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स्मैक के पैसों को लेकर ट्रक ड्राइवर की निर्मम हत्या, चार दिन बाद खलासी गिरफ्तार—पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

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Bhagalpur News: भागलपुर में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि ट्रक ड्राइवर पिंटू राम की हत्या उसके ही खलासी ने स्मैक के पैसों को लेकर हुए विवाद में कर दी थी। दरअसल सबौर थाना क्षेत्र के खानकित्ता पुल के पास मिली लाश ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। मृतक पिंटू राम मधेपुरा जिले का निवासी था और घटना के दिन ट्रक लेकर भागलपुर आया हुआ था।

सिटी एसपी शुभांक मिश्रा ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हत्या का आरोपी खलासी मोहम्मद मुख्तार पहले से नशे की हालत में था। उसने पिंटू राम से स्मैक खरीदने के लिए पैसे मांगे, लेकिन पिंटू ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसी बात पर दोनों के बीच तकरार बढ़ गई और गुस्से में आकर मुख्तार ने ट्रक में रखे लोहे के रॉड और सब्जी काटने वाले चाकू से पिंटू पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वारदात इतनी क्रूर थी कि पिंटू राम की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद मुख्तार वहां से फरार हो गया और पुलिस तकनीकी जांच के आधार पर उसकी तलाश में जुट गई। लगातार मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने चार दिनों की मशक्कत के बाद आरोपी खलासी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं इस हत्याकांड में शामिल एक नाबालिग को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।

सिटी एसपी ने बताया कि घटनास्थल से बरामद रॉड, चाकू और अन्य सबूतों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया है। हत्या के पीछे नशे की लत को प्रमुख कारण बताया जा रहा है, जो समाज में बढ़ती ड्रग समस्या का गंभीर उदाहरण है।

हुसैनाबाद दुर्गा मंदिर और मोहदीनगर काली मंदिर के आचार्य पंडित शिव शंकर झा का 75 वर्ष की आयु में निधन, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

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Bhagalpur News: भागलपुर के धार्मिक और सामाजिक जीवन में अपनी विशेष पहचान रखने वाले आचार्य पंडित शिव शंकर झा का शनिवार की सुबह 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मानिकपुर स्थित उनके आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले कुछ दिनों से वे अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही हुसैनाबाद, मोहदीनगर, मानिकपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में गहरा दुख व्याप्त हो गया है।

पंडित शिव शंकर झा दशकों से हुसैनाबाद दुर्गा मंदिर और मोहदीनगर काली मंदिर में पूजा-पाठ, अनुष्ठान, धार्मिक कार्यक्रमों और विशेष आयोजनों का संचालन करते रहे थे। अपने सरल स्वभाव, मधुर व्यवहार और गहन धार्मिक ज्ञान के कारण वे सभी आयु वर्गों में अत्यधिक सम्मानित थे। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मंदिर में कोई भी बड़ा अनुष्ठान, यज्ञ, पाठ या हवन उनके बिना पूर्ण नहीं माना जाता था। उनकी उपस्थिति पूरे क्षेत्र के धार्मिक माहौल में सकारात्मक ऊर्जा भर देती थी।

उनके निधन के बाद सुबह से ही लोगों की भीड़ उनके मानिकपुर स्थित घर पर उमड़ पड़ी। दूर-दराज़ से श्रद्धालु पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कई लोगों ने वज्राघात जैसा महसूस करते हुए कहा कि पंडित झा का जाना क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।

परिजनों ने जानकारी दी है कि अंतिम संस्कार रविवार को बरारी श्मशान घाट पर पूर्ण विधि-विधान के साथ किया जाएगा। परिवार और श्रद्धालुओं ने सभी से अंतिम दर्शन के लिए उपस्थिति की अपील की है। पंडित शिव शंकर झा की अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ने की संभावना है।

नीतीश कुमार के नाम दर्ज हुआ ऐतिहासिक रिकॉर्ड—वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ पर दी बधाई, वैश्विक सूची में शामिल करने की घोषणा

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पटना। बिहार की राजनीति में इतिहास रचने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बड़ी मान्यता मिली है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने उन्हें दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर औपचारिक रूप से बधाई दी है। संस्था ने इसे आज़ाद भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की एक “अद्वितीय और अप्रतिम उपलब्धि” बताया है।

संस्था द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 1947 से 2025 तक, देश में कोई भी नेता ऐसा नहीं हुआ जिसने दस बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली हो। नीतीश कुमार इस उपलब्धि के साथ भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचने वाले पहले व्यक्ति बन गए हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि पूरे राष्ट्र और बिहार के लिए गर्व का क्षण है।

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने अपने पत्र में कहा कि यह असाधारण उपलब्धि मुख्यमंत्री के अटूट समर्पण, दूरदर्शी नेतृत्व और जनता द्वारा उन पर जताए गए विश्वास का प्रतीक है। संस्था का मानना है कि लगातार दस बार राज्य का नेतृत्व करना लोकतांत्रिक इतिहास में बेहद दुर्लभ है और यह उनके प्रशासनिक कौशल, विकास के प्रति प्रतिबद्धता और सामाजिक कल्याण की निरंतर पहल को दर्शाता है।

संस्था ने आगे लिखा कि शासन व्यवस्था को मजबूत करने, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने, आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने और बिहार को नई दिशा देने में नीतीश कुमार के प्रयास प्रेरणादायक रहे हैं। उनका यह निरंतर नेतृत्व न सिर्फ राज्य, बल्कि पूरे देश के लिए सकारात्मक संदेश देता है।

उल्लेखनीय है कि इस अनुकरणीय उपलब्धि के सम्मान में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम उनकी प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा। संस्था ने यह भी कहा है कि इस उपलब्धि को मान्यता देते हुए उन्हें जल्द ही आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

ज्ञात हो कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन एक वैश्विक संस्था है जो दुनियाभर में असाधारण उपलब्धियों को दर्ज और सम्मानित करती है। यह संस्था व्यक्तियों, संस्थानों और ऐतिहासिक स्थलों के उल्लेखनीय योगदानों तथा सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का कार्य करती है।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का नेतृत्व न सिर्फ प्रदेश बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपरा में एक मील का पत्थर है।

भागलपुर में बड़ी पहल: lawn tennis को नई उड़ान देने के लिए 3 दिवसीय प्रशिक्षण कैंप और जिला स्तर टूर्नामेंट का ऐलान

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Bhagalpur News: भागलपुर में खेल संस्कृति को नई दिशा देने के लिए Bhagalpur Lawn Tennis Association (BLTA) ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। पहली बार शहर में 3 दिवसीय टेनिस प्रशिक्षण शिविर और उसके बाद जिला स्तरीय टेनिस टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 11 से 14 दिसंबर 2025 तक Station Club, Bhagalpur में आयोजित होगा। इस पहल का उद्देश्य टेनिस को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और शहर के उभरते खिलाड़ियों को प्रोफेशनल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है l

Bhagalpur Lawn Tennis Association (BLTA), जो बिहार लॉन टेनिस एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त एकमात्र संगठन है, ने शहर में टेनिस को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम की घोषणा की है। संस्था 11 दिसंबर 2025 से 3 दिवसीय टेनिस ट्रेनिंग कैंप का आयोजन कर रही है, जिसके बाद 14 दिसंबर को जिला स्तरीय टेनिस टूर्नामेंट होगा। पूरा आयोजन स्टेशन क्लब, भागलपुर में किया जाएगा।

प्रशिक्षण कैंप 11 से 13 दिसंबर तक चलेगा, जिसका उद्देश्य टेनिस की बारीकियों को युवाओं, शुरुआती खिलाड़ियों और मध्यम स्तर के प्रतिभागियों तक पहुँचाना है। इस कैंप का नेतृत्व दिल्ली और पटना से आने वाले पेशेवर टेनिस कोच करेंगे। कैंप के दौरान खिलाड़ियों को तकनीक, फिटनेस, अनुशासन, मैच टेम्परामेंट और प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। BLTA का मानना है कि ऐसी पहलें भागलपुर के उभरते टेनिस खिलाड़ियों के लिए बड़े अवसर पैदा करेंगी।

इसके बाद 14 दिसंबर को जिला स्तरीय टेनिस टूर्नामेंट आयोजित होगा, जिसमें भागलपुर जिले के विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। विजेताओं को BLTA की ओर से मेडल, प्रमाणपत्र और सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस टूर्नामेंट का उद्देश्य जिले में छुपी प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने के लिए प्रेरित करना है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में BLTA के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष ने इवेंट की महत्वाकांक्षी योजनाओं, जमीनी स्तर पर टेनिस को बढ़ाने के लक्ष्य, नियमित कोचिंग और भविष्य की टेनिस परियोजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।

BLTA ने स्थानीय मीडिया से इस कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार का अनुरोध किया है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे और युवा इस खेल से प्रेरित हों और भागलपुर को बिहार के एक मजबूत टेनिस हब के रूप में विकसित किया जा सके।


बिहार के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: अब टैबलेट से होगी हाजिरी, खत्म हुई रजिस्टर की पुरानी व्यवस्था

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Patna News: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था अब नए रूप में दिखाई देगी। वर्षों से चली आ रही कागजी रजिस्टर वाली हाजिरी प्रणाली को बदलते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। अब सभी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति टैबलेट के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि फर्जी हाजिरी, घोस्ट स्टूडेंट्स और उपस्थिति से जुड़े भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी। यह परिवर्तन बिहार की शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाने वाला है।

बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति टैबलेट के माध्यम से ली जाएगी। इससे दशकों पुरानी रजिस्टर वाली व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। विभाग के अनुसार, इस नए सिस्टम का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना, उपस्थिति में हेरफेर रोकना और शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत करना है।

राज्य के लगभग 81,000 सरकारी स्कूलों को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्राथमिक और मिडिल स्कूलों को दो-दो टैबलेट जबकि माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार दो से तीन टैबलेट दिए जाएंगे। पहले चरण में पटना, नालंदा, वैशाली, सारण, भोजपुर और जहानाबाद जिलों के चुनिंदा स्कूलों में यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, जहां छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की गई और परिणाम बेहद सकारात्मक रहे।

नई डिजिटल प्रणाली से हाजिरी की वास्तविकता तुरंत विभाग तक पहुंच जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि कितने छात्र वास्तव में स्कूल पहुंच रहे हैं और किन स्कूलों की उपस्थिति संदिग्ध है। इसके अलावा, हाजिरी डेटा क्लाउड में सुरक्षित रहेगा जिससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना खत्म होगी।

हालांकि, दूरदराज के स्कूलों में नेटवर्क और तकनीकी सुविधाओं की कमी चुनौती बन सकती है, लेकिन विभाग का दावा है कि सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से इंटरनेट और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

डिजिटल हाजिरी प्रणाली लागू होने के बाद बिहार की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है। यह बदलाव आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र में कई और सुधारों की राह खोल सकता है।

मेधा दिवस 2025 में चमका भागलपुर: मैट्रिक-इंटर परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन पर डीएम को राज्यस्तरीय सम्मान

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पटना/भागलपुर : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय मेधा दिवस 2025 समारोह में इस वर्ष भागलपुर जिला सुर्खियों में रहा। मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के सफल, निष्पक्ष और सुचारु संचालन में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए भागलपुर जिले के जिला पदाधिकारी (डीएम) डॉ नवल किशोर चौधरी को शिक्षा विभाग की ओर से विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह में माननीय शिक्षा मंत्री, बिहार और अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग ने मंच पर डीएम को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया।

इस वर्ष मैट्रिक और इंटर परीक्षा के दौरान भागलपुर में अनुशासन, निगरानी, परीक्षा-केंद्र प्रबंधन, क्विक-एक्शन कंट्रोल रूम और संवेदनशील केंद्रों पर कड़ी मॉनिटरिंग की व्यवस्था को BSEB ने ‘राज्य के सर्वश्रेष्ठ मॉडल’ में शामिल किया। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा संचालन की पारदर्शिता, समयबद्धता और निर्बाध व्यवस्था के लिए भागलपुर प्रशासन का योगदान उल्लेखनीय रहा।

मेधा दिवस कार्यक्रम में राज्यभर के 151 मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया—जिसमें मैट्रिक के टॉप-10 (123 विद्यार्थी) और इंटर के तीनों संकायों के टॉप-5 (28 विद्यार्थी) शामिल थे। सभी टॉपर्स को नकद पुरस्कार, टैबलेट/लैपटॉप और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ विद्यार्थियों को प्रेरित नहीं करता, बल्कि उन ज़िलों को भी सम्मान देता है जिन्होंने परीक्षा संचालन को नए मानक दिए हैं।

कार्यक्रम में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बनाए रखने में जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसी कारण इस बार उन जिलों को विशेष रूप से चुना गया जिन्होंने परीक्षा संचालन में उत्कृष्टता का परिचय दिया।

भागलपुर के लिए यह सम्मान न सिर्फ प्रशासन की उपलब्धि है, बल्कि जिले की शिक्षा-व्यवस्था में बढ़ते सुधारों का मजबूत संकेत भी माना जा रहा है।
यह सम्मान जिले के शिक्षकों, पर्यवेक्षकों, पुलिस-प्रशासन और पूरे परीक्षा-तंत्र की टीम स्पिरिट का परिणाम बताया गया।

बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, भागलपुर DM समेत 50 IAS अधिकारियों को एक साथ प्रोन्नति, 17 जिलों के DM भी अपग्रेड

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पटना/भागलपुर। बिहार सरकार ने राज्य प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा और प्रभावी प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कुल 50 IAS अधिकारियों को एक साथ प्रोन्नति दे दी है। इनमें 17 जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी शामिल हैं, जिन्हें विशेष सचिव व अपर सचिव ग्रेड में अपग्रेड किया गया है। यह निर्णय 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा या जब अधिकारी नया दायित्व ग्रहण करेंगे। राज्य प्रशासन में यह कदम लंबे समय से प्रतीक्षित माना जा रहा था, जिससे जिले-स्तर पर विकास कार्यों की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।


कौन-कौन से DM हुए प्रोन्नत?

इस बड़ी सूची में कई जिलों के लोकप्रिय और उच्च प्रदर्शन वाले अफसर शामिल हैं। इनमें प्रमुख हैं—

  • डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी भागलपुर
  • सुब्रत कुमार सेन, जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर
  • धर्मेंद्र कुमार, जिलाधिकारी पश्चिम चंपारण
  • नवदीप शुक्ला, जिलाधिकारी बांका
  • आनंद शर्मा, जिलाधिकारी मधुबनी
  • नवीन कुमार, जिलाधिकारी जमुई
  • डॉ. विद्यानंद सिंह, डीएम बक्सर
  • सुनील कुमार, डीएम कैमूर
  • पवन कुमार सिन्हा, डीएम गोपालगंज

ये सभी अधिकारी अब विशेष सचिव या अपर सचिव ग्रेड में शामिल हो चुके हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इन अफसरों को नई जिम्मेदारियां भी सौंपी जाएंगी।


पथ निर्माण विभाग की अपर सचिव शैलजा शर्मा भी प्रमोट

इस प्रमोशन लिस्ट में शैलजा शर्मा, अपर सचिव, पथ निर्माण विभाग, को भी उच्च ग्रेड दिया गया है। विभागीय कामकाज को तेज करने और सड़क परियोजनाओं को गति देने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है।


बड़ा प्रमोशन: Apex से लेकर Special Secretary तक

सूत्रों के मुताबिक:

  • 2 अधिकारियों को Apex वेतनमान
  • 3 अधिकारियों को Principal Secretary ग्रेड
  • 28 अधिकारियों को Special Secretary
  • 16 अधिकारियों को Additional Secretary ग्रेड

यह सूची राज्य प्रशासन के विभिन्न बैचों—1996 बैच से लेकर 2016 बैच तक—को शामिल करती है।

रेलवे का बड़ा फैसला: अब तत्काल टिकट होगा ओटीपी से वेरीफाई, दलालों पर लगेगी लगाम — यात्रियों को मिलेगी पारदर्शी सेवा

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Bhagalpur News: भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकटों में बढ़ती धांधली और दलालों की गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। बहुत जल्द पूरे देश में काउंटर से मिलने वाले तत्काल टिकटों के लिए ओटीपी आधारित टिकटिंग सिस्टम अनिवार्य हो जाएगा। रेलवे का दावा है कि यह व्यवस्था टिकटिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित बना देगी।

रेलवे ने जुलाई 2025 में ऑनलाइन तत्काल टिकटों पर ‘आधार आधारित ओटीपी सिस्टम’ लागू किया था, जिसे यात्रियों की व्यापक सराहना मिली। इसके बाद अक्टूबर 2025 में सभी सामान्य आरक्षणों के लिए भी ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया। इन दोनों चरणों में मिली सफलता के बाद रेलवे ने अब काउंटर बुकिंग को भी इसी सिस्टम से जोड़ने का निर्णय लिया है।

नवंबर 2025 में रेलवे ने काउंटर बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित तत्काल टिकट प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। अभी तक यह व्यवस्था 52 ट्रेनों में सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। नए सिस्टम के तहत, यात्री के फॉर्म में दर्ज मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। इस ओटीपी के सफल वेरिफिकेशन के बाद ही तत्काल टिकट जारी किया जा सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया फर्जी बुकिंग और टिकटों के “ब्लैकिंग” पर रोक लगाएगी, जिससे वास्तविक यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। रेलवे का मानना है कि ऑनलाइन की तरह काउंटर बुकिंग में भी पारदर्शिता आवश्यक है, ताकि तत्काल टिकटों का फायदा केवल जरूरतमंद यात्रियों को ही मिल सके।

रेलवे अब जल्द ही इस प्रणाली को देश की सभी ट्रेनों और हर आरक्षण काउंटर पर लागू करने जा रहा है। अनुमान है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद तत्काल टिकट बुकिंग की विश्वसनीयता और दक्षता दोनों में बड़ा सुधार होगा।

यह कदम भारतीय रेल को तकनीक-संचालित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की 141वीं जयंती पर राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने की श्रद्धांजलि अर्पित

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Patna News: भारत के प्रथम राष्ट्रपति और बिहार की गौरवशाली विरासत के प्रतीक देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की 141वीं जयंती पर आज राजधानी पटना में भव्य राजकीय समारोह आयोजित किया गया। राजेन्द्र चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। पूरे आयोजन स्थल पर श्रद्धा और देशभक्ति का माहौल छाया रहा।

माल्यार्पण के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने स्वदेशी कंबल आश्रम की चरखा कातने वाली महिलाओं के बीच साड़ियाँ वितरित कीं और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण की अनोखी मिसाल है, जिसे नई पीढ़ी को अवश्य अपनाना चाहिए।

इसके पश्चात दोनों नेता राजेन्द्र घाट के समाधि स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर देशरत्न को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा परिसर “जय राजेन्द्र बाबू” के नारों से गूंज उठा।

समारोह में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, विधायक श्याम रजक, विधायक अश्वमेध देवी, विधान पार्षद कुमुद वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सबने भारत के प्रथम राष्ट्रपति को नमन किया और उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम में सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के कलाकारों ने आरती-पूजन, बिहार गीत और देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर पूरे माहौल को भावनात्मक और भव्य बना दिया।


जेपी आंदोलन के सेनानी व पूर्व वार्ड कमिश्नर वीरेंद्र नारायण सिंह ‘मनोज़’ का निधन, भागलपुर में शोक की लहर

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Bhagalpur News: भागलपुर में मंगलवार सुबह उस समय गम का माहौल पसर गया जब 1974 के ऐतिहासिक जेपी आंदोलन के सेनानी, वरिष्ठ समाजसेवी और नगर पालिका के पूर्व वार्ड कमिश्नर वीरेंद्र नारायण सिंह ‘मनोज़’ के निधन की सूचना सामने आई। बताया गया कि हृदय गति रुकने के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई और विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक व व्यापारी संगठनों में गहरा दुःख व्याप्त हो गया।

वीरेंद्र नारायण सिंह ‘मनोज़’ जेपी आंदोलन के दौरान सक्रिय मोर्चे पर रहे और सामाजिक न्याय एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लंबे समय तक संघर्षरत रहे। जन-सेवा की भावना, सरल स्वभाव और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के कारण वे जनता के बीच एक लोकप्रिय व सम्मानित चेहरा थे। भागलपुर नगर पालिका में वार्ड कमिश्नर के रूप में अपने कार्यकाल में उन्होंने कई विकास योजनाओं को गति दी और क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके निधन को समाज ने अपूरणीय क्षति बताया है। स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारी संगठन, विभिन्न सामाजिक संस्थाएँ और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उनके आवास पर पहुँचकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। लोग उन्हें एक मिलनसार, सौम्य और सदैव जनहित के लिए खड़े रहने वाले व्यक्तित्व के रूप में याद कर रहे हैं।

परिवार के अनुसार, मनोज़ अपने पीछे एक पुत्र मोहित सिंह, दो बड़ी पुत्रियाँ और पत्नी को शोक संतप्त छोड़ गए हैं। परिजनों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे परिवार में मातम का माहौल है।

उनकी अंतिम यात्रा कल सुबह 11 बजे निकाली जाएगी, जिसमें शहरभर से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। शहर के विभिन्न इलाकों से लोग लगातार श्रद्धांजलि देने पहुँच रहे हैं और उनके योगदान को याद कर भावुक हो रहे हैं।