Bhagalpur News: भागलपुर में शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर जिला शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतर कार्यशैली और नए नवाचार (इनोवेशन) करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। शनिवार को जिला शिक्षा विभाग भवन के सभागार में भव्य ‘शिक्षक सम्मान समारोह’ का आयोजन हुआ, जहां चयनित गुरुजनों को उनके सराहनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र और सम्मान प्रदान किया गया।
उसमानपुर की शिक्षिका श्वेता रानी को मिला जिला स्तरीय सम्मान
सम्मानित होने वाले उत्कृष्ट शिक्षकों की सूची में खरीक प्रखंड के उसमानपुर स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय की अंग्रेजी शिक्षिका श्वेता रानी भी प्रमुखता से शामिल रहीं। विद्यालय में पठन-पाठन की आधुनिक शैली अपनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए जिला स्तर पर इस पुरस्कार के लिए उनका चयन किया गया था।
शिक्षिका श्वेता रानी ने जताया आभार, कहा— “सम्मान से मिलती है नया करने की प्रेरणा”
सम्मान प्राप्त करने के बाद शिक्षिका श्वेता रानी ने शिक्षा विभाग के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “शिक्षक दिवस के मौके पर जिला स्तर पर अपने कार्यों की पहचान मिलना अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी क्षण है। यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि भविष्य में विद्यार्थियों के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करने की एक बड़ी जिम्मेदारी है।”
“किताबी ज्ञान के साथ संस्कार और सर्वांगीण विकास ही सच्ची शिक्षा”
शिक्षा के वास्तविक अर्थ को रेखांकित करते हुए श्वेता रानी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि बच्चों को एक बेहतर और जिम्मेदार इंसान बनाना है। उनका सदैव यह प्रयास रहता है कि पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों में अनुशासन, शिष्टाचार, नैतिक संस्कार और सकारात्मक सोच का विकास हो। उन्होंने संकल्प दोहराया कि वे आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करती रहेंगी।
अन्य शिक्षकों को भी मिलेगी प्रेरणा
इस अवसर पर जिले भर के कई अन्य प्रतिभावान शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मंच से सम्मानित किया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सम्मानित शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से जिले के अन्य शिक्षकों को भी अपने-अपने विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और नए-नए प्रयोग करने की प्रेरणा मिलती है।


