देने का था। लेकिन समय रहते पुलिस की सक्रियता और तत्परता से उसकी साजिश विफल हो गई। अपराधी को मौके पर ही पकड़ लिया गया और उससे बरामद हथियारों को जब्त कर लिया गया।

गिरफ्तार अपराधी का आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि गिरफ्तार अपराधी कई मामलों में पहले से वांछित है। उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर जिले के बहिलवारा थाना कांड संख्या 22/2022, मेहसी थाना कांड संख्या 188/2024 एवं मेहसी थाना कांड संख्या 172/2024 दर्ज हैं। यह अपराधी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और सक्रिय आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था।

बरामदगी

  • 01 देसी पिस्टल
  • 02 मैगजीन
  • 07 जिंदा कारतूस
  • 03 मोबाइल फोन
  • 01 मोटरसाइकिल

पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि टीम की सजगता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ी वारदात टल गई। उन्होंने इस सफलता पर शामिल सभी पुलिसकर्मियों की सराहना की और कहा कि ऐसे मामलों में सक्रिय पुलिसिंग अपराधियों के हौसले पस्त करने में बेहद मददगार है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अपराधी से पूछताछ जारी है और यह जांच की जा रही है कि वह किन अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। साथ ही उसके नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश की जा रही है।