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महिला सशक्तीकरण का नया अध्याय: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आज 10 लाख लाभुक महिलाओं को 1000 करोड़ की बड़ी सौगात

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बिहार में महिला सशक्तीकरण की ऐतिहासिक यात्रा आज एक और महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुँची। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना स्थित ‘संकल्प’ भवन से एक क्लिक में 10 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता ट्रांसफर की। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को 15,600 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है—यह देश में किसी भी राज्य द्वारा महिलाओं के आर्थिक उत्थान की सबसे बड़ी पहल बन चुकी है।

महिला सशक्तीकरण को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 10 लाख महिला लाभुकों के खाते में 10–10 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की, जिसकी कुल राशि 1000 करोड़ रुपये है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “इस योजना से अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं, जो बिहार के सामाजिक बदलाव का अभूतपूर्व उदाहरण है।”

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार को जनता ने भारी बहुमत देकर जो भरोसा दिया है, वह महिलाओं की उन्नति और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में 1 करोड़ 46 लाख महिलाओं को 10–10 हजार रुपये की सहायता दी गई थी और आज के ट्रांसफर के बाद यह संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले महीने तक बचे हुए सभी पात्र परिवारों की महिलाओं को भी यह राशि दे दी जाएगी।

अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने 2006 से शुरू हुई महिला सशक्तीकरण की यात्रा को याद किया—पंचायती राज और नगर निकायों में 50% आरक्षण, पुलिस और सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण, और जीविका समूहों के व्यापक विस्तार ने बिहार की महिलाओं को निर्णय लेने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में 1 करोड़ 40 लाख ग्रामीण जीविका दीदियाँ तथा 4.34 लाख शहरी जीविका सदस्य सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

कार्यक्रम में तीन लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा कर योजना के सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया।
पश्चिम चंपारण की सुनीता देवी ने बताया कि राशि मिलते ही उन्होंने किराना दुकान शुरू की और अब रोज़ाना करीब 1000 रुपये की बिक्री हो रही है।
भागलपुर की फूलन कुमारी ने कहा कि अब वे पति पर निर्भर रहने के बजाय खुद निर्णय लेती हैं और उनकी दुकान परिवार की मजबूती का आधार बन चुकी है।
दरभंगा की फूल देवी ने सिलाई मशीन खरीदकर आत्मनिर्भरता की नई राह चुनी और अब सिलाई सेंटर खोलने की तैयारी में हैं।कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कई विभागीय मंत्री, मुख्य सचिव, वरीय अधिकारी तथा राज्यभर के जनप्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

मुख्यमंत्री रोजगार योजना ने बदली महिलाओं की जिंदगी: 10 लाख लाभार्थियों को मिली सहायता, भागलपुर की फूलन कुमारी बनीं प्रेरणा

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Patna/Bhagalpur: बिहार सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही मुख्यमंत्री रोजगार योजना का प्रभाव अब जमीन पर स्पष्ट दिखने लगा है। मंगलवार को राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सरकार ने लगभग 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹10,000 की सहायता राशि सीधे भेजी। इसके साथ ही आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं को नया आधार मिला है।

इसी क्रम में भागलपुर जिले की करीब 10,000 महिलाओं को भी इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिला। जिला मुख्यालय स्थित समीक्षा भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में जीविका दीदी और अन्य लाभार्थी महिलाएं उपस्थित थीं। यह कार्यक्रम पटना में आयोजित मुख्य समारोह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ा रहा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य कार्यक्रम के दौरान कई जिलों की महिलाओं से प्रत्यक्ष संवाद किया। इसी क्रम में उन्होंने भागलपुर की जीविका दीदी फूलन कुमारी से बात की, जिन्होंने अपनी सफलता की कहानी सबके सामने रखकर महिलाओं में नई ऊर्जा पैदा की।

फूलन कुमारी ने बताया कि योजना से मिली ₹10,000 की राशि उनके लिए एक नया अवसर साबित हुई। इस धनराशि का उपयोग कर उन्होंने अपने गांव में कपड़ों की एक छोटी दुकान शुरू की है। दुकान से उन्हें रोजाना 200–300 रुपये की आय हो रही है, जिससे उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है। फूलन कुमारी ने कहा,

“पहले हमारे पास सीमित अवसर थे, लेकिन इस सहायता ने हमारे जीवन में नई रोशनी लाई है। मुख्यमंत्री की यह पहल हमें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी मदद है।”

उनकी यह सफलता गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है और कई महिलाएं अब छोटे व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रही हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार योजना राज्य में महिलाओं के आर्थिक उत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन लाभार्थियों को व्यवसाय शुरू करने और उसे बढ़ाने के लिए लगातार सहायता उपलब्ध करवा रहा है।

सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है—महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना, उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर करना। भागलपुर की फूलन कुमारी जैसी कहानियां यह साबित करती हैं कि योजना न सिर्फ आर्थिक मदद है, बल्कि महिलाओं की नई उड़ान की शुरुआत भी है।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिवालय का किया औचक निरीक्षण: समयपालन, अनुशासन और स्वच्छता पर कड़ा जोर

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Patna News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय के विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक तंत्र को चुस्त-दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। सुबह से शुरू हुए इस निरीक्षण में उन्होंने मुख्य सचिव कोषांग, मंत्रिमंडल कक्ष, वित्त मंत्री का कार्यालय, अतिथि कक्ष समेत पूरे परिसर की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई और अनुशासन का बारीकी से जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने न केवल व्यवस्थाओं की जानकारी ली, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि समयपालन और अनुशासन किसी भी प्रशासनिक इकाई की मजबूती की नींव होती है। उन्होंने साफ शब्दों में निर्देश दिया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुँचे और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि काम में लापरवाही या देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “कार्य ससमय पूर्ण हों, यही हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए अनुशासित माहौल और बेहतर कार्य संस्कृति आवश्यक है,” मुख्यमंत्री ने कहा।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सचिवालय परिसर की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे क्षेत्र की सफाई नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। परिसर को सुसज्जित, आकर्षक और हरा-भरा बनाने के लिए आवश्यकतानुसार पौधारोपण कराने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने उद्यान क्षेत्र की देखभाल को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने आगंतुकों की सुविधाओं पर भी संतोषजनक व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सचिवालय आने वाले आगंतुकों के लिए बेहतर बैठने, मार्गदर्शन और सुविधा प्रबंधन की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मुख्य सचिवालय को और अधिक सुव्यवस्थित, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ प्रमुख वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त डॉ. एस. सिद्धार्थ, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि, डॉ. चन्द्रशेखर सिंह तथा विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

मुख्यमंत्री का यह निरीक्षण संदेश देता है कि सरकार प्रशासनिक तंत्र को और अधिक पारदर्शी, अनुशासित और जनहित केंद्रित बनाने के प्रति गंभीर है। यह कदम निश्चित रूप से सरकारी कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईशाकचक में ब्राउन शुगर का काला खेल बेनकाब: भोलानाथ गुमटी के पास दो तस्कर 6.2 ग्राम ब्राउन शुगर और नकद के साथ गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अवैध शराब, नशीले पदार्थों और आपराधिक गतिविधियों पर लगातार चल रहे अभियान के तहत ईशाकचक थाना क्षेत्र में पुलिस ने ब्राउन शुगर सप्लाई करने वाले दो युवकों को रंगेहाथ पकड़ लिया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भोलानाथ गुमटी के पास नशीले पदार्थ की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस उपाधीक्षक नगर के नेतृत्व में छापेमारी दल गठित किया गया और कार्रवाई शुरू की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने भोलानाथ गुमटी के पास स्थित इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की तफ्तीश की और दो युवकों—ऋतिक कुमार उर्फ पंकज सोनी और धनंजय दास उर्फ अशोक दास—को मौके से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी ईशाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर गुमटी नंबर-01 और 02 के रहने वाले बताए गए हैं।

पुलिस ने दोनों के पास से 6.2 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर और 3600 रुपये नकद बरामद किए। अनुमंडल पुलिस अधिकारी के निर्देशन में होने वाली इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त और सक्रिय है।

ईशाकचक थाना कांड संख्या 293/25, के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम में इशाकचक और अन्य इकाइयों के अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने समन्वित तरीके से इस ऑपरेशन को सफल बनाया।

भागलपुर पुलिस ने दोहराया कि शहर को नशा मुक्त बनाने की दिशा में अभियान और तेज होगा, और ऐसे अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएग

बिहार में प्रशासनिक सुधार की नई इबारत: मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत BPSM और IIM बोधगया के बीच ऐतिहासिक MOU

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Patna News: बिहार में प्रशासनिक नवाचार, पारदर्शिता और युवा विशेषज्ञों की भागीदारी को नई गति देने वाला क्षण आज दर्ज हो गया। बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (BPSM) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया के बीच मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुए इस समारोह को राज्य की प्रशासनिक यात्रा में एक “गेम-चेंजर” पहल माना जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने की। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इसे “बिहार के प्रशासनिक ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली पहल” बताते हुए कहा कि यह योजना नीति निर्माण, क्रियान्वयन और निर्णय प्रक्रिया में नई ऊर्जा, ज्ञान और पारदर्शिता लाएगी। उन्होंने कहा कि 9 सितंबर 2025 को मंत्रिमंडल से अनुमोदित यह योजना आने वाले वर्षों में बिहार को सुशासन के नए अध्याय से जोड़ेगी।

योजना की मूल अवधारणा और प्रभाव

इस फेलोशिप के तहत राज्य भर में दो वर्ष की अवधि के लिए उच्च-योग्यता वाले विषय विशेषज्ञों को सरकारी विभागों, जिला और प्रमंडल स्तर के कार्यालयों से जोड़ा जाएगा। फेलो न केवल विभागों के साथ नीति निर्माण में सहयोग करेंगे, बल्कि जमीनी स्तर पर उसके प्रभावी क्रियान्वयन में भी भूमिका निभाएंगे। यह पहल विशेष रूप से बिहार के मूल निवासियों के लिए है और इसमें राज्य के आरक्षण प्रावधानों का पूर्ण पालन किया जाएगा। योजना के तहत चयनित फेलो को निश्चित मानदेय और दो वर्ष की सफल सेवा के बाद IIM बोधगया से पब्लिक पॉलिसी और गुड गवर्नेंस में प्रमाणपत्र मिलेगा।

IIM बोधगया दिसंबर 2025 में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा, जिससे अगले साल अप्रैल से फेलो सरकार के साथ जुड़ जाएंगे।

वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रियाएँ

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. प्रतिमा ने कहा कि यह योजना युवाओं को शासन की वास्तविक प्रक्रिया में शामिल करने का दुर्लभ अवसर देती है।
IIM बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता सहाय ने इसे “बिहार की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक अवसर” बताया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा,
“यह योजना हमारी नई सोच, नवाचार और दक्षता का प्रतीक है। इससे न केवल प्रशासन मजबूत होगा, बल्कि बिहार के युवा शासन तंत्र में नई ऊर्जा भरेंगे।

तेज आवाज में अश्लील गाना बजाकर DJ ले जा रहे युवकों पर कार्रवाई, वाहन जब्त — भागलपुर पुलिस की सख्ती

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Bhagalpur News: भागलपुर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में देर रात तेज आवाज में अश्लील गाना बजाकर DJ साउंड सिस्टम लेकर जा रहे युवकों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यह मामला 27 नवंबर 2025 का है, जब युगलबंदर मोड़ के पास तेज ध्वनि और आपत्तिजनक सॉन्ग बजाने की शिकायत थाना पुलिस को मिली। तत्परता दिखाते हुए विश्वविद्यालय थाना के पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और DJ को रोककर वाहन समेत जब्त कर लिया।

सूत्रों के अनुसार, DJ साउंड सिस्टम पर अश्लील और विवादित संगीत इतनी तेज आवाज में बजाया जा रहा था कि आसपास के लोग परेशान हो गए थे। मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने न केवल DJ बंद कराया बल्कि ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन के तहत विश्वविद्यालय थाना कांड संख्या 121/25, दिनांक 27.11.25 के तहत FIR दर्ज कर दी है। पुलिस ने संबंधित वाहन मालिकों और DJ चालकों पर सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

भागलपुर पुलिस ने जारी की सख्त चेतावनी

भागलपुर पुलिस ने DJ संचालकों और वाहन मालिकों के लिए कड़ा निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि DJ या लाउडस्पीकर पर अश्लील या भड़काऊ गाने बजाना दंडनीय अपराध है। इसके साथ ही रात 10 बजे के बाद DJ बजाने पर भी रोक है। जो भी संचालक या आयोजक इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उपकरण व वाहन जब्त होंगे।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आमजनों से अपील की है कि वे सामाजिक मर्यादाओं और कानून का पालन करें। ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि शहर का वातावरण सुरक्षित और शांतिपूर्ण बना रहे l

बिहार सरकार का बड़ा अभियान: अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य

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Patna News: बिहार में युवाओं के लिए रोजगार और सरकारी नौकरी के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सात निश्चय-2 के तहत 2020-25 के बीच 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार प्रदान किया गया है। अब अगले पांच वर्षों (2025-30) में यह संख्या 1 करोड़ युवाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

नई सरकार के गठन के बाद राज्य में सरकारी नौकरी की रिक्तियों को भरने और रोजगार अवसर बढ़ाने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। सभी प्रशासी विभाग, प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस मुख्यालय के अंतर्गत कार्यालय और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे 31 दिसंबर 2025 तक सामान्य प्रशासन विभाग को रिक्तियों से संबंधित अधियाचनाएं उपलब्ध कराएं। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग इन अधियाचनों की जांच कर संबंधित नियुक्ति आयोगों को भेजेगा।

सभी नियुक्ति आयोगों और चयन एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि जनवरी 2026 में पूरे वर्ष का भर्ती कैलेंडर प्रकाशित किया जाए। इसमें विज्ञापन प्रकाशन की तिथि, परीक्षा आयोजन की संभावित अवधि, अंतिम परीक्षाफल की तारीख और अन्य आवश्यक सूचनाओं का स्पष्ट उल्लेख होगा। किसी भी भर्ती प्रक्रिया में विज्ञापन प्रकाशन से अंतिम परीक्षाफल तक एक वर्ष से अधिक समय नहीं लगेगा।

राज्य सरकार ने परीक्षाओं की पारदर्शिता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी और उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दंडित किया जाएगा। इसके साथ ही, ऑनलाइन परीक्षा (CBT) के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, ताकि परीक्षा समय पर और सुचारू रूप से आयोजित हो सके।

सरकार का कहना है कि बिहार के युवा दक्ष, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य वाले हों, इसके लिए राज्य पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रोजगार के बढ़ते अवसर और सरकारी नौकरी में पारदर्शिता सुनिश्चित करके युवाओं के लिए भविष्य उज्जवल बनाने की दिशा में सरकार कृतसंकल्पित है।

सैंडिश कंपाउंड में एंट्री शुल्क समय बदलने की मांग तेज, मां आनंदी संस्था ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के लोकप्रिय सैंडिश कंपाउंड मैदान में लिए जा रहे एंट्री शुल्क और उसके समय निर्धारण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को मां आनंदी संस्था तथा पूर्व सैनिक संगठन के सदस्यों ने इस विषय पर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संस्था से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं के साथ पूर्व सैनिक भी मौजूद रहे।

संस्था की संस्थापिका प्रिया सोनी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि पिछले कई दिनों से सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक एंट्री शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुल्क व्यवस्था के आड़ में मैदान के अंदर बिना कारण रहने वाले कुछ युवक-युवतियां असामाजिक और अनुचित गतिविधियों में शामिल होते दिखाई देते हैं। इसके कारण मैदान का माहौल प्रभावित हो रहा है, जो बच्चों, महिलाओं तथा परिवार के साथ आने वाले लोगों के लिए उचित नहीं है।

प्रिया सोनी ने कहा कि सैंडिश कंपाउंड शहर के आम जनता के लिए खुला रहता है, लेकिन शुल्क के समय को ठंड के मौसम एवं भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए बदला जाना चाहिए। उनका कहना था कि सुबह और शाम का समय व्यायाम, खेल-कूद तथा टहलने के लिए अधिक उपयुक्त होता है, इसलिए शुल्क की समय सीमा को पुनः निर्धारित किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि मैदान में प्रवेश शुल्क का औचित्य तभी है जब वहां अनुशासन, निगरानी तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि शुल्क लिया जा रहा है, तो मैदान में सुरक्षा गार्ड, CCTV तथा किसी भी तरह की अवांछनीय गतिविधियों पर रोक लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। आश्वासन मिलने पर संस्था की सदस्यों ने डीएम का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मां आनंदी संस्था समाजिक हित और सार्वजनिक स्थानों की मर्यादा बनाए रखने के लिए आगे भी इसी तरह जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।

भागलपुर में युवा प्रतिभाओं की धूम: टाउन हॉल में हुआ जिला स्तरीय युवा उत्सव, कला और उत्साह से सजा मंच

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Bhagalpur News: भागलपुर जिला प्रशासन और कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय युवा उत्सव 2025 का भव्य आयोजन भागलपुर शहर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में किया गया। कला, संगीत और साहित्य से सजे इस कार्यक्रम ने युवा प्रतिभाओं की रचनात्मक ऊर्जा और कला का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

युवा उत्सव में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने अपनी कला के विविध रंग बिखेरे। समूह लोक नृत्य, लोक गायन, कविता पाठ, कहानी लेखन, चित्रकारी, नाटक एवं एकल गान जैसी कई विधाओं में युवाओं ने अपनी अनूठी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मंच पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने टाउन हॉल को तालियों, उत्साह और कलात्मक उमंग से सराबोर कर दिया। लोक नृत्य की पारंपरिक धुनों से लेकर कविता की प्रभावशाली आवाजों तक, हर प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध करती रही।

अधिकारियों ने मंच से युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं की छिपी प्रतिभाओं को पहचान, अवसर और दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, यही युवा कला, संस्कृति और सामाजिक विकास की नींव हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को भविष्य में और बेहतर मंच देने की प्रतिबद्धता भी जताई।

पूरे कार्यक्रम में दर्शकों की भीड़, तालियों की गूंज और कलाकारों का उत्साह यह साबित कर गया कि भागलपुर की कला और प्रतिभा हर मंच पर छाप छोड़ने के लिए तैयार है। जिला स्तरीय युवा उत्सव न केवल कला का प्रदर्शन बना, बल्कि यह युवाओं के सपनों, मेहनत और रचनात्मकता का प्रतीक भी बन गया।

मोतीहारी में पुलिस की बड़ी चूक उजागर: ‘हत्या’ के आरोप में पति 5 महीने जेल में, पत्नी प्रेमी संग दिल्ली से बरामद

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Motihari News; जिस पत्नी की कथित हत्या के आरोप में एक निर्दोष पति पांच महीने से जेल की सलाखों के पीछे बंद रहा, वही पत्नी प्रेमी के साथ दिल्ली-नोएडा में जिंदा मिली। यह मामला न सिर्फ पुलिस विवेचना पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि बिना वैज्ञानिक जांच के की गई कार्रवाई किसी निर्दोष की जिंदगी को कितनी बड़ी सजा दे सकती है। मामला अरेराज थाना क्षेत्र का है, जहां के रंजीत कुमार को उसकी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

रंजीत लगातार यह साबित करने की कोशिश करता रहा कि उसकी पत्नी घर छोड़कर भाग गई है, उसने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज तक उपलब्ध कराए। इसके बावजूद पुलिस ने तथ्यों पर विचार न कर ‘टेबल इन्वेस्टिगेशन’ के आधार पर हत्या मानकर उसे जेल भेज दिया। रंजीत के पिता और परिवार बार-बार न्याय की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने एक भी तथ्य वस्तुतः जांचने की कोशिश नहीं की।

जब मामला अदालत पहुंचा और कोर्ट ने पुलिस से हत्या के सबूत मांगे, तो पुलिस कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर सकी। इसी बीच, सूचना मिलने के बाद पता चला कि महिला नोएडा में अपने प्रेमी के साथ रह रही है। हैरानी की बात यह कि महिला को बरामद कराने के लिए पूरा खर्च भी पीड़ित परिवार को उठाना पड़ा, जिसमें लगभग 20,000 रुपये खर्च हुए।

बरामदगी के बाद रंजीत निर्दोष साबित हुआ। अब पीड़ित परिवार और वकील की मांग है कि पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और महिला पर भी मानहानि एवं मानसिक प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज किया जाए। रंजीत के वकील नरेंद्र देव का कहना है कि यह मामला पूरी तरह विवेचना विफलता का उदाहरण है और बिना वैज्ञानिक सत्यापन किसी को अपराधी मान लेना अपराध है।

एसडीपीओ कुमार रवि ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि पुनः जांच कराई जाएगी और जिस अधिकारी की लापरवाही साबित होगी, उस पर कार्रवाई होगी। उन्होंने माना कि जिंदा महिला की ‘हत्या’ मानकर गिरफ्तार करना पुलिस विवेचना की गंभीर त्रुटि है।

यह मामला न्याय व्यवस्था और पुलिसिंग पर बड़ा सवाल छोड़ता है—

  • क्या बिना वैज्ञानिक जांच किसी को अपराधी ठहराना न्याय है?
  • यदि सही जांच होती, तो क्या एक निर्दोष व्यक्ति 5 महीने जेल में नहीं सड़ता?

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि जांच की एक गलती से किसी की जिंदगी बर्बाद हो सकती है, इसलिए सही विवेचना और वैज्ञानिक जांच न्याय का पहला आधार है, न कि अनुमान।