भागलपुर के समीक्षा भवन में बाढ़ आपदा राहत की हुई समीक्षा; मंत्री ने छूटे हुए लाभुकों की सूची तैयार कर जल्द बैंक खातों में राशि भेजने को कहा, बोले- कोई भी वास्तविक बाढ़ पीड़ित सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।
Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत राशि उपलब्ध कराने को लेकर बिहार सरकार ने गंभीरता दिखाई है। बाढ़ राहत राशि से अब तक वंचित रह गए पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा दिलाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सह भागलपुर के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने समीक्षा भवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ आपदा राहत और मुआवजा वितरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में मंत्री ने जिले में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को अब तक उपलब्ध कराई गई सरकारी सहायता, राहत राशि के भुगतान और शेष बचे लाभुकों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन वास्तविक बाढ़ पीड़ितों को किसी कारणवश अब तक राहत राशि नहीं मिल पाई है, उनकी पहचान कर जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
छूटे हुए लाभुकों की सूची तैयार करने का निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री नीतीश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ राहत राशि से वंचित रह गए सभी प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जाए। संबंधित पदाधिकारी क्षेत्रवार जांच कर ऐसे लोगों की पहचान करें, जो बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब तक सरकारी सहायता प्राप्त नहीं कर सके हैं।
उन्होंने कहा कि सूची तैयार करने के बाद पात्र लाभुकों के बैंक खातों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द राहत राशि भेजने की कार्रवाई की जाए। सरकार की प्राथमिकता है कि वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचे और किसी भी पात्र परिवार को प्रशासनिक प्रक्रिया या अन्य कारणों से राहत से वंचित नहीं रहना पड़े।
मुख्यमंत्री ने खुद भागलपुर पहुंचकर लिया था बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा
बैठक में मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बाढ़ के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं भागलपुर पहुंचे थे और प्रभावित इलाकों का जायजा लिया था। उस दौरान सरकार और प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने अपनी क्षमता के अनुसार प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का काम किया है। इसके बावजूद यदि कुछ लोग अब तक सहायता से वंचित रह गए हैं, तो उन्हें भी राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
राहत वितरण में पात्रता और पारदर्शिता पर जोर
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत राशि वितरण की प्रक्रिया में पात्रता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। वास्तविक प्रभावित परिवारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक सत्यापन किया जाए, ताकि सरकारी सहायता सही लोगों तक पहुंच सके।
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता मिलना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में राहत राशि मिलने में देरी से लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। बैठक में इसी को ध्यान में रखते हुए लंबित मामलों का जल्द निष्पादन करने पर जोर दिया गया।
बैठक में डीएम समेत कई अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षात्मक बैठक में भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी कुंदन कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार सहित आपदा प्रबंधन विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ राहत से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन छूटे हुए लाभुकों की पहचान और भुगतान की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी करता है, ताकि बाढ़ की मार झेल चुके परिवारों को जल्द आर्थिक राहत मिल सके।


