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जिला स्तरीय युवा उत्सव के तहत भागलपुर में भव्य विज्ञान मेला, बच्चों की प्रतिभा ने जीत लिया सभी का मन

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Bhagalpur News: कला संस्कृति युवा विभाग, जिला प्रशासन भागलपुर तथा भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में आज 01 दिसम्बर को किलकारी, बरारी परिसर में जिला स्तरीय युवा उत्सव के अंतर्गत विज्ञान मेला भव्य रूप से आयोजित किया गया। नवाचार, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच से भरपूर इस कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं ने अपने उत्कृष्ट मॉडलों के माध्यम से विज्ञान के प्रति लगन और समझ को शानदार तरीके से प्रस्तुत किया।

विज्ञान मेला दो श्रेणियों में आयोजित हुआ—युवा वर्ग (प्रतियोगिता) और जूनियर वर्ग (गैर प्रतियोगिता)। कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य राजू एम. तुगाण्यात, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन तथा प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक साहिल राज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद अतिथियों को अंगवस्त्र, पौधा एवं हस्तनिर्मित पुष्प प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने कहा कि बच्चों में विज्ञान और नवाचार के प्रति बढ़ती रुचि भविष्य के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को नए प्रयोगों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं बीईसी की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. पुष्पलता ने कहा कि विज्ञान मेला बच्चों को अपनी वैज्ञानिक क्षमता और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच देता है। कॉलेज के प्राचार्य राजू एम. तुगाण्यात ने निरंतर सीखने और प्रयोग की महत्ता पर बल दिया।

मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों में भी तैयार किए गए मॉडल यह साबित करते हैं कि प्रतिभा किसी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। उन्होंने बच्चों को विज्ञान को अपनाकर समाज और देश निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।

उद्घाटन के बाद अतिथियों और निर्णायकों ने विज्ञान प्रदर्शनी का भ्रमण किया, जहां प्रतिभागियों ने अपने मॉडलों की प्रक्रिया, उपयोगिता और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। प्रमुख मॉडलों में डिफेन्स सिस्टम मॉडल, सोलर ट्रैकर प्रोजेक्ट, ऑटोमेटेड एग्रीकल्चर रोबोट और सेग्रिगेट वेस्ट सिस्टम मुख्य आकर्षण रहे।

परिणाम घोषणा में जूनियर वर्ग (गैर प्रतियोगिता) में ज्योति कुमारी एवं समूह प्रथम, अहाना शाह द्वितीय और अंजली कुमारी तृतीय रही। वहीं युवा वर्ग (प्रतियोगिता) में साक्षी कुमारी एवं समूह प्रथम, सोनू कुमार एवं समूह द्वितीय तथा आदर्श कुमार एवं समूह एवं अंकित कुमार एवं समूह संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।

कार्यक्रम का संचालन वैभव राज ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक साहिल राज ने प्रस्तुत किया। बड़ी संख्या में अभिभावक, प्रशिक्षक, बच्चे एवं युवा इस कार्यक्रम के साक्षी बने।

भागलपुर में व्यायाम कला केंद्र का शताब्दी महोत्सव धूमधाम से संपन्न, पारंपरिक कलाओं और शारीरिक व्यायाम का उत्कृष्ट प्रदर्शन

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Bhagalpur News: भागलपुर के चंपानगर स्थित कोशकी नाथ झा लेन में सोमवार को व्यायाम कला केंद्र (VKK) के शताब्दी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। अपनी 100 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पूरी कर चुके इस केंद्र के समारोह ने न केवल पारंपरिक भारतीय व्यायाम कलाओं को पुनर्जीवित किया, बल्कि नई पीढ़ी को अनुशासन, स्वास्थ्य और परंपरा की अहमियत का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिमलेंदु शेखर झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। साथ ही बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के कुलसचिव डॉ. अशोक कुमार ठाकुर, एलआईसी के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक अभिजीत भट्टाचार्य, विक्रय प्रबंधक जय नंदन कुमार समेत कई सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे।

समारोह की शुरुआत वीकेके के संस्थापक जे. चंद्रशेखर की प्रतिमा के अनावरण और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। वीकेके के प्रमुख सजय कुमार झा उर्फ बंटू झा ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन अविरल झा और मंजीत झा ने किया। मंच पर प्रस्तुत कागजों से बने पुष्पों की प्रदर्शनी और प्रो. संजय की कला की सराहना की गई।

कुलपति प्रो. बिमलेंदु शेखर झा ने अपने संबोधन में कहा कि व्यायाम कला केंद्र ने सौ वर्षों में पारंपरिक कलाओं को जीवित रखा है, जो आज तेज़ी से विलुप्त हो रही हैं। उन्होंने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए व्यायाम की अनिवार्यता पर जोर देते हुए टीएमबीयू में इस पर विशेष चेयर स्थापित करने की इच्छा भी व्यक्त की। विशिष्ट अतिथि अभिजीत भट्टाचार्य ने कहा कि पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की तत्काल आवश्यकता है, क्योंकि आज की युवा पीढ़ी डिजिटल उपकरणों में अधिक समय बिताती है और स्वास्थ्य की उपेक्षा कर रही है।

कार्यक्रम में गणेश वंदना, बच्चों की पीटी, मशाल पीटी, लेजम ड्रिल, कराटे, सेमी क्लासिकल डांस और सीनियर महिलाओं की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। सुदर्शन एवं मनीष उर्फ बुधवा द्वारा प्रस्तुत ‘लुक बनेठी’ और कराटे टीम की ‘वंदे मातरम पिरामिड’ प्रस्तुति दर्शकों की विशेष प्रशंसा का केंद्र रही। जंजीरा, 12 लठिया, भाल, छुरा और लाठी की पारंपरिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भारतीय परंपरा की झलक कराई।

वहीं प्रतिभागियों द्वारा बॉडी बिल्डिंग की प्रस्तुति में भरोसी यादव, राजा, राकेश, अविनाश, विवेक साह समेत कई युवा शामिल रहे। पूर्ववर्ती छात्रों और प्रशिक्षकों ने भी मंच पर अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे, युवा, अभिभावक और पूर्व छात्र उपस्थित रहे। व्यायाम कला केंद्र ने प्रेस और मीडिया से अनुरोध किया है कि इस ऐतिहासिक अवसर को प्रमुखता से प्रकाशित कर युवा पीढ़ी में उत्साह और प्रेरणा का संचार करें।

पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन कैम्प पहली बार अरवल में: अब जिले के लोगों को मिलेगा घर के पास पासपोर्ट सुविधा का लाभ

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Patna News: अरवल जिले के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना पहली बार अरवल में पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन कैंप का आयोजन करने जा रहा है। यह पहल उन जिलों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है जहां डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र उपलब्ध नहीं हैं और लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है।

अरवल के इनडोर स्टेडियम, समाहरणालय परिसर में आयोजित होने वाले इस विशेष कैंप का उद्घाटन क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी स्वधा रिजवी और जिला अधिकारी अरवल अभिलाषा शर्मा द्वारा 2 दिसंबर 2025 को पूर्वाह्न 11:00 बजे किया जाएगा। इस जिले में पहली बार शुरू हो रही यह सेवा बड़े पैमाने पर लोगों को राहत देने वाली साबित होगी।

चार लाख पासपोर्ट आवेदनों पर कार्रवाई, अब नई सुविधा का आगाज़

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना ने वर्ष 2024 में लगभग चार लाख पासपोर्ट आवेदनों का सफलतापूर्वक निपटारा किया था। इसके साथ ही 12 मई 2025 से विदेश मंत्रालय द्वारा चिप लगे आधुनिक पासपोर्ट जारी करने की सुविधा भी शुरू कर दी गई थी।
डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों में आवेदकों की बढ़ती संख्या और अरवल में केंद्र के अभाव को देखते हुए यह मोबाइल कैंप एक बड़ा कदम है।

पहले ही 11 जिलों में सफलता—अब अरवल 12वां जिला

अप्रैल 2024 के बाद से पासपोर्ट विभाग ने ऐसे 11 मोबाइल कैंप आयोजित किए हैं। ये कैंप सिवान, गोपालगंज, पूर्णिया, पुलिस जिला बगहा, लखीसराय और शेखपुरा में सफलतापूर्वक लगाए गए। अब अरवल बारहवां जिला बन रहा है, जहां यह सुविधा पहुंचने जा रही है।

कैम्प में क्या-क्या होगा?

इस मोबाइल वैन कैंप में—

  • नए (Fresh) और पुनर्निर्गमन (Re-issue) पासपोर्ट आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
  • रोजाना 55 अप्वॉइंटमेंट स्लॉट जारी किए जाएंगे।
  • आवेदनकर्ताओं को ऑनलाइन आवेदन भरना होगा, शुल्क जमा करना होगा और अप्वॉइंटमेंट बुक करना होगा।
  • निर्धारित दिन और समय पर आवेदकों को—
    • मूल दस्तावेज
    • स्व-अभिप्रमाणित फोटोकॉपी
    • फोटो और फिंगरप्रिंट
    • तथा मूल प्रमाणपत्र की जांच
      के लिए उपस्थित होना अनिवार्य है।

इन सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा

कैंप में PCC (Police Clearance Certificate) के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
इसके अलावा—

  • रोके गए आवेदन
  • किसी प्रमाणपत्र के कारण लंबित आवेदन
  • बिना ऑनलाइन समय लिए पहुंचे आवेदक
    को कैंप में सेवा नहीं दी जाएगी।

ऑनलाइन जानकारी और रजिस्ट्रेशन

सभी जानकारी और रजिस्ट्रेशन www.passportindia.gov.in पर उपलब्ध है।

जनता की सुविधा के लिए प्रतिबद्धता

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी ऐसे सेवामुखी पहल जारी रहेंगे ताकि पासपोर्ट सेवाएं अधिक सुलभ और सुगम बन सकें।

बकाया नहीं चुकाने वालों पर गिरेगी गाज, बिहार में बिजली कंपनी ने शुरू किया बड़ा वसूली अभियान

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Patna News: बिहार में बकाया बिजली बिल को लेकर अब सख्ती तेज कर दी गई है। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) ने संयुक्त रूप से राज्यभर में बड़ा वसूली अभियान शुरू कर दिया है। विभाग का कहना है कि लंबे समय से बकाया नहीं चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर अब कार्रवाई तय है।

क्यों शुरू हुआ यह अभियान?

बिहार में बिजली आपूर्ति तो बढ़ी है, लेकिन बकाया भुगतान का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। कई जिलों में ऐसे उपभोक्ता हैं जो महीनों और कुछ जगहों पर वर्षों से बिल नहीं जमा कर रहे हैं। इससे बिजली कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
इसी को देखते हुए विभाग ने बड़े स्तर पर वसूली अभियान चलाने का निर्णय लिया है, ताकि राजस्व घाटा रोका जा सके और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत रहे।

कहां-कहां चल रहा अभियान?

राज्य के लगभग सभी जिलों — पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, दरभंगा, गया, समस्तीपुर, सारण और शेखपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली विभाग ने स्पेशल टीम गठित की है।

  • अचानक जांच
  • घर-घर वसूली
  • बकायादारों की सूची सार्वजनिक
  • कनेक्शन काटने की कार्रवाई
    इन सभी कदमों पर तेजी से काम किया जा रहा है।

NBPDCL और SBPDCL दोनों की टीमों ने साफ कहा है कि पहले बकाया भरें, तभी बिजली कनेक्शन बहाल होगा।

कनेक्शन काटने की तैयारी

विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन उपभोक्ताओं के ऊपर

  • कई महीनों का बकाया है
  • नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं किया है
    उनका बिजली कनेक्शन तुरंत काटा जाएगा।
    साथ ही, कनेक्शन दोबारा जोड़ने के लिए बकाया के साथ-साथ दंड (पेनल्टी) भी भरना होगा।

उपभोक्ताओं से अपील

बिजली कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बकाया बिल तुरंत जमा करें।

  • ऑनलाइन भुगतान पर छूट
  • समय से भुगतान करने वालों को राहत
  • ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए विशेष शिविर
    जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
  • बिहार में बिजली कंपनियों ने साफ कर दिया है कि बकायादारों को अब किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। राज्य-भर में चल रहा यह वसूली अभियान आने वाले दिनों में और सख्त होगा।
  • जो उपभोक्ता अभी भी भुगतान नहीं कर रहे हैं — उन पर अब गाज गिरना तय माना जा रहा है।

भागलपुर पुलिस की बड़ी सफलता: डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के फरार साइबर अपराधी को राजस्थान से दबोचा

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Bhagalpur News: साइबर अपराध पर नकेल कसने की पुलिस की मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। भागलपुर पुलिस ने साइबर थाना कांड संख्या 36/24 के अत्यंत वांछित साइबर अपराधी को तकनीकी निगरानी के आधार पर राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड जैसे गंभीर अपराध में शामिल था। पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि साइबर अपराधी चाहे कहीं भी छिप जाएँ, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।

🚔 कैसे हुई कार्रवाई

भागलपुर पुलिस की साइबर सेल पिछले कई सप्ताह से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड में शामिल इस आरोपी ने लोगों को सरकारी एजेंसी या पुलिस अधिकारी बनकर फोन किया था, उन्हें फर्जी आरोपों में “डिजिटल गिरफ्तारी” की धमकी दी और फिर ठगी की कोशिश की थी।
पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल लोकेशन और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जैसी तकनीकी सूचनाओं का विश्लेषण किया। इसी के आधार पर आरोपी के राजस्थान में छिपे होने का पता लगा। स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर भागलपुर लाया गया।

📁 क्या है डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड?

यह वह मॉडर्न साइबर ठगी है, जिसमें अपराधी खुद को पुलिस, CBI, या अन्य सरकारी अफसर बताकर पीड़ित को डराते हैं।

  • कहते हैं कि आपका नाम किसी अपराध में है
  • वीडियो कॉल पर “जांच” का नाटक करते हैं
  • फिर पैसा ट्रांसफर करने, बैलेंस बताने या अकाउंट कंट्रोल देने की मांग करते हैं

देशभर में बढ़ रहे इन मामलों को देखते हुए पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है।

📌 आगे की कार्रवाई

भागलपुर पुलिस ने बताया कि

  • आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है
  • गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है
  • ठगी गई राशि और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच जारी है

पुलिस को उम्मीद है कि यह गिरफ्तारी पूरे गिरोह को पकड़ने की दिशा में बड़ी सफलता साबित होगी।

⚠️ जनता के नाम महत्वपूर्ण सलाह

  • किसी भी कॉल/वीडियो कॉल पर पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर धमकाया जाए — तुरंत कॉल काटें
  • किसी को OTP, बैंक विवरण, UPI PIN या पासवर्ड न दें
  • संदिग्ध कॉल की तुरंत सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें

भागलपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। यह गिरफ्तारी उसी का सशक्त संदेश है।

महा निरीक्षण में CM नीतीश का सख्त संदेश: “सोनपुर मेला परंपरा नहीं, बिहार की अर्थव्यवस्था की धड़कन

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Patna News: विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 की तैयारियां तेज हैं और इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज सोनपुर पहुँचे। उन्होंने मेला परिसर, प्रदर्शनी क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण कर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आर्ट एंड क्राफ्ट ग्राम, आपदा प्रबंधन विभाग, महिला एवं बाल विकास निगम, जीविका सहित विभिन्न विभागों के स्टॉलों का जायजा लिया। जीविका दीदियों से संवाद करते हुए उन्होंने उनके उत्पादों, उत्पादन प्रक्रिया और बाजार से जुड़ाव की जानकारी ली। दीदियों ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ से मिली आर्थिक सहायता के प्रभाव साझा करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने मौके पर कई लाभार्थियों को सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मेला परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा—
“सोनपुर मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाला जीवंत मंच है। हजारों कारीगर और छोटे व्यापारी यहां सालभर की कमाई करते हैं। सरकार उनकी तरक्की और सुविधा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।”

इस वर्ष विधानसभा चुनाव के कारण मेले की तिथियों में बदलाव हुआ है। अब यह मेला 09 नवम्बर से 10 दिसम्बर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है। गंगा और गंडक के संगम पर लगने वाला यह ऐतिहासिक मेला हरिहर क्षेत्र मेला और छत्तर मेला के नाम से भी जाना जाता है।

सोनपुर मेला देश का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है, जहां घोड़ा, ऊंट, गाय, भैंस, कुत्ता, तोता, मैना जैसे कई पशु-पक्षियों की खरीद-बिक्री होती है। मनोरंजन के लिए प्रतिदिन घुड़दौड़, कुश्ती, नौकायन जैसे कार्यक्रम होते हैं, जबकि शाम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ कलाकारों को मंच प्रदान करती हैं।

इस आयोजन में पर्यटन विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग वित्तीय सहयोग देते हैं, वहीं सारण जिला प्रशासन नागरिक सुविधाएँ, सुरक्षा और सफाई की व्यवस्था संभालता है। विभिन्न सरकारी विभागों एवं केंद्रीय प्रतिष्ठानों द्वारा लगाए गए मंडपों में लोग योजनाओं की जानकारी लेते हैं।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कौशल किशोर मिश्रा, कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, पटना व सारण के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

बिहार बोर्ड परीक्षा 2026 का बड़ा ऐलान: 2 फरवरी से इंटर और 17 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा शुरू, छात्रों में बढ़ी तैयारी की रफ़्तार

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पटना | शिक्षा डेस्क
बिहार के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 2026 की इंटर और मैट्रिक बोर्ड परीक्षाओं की आधिकारिक तारीखों की घोषणा कर दी है। बोर्ड की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार इंटर की परीक्षा 2 फरवरी 2026 से, जबकि मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू होगी। इस घोषणा के बाद अब पूरे प्रदेश में छात्र–छात्राओं की तैयारी ने तेज़ रफ़्तार पकड़ ली है।


इंटर परीक्षा: 2 फरवरी से 13 फरवरी तक दो शिफ्टों में होगी परीक्षा

बिहार बोर्ड के मुताबिक इंटर यानी 12वीं की परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की जाएगी।
परीक्षा दो शिफ्टों में होगी—
• प्रथम पाली: सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक
• द्वितीय पाली: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक

बोर्ड ने बताया कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और मॉनिटरिंग को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं।


मैट्रिक परीक्षा: 17 फरवरी से 25 फरवरी तक हाई-टेक निगरानी में परीक्षा

10वीं की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलेगी।
बिहार बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षाओं के दौरान इस बार तकनीक का उपयोग बड़े स्तर पर किया जाएगा।

• परीक्षा केंद्रों पर AI कैमरे लगाए जाएंगे
• डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू रहेगा
• ओएमआर शीट की जांच पहले की तुलना में तेज़ और अधिक सुरक्षित होगी

बोर्ड का कहना है कि परीक्षा को हर स्तर पर पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए कड़े इंतज़ाम किए जा रहे हैं।


25–30 लाख छात्रों की तैयारी अब अंतिम चरण में

तारीखें घोषित होने के साथ ही इंटर और मैट्रिक के करीब 25 से 30 लाख छात्रों की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है।
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे
• मॉडल पेपर हल करें,
• आधिकारिक वेबसाइट पर जारी निर्देशों को नियमित रूप से चेक करें,
• और अपने सिलेबस के कठिन टॉपिक पर विशेष ध्यान दें l

विशेष केंद्रीय कारा भागलपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, तृतीय खंड में औचक छापेमारी

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Bhagalpur भागलपुर के विशेष केंद्रीय कारा में शनिवार सुबह प्रशासनिक सतर्कता का बड़ा उदाहरण देखने को मिला, जब तृतीय खंड में अचानक औचक छापेमारी की गई। विधि-व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी बनाए रखने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई का नेतृत्व अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) राकेश रंजन और पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-02 मोहम्मद अयूब खान ने किया।

छापेमारी टीम में पुलिस उपाधीक्षक साइबर सिक्योरिटी और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। टीम के अधिकारियों ने कारा परिसर में प्रवेश करते ही सुरक्षा व्यवस्था, बैरक की स्थिति, कैदियों की गतिविधियों और वहां उपलब्ध संसाधनों की गहनता से जांच की। जांच के दौरान टीम ने प्रत्येक वार्ड की तलाशी ली और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की।

सख्त जांच-पड़ताल के बावजूद कारा के तृतीय खंड में स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना, संभावित अनुचित गतिविधियों पर रोक लगाना और प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित करना है।

भागलपुर जैसी संवेदनशील और बड़े जिलों में जेल प्रशासन हमेशा से खास निगरानी में रहता है। ऐसे में समय-समय पर की जाने वाली औचक छापेमारियां सुरक्षा मानकों को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। अधिकारियों ने बताया कि आगे भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि कारा प्रबंधन में पारदर्शिता और शुचिता बनी रहे।

जिला प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई संदेश देती है कि सुरक्षा और व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संयुक्त निदेशक जनसंपर्क, भागलपुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसे एक नियमित लेकिन महत्वपूर्ण सुरक्षा समीक्षा करार दिया गया है।

विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार भागलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मित्र के घर श्राद्ध में हुए शामिल; पूरे शहर में रही कड़ी सुरक्षा

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Bhagalpur News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद पहली बार भागलपुर पहुंचे। उनका यह दौरा राजनीतिक नजरिए से भले ही औपचारिक न रहा हो, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसे वीवीआईपी मूवमेंट मानते हुए शहर भर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। मुख्यमंत्री अपने करीबी मित्र उदय कांत मिश्रा के भीखनपुर स्थित आवास पर उनकी माता के श्राद्ध कर्म में शामिल होने पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री विशेष विमान से भागलपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां सुरक्षा व्यवस्था की कमान स्वयं कमिश्नर हिमांशु कुमार, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक हृदयकांत ने संभाली। एयरपोर्ट पर मूवमेंट से पहले ही पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में था। शहर के प्रमुख मार्गों—एयरपोर्ट रोड, बरारी मोड़, और भीखनपुर की ओर जाने वाले रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कई स्थानों पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया गया ताकि मुख्यमंत्री का काफिला बिना किसी बाधा के गुजर सके।

भीखनपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री सीधा उदय कांत मिश्रा के घर पहुंचे और परिजनों से मिलकर उनकी माता के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। वे करीब 10 मिनट तक घर पर रुके। इस दौरान पूरा इलाका सुरक्षा की दृष्टि से सील जैसा रहा, ताकि भीड़भाड़ न हो और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके।

हालांकि यह दौरा केवल निजी कारणों से था, लेकिन चुनाव के बाद मुख्यमंत्री के पहले आगमन को लेकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता साफ देखी गई। कार्यालयों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक, सभी इस दौरे को लेकर तैयार दिखे। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री की यह संक्षिप्त यात्रा भावनात्मक होने के साथ-साथ सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता का भी उदाहरण बनी।

अमर स्वतंत्रता सेनानी स्व. कविराज रामलखन सिंह की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी श्रद्धांजलि, पैतृक गाँव कल्याण बिगहा में उमड़ा जनसैलाब

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पटना, 29 नवंबर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपने पैतृक गाँव कल्याण बिगहा पहुंचकर अपने पूज्य पिता एवं अमर स्वतंत्रता सेनानी स्व. कविराज रामलखन सिंह की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ‘कविराज रामलखन सिंह स्मृति वाटिका’ स्थित उनकी प्रतिमा पर मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण किया और उनके योगदान को याद करते हुए नमन किया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने अपनी माताश्री स्व. परमेश्वरी देवी और धर्मपत्नी स्व. मंजू सिन्हा की प्रतिमाओं पर भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।

पैतृक गाँव में मुख्यमंत्री का आगमन स्थानीय लोगों के लिए गर्व और भावनात्मक क्षण रहा। परिवार के बड़े भाई सतीश कुमार सहित मुख्यमंत्री के परिजनों और रिश्तेदारों ने भी तीनों स्वर्गीय दिवंगत आत्माओं को पुष्पांजलि देकर अपनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में भावनाओं की गहरी छाप दिखी, जहां परिवार, स्थानीय जनता और कार्यकर्ता एक साथ उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें सासंद कौशलेन्द्र कुमार, विधायक कृष्णा मुरारी शरण, विधायक जितेन्द्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, विधायक रूहेल रंजन, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह (गांधी जी), विधान पार्षद ललन सर्राफ, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा, पूर्व विधायक ई. सुनील कुमार सहित अनेक राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना प्रक्षेत्र के आईजी जितेन्द्र राणा, पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., नालंदा जिलाधिकारी कुंदन कुमार और नालंदा पुलिस अधीक्षक भारत सोनी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पैतृक गाँव के भगवती मंदिर (देवी स्थान) में पूजा-अर्चना भी की। इसके बाद उन्होंने अपने घर के पास स्थित तालाब में मछलियों को दाना डालकर पारंपरिक रीति निभाई। गाँव और आसपास के क्षेत्रों से आए लोग मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर काफी उत्साहित और प्रसन्न दिखे। मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल पूछा और उनकी समस्याएँ सुनते हुए अधिकारियों को त्वरित समाधान का निर्देश दिया।