Bhagalpur News: आम जनमानस को सुलभ, सस्ता और त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से शनिवार को भागलपुर जिले में इस वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य आपसी सुलह के आधार पर सालों से लंबित मामलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा करना रहा।
न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने किया उद्घाटन
लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार राजपूत, प्रिंसिपल जज दीपंकर पांडे, जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर कई अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता भी मौजूद रहे।
पहली बार ट्रैफिक चालान के लिए अलग बेंच
इस बार की लोक अदालत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। प्रिंसिपल जज दीपंकर पांडे ने जानकारी दी कि:
- विशेष ट्रैफिक बेंच: आम लोगों की सुविधा के लिए पहली बार जिला स्कूल में ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों के निष्पादन हेतु विशेष बेंच लगाया गया है।
- उद्देश्य: ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लंबित मामलों को जल्द सुलझाना ताकि लोगों को कोर्ट के चक्कर न लगाने पड़ें।
बेंचों का विवरण: जिले भर में व्यापक तैयारी
लोक अदालत को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरे जिले में कुल 31 बेंच गठित किए गए हैं:
- भागलपुर व्यवहार न्यायालय: 22 बेंच
- नवगछिया: 07 बेंच
- कहलगांव: 02 बेंच
इन मामलों का हुआ ऑन-द-स्पॉट निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में वैसे मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है जो आपसी सहमति से सुलझाए जा सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- बैंकिंग: बैंक ऋण और लोन रिकवरी से जुड़े मामले।
- उपभोक्ता सेवाएं: बिजली बिल और पानी बिल संबंधी विवाद।
- पारिवारिक विवाद: वैवाहिक और आपसी मतभेद के मामले।
- दावा एवं चालान: मोटर दुर्घटना दावा (MACT) और भारी संख्या में ट्रैफिक चालान।
अधिकारियों का संदेश: “सुलह से न्याय की ओर”
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य मुकदमेबाजी के बोझ को कम करना और पक्षकारों के बीच कटुता को समाप्त कर प्रेम-भाव स्थापित करना है। इसमें किए गए फैसले की कोई अपील नहीं होती, जिससे मामला हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।


