Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिला अंतर्गत सुल्तानगंज से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। नगर परिषद कार्यालय में हुए भीषण गोलीकांड में गंभीर रूप से घायल सभापति राजकुमार गुड्डू ने शनिवार को पटना के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। 28 अप्रैल को अपराधियों की गोलियों का शिकार हुए गुड्डू पिछले 12 दिनों से वेंटिलेटर पर थे और मौत से जंग लड़ रहे थे, लेकिन अंततः उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पटना के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस
28 अप्रैल को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए हमले के बाद राजकुमार गुड्डू को पहले भागलपुर के मायागंज अस्पताल ले जाया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत पटना रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गोलियां लगी थीं। लंबे इलाज और विशेषज्ञों की टीम की निगरानी के बावजूद शनिवार को उनकी स्थिति बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
28 अप्रैल का वो ‘काला दिन’: जब दहल उठा था सुल्तानगंज
मालूम हो कि 28 अप्रैल को दिनदहाड़े अपराधियों ने सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस कायराना हमले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सभापति राजकुमार गुड्डू लहूलुहान होकर गिर पड़े थे। यह हमला बिहार की कानून व्यवस्था और सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान था।
सुल्तानगंज में शोक की लहर, बाजार बंद
राजकुमार गुड्डू के निधन की खबर जैसे ही सुल्तानगंज पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उनके आवास की ओर उमड़ पड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई। घटना के विरोध में और शोक स्वरूप सुल्तानगंज के कई बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिसिया कार्रवाई और न्याय की मांग
इस दोहरे हत्याकांड (अब सभापति के निधन के बाद) को लेकर पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव है। हालांकि, घटना के मुख्य आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया जा चुका है, लेकिन साजिश के पीछे शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने की मांग अब तेज हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।


