पूर्णिया के मखाना को मिला राष्ट्रीय मंच, विदेशों में निर्यात से बिहार के किसानों और उद्यमियों को नई पहचान की उम्मीद; मुख्यमंत्री बोले— ‘वोकल फॉर लोकल’ से मजबूत होगी बिहार के स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग
Patna News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में बिहार के पूर्णिया के मखाना और उसके विदेशों में निर्यात की चर्चा किए जाने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आभार व्यक्त किया है। रविवार, को मुख्यमंत्री ने पटना स्थित लोक सेवक आवास में प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 139वां एपिसोड सुना। इस दौरान उन्होंने बिहार के मखाना को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने को राज्य के मेहनतकश किसानों, प्रसंस्करणकर्ताओं और ग्रामीण उद्यमियों के लिए सम्मानजनक उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के माध्यम से लगातार देश के स्थानीय उत्पादों, जमीनी हुनर और मेहनतकश लोगों के योगदान को प्रोत्साहित किया है। पूर्णिया के मखाना का उल्लेख होने से सीमांचल सहित पूरे बिहार के मखाना उत्पादकों और इससे जुड़े कारोबारियों को नई प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की राष्ट्रीय पहचान से बिहार के मखाना की ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी पहुंच को मजबूती मिलेगी।
विदेशों में बिहार के मखाना की बढ़ती पहचान
बिहार मखाना उत्पादन के लिए देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र में मखाना की खेती तथा इससे जुड़े कारोबार से बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और छोटे उद्यमी जुड़े हैं। मखाना की खेती से लेकर उसके प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन तक कई स्तरों पर लोगों को रोजगार मिलता है।
प्रधानमंत्री द्वारा पूर्णिया के मखाना के विदेशों में निर्यात का उल्लेख किए जाने को मुख्यमंत्री ने बिहार के स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों और उद्यमियों के परिश्रम को राष्ट्रीय मंच पर स्थान मिलना पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है।
मखाना की बढ़ती पहचान से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार लाने और प्रसंस्करण से जुड़े कारोबार को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
‘वोकल फॉर लोकल’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान देश के स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्थानीय उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, प्रभावी विपणन और व्यापक प्रचार-प्रसार से उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करना जरूरी है। बिहार के मखाना जैसे पारंपरिक उत्पादों को बेहतर ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
अंगदान से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने अंगदान के प्रति जन-जागरूकता, ई-संजीवनी, विज्ञान एवं अनुसंधान, ब्रेन रिसर्च, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन विषयों पर प्रधानमंत्री का संदेश देश को ज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के उपयोग, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और नए शोध के अवसर विकसित करने से आम लोगों को लाभ पहुंच सकता है।
बिहार की ब्रांडिंग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई उम्मीद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर पहचान मिलना बिहार के विकास के लिए सकारात्मक संकेत है। मखाना जैसे उत्पाद राज्य की पारंपरिक कृषि और ग्रामीण उद्यमिता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन उत्पादों को बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने, बेहतर पैकेजिंग अपनाने और निर्यात के अवसर बढ़ाने से किसानों तथा उद्यमियों को लाभ मिल सकता है।
प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बिहार के मखाना का उल्लेख राज्य के लिए गौरव का विषय बना है। अब उम्मीद है कि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देकर बिहार के मखाना को देश-विदेश के बाजारों में और मजबूत पहचान दिलाई जा सकेगी।


