Homeभागलपुर सिटीशानदार समापन: भागलपुर जिला स्थापना दिवस के मौके पर युवाओं ने जाना...

शानदार समापन: भागलपुर जिला स्थापना दिवस के मौके पर युवाओं ने जाना ‘अंग’ का गौरवशाली इतिहास; विक्रमशिला की वादियों में गूँजी विरासत की गाथाएँ

तीन दिवसीय महोत्सव के आखिरी दिन शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन, बटेश्वर स्थान और विक्रमशिला महाविहार के भग्नावशेषों को देख मंत्रमुग्ध हुए युवा, वरिष्ठ कलाकारों ने कलाकृतियों को दिया अंतिम रूप।

Bhagalpur News: कला, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की धरती भागलपुर के ‘जिला स्थापना दिवस’ का तीन दिवसीय महोत्सव आज बुधवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया। कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का विधिवत समापन अंग संस्कृति भवन (भागलपुर संग्रहालय) में किया गया।

​समापन समारोह के दौरान न केवल जिले की विरासत को याद किया गया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए कई विशेष कदम भी उठाए गए।

धरोहर भ्रमण: इतिहास के झरोखों में पहुंचे युवा

​स्थापना दिवस के तीसरे और अंतिम दिन एक विशेष ‘शैक्षणिक धरोहर भ्रमण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन के मार्गदर्शन में 25 चयनित युवाओं को जिले के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया गया।

  • प्रमुख स्थल: युवाओं ने कहलगांव स्थित बटेश्वर स्थान की गुफाएं, पहाड़ियाँ और विश्व प्रसिद्ध विक्रमशिला महाविहार के भग्नावशेषों का अवलोकन किया।
  • परिचर्चा: भ्रमण के दौरान अंग संस्कृति की लोक गाथाओं और इसके पुरातात्विक महत्व पर गंभीर चर्चा हुई।

AI के दौर में “इमोशनल” होने की सीख

​भ्रमण के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए अंकित रंजन ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में जहाँ हर चीज़ मशीनी हो रही है, वहाँ युवाओं को अपनी कला और संस्कृति के प्रति “वी एमोशनल” (भावुक) होने की ज़रूरत है। उन्होंने नवाचार के साथ-साथ अपनी जड़ों और धरोहरों से हमेशा जुड़े रहने की प्रेरणा दी।

अनुभवों की जुबानी:

  • आयशा नसीम (रिसर्च स्कॉलर): बटेश्वर स्थान की पहाड़ियों पर गुप्तकालीन ‘समुद्र मंथन’ के शिल्प को देखकर उन्होंने कहा कि अंग संस्कृति के कई अद्भुत पहलू अभी भी युवाओं की पहुंच से दूर हैं।
  • सुरभि सुमन (मंजूषा कलाकार): गंगा की लहरों के बीच पत्थरों पर उकेरी गई देवी-देवताओं की आकृतियों को देख उन्होंने अपनी कला को संस्कृति से जोड़ने का अनुभव साझा किया।
  • अनुराग (किलकारी): उन्होंने बताया कि नए दृष्टिकोण से देखने पर विक्रमशिला की धरोहरें अनेक अनसुनी कहानियाँ सुनाती प्रतीत होती हैं।

गांधी जी की प्रतिमा और राष्ट्रगान के साथ समापन

​कार्यक्रम के अंतिम चरण में भागलपुर संग्रहालय में पिछले तीन दिनों से वरिष्ठ कलाकारों द्वारा तैयार की जा रही महात्मा गांधी के चित्र और मूर्ति को अंतिम रूप दिया गया। इसके पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने ‘वन्दे मातरम’ और ‘जन गण मन’ का सामूहिक गायन किया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के वातावरण से सराबोर हो गया।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
Hindi News, हिंदी न्यूज, Latest News in Hindi, Aaj ki Taaja Khabar पढ़ें SilkTVNews पर.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Bhāgalpur
overcast clouds
31.4 ° C
31.4 °
31.4 °
69 %
4.6kmh
96 %
Tue
35 °
Wed
35 °
Thu
32 °
Fri
35 °
Sat
37 °

Most Popular