महुआबाग में मद्य निषेध विभाग की बड़ी छापेमारी, 2497 बोतलों में छिपाकर रखी गई थी शराब; यूपी, एमपी और हरियाणा से मंगाई जाती थी खेप, रंजन कुमार गिरफ्तार
Patna News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करों का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। राजधानी पटना में मद्य निषेध विभाग ने शराब तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है। हवाई अड्डा थाना क्षेत्र के महुआबाग में एक किराए के कमरे में छापेमारी कर विभाग की टीम ने 733 लीटर से अधिक अंग्रेजी शराब जब्त की। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में रंजन कुमार नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
किराए के कमरे में चल रहा था शराब का अवैध कारोबार
जानकारी के अनुसार, मद्य निषेध विभाग को महुआबाग इलाके में एक किराए के कमरे में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने इलाके में छापेमारी की। तलाशी के दौरान कमरे से शराब की बड़ी खेप बरामद हुई।
कमरे में अलग-अलग ब्रांड की शराब की बोतलें रखी गई थीं। विभाग की टीम ने मौके से कुल 2497 बोतलें जब्त कीं, जिनमें 733 लीटर से अधिक अंग्रेजी शराब भरी हुई थी। बरामद शराब का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 8.80 लाख रुपये आंका गया है।
यूपी, एमपी और हरियाणा से मंगाई जाती थी शराब की खेप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस अवैध कारोबार में दूसरे राज्यों से शराब मंगाए जाने की बात सामने आई है। शराब की खेप उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा से मंगाई जाती थी। इसके बाद उसे पटना में किराए के कमरे में जमा कर रखा जाता था।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि शराब को बिहार में खपाने के उद्देश्य से यहां स्टॉक किया गया था। हालांकि, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और शराब की सप्लाई के पूरे तरीके का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
रंजन कुमार गिरफ्तार, तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू
छापेमारी के दौरान विभाग की टीम ने रंजन कुमार नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उससे शराब की बरामदगी, दूसरे राज्यों से खेप मंगाने और स्थानीय स्तर पर इसकी आपूर्ति से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि शराब की खेप किन लोगों के माध्यम से पटना पहुंचाई जाती थी और बिहार में इसकी बिक्री के लिए कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे। साथ ही किराए के कमरे को शराब के भंडारण के लिए किसके माध्यम से लिया गया था, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है।
शराबबंदी के बीच राजधानी में बड़ा खुलासा
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद राजधानी पटना में इतनी बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब का मिलना तस्करी के नेटवर्क पर सवाल खड़े करता है। दूसरे राज्यों से शराब मंगाकर किराए के मकान या कमरे में उसका भंडारण करना तस्करों के संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
मद्य निषेध विभाग की इस कार्रवाई को शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और मामले की जांच के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कारोबार के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि दूसरे राज्यों से शराब की इतनी बड़ी खेप पटना तक कैसे पहुंची और राजधानी में इसकी सप्लाई का नेटवर्क कौन चला रहा था? जांच आगे बढ़ने के साथ शराब तस्करी से जुड़े कई और नाम सामने आने की संभावना है।


