2024 से चल रहा निर्माण कार्य अब तक अधूरा, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और काम में देरी को लेकर ग्रामीणों ने जताई चिंता; जांच कराकर मानकों के अनुरूप भवन निर्माण पूरा कराने की मांग
Bhagalpur News: भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत बरारी ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। भवन निर्माण कार्य में कथित अनियमितता, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कमी और काम में देरी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी), भागलपुर से शिकायत की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और निर्धारित मानकों के अनुसार भवन का निर्माण सुनिश्चित कराने की मांग की है।
ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, बरारी पंचायत में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2024 से चल रहा है, लेकिन अब तक भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण पंचायत क्षेत्र के लोगों को इस भवन से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर सरकारी सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से बनने वाले इस भवन का समय पर तैयार होना जरूरी है।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि भवन निर्माण के दौरान गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। उनका दावा है कि निर्माण कार्य में कथित तौर पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती और भविष्य में उसकी टिकाऊ क्षमता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की तकनीकी जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण निर्धारित सरकारी मानकों एवं स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप हो। हालांकि, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी निर्माण अधूरा
शिकायत में निर्माण कार्य में देरी को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2024 में शुरू हुआ निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं होने से पंचायत सरकार भवन का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुसार पूरा होता, तो पंचायत से जुड़े कई कार्यों के निष्पादन में स्थानीय लोगों को सुविधा मिल सकती थी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाए और देरी के कारणों का पता लगाया जाए। इसके साथ ही संबंधित निर्माण एजेंसी को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
पंचायत सरकार भवन से ग्रामीणों को मिलनी हैं सुविधाएं
पंचायत सरकार भवन का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विभिन्न प्रशासनिक एवं जनसेवा संबंधी कार्यों को एक स्थान पर उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीणों को पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। ऐसे में भवन निर्माण में देरी और गुणवत्ता को लेकर उठ रही शिकायतें स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि सरकारी राशि का सही उपयोग हो सके और आम जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल पाए।
डीडीसी से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने उप विकास आयुक्त, भागलपुर से पूरे मामले की जांच कराने, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच सुनिश्चित करने और निर्माण कार्य में यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, भवन का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप जल्द पूरा कराने की अपील की गई है।
इस मामले में बरारी पंचायत के मुखिया जय करण पासवान का बयान भी महत्वपूर्ण होगा। वहीं, निर्माण कार्य करा रही एजेंसी और संबंधित विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और पंचायत सरकार भवन के निर्माण की गुणवत्ता एवं समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।


