जगदीशपुर की सात पंचायतों में ग्रामीणों ने बाल विवाह रोकने का लिया संकल्प, बच्चों के अधिकार और बालिकाओं की शिक्षा-सुरक्षा को लेकर बढ़ाई जाएगी सामुदायिक निगरानी
Bhagalpur News: गांधी जयंती के अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत भागलपुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह के दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान, बच्चों के अधिकार और बाल विवाह की रोकथाम में समुदाय की भूमिका के बारे में जागरूक किया गया।
विशेष ग्राम सभाओं के दौरान जगदीशपुर प्रखंड के जमनी, पुरैनी टोला सोनुचक, जगदीशपुर, भवानीपुर देसरी, पुरैनी उत्तरी, पुरैनी दक्षिणी एवं बैजनी में “बाल विवाह मुक्त ग्राम” बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
सिर्फ प्रस्ताव नहीं, सामुदायिक जिम्मेदारी का संकल्प
ग्राम सभाओं में पारित प्रस्ताव को बाल विवाह की रोकथाम की दिशा में सामुदायिक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इसका उद्देश्य बाल विवाह के खिलाफ ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा एवं सुरक्षा, बच्चों के अधिकारों के संरक्षण तथा बाल विवाह की सूचना मिलने पर समय रहते हस्तक्षेप करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों को बाल विवाह के सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों की जानकारी भी दी गई।
बाल विवाह नहीं करने और न कराने की दिलाई गई शपथ
विशेष ग्राम सभाओं में मौजूद ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह न करने, न कराने तथा इसकी जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग या प्रशासन को सूचित करने की शपथ दिलाई गई।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। इनमें बाल हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं।
स्थानीय स्तर पर मजबूत होगा निगरानी तंत्र
अभियान के तहत आयोजित ग्राम सभाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि बाल विवाह की रोकथाम केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि समुदाय भी इसकी निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाए।
बाल विवाह की जानकारी मिलने पर समय रहते संबंधित अधिकारियों को सूचना देने और आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर सामुदायिक तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इससे बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
अधिकारियों और सहयोगी संस्था की रही सहभागिता
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम, भागलपुर के जिला परियोजना प्रबंधक मणिशंकर, मिशन शक्ति के जिला मिशन समन्वयक तबरेज़ खान, जेंडर स्पेशलिस्ट विवेक कुमार, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अभिषेक सुमन सहित सहयोगी संस्था मुक्ति निकेतन, भागलपुर के जिला समन्वयक कृष्ण कुमार मंडल की सहभागिता रही।
इसके अलावा प्रखंड समन्वयक नवल किशोर मंडल एवं शशि मेहता, CSW बिपिन कुमार सहित दीपक सिंह, सोमेश कुमार, हेमा कुमारी, बिनीता झा एवं स्वीटी प्रिया ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।
बाल विवाह मुक्त गांव की दिशा में सामूहिक पहल
विशेष ग्राम सभाओं में पारित प्रस्ताव से गांवों में बाल विवाह के खिलाफ शून्य-सहनशीलता की सामुदायिक प्रतिबद्धता को बल मिला। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को बच्चों के अधिकारों और बालिकाओं की शिक्षा एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की पहल का उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के जरिए बाल विवाह की रोकथाम को मजबूत करना और ऐसे गांवों के निर्माण की दिशा में निरंतर जागरूकता, निगरानी, सूचना एवं सहयोग की व्यवस्था विकसित करना है।


