Patna News: राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राजधानी स्थित पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में महिला मरीजों के लिए विशेष सुविधा का विस्तार किया जा रहा है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 90 अतिरिक्त बेड जोड़े जाने से अब महिलाओं को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती की सुविधा मिल सकेगी।
बिहार सरकार की पुनर्विकास योजना के तहत अस्पतालों में बेड क्षमता बढ़ाने का अभियान तेज़ी से चल रहा है। इसी क्रम में पीएमसीएच को हाईटेक मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार महिला वार्ड में बेड बढ़ने से प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा और मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
हाल ही में अस्पताल परिसर में 1,117 बेड क्षमता वाले दो आधुनिक टावर भी चालू किए गए हैं, जिनमें अत्याधुनिक मशीनें, आईसीयू और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं। इससे न केवल बिहार बल्कि देश के अन्य राज्यों से भी मरीज विश्वस्तरीय इलाज के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
✈️ एयर एम्बुलेंस सुविधा भी होगी शुरू
पीएमसीएच को राष्ट्रीय स्तर का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने के लक्ष्य के तहत यहां एयर एम्बुलेंस उतरने की सुविधा भी विकसित की जा रही है। गंभीर मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगले एक-दो महीने में यह सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लक्ष्य है कि राज्य के लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े और उन्हें अपने ही प्रदेश में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिले। स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में तेजी से हो रहे विकास के कारण पटना का पीएमसीएच अब देश के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की श्रेणी में शामिल होता जा रहा है।
पीएमसीएच में महिला मरीजों के लिए बड़ी सौगात: स्त्री रोग विभाग में बढ़ेंगे 90 बेड, हाईटेक इलाज होगा आसान
गोराडीह में सड़क हादसा: 16 वर्षीय मुमताज की घटनास्थल पर मौत, दो बच्चे गंभीर
रिपोर्ट- बीरेंद्र कुमार राय
Bhagalpur News: रविवार को गोराडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गरहोतिया चौक पर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। मोटरसाइकिल पर सवार तीन बच्चे घर लौट रहे थे, तभी उनके साथ एक ट्रक की टक्कर हो गई। इस हादसे में पीथना गांव निवासी मोहम्मद राजू के 16 वर्षीय पुत्र मुमताज की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य दो बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे नमाज पढ़कर घर लौट रहे थे, इसी क्रम में यह दर्दनाक हादसा हुआ।
घटना की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष और पुलिस दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने हादसे की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।
परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और सड़क सुरक्षा के उपायों पर भी ध्यान देने की बात कही है।
यह हादसा क्षेत्र में बढ़ते सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है और अधिकारियों से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग करता है।
CM नीतीश कुमार ने सैदपुर और बाकरगंज भूमिगत नाला व सड़क निर्माण का किया निरीक्षण, तेजी से पूर्ण करने के दिए निर्देश
Patna News: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पटना के सैदपुर और बाकरगंज में भूमिगत नाला निर्माण के साथ-साथ सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान पटना प्रमंडल के आयुक्त श्री अनिमेष परासर और जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एस०एम० ने मुख्यमंत्री को परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सैदपुर नाले का जीर्णोद्धार करके इसके ऊपर फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के पूरा होने से सैदपुर, राजेन्द्र नगर, मुसल्लहपुर हाट, गायघाट और पहाड़ी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त होगी और न्यू पटना बाईपास से जुड़ने का वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
सैदपुर नाले के तहत पटना के 9 ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन और एक सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट (STP) का पानी बहता है। नगर विकास विभाग अंतर्गत बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BUDCO) के द्वारा 259.81 करोड़ रुपये की लागत से 5.61 किलोमीटर लंबाई वाले नाले के ऊपर फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बाकरगंज नाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य जल्द और बेहतर ढंग से पूर्ण किया जाए। यह नाला उमा सिनेमा हॉल से अंटा घाट तक गंगा नदी की ओर जाता है और शहर के भीतरी हिस्सों में जल निकासी का अहम मार्ग है। परियोजना के तहत लगभग 1.4 किलोमीटर लंबी सड़क नाले के ऊपर बनायी जा रही है, जिससे ट्रैफिक और जल निकासी दोनों में सुधार होगा।
निरीक्षण में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, सचिव श्री कुमार रवि, सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त श्री अनिमेष परासर, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस०एम०, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिकेय के० शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के बाद परियोजना का कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा और पटना शहरवासियों के लिए आवागमन और जल निकासी दोनों सुगम बनेंगी।
भागलपुर में रोटरी विक्रमशिला और पिंक के सहयोग से भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन
Bhagalpur News: रोटरी विक्रमशिला एवं पिंक ने 01 मार्च 2026 को राम गीता आस्था लाइफ स्टाइल सिटी के गार्डन परिसर में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया। शाम 5 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में शहरवासियों और सोसाइटी के निवासियों ने होली के उल्लास का आनंद लिया।
इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों एवं अतिथियों के लिए बॉलीवुड म्यूजिक, लाइव ढोल और गीत-संगीत की प्रस्तुति का आयोजन किया गया। साथ ही सभी के लिए निःशुल्क रंग, पारंपरिक ठंडाई और आकर्षक रिफ्रेशमेंट मेन्यू की व्यवस्था की गई थी, ताकि होली का जश्न सुरक्षित और आनंदमय माहौल में मनाया जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित रोटरी पदाधिकारी और सम्मानित सदस्य थे:
रोटेरियन प्रवीण सिंह (चार्टर प्रेसिडेंट एवं पूर्व असिस्टेंट गवर्नर)
रोटेरियन दीपक सिंह, राम बिनोद सिंह, रोटेरियन सुधा पांडेय (प्रेसिडेंट), रोटेरियन सानी (प्रेसिडेंट)
पूर्व अध्यक्ष रवि सिंह, बिजॉय आनंद, अमित आनंद
रोटेरियन नीरज कुमार (सेक्रेटरी), रोटेरियन चंदना चौधरी (चार्टर प्रेसिडेंट)
गायत्री सिंह, उपाध्यक्ष मृदुला घोष, रंजिता जायसवाल, रोशनी शर्मा, रीना कुमारी, रेणु सिंह, सिमरन सिंह, सारिका शुक्ला, शालिनी कुमारी, मुजफ्फर अहमद, सियाराम दस, प्रशांत बनर्जी, हिमांगी आदि।
रोटरी विक्रमशिला एवं पिंक के पदाधिकारियों ने शहरवासियों और सोसाइटी के निवासियों से आग्रह किया कि वे इस सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करें और भाईचारे, प्रेम तथा सौहार्द के साथ होली पर्व मनाएं।
इस आयोजन ने भागलपुर में होली के त्यौहार को उल्लासपूर्ण, सुरक्षित और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने का संदेश दिया।
भव्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: “सतत कृत्रिम बुद्धिमत्ता — जन, प्रकृति और प्रगति” पर वैश्विक मंथन
Bhagalpur News: जयपुर स्थित शंकरा संस्थान में “सतत कृत्रिम बुद्धिमत्ता — जन, प्रकृति और प्रगति” विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस वैश्विक आयोजन में देश-विदेश से आए विद्वानों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर इसे वैचारिक संगम का स्वरूप प्रदान किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानव कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास से जोड़ने की दिशा में ठोस संवाद स्थापित करना रहा।
मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अपने संबोधन में भारत की वैज्ञानिक और आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीकी प्रगति तभी सार्थक है जब वह न्यायपूर्ण और उत्तरदायी व्यवस्था का निर्माण करे। उन्होंने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण का उदाहरण देते हुए भारत की आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा को रेखांकित किया।
विशिष्ट अतिथि अश्विनी कुमार चौबे ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा कि सतत कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल तकनीक नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य का नैतिक संकल्प है। उन्होंने जोर दिया कि AI का उपयोग कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन ला सकता है। साथ ही शंकरा संस्थान की सराहना करते हुए इसे शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग को जोड़ने वाला राष्ट्रनिर्माण का केंद्र बताया।
सम्मेलन में 32 से अधिक विषयों पर प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिनमें 33 लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई। छात्राओं की पूर्ण टीम के लिए विशेष पुरस्कार की व्यवस्था ने तकनीकी क्षेत्र में समान अवसर और समावेशिता का संदेश दिया। देशभर के 300 से अधिक संस्थानों के विद्यार्थियों की भागीदारी से कार्यक्रम “लघु भारत” की झलक बन गया।
संस्थान के संस्थापक डॉ. संत कुमार चौधरी ने कहा कि यह आयोजन केवल विचार-विमर्श नहीं, बल्कि सतत विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा, नैतिकता और नवाचार के समन्वय से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।
भागलपुर को एआई हब बनाने की तैयारी तेज, मई–जून में बड़े इंडस्ट्रियल और एआई समिट की संभावना
Bhagalpur News: होली के बाद मई–जून के दौरान भागलपुर में एक बड़े इंडस्ट्रियल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समिट के आयोजन की संभावना जताई जा रही है। यह जानकारी नगर विधायक रोहित पांडेय ने दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई समिट के बाद अब भागलपुर को एआई हब के रूप में विकसित करने की दिशा में गंभीर पहल की जाएगी।
विधायक ने बताया कि भागलपुर पहले से ही शैक्षणिक और औद्योगिक दृष्टि से मजबूत आधार रखता है। यहां ट्रिपल आईटी, इंजीनियरिंग कॉलेज और कृषि विश्वविद्यालय जैसे संस्थान मौजूद हैं, जो तकनीकी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यदि सरकार और उद्योग जगत मिलकर काम करें तो भागलपुर को पूर्वी भारत का एक प्रमुख टेक्नोलॉजी और एआई केंद्र बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो रहे शहर में आधारभूत संरचना लगातार मजबूत की जा रही है। बेहतर सड़क, बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी और प्रशासनिक सहयोग के कारण यह शहर उद्योगपतियों के लिए आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। प्रस्तावित समिट में देश के बड़े उद्योगपति, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और निवेशकों के शामिल होने की संभावना है, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
विधायक रोहित पांडेय ने विशेष रूप से भागलपुर की पहचान रही सिल्क इंडस्ट्री को आधुनिक तकनीक और एआई से जोड़ने की बात कही। उनका मानना है कि नई तकनीकों के उपयोग से सिल्क उद्योग को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। साथ ही फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय किसानों और उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित एआई समिट भागलपुर के औद्योगिक विकास और युवाओं के रोजगार के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
भागलपुर में समाजसेवी बबली किशोर की अनोखी पहल, स्लम एरिया के बच्चों संग मनाई खुशियों भरी होली
Bhagalpur News: भागलपुर में होली के अवसर पर शहर में एक भावुक और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जब समाजसेवी बबली किशोर ने स्लम एरिया के बच्चों के साथ होली उत्सव मनाकर उन्हें खुशियों से भर दिया। V गार्डन विवाह भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई, जिससे पूरा वातावरण उत्साह, उमंग और रंगों से सराबोर नजर आया।
समारोह के दौरान बबली किशोर ने अपने हाथों से बच्चों को भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर समय बिताया। बच्चों ने खुशी-खुशी “हैप्पी होली” कहकर उनका आभार जताया। मासूम चेहरों की मुस्कान और रंगों से सजे माहौल ने कार्यक्रम को बेहद भावनात्मक और यादगार बना दिया।
इस अवसर पर बबली किशोर ने कहा कि कई बच्चे सामाजिक और आर्थिक कारणों से त्योहारों की खुशियों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे बच्चों के साथ त्योहार मनाकर उन्हें खुशी देना ही उनका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है और इसी भावना के साथ वे हर वर्ष इस तरह का आयोजन करते हैं।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की असली खुशी दूसरों के साथ बांटने में है। इस पहल को उपस्थित लोगों ने सराहते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए ऐसे प्रयास प्रेरणादायक हैं।
विचारों का सह-अस्तित्व: भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता की असली पहचान
लेखक — निशांत वीर सिंह
Bhagalpur News: भारत का लोकतंत्र केवल एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सदियों से विकसित एक गहरी वैचारिक और सामाजिक परंपरा का परिणाम है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ भिन्न-भिन्न विचारधाराएँ—गांधीवाद, समाजवाद, सम्यवाद और राष्ट्रवाद—न केवल साथ-साथ अस्तित्व में रहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ढाँचे के भीतर अपनी-अपनी भूमिका निभाते हुए राष्ट्र-निर्माण में योगदान देती रही हैं। यही सह-अस्तित्व भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता की सबसे बड़ी कसौटी है।
गांधीवादी विचारधारा, जिसे महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और नैतिक राजनीति के आधार पर स्थापित किया, सत्ता के केंद्रीकरण के बजाय जन-आधारित स्वराज और ग्राम स्वावलंबन पर जोर देती है। इसके विपरीत समाजवादी विचारधारा आर्थिक समानता और संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण को प्राथमिकता देती है, जिसमें राज्य की सक्रिय भूमिका के माध्यम से सामाजिक विषमता कम करने की बात की जाती है।
सम्यवादी विचारधारा का मूल लक्ष्य वर्गहीन और शोषण-मुक्त समाज की स्थापना है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के गठन के साथ भारत में वामपंथी आंदोलन ने मजदूरों और किसानों के अधिकारों को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया। स्वतंत्रता के बाद वामपंथ ने संसदीय लोकतंत्र को स्वीकार करते हुए पश्चिम बंगाल, केरल और त्रिपुरा जैसे राज्यों में शासन चलाकर यह सिद्ध किया कि वैचारिक भिन्नता के बावजूद लोकतांत्रिक प्रक्रिया सर्वोपरि है।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की विचारधारा को संगठित रूप दिया, जिसका उद्देश्य सामाजिक संगठन, अनुशासन और राष्ट्रचेतना का निर्माण रहा। इसी धारा से प्रेरित राजनीतिक शक्ति के रूप में भारतीय जनता पार्टी उभरी, जिसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से व्यापक जनसमर्थन हासिल किया।
इन सभी विचारधाराओं के बीच मूलभूत मतभेद होने के बावजूद भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि वे एक ही संवैधानिक ढाँचे के भीतर सह-अस्तित्व में रह सकती हैं। लोकतंत्र मतभेदों को टकराव नहीं, बल्कि विमर्श का अवसर मानता है। यही कारण है कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा किसी एक विचारधारा की विजय नहीं, बल्कि संतुलन और संवाद की निरंतर प्रक्रिया रही है।
आज जब देश रोजगार, कृषि संकट, आर्थिक असमानता और सामाजिक विषमताओं जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, तब यह और स्पष्ट हो जाता है कि इन समस्याओं का समाधान किसी एक विचारधारा से संभव नहीं है। इसके लिए विविध दृष्टिकोणों के बीच संवाद, नीतिगत नवाचार और संवैधानिक सहयोग आवश्यक है।
अंततः, विचारों का सह-अस्तित्व ही भारत की लोकतांत्रिक आत्मा है। सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक पहचान—इन सभी के बीच संतुलन बनाए रखना ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा है। इस सहिष्णुता और संवाद की परंपरा को जीवित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, क्योंकि यही भारत को एक सशक्त और परिपक्व लोकतंत्र बनाती है।
सिकंदरपुर में रंगों की धूम: भव्य होली मिलन समारोह में लाइव म्यूजिक, डांस और मटका फोड़ प्रतियोगिता ने बांधा समां
Bhagalpur News: भागलपुर होली के पावन अवसर पर सिकंदरपुर स्थित पानी टंकी के समीप V गार्डन मैरिज हॉल में 1 मार्च को भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें रंग, संगीत और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कार्यक्रम का आयोजन हाई फाइ NGO एवं जंगली जंक्शन रेस्टोरेंट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, युवा, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। रंग-गुलाल के बीच लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे व सद्भाव का संदेश दिया। पूरा परिसर रंगों से सराबोर नजर आया और हर ओर उत्सव का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान लाइव म्यूजिक और डांस ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोकप्रिय होली गीतों पर उपस्थित लोगों ने जमकर नृत्य किया, जिससे माहौल और भी उल्लासपूर्ण हो गया। समारोह का मुख्य आकर्षण मटका फोड़ प्रतियोगिता रही, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आयोजकों द्वारा सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के मीडिया पार्टनर के रूप में वॉइस ऑफ बिहार और सिल्क टीवी जुड़े रहे, जिन्होंने आयोजन की व्यापक कवरेज की। पूरे समारोह में अनुशासन, सौहार्द और उत्साह का सुंदर समन्वय देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने आयोजकों की सराहना करते हुए इसे यादगार और सफल होली समारोह बताया।
यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का संदेश भी दे गया।
भागलपुर में अनुराधा खेतान को भावभीनी श्रद्धांजलि, गौशाला प्रांगण में शोकसभा आयोजित
Bhagalpur News: भागलपुर शहर के गौशाला प्रांगण में रेल यात्री संघ के अध्यक्ष विष्णु खेतान की पत्नी अनुराधा खेतान के आकस्मिक निधन पर एक भावपूर्ण शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दुखद समाचार से शहर के सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों तथा रेल यात्री संघ के सदस्यों ने उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने अनुराधा खेतान के चित्र पर पुष्प अर्पित किए तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि अनुराधा खेतान एक अत्यंत सरल, मिलनसार और धर्मपरायण महिला थीं, जिन्होंने जीवनभर सामाजिक सेवा और जरूरतमंदों की सहायता को प्राथमिकता दी। वे विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाती थीं और अपने सौम्य व्यवहार के कारण समाज के सभी वर्गों में सम्मानित थीं।
वक्ताओं ने कहा कि उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। इस अवसर पर कई लोगों ने रेल यात्री संघ के अध्यक्ष विष्णु खेतान और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करें।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक प्रार्थना के साथ शोकसभा का समापन किया गया। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि अनुराधा खेतान के सामाजिक कार्यों और सेवा भावना को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि उनकी स्मृति समाज के बीच सदैव जीवित रहे।











