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बिहार में गैस सिलेंडर वितरण पर सख्ती, सीमावर्ती जिलों में छापेमारी के निर्देश

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Patna News: बिहार में घरेलू गैस सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में गुरुवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्यभर में गैस वितरण की स्थिति, लंबित मामलों (बैकलॉग) और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP), सभी जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आम जनता को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अव्यवस्था पर तुरंत रोक लगाई जा सके।
बैठक के दौरान खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय सिंह ने राज्य में गैस सिलेंडर वितरण की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें विभिन्न जिलों में आपूर्ति की स्थिति, बैकलॉग की समस्या और उसके समाधान के लिए जिलाधिकारियों द्वारा सुझाए गए उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कई जिलों में वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के प्रयास जारी हैं।
मुख्य सचिव ने बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि गैस वितरण प्रणाली को पूरी तरह जन-केंद्रित और पारदर्शी बनाया जाए। इसके लिए हर जिले में स्थापित कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए और हर समस्या का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा, अफवाहों पर रोक लगाने और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए सभी जिलों में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) द्वारा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का मानना है कि पारदर्शिता और नियमित जानकारी से लोगों में भरोसा बढ़ेगा और भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।
सबसे अहम निर्देश सीमावर्ती जिलों को लेकर दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने साफ कहा कि इन क्षेत्रों में अवैध भंडारण और गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सघन और लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे गैस आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि राज्य में गैस की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा।

PLI योजना पर UFBU का बड़ा विरोध, DFS के निर्देश को बताया जल्दबाजी और असंतुलन बढ़ाने वाला कदम

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New Delhi: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI) को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा जारी हालिया निर्देश पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे सुलह प्रक्रिया को कमजोर करने वाला कदम बताया है।
UFBU ने कहा कि DFS ने 18 मार्च 2026 को जारी अपने निर्देश में स्केल IV से लेकर उच्च अधिकारियों तक के लिए PLI लागू करने की बात कही है, जबकि यह मुद्दा अभी मुख्य श्रम आयुक्त (CLC) के समक्ष सुलह प्रक्रिया में विचाराधीन है। यूनियनों के अनुसार, 9 मार्च को हुई बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई थी और यह सहमति बनी थी कि आगे की कार्रवाई द्विपक्षीय वार्ता के जरिए होगी। ऐसे में महज कुछ दिनों के भीतर इस योजना को लागू करने का निर्देश देना पूरी प्रक्रिया को कमजोर करता है।
यूनियन ने आरोप लगाया कि यह फैसला बैंकिंग क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही द्विपक्षीय औद्योगिक संबंधों की परंपरा के खिलाफ है। वर्तमान व्यवस्था के तहत PLI बैंक के सामूहिक प्रदर्शन से जुड़ा होता है और सभी कर्मचारियों के लिए समान रूप से लागू होता है। लेकिन नई योजना व्यक्तिगत प्रदर्शन आधारित है, जिससे कार्यबल के भीतर असमानता और विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है।
UFBU ने इस योजना के वित्तीय प्रभावों पर भी चिंता जताई है। यूनियन का कहना है कि जहां अभी तक कर्मचारियों और मध्य प्रबंधन स्तर के अधिकारियों को अधिकतम 15 दिनों के वेतन के बराबर PLI मिलता है, वहीं नई योजना में वरिष्ठ अधिकारियों को 365 दिनों तक के वेतन के बराबर प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। इससे बैंकिंग क्षेत्र पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है और संसाधनों के असंतुलित उपयोग का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
यूनियन ने यह भी कहा कि इस तरह की “Bell Curve” आधारित मूल्यांकन प्रणाली वैश्विक स्तर पर अप्रभावी साबित हो चुकी है और कई बड़ी कंपनियां इसे छोड़ चुकी हैं। ऐसे में बैंकिंग क्षेत्र में इसे लागू करना व्यावहारिक नहीं है।
UFBU ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस निर्देश को वापस नहीं लिया गया, तो इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ेगा और औद्योगिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। यूनियन ने सरकार, भारतीय बैंक संघ और बैंक प्रबंधन से अपील की है कि इस मुद्दे को सुलह प्रक्रिया के तहत ही सुलझाया जाए, ताकि पारदर्शिता, समानता और संतुलन बना रहे।

भागलपुर में त्योहारों को लेकर हाई अलर्ट: शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने बनाई व्यापक रणनीति

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Bhagalpur News: आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर भागलपुर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिला शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय कुमार चौधरी समेत शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में ईद, चैती छठ, रामनवमी और दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। शांति समिति के सदस्यों ने विभिन्न पूजा स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई, ब्लीचिंग पाउडर और चुना के छिड़काव, पेयजल व्यवस्था, निर्बाध बिजली आपूर्ति, यातायात नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को लेकर अपने सुझाव दिए।
जिलाधिकारी ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आश्वस्त किया कि हर जरूरी व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से साफ-सफाई और स्वच्छता पर जोर देते हुए नगर निगम को निर्देश दिया कि शहर के सभी प्रमुख स्थलों पर नियमित सफाई और छिड़काव किया जाए।
छठ पर्व को लेकर उन्होंने कहा कि गंगा का जलस्तर नीचे होने के कारण घाटों की संख्या सीमित हो गई है, इसलिए कृत्रिम रूप से पानी की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं रामनवमी के दौरान अधिक भीड़ और जुलूस को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के जुलूस के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि बच्चों को तेज गति से वाहन चलाने से रोकें और हेलमेट पहनना सुनिश्चित करें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
वहीं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि होली पर्व की तरह ही सभी आगामी त्योहारों को भी आपसी सहयोग और शांति के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मोटरसाइकिल गश्ती दल का गठन किया गया है और पुलिस अधिकारी खुद भी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करेंगे।
एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी जुलूस या कार्यक्रम में भड़काऊ नारे या गाने बजाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि त्योहार खुशी और सौहार्द के लिए होते हैं, इसलिए सभी लोग मिल-जुलकर इन्हें शांतिपूर्वक मनाएं।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी विभाग समन्वय के साथ काम करेंगे, ताकि भागलपुर में सभी त्योहार सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हो सकें।

भागलपुर में LPG आपूर्ति को लेकर हाई लेवल बैठक, डीएम-एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश

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Bhagalpur News: भागलपुर में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव की संयुक्त अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी गैस एजेंसियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों, जिला आपूर्ति पदाधिकारी और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति और लंबित बुकिंग यानी बैकलॉग की गहन समीक्षा की गई। गैस एजेंसी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बैकलॉग को तेजी से खत्म करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और वर्तमान में दैनिक मांग से अधिक गैस की आपूर्ति की जा रही है।
जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि गैस की आपूर्ति को और तेज करते हुए तीन शिफ्ट में वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लंबित बुकिंग को जल्द से जल्द समाप्त किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू बनी रहनी चाहिए।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने जानकारी दी कि भागलपुर जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि 18 मार्च को 12,576 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए, जो उस दिन की बुकिंग से काफी अधिक है। इससे स्पष्ट है कि बैकलॉग लगातार कम हो रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिले में कुल 58 एलपीजी गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनमें इंडियन ऑयल (IOCL) की 33, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की 16 और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की 9 एजेंसियां शामिल हैं। सभी एजेंसियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। इसके तहत सभी प्रखंडों में विशेष धावा दल का गठन किया गया है, जबकि दंडाधिकारी और पुलिस बल की भी तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सभी घरेलू उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष 24×7 संचालित किया जा रहा है। इसका दूरभाष नंबर 0641-2402871 है, जिस पर कॉल कर उपभोक्ता अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और प्रशासन हर स्तर पर निगरानी रखते हुए आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026: बिहार ने ‘फोकस स्टेट’ के रूप में ऊर्जा निवेश में संभावनाओं को दिखाया

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नई दिल्ली/पटना: भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में ‘फोकस स्टेट’ के रूप में बिहार ने अपनी मजबूत और सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित इस वैश्विक मंच पर बिहार ने न केवल अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया, बल्कि वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ सक्रिय संवाद भी स्थापित किया।
समिट के दौरान बिहार पैवेलियन निवेशकों और आगंतुकों का केंद्र बना। बीएसपीएचसीएल की टीम ने मौके पर निवेशकों से बातचीत कर संभावित सहयोग के रास्ते तलाशे। उद्योग जगत के नेताओं के साथ कई सार्थक बैठकें हुईं, जिनमें बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर विस्तार से मंथन किया गया। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने बिहार की नीतियों और विकास मॉडल में गहरी रुचि दिखाई।
पिछले 20 वर्षों में बिहार ने बिजली क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। वर्ष 2005 में जहां राज्य को 700 मेगावाट से कम बिजली उपलब्ध थी, वहीं आज 8,700 मेगावाट से अधिक की मांग पूरी की जा रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 24 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है और 2.2 करोड़ से अधिक उपभोक्ता अब नेटवर्क से जुड़े हैं। संचारण क्षमता में लगभग 20 गुना वृद्धि, वितरण नेटवर्क का पांच गुना विस्तार, ग्रिड सबस्टेशनों की संख्या 45 से 175 तक बढ़ना और ट्रांसफार्मरों में दस गुना वृद्धि जैसी उपलब्धियों ने बिहार को विश्वसनीय और मजबूत ऊर्जा नेटवर्क प्रदान किया।
वितरण कंपनियों ने भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2021 में 1,942 करोड़ रुपये के घाटे से वित्त वर्ष 2025 में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के लाभ तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है। एटी एंड सी घाटा घटकर लगभग 15 प्रतिशत हुआ और दोनों डिस्कॉम्स को ‘ए’ रेटिंग मिली।
डिजिटलीकरण में भी बिहार ने अग्रणी भूमिका निभाई है। 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए, जिससे पारदर्शिता और दक्षता में सुधार हुआ। ERP सिस्टम, आईटी डैशबोर्ड और केंद्रीकृत कमांड सेंटर जैसी व्यवस्थाओं ने पूरे सिस्टम को उत्तरदायी और प्रभावी बनाया।
भविष्य की योजना के तहत बिहार अगले पांच वर्षों में 81,000 करोड़ रुपये के निवेश से पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन को सुदृढ़ करेगा। पीरपैंती की 30,000 करोड़ रुपये की परियोजना, कजरा सौर एवं बैटरी स्टोरेज और पंप्ड स्टोरेज नीति में प्रस्तावित 13,000 करोड़ रुपये के निवेश राज्य में निवेशकों का विश्वास दर्शाते हैं। रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025 के तहत 2030 तक 24 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा और 6.1 गीगावाट ऊर्जा भंडारण लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में बिहार की भागीदारी केवल उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि यह संदेश है कि बिहार अब ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, नवाचार और विकास का एक उभरता हुआ केंद्र बन चुका है।

भागलपुर में प्रेम प्रसंग का मामला: युवक पर जानलेवा हमला, इलाज के दौरान रहस्यमय तरीके से हुआ लापता

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Bhagalpur News: भागलपुर में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक रोहित कुमार पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया और इलाज के दौरान रहस्यमय तरीके से वह लापता हो गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस इस मामले में पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रही है और जांच एकतरफा की जा रही है।
कुतुबगंज निवासी मोहन मोदी ने वरीय आरक्षी को आवेदन देकर बताया कि उनके पुत्र रोहित और अंजली कुमारी के बीच पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध था। लगभग छह महीने पहले रोहित ने अंजली से विवाह का प्रस्ताव रखा था, जिसे लड़की ने ठुकरा दिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया और कथित रूप से लड़की ने धमकी भी दी।
परिवार के अनुसार, 12 मार्च की शाम रोहित को पंकज चौरसिया के घर बुलाया गया। वहां पहले से मौजूद लोगों ने गेट बंद कर उसे डंडे, बैट और लोहे की रॉड से हमला किया। इस हमले में रोहित गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी आंख पर गहरा जख्म आया और हाथ टूट गया।
स्थानीय लोगों की मदद से रोहित को सदर अस्पताल, भागलपुर में भर्ती कराया गया। लेकिन अगले ही दिन वह अस्पताल से रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। परिजनों का कहना है कि इसके बाद से रोहित का कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच अंजली कुमारी द्वारा रोहित के खिलाफ मामला दर्ज कराने से विवाद और बढ़ गया।
पीड़ित परिवार ने बताया कि 14 मार्च को बबरगंज थाना में आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 18 मार्च को हुई जांच में भी केवल एक पक्ष से पूछताछ की गई, जबकि दूसरे पक्ष की बात नहीं सुनी गई।
अब परिवार प्रशासन से मांग कर रहा है कि रोहित को तुरंत बरामद किया जाए, निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि तभी सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिल सकेगा।
मामले ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने यह भी उजागर किया कि प्रेम प्रसंग से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई न होने पर युवाओं और परिवारों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

नालंदा में सड़क हादसा: इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन छात्रों की मौत, दो गंभीर रूप से घायल

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Nalanda News: नालंदा जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें चंडी इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन छात्रों की मौत हो गई और दो अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा चंडी थाना क्षेत्र के सालेपुर गांव के पास उस समय हुआ जब छात्र कार में सवार होकर घूमने निकले थे।
जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय कार अचानक अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिर गई। इस हादसे में घटनास्थल पर ही दो छात्रों की मौत हो गई, जबकि तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों में से एक छात्र इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ गया। घायलों को इलाज के लिए तुरंत मॉडल अस्पताल लाया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय सूत्रों और पुलिस के अनुसार, हादसा कार के तेज गति से चलने और सड़क की खराब स्थिति के कारण हुआ। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही चंडी थाना पुलिस और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा और हादसे की जांच शुरू कर दी है।
चंडी इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के साथ हर संभव सहायता देने की बात कही है। कॉलेज की ओर से बताया गया कि छात्र सिर्फ घूमने के लिए निकले थे और यह हादसा पूरी तरह से आकस्मिक था।
पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और वाहन की स्थिति तथा सड़क पर मौजूद गड्ढों की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही हादसे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित परिवारों को जानकारी दी जाएगी।
स्थानीय लोगों और छात्रों ने हादसे के बाद सड़क की खतरनाक स्थिति और सुरक्षा उपायों पर भी सवाल उठाए हैं। घटना ने इलाके में सड़क सुरक्षा और नियमों का पालन करने की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
इस हादसे ने छात्र समुदाय और उनके परिवारों में भारी शोक और चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन और पुलिस ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

बक्सर: तीन साल बाद डुमरांव पुलिस की पहल से लापता युवक मिला, परिवार में लौट आई खुशियां

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Bihar News: बक्सर जिले के डुमरांव में तीन साल से लापता युवक को पुलिस की मानवीय पहल और तत्परता के दम पर उसके परिवार से मिलाया गया। यह घटना न केवल युवक के परिवार के लिए राहत का कारण बनी, बल्कि पूरे इलाके में पुलिस की संवेदनशीलता की सराहना भी हुई।
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के सिद्धि जिले के रामपुर गांव निवासी सुमिरन कौल का 27 वर्षीय पुत्र छोटू कौल तीन साल पहले रोजगार की तलाश में वाराणसी गया था। वहां वह फल का ठेला लगाकर अपना गुजारा कर रहा था। लेकिन कुछ समय बाद उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई और वह अस्थिर हो गया। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया। परिवार ने लगातार उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
हाल ही में बुधवार की रात डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा को सूचना मिली कि बंझू डेरा के पास एक युवक संदिग्ध हालत में घूम रहा है और अपना नाम-पता बताने में असमर्थ है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को थाने ले आई। प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने अलग-अलग नाम बताए, जिससे स्पष्ट हुआ कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है।
लगातार प्रयास और संवेदनशील पूछताछ के बाद युवक की सही पहचान हुई और उसके परिवार से संपर्क स्थापित किया गया। गुरुवार की सुबह युवक का भाई पंकज कौल डुमरांव पहुंचा और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद छोटू को अपने साथ घर ले गया।
पंकज कौल ने कहा, “हमारा भाई पिछले तीन वर्षों से लापता था। उसे वाराणसी में मानसिक अस्थिरता के कारण ढूँढना मुश्किल हो रहा था। डुमरांव पुलिस की मदद से आज वह हमें मिल सका और हमारे परिवार में खुशियां लौट आईं।”
थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सूचना के आधार पर युवक को बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान उसने कई नाम बताए, जिससे उसकी मानसिक अस्वस्थता स्पष्ट हुई। पुलिस की लगातार कोशिशों और संवेदनशीलता के कारण युवक की सही पहचान हो सकी और परिजनों तक सूचना पहुँचाई गई।
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि पुलिस की संवेदनशील और सक्रिय पहल बिछड़े परिवारों को फिर से जोड़ सकती है और समाज में भरोसे का माहौल बना सकती है।

भागलपुर में नि:शुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर: दिव्यांगों के जीवन में लौटेगी उम्मीद की किरण

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Bhagalpur News: सामाजिक सेवा और मानवता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रोटरी क्लब भागलपुर और महावीर सेवा सदन ने शहर में प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने 07, 08 और 09 अप्रैल 2026 को भागलपुर के दीप प्रभा परिसर में आयोजित होने वाले नि:शुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर “उम्मीद की किरण 2026” की जानकारी साझा की।
शिविर प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक चलेगा, जिसमें दिव्यांगजनों को पूरी तरह नि:शुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद व्यक्तियों को सहारा देना है, ताकि वे अपने दैनिक जीवन को सहज और आत्मनिर्भर तरीके से जी सकें।
प्रेस वार्ता में आयोजकों ने बताया कि लाभार्थियों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। इच्छुक दिव्यांगजन अपने आवश्यक अंग से संबंधित जानकारी व्हाट्सएप पर वीडियो बनाकर भेज सकते हैं, जिससे उनका पंजीकरण पहले ही सुनिश्चित हो जाएगा। शिविर के दिन लाभार्थियों को अपना आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा।
शिविर में अनुभवी विशेषज्ञों की टीम मौजूद रहेगी, जो लाभार्थियों की जांच करके उन्हें उपयुक्त कृत्रिम अंग प्रदान करेगी। साथ ही मौके पर ही फिटिंग और परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध होगी। आयोजकों ने लोगों से अपील की कि वे इस जानकारी को अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुँचाएं, ताकि यह मानव सेवा का कार्य व्यापक स्तर पर सफल हो सके।
रोटरी क्लब और महावीर सेवा सदन का कहना है कि यह शिविर न केवल दिव्यांगों की जीवन शैली में सुधार लाएगा बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में सक्रिय भागीदारी निभाने के अवसर भी प्रदान करेगा। शिविर की इस पहल को शहरवासियों द्वारा सराहा जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि तीनों दिन में बड़ी संख्या में लाभार्थी इसका लाभ उठाएंगे।
इस प्रकार “उम्मीद की किरण 2026” शिविर भागलपुर में दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद और जीवन में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने जा रहा है।

तिलकामांझी विश्वविद्यालय भागलपुर में जर्जर भवन को लेकर छात्रों का कड़ा विरोध

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Bhagalpur News: तिलकामांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर में पीजी अम्बेडकर विचार एवं समाज कार्य विभाग का भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में होने के कारण छात्रों में भारी चिंता और आक्रोश व्याप्त है। छात्र राष्ट्रीय लोक मोर्चा, भागलपुर के द्वारा आज विश्वविद्यालय परिसर में इस गंभीर समस्या के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया।
संगठन के जिला अध्यक्ष सत्यम मिश्रा ने बताया कि भवन की छत और दीवारें इतनी कमजोर हो चुकी हैं कि कोई भी बड़ा हादसा कभी भी घट सकता है। भवन की कई जगहों पर प्लास्टर गिर रहा है, लोहे की सरिया बाहर निकल आई हैं और छत टूट चुकी है। ऐसी स्थिति में छात्रों के लिए कक्षा में बैठना बेहद जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस समस्या के बावजूद मूकदर्शक बना हुआ है।
छात्र संगठन ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में कई बार कुलपति एवं कुलसचिव के नाम ज्ञापन और आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन आज तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न ही विश्वविद्यालय के किसी उच्च अधिकारी ने मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया। इस लापरवाही के कारण छात्र-छात्राओं में भय का माहौल बना हुआ है। कई छात्र जोखिम के बावजूद कक्षा में आने को मजबूर हैं, जबकि कुछ ने डर के कारण कक्षाओं में आना ही बंद कर दिया है।
संगठन के ह्रषिकेश प्रकाश ने चेतावनी दी कि यदि भवन की मरम्मत और सुरक्षा की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो संगठन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। प्रमुख मांगों में जर्जर भवन का तत्काल निरीक्षण और मरम्मत, वैकल्पिक सुरक्षित कक्षाओं की व्यवस्था और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है।
इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के छात्र नेता गिरीश झा, शुभम कुमार, रमन राठौड़, नवल कुमार, प्रिंस कुमार, सुमित कुमार, बिट्टू और गौरव समेत कई अन्य छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।