Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु का स्लैब क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्पन्न हुए संकट के बीच भागलपुर जिला प्रशासन ने आम जनजीवन और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पुल पर आवागमन बाधित होने के कारण अब वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में चल रही नावों के परिचालन का समय निर्धारित कर दिया गया है।
समय-सीमा का निर्धारण (New Timing):
जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या 1674) के अनुसार, अब गंगा नदी में यात्री और निजी नावों का परिचालन निम्नलिखित समय के अनुसार होगा:
- परिचालन शुरू: प्रतिदिन प्रातः 05:00 बजे से।
- परिचालन बंद: प्रतिदिन अपराह्न 05:30 बजे तक।
शाम साढ़े पांच बजते ही परिचालन को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई नाव रास्ते में है और समय समाप्त हो जाता है, तो उसे तत्काल नजदीकी सुरक्षित किनारे पर लगाकर उस दिन का सफर खत्म करना होगा।
SDRF को सौंपी गई कमान:
नियमों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) और SDRF (State Disaster Response Force) को दी गई है। SDRF की टीम लगातार नदी में गश्ती करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि निर्धारित समय के बाद कोई भी नाव पानी में न दिखे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
3 मई की देर रात विक्रमशिला पुल का स्लैब क्षतिग्रस्त होने के बाद से भागलपुर का सीधा संपर्क नवगछिया, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा और सहरसा जैसे जिलों से अस्थायी रूप से कट गया है। बड़ी संख्या में लोग नावों के सहारे गंगा पार कर रहे हैं। रात के अंधेरे में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह समय-सीमा तय की गई है।
प्रशासन की अपील:
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित समय का ध्यान रखकर ही अपनी यात्रा प्लान करें और अफरा-तफरी से बचें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित पदाधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया है।


