Bhagalpur News: भागलपुर रेल पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में ट्रेनों में यात्रियों से लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में उनके कब्जे से भारी मात्रा में जेवरात बरामद किए गए, जिनकी बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
रेल एसपी विद्यासागर ने बताया कि जीआरपी को गुप्त सूचना मिली थी कि हावड़ा की ओर जाने वाली ट्रेनों में सक्रिय एक गिरोह चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सघन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान संजय यादव नामक संदिग्ध के पास से एक ब्लेड बरामद हुआ, जिससे उसके संलिप्त होने का अंदेशा और मजबूत हुआ।
पुलिस पूछताछ में संजय यादव ने अपने अपराधों को स्वीकार कर लिया। उसके निशानदेही पर बबरगंज थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव में स्थित एक किराए के मकान के तहखाने में छापेमारी की गई। तहखाने से बड़ी मात्रा में लूटे गए जेवरात बरामद किए गए, जो पिछले तीन वर्षों से ट्रेनों में हुई चोरी और लूट की घटनाओं से संबंधित हैं।
गिरफ्तार आरोपी संजय यादव मुंगेर जिले के बरियारपुर का रहने वाला है जबकि दूसरा आरोपी पलटू मंडल खगड़िया जिले का निवासी है। पुलिस के अनुसार यह दोनों पिछले लगभग तीन वर्षों से अपने गिरोह के साथ ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
रेल एसपी विद्यासागर ने आगे बताया कि पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों और सरगनाओं के नाम भी सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर रेलवे क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इस कार्रवाई को रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त तत्परता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। विद्यासागर ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कोई ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस सभी लुटे गए सामान को बरामद कर पीड़ित यात्रियों तक लौटाने में पूरी सक्रियता दिखा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के माध्यम से पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि रेल में चल रही लूट और चोरी की घटनाओं की जाँच लगातार जारी रहेगी और रेलवे क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रेल एसपी ने अंतिम संदेश में कहा, “हम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतत प्रयासरत हैं और ऐसे गिरोहों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
भागलपुर में ट्रेन लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश: आरपीएफ-जीआरपी की कार्रवाई में एक करोड़ के जेवरात बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
बिहार में निवेश को नई गति: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’, निवेशकों को मिलेगा हर संभव सहयोग
Patna News: बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और उसे उद्योग जगत में अग्रणी पहचान दिलाने के उद्देश्य से आज मुख्य सचिव, बिहार, प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’ का सफल आयोजन किया। यह महत्वपूर्ण बैठक पटना हवाई अड्डे के समीप स्थित वायुयान संगठन निदेशालय में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चली। बैठक में कुल 11 प्रमुख निवेशकों ने भाग लिया, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण और परिवहन क्षेत्रों में कार्यरत कंपनियां शामिल थीं।
मुख्य सचिव ने सभी निवेशकों के व्यावसायिक प्रस्तावों को ध्यानपूर्वक सुना और बिहार में उद्योग स्थापित करने के मार्ग में आ रही जमीनी बाधाओं को दूर करने पर गंभीर चर्चा की। उन्होंने संबंधित विभागों के प्रधान सचिवों और सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निवेशकों को हर संभव और त्वरित सहायता प्रदान की जाए ताकि राज्य में निवेश का माहौल और मजबूत हो।
बैठक में उपस्थित उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार और गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने भी निवेशकों को राज्य में उपलब्ध अवसरों और तकनीकी सहयोग की जानकारी दी।
मुख्य निवेश प्रस्ताव:
AION Pvt Ltd के निदेशक करण हैरी धौल ने एआई एनालिटिक्स और फोरकास्टिंग के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साझा की और बिहार के बिजली विभाग के साथ सहयोग का प्रस्ताव रखा।
Zydex Industries Pvt Ltd के COO हिमांशु अग्रवाल ने सड़क निर्माण में जर्जरता से बचाने की अपनी तकनीक का प्रदर्शन किया और इसके माध्यम से सड़क निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाने का दावा किया।
Icon Communication के अनुपम श्रीवास्तव ने डाउनस्ट्रीम कम्युनिकेशन मॉडल के माध्यम से स्वास्थ्य और ‘जीविका’ कार्यक्रमों में योगदान देने की योजना साझा की।
Appycrown के CEO ओम प्रकाश ने क्लाउड-बेस्ड एप्लिकेशन और सेल्सफोर्स कंसल्टिंग के क्षेत्र में बिहार सरकार के साथ साझेदारी करने की इच्छा जताई।
इसके अतिरिक्त बैठक में Tensor Analytics, Riya Cabs and Trip, Quess Corp Ltd, Sheel Biotech Ltd, Kivisa Agro, M/S S L Chemicals & Organics Pvt Ltd और Raymed Group जैसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
बैठक में निवेशकों ने यह निवेदन किया कि यदि उनकी कंपनियों को तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़े, तो संबंधित विभाग त्वरित समाधान प्रदान करें। इस पर मुख्य सचिव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करेगी।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई यह उद्योग वार्ता बिहार को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। निवेशकों और सरकार के बीच इस सहयोग से राज्य में रोजगार, तकनीकी विकास और आर्थिक प्रगति को नई गति मिलने की संभावना है।
भागलपुर में सहकारिता को नई दिशा: पैक्स पदाधिकारियों को व्यवसायिक मॉडल अपनाने का मिला मंत्र
Bhagalpur News: भागलपुर के टाउन हॉल में गुरुवार को सहकारिता विभाग द्वारा पैक्स अध्यक्षों, प्रबंधकों एवं व्यापार मंडल अध्यक्षों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, भागलपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार तथा नाबार्ड के जिला प्रबंधक द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सहकारिता व्यवस्था के सबसे निचले स्तर पर कार्यरत पैक्स पदाधिकारी इस तंत्र की रीढ़ हैं। उनका प्रशिक्षण और सशक्तिकरण ही सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। उन्होंने बताया कि अब पैक्स केवल ऋण वितरण और वसूली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सरकार की नई सोच के तहत इन्हें बहुआयामी और व्यवसायिक इकाई के रूप में विकसित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिप्राप्ति (प्रोक्योरमेंट) कार्य के जुड़ने से पैक्स की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब सरकार पैक्स को और अधिक मजबूत बनाने के लिए व्यवसायिक विविधिकरण पर जोर दे रही है। इसके तहत पैक्स को मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना, कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केंद्र, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना तथा पेट्रोल पंप जैसी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के अंतर्गत पैक्स स्तर पर गोदाम निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना के तहत 1500 मीट्रिक टन से लेकर 10,000 मीट्रिक टन क्षमता तक के गोदाम बनाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को फसल भंडारण में सुविधा मिलेगी और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में भी भागलपुर जिला आगे बढ़ रहा है। नाबार्ड के सहयोग से जिले के कुल 160 पैक्सों का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता आई है। इसके अलावा सहकारिता के दायरे को बढ़ाते हुए प्रखंड स्तर पर बकरी पालन समिति, मधुमक्खी पालन समिति, अनुमंडल उपभोक्ता भंडार तथा किसान उत्पादन संगठन (FPO) की स्थापना भी की गई है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि 28 जीविका समूहों को स्वावलंबी समिति के रूप में निबंधित किया गया है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर सहकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर संभव सहयोग के लिए तत्पर रहेगा।
यह कार्यशाला सहकारिता क्षेत्र में नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नवगछिया एसपी प्रेरणा कुमार का तबादला, राजेश कुमार बने नए पुलिस अधीक्षक
Bhagalpur News: बिहार सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इसी क्रम में नवगछिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रेरणा कुमार का तबादला कर उन्हें लखीसराय का नया एसपी बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह राजेश कुमार को नवगछिया का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह तबादला प्रशासनिक आवश्यकता के तहत किया गया है और नए पदस्थापन के साथ ही अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने का निर्देश दिया गया है। इस फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्रेरणा कुमार, जो 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं, अपने कार्यकाल के दौरान नवगछिया में कई महत्वपूर्ण अभियानों के लिए जानी जाती रही हैं। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए। अब लखीसराय में उनकी नई तैनाती को लेकर भी उम्मीद जताई जा रही है कि वे वहां भी अपनी कार्यशैली से सकारात्मक बदलाव लाएंगी।
वहीं, नवगछिया के नए एसपी बने राजेश कुमार (2016 बैच आईपीएस) को एक अनुभवी और सख्त अधिकारी माना जाता है। इससे पहले वे मध निषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो, बिहार में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनके पास प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ कानून-व्यवस्था संभालने का अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है।
स्थानीय स्तर पर इस बदलाव को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आम लोगों को उम्मीद है कि नए एसपी राजेश कुमार के नेतृत्व में नवगछिया में अपराध पर और प्रभावी नियंत्रण होगा तथा पुलिसिंग में सुधार देखने को मिलेगा।
इस तबादले के साथ ही बिहार पुलिस में एक बार फिर प्रशासनिक बदलाव की झलक देखने को मिली है। सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत के अनुसार समय-समय पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जाता रहेगा।
फिलहाल, सभी की निगाहें नवगछिया में नए एसपी राजेश कुमार की कार्यशैली पर टिकी हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि वे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए किस तरह के कदम उठाते हैं।
मुजफ्फरपुर हिंसा मामले में गरमाई सियासत, पीड़ित परिवार से मिले पप्पू यादव—उच्च स्तरीय जांच की मांग
Mujaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में हुई हिंसक झड़प और एक व्यक्ति की मौत के बाद अब मामला पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। चोरनिया गांव में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे पूर्णिया सांसद Pappu Yadav ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
मंगलवार देर रात असिया गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी, जिसके बाद पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। इस दौरान 60 वर्षीय जगतवीर राय की मौत हो गई। हालांकि, मौत के कारण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जगतवीर राय की मौत गोली लगने से हुई, जबकि पुलिस इस बात से इनकार कर रही है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला POCSO कोर्ट के एक आदेश के अनुपालन में शुरू हुआ। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए असिया गांव पहुंची थी, इसी दौरान ग्रामीणों के साथ टकराव हो गया और स्थिति बेकाबू हो गई। देखते ही देखते झड़प हिंसक रूप ले बैठी और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद बुधवार को चोरनिया गांव पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह किसी जाति विशेष के लिए नहीं, बल्कि न्याय के लिए यहां आए हैं। उन्होंने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि “कानून और प्रशासन पूरी तरह निकम्मा और लापरवाह हो गया है।”
पप्पू यादव ने इस पूरे मामले की जांच पटना स्तर की विशेष जांच टीम (SIT) से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुजफ्फरपुर में पहले भी उन्होंने अपराधियों और जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ आवाज उठाई है और आगे भी लड़ाई जारी रखेंगे।
इधर, पुलिस अब भी यह मानने को तैयार नहीं है कि मौत गोली लगने से हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग न्याय की मांग को लेकर आक्रोशित हैं, वहीं राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या सामने आता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।
भागलपुर में विक्रम संवत 2083 का भव्य आगाज, सैंडिस कंपाउंड में संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम
Bhagalpur News: भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत 2083 की पूर्व संध्या पर भागलपुर के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरा परिसर पारंपरिक सजावट और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद गणेश वंदना की प्रस्तुति ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, दर्शकों का उत्साह भी बढ़ता गया और हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज सुनाई देती रही।
इस मौके पर उपस्थित अतिथियों ने भारतीय नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति आज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है और इसकी परंपराएं मानव जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं और कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। कृष्णा क्लब, भागलपुर के अजय अटल, हिंदी युवा शक्ति के प्रवीण प्रकाश तथा भागलपुर कथक केंद्र के कथक नृत्य गुरु निभाष चंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने भजन, लोकगीत और शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। खासकर कथक नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारतीय परंपराओं, देवी-देवताओं और लोक जीवन से जुड़ी झलकियां देखने को मिलीं, जिससे दर्शकों को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिला। बच्चों और युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।
इस आयोजन का एक विशेष पहलू यह भी रहा कि इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जिससे कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के आयोजन समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और एकता को बढ़ावा देते हैं।
कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम न केवल नव वर्ष के स्वागत का माध्यम बना, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का सशक्त प्रदर्शन भी रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का संकल्प
SDG के साथ योजनाओं के समन्वय से तेज होगा बिहार का विकास, राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल समापन
Patna News: बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस मौके पर विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने स्पष्ट कहा कि राज्य की विकास योजनाओं को SDGs के साथ समन्वित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि विकास समावेशी, संतुलित और दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बन सके।
अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने वर्ष 2017 में ही SDG विजन दस्तावेज तैयार कर लिया था, जिसके तहत सभी विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों को SDGs के लक्ष्यों से जोड़ा गया है। यही कारण है कि राज्य स्तर पर 334 संकेतकों का एक मजबूत ढांचा विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी और मूल्यांकन किया जा रहा है।
डॉ. विजयलक्ष्मी ने बताया कि बिहार ने SDG संकेतकों के आधार पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 162 प्रमुख संकेतकों के विश्लेषण में करीब 72 प्रतिशत में सुधार दर्ज किया गया है, जो राज्य की ठोस नीतिगत प्रतिबद्धता और प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि 15 SDGs में से 8 लक्ष्यों पर बिहार संतोषजनक प्रगति कर रहा है, जबकि बाकी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं।
राज्य की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार का SDG स्कोर वर्ष 2018 के 48 से बढ़कर 2023-24 में 57 हो गया है। खास तौर पर स्वच्छ जल और स्वच्छता (SDG-6) के क्षेत्र में राज्य ने 98 अंक प्राप्त कर देश में तीसरा स्थान हासिल किया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में भी बिहार ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। राज्य ने बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय कमी करते हुए लगभग 2.25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। यह उपलब्धि राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम मानी जा रही है।
आर्थिक मोर्चे पर भी बिहार ने मजबूत प्रदर्शन किया है। वर्ष 2024-25 में राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर 13.1 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जो आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
लैंगिक समानता (SDG-5) पर बोलते हुए अपर मुख्य सचिव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण बिहार सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। जीविका, मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना और अन्य योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत किया जा रहा है। पंचायतों में महिलाओं की 50 प्रतिशत से अधिक भागीदारी इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि महिला श्रम बल भागीदारी दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2017-18 के लगभग 4 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 32 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके अलावा महिलाओं की वित्तीय और सामाजिक भागीदारी में भी व्यापक सुधार देखा गया है।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि बिहार सरकार साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण को और सुदृढ़ करेगी। जेंडर बजटिंग को SDGs के साथ जोड़कर नीति निर्माण को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस रहेगा।
कार्यशाला के समापन पर डॉ. विजयलक्ष्मी ने विश्वास जताया कि इस राष्ट्रीय मंच से मिले सुझाव और अनुभव राज्य के विकास प्रयासों को और गति देंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय, तकनीकी नवाचार और जन-जागरूकता के माध्यम से बिहार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
पत्थर से कूचकर महिला सब्जी विक्रेता की निर्मम हत्या, लखीसराय में उबाल—ग्रामीणों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
Lakhisarai News: लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 65 वर्षीय महिला सब्जी विक्रेता की पत्थर से कूचकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान सुनैना देवी के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय जोगी पासवान की पत्नी थीं। घटना हलसी थाना क्षेत्र के कैंडी गांव के पास की है, जहां इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनैना देवी रोज की तरह मेहनत-मजदूरी कर सब्जी बेचकर अपना जीवन यापन करती थीं। बताया जा रहा है कि घटना की रात वह अपने घर के पास सो रही थीं। इसी दौरान आसपास की कुछ दुकानों में चोरी की कोशिश की जा रही थी। आशंका जताई जा रही है कि महिला की नजर चोरों पर पड़ गई होगी, जिसके बाद बदमाशों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए इस जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। इस दर्दनाक घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने सिकंदरा-लखीसराय मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार चोरी और आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
सूचना मिलते ही हलसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लखीसराय सदर अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाके में छानबीन की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, वहीं संदिग्धों की पहचान के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस घटना ने न सिर्फ इलाके की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम लोगों में भय का माहौल भी पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखी जा
पटना में SDG मॉनिटरिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला की शुरुआत, डेटा आधारित विकास को मिलेगा नया बल
Patna News: बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग द्वारा राजधानी पटना में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्रभावी मॉनिटरिंग को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की क्षमता निर्माण कार्यशाला का भव्य शुभारंभ किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के सहयोग से किया गया है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) का तकनीकी सहयोग भी शामिल है।
यह कार्यशाला बिहार में पहली बार आयोजित की जा रही है, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसमें देश के करीब 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस मंच के जरिए राज्यों के बीच ज्ञान-साझेदारी, अनुभवों का आदान-प्रदान और सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने का अवसर मिल रहा है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य SDG मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क को सुदृढ़ बनाना, इंडिकेटर आधारित प्रगति की सटीक ट्रैकिंग सुनिश्चित करना तथा राज्यों की सांख्यिकीय क्षमता को और मजबूत करना है। इसके तहत विशेष रूप से डेटा गैप की पहचान, डेटा गुणवत्ता में सुधार और प्रशासनिक एवं सर्वेक्षण आधारित आंकड़ों के एकीकरण पर जोर दिया जा रहा है, ताकि नीति निर्माण के लिए विश्वसनीय और अद्यतन डेटा उपलब्ध हो सके।
इसके साथ ही कार्यशाला में SDG लोकलाइजेशन को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के साथ SDGs को जोड़ने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे विकास अधिक लक्षित, समावेशी और क्षेत्र-विशिष्ट बन सके।
कार्यक्रम में पर्यावरणीय लेखांकन (Green/Natural Resource Accounting) को भी विशेष महत्व दिया गया है। इसके माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग, संरक्षण और पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन कर विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अलावा जेंडर सांख्यिकी को मजबूत करने पर भी बल दिया गया है, ताकि महिलाओं और पुरुषों के बीच असमानताओं को डेटा के माध्यम से बेहतर तरीके से समझा जा सके और लिंग-संवेदनशील नीतियों का निर्माण किया जा सके।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में योजना एवं विकास मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि SDGs की प्राप्ति के लिए सटीक, विश्वसनीय और समयबद्ध आंकड़े अत्यंत आवश्यक हैं। यह कार्यशाला डेटा-आधारित शासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वहीं मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गुणवत्तापूर्ण डेटा को प्रभावी नीतियों की आधारशिला बताते हुए ‘Leave No One Behind’ के सिद्धांत को साकार करने पर जोर दिया।
MoSPI के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग ने SDG इंडिकेटर्स की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए मजबूत सांख्यिकीय प्रणाली और राज्यों के बीच सहयोग को आवश्यक बताया। UNDP की रेजिडेंट प्रतिनिधि डॉ. एंजेला लुसिगी ने डेटा, साझेदारी और नवाचार के समन्वय को सतत विकास की कुंजी बताया।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में SDG इंडिकेटर ट्रैकिंग, डेटा गुणवत्ता सुधार, पर्यावरणीय लेखांकन, जेंडर सांख्यिकी और राज्यों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जा रही है।
यह कार्यशाला न केवल राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि भारत में SDG लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। साथ ही, बिहार में पहली बार इस तरह के राष्ट्रीय आयोजन से राज्य की बढ़ती संस्थागत क्षमता और डेटा-आधारित शासन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता भी स्पष्ट होती है।











