Homeबिहारबिहार: खरीफ सीजन से पहले किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात! मुख्य सचिव...

बिहार: खरीफ सीजन से पहले किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात! मुख्य सचिव ने दिए उत्तर कोयल और मंडई परियोजना को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश

किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए मुख्य सचिव एक्शन मोड में; समीक्षा बैठक में दी कड़ी चेतावनी।

Patna News: बिहार सरकार कृषि और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। इसी कड़ी में आज बिहार के मुख्य सचिव  प्रत्यय अमृत ने जल संसाधन विभाग की दो सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं—‘उत्तर कोयल जलाशय परियोजना’ और ‘मंडई वीयर एवं नहर प्रणाली’—की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

​मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की कोताही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका लक्ष्य आगामी खरीफ मौसम से पहले इन परियोजनाओं का लाभ सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है।

करोड़ों की परियोजनाएं: सिंचाई का नया अध्याय

​बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने दोनों परियोजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति का बारीकी से विश्लेषण किया:

  • उत्तर कोयल जलाशय परियोजना: लगभग 1367.61 करोड़ रुपये की इस विशाल परियोजना से औरंगाबाद और गया जिलों की कृषि तस्वीर बदल जाएगी। इसकी समग्र प्रगति वर्तमान में 57.09% तक पहुँच चुकी है।
  • मंडई वीयर एवं नहर प्रणाली: 232.83 करोड़ रुपये की इस योजना का कार्य भी तेज़ी से चल रहा है, जिसके तहत नहर प्रणालियों का 60% से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है।

ग्राउंड रिपोर्ट: कहाँ तक पहुँचा काम?

​मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान प्रगति के आंकड़ों पर संतोष तो जताया, लेकिन गति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया:

  • उत्तर कोयल: राइट मेन कैनाल (RMC) के अधिकांश हिस्सों में कार्य जारी है।
  • मंडई वीयर: बायां मुख्य नहर प्रणाली में 63.50% और कररूआ डिस्ट्रीब्यूटरी में 66.05% कार्य पूर्ण हो चुका है। पिछले एक सप्ताह में ही 2.40% की अतिरिक्त प्रगति दर्ज की गई है।

मुख्य सचिव के 4 कड़े निर्देश: ‘काम में लाएं रफ्तार’

 खरीफ सीजन है ‘डेडलाइन’

​मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि मानसून और खरीफ की बुआई से पहले नहरों का ढांचा तैयार होना चाहिए। लक्ष्य यह है कि किसानों को इस सीजन में सिंचाई के लिए पानी की कमी न हो।

 मैनपावर और मशीनों की संख्या बढ़ाएं

​काम की गति को दोगुना करने के लिए कार्यस्थलों पर Excavators, Tippers और Rollers जैसी मशीनों के साथ-साथ मजदूरों की संख्या तुरंत बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

 भूमि अधिग्रहण और भुगतान में तेजी

​औरंगाबाद के शेष 42 रैयतों की भूमि रजिस्ट्री इसी सप्ताह पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही, परियावाँ और बंधुगंज जैसे क्षेत्रों में किसानों के मुआवजे का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया है ताकि किसी भी विवाद के कारण काम न रुके।

 गुणवत्ता से समझौता नहीं

​मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ‘ऑन-द-स्पॉट’ तकनीकी समाधान निकालने और साप्ताहिक मॉनिटरिंग करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि रफ्तार के चक्कर में निर्माण की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आनी चाहिए।

कौन-कौन रहे बैठक में शामिल?

​इस महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव, गया के जिलाधिकारी, संबंधित जिलों के अभियंता प्रमुख, WAPCOS के प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

​ मुख्य सचिव की इस सक्रियता से यह साफ है कि बिहार सरकार औरंगाबाद और गया के किसानों को सूखे की मार से बचाने और सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब देखना यह है कि विभाग खरीफ मौसम की इस चुनौती को कितनी जल्दी धरातल पर उतार पाता है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
Hindi News, हिंदी न्यूज, Latest News in Hindi, Aaj ki Taaja Khabar पढ़ें SilkTVNews पर.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Bhāgalpur
broken clouds
34.2 ° C
34.2 °
34.2 °
46 %
4.2kmh
71 %
Mon
33 °
Tue
41 °
Wed
42 °
Thu
40 °
Fri
38 °

Most Popular