Patna News: बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) की टीम को आज एक ऐसी बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जिसने सूबे के आपराधिक गलियारे को हिलाकर रख दिया है। बिहार एसटीएफ की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पटना जिला के सबसे कुख्यात और सूबे के टॉप वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल ‘पाण्डव सेना’ के सरगना संजय सिंह को पटना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है।
संजय सिंह (पिता- स्व. रमेश सिंह, ग्राम- निमा, थाना- मसौढ़ी, जिला- पटना) लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी को बिहार पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक सफलता माना जा रहा है।
AK-47 बरामदगी कांड सहित दर्जनों जघन्य मामलों में था वांछित
गिरफ्तार अभियुक्त संजय सिंह का खौफ सिर्फ पटना ही नहीं, बल्कि बिहार के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों में भी था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संजय सिंह ने बिहार और अन्य राज्यों में दर्जनों जघन्य अपराधों को अंजाम दिया है।
वह मुख्य रूप से नरसंहार, सुपारी किलिंग (रंगदारी के लिए हत्या), अवैध बालू/पत्थर खनन और बड़े पैमाने पर भू-माफिया सिंडिकेट चलाने का आरोपी है। इसके अलावा, बिहटा थाना कांड संख्या 672/25 में पुलिस द्वारा की गई भारी-भरकम AK-47 राइफल की बरामदगी के मामले में भी वह मुख्य रूप से वांछित (Wanted) चल रहा था।
पड़ोसी राज्यों तक फैला था खौफ: भागलपुर और सुल्तानगंज से भी है कनेक्शन
संजय सिंह का आपराधिक साम्राज्य कितना बड़ा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पटना के अलावा झारखंड के रांची, हजारीबाग और भागलपुर जिले में भी उसके खिलाफ हत्या और अपहरण के गंभीर मामले दर्ज हैं। भागलपुर टाउन थाना में साल 2000 में उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था, वहीं सुल्तानगंज थाने में साल 2006 में फिरौती के लिए अपहरण (364A) का एक बड़ा मुकदमा दर्ज है।
संजय सिंह का खौफनाक आपराधिक इतिहास (Crime History)
बिहार पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, संजय सिंह पर साल 1996 से लेकर अब तक कुल 26 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं। नीचे उसके मुख्य आपराधिक मुकदमों का ब्योरा दिया गया है:
क्रम संख्या | थाना और कांड संख्या | मुख्य धाराएं / अपराध का प्रकार |
|---|---|---|
1 | मसौढ़ी (पटना) – 113/96 | धारा 302 (हत्या) और 27 आर्म्स एक्ट |
2 | बिहटा (पटना) – 113/96 | धारा 396 (डकैती के दौरान हत्या) |
3 | धनरूआ (पटना) – 172/02 | धारा 452, 386 (रंगदारी वसूलना) और आर्म्स एक्ट |
4 | हजारीबाग सदर (झारखंड) – 434/04 | धारा 302, 120B (हत्या की साजिश) |
5 | सुल्तानगंज (भागलपुर) – 487/06 | धारा 364(A) (फिरौती के लिए अपहरण) |
6 | भागलपुर टाउन – 573/2000 | धारा 302, 307 (हत्या और जानलेवा हमला) |
7 | पत्रकार नगर (पटना) – 294/22 | धारा 302, 120B (मर्डर और साजिश) |
8 | रांची सदर (झारखंड) – 546/23 | आर्म्स एक्ट का गंभीर मामला |
9 | बिहटा (पटना) – 672/25 | AK-47 बरामदगी, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट |
एसटीएफ और जिला पुलिस की टीमें अब इस बात का पता लगा रही हैं कि फरारी के दौरान वह किन-किन राज्यों में छुपा हुआ था और उसे किन सफेदपोशों का संरक्षण मिल रहा था। इसके अन्य आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है।
अपराध मुक्त बिहार की दिशा में बड़ा कदम
पाण्डव सेना के इस खूंखार सरगना की गिरफ्तारी के बाद पटना समेत पूरे बिहार के व्यवसायियों, ठेकेदारों और आम जनता ने राहत की सांस ली है। एसटीएफ अब संजय सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है, जिससे बिहार में सक्रिय कई अन्य बड़े गैंग और उनके हथियारों के नेटवर्क का खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।


