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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेलागंज में कार्यकर्ताओं से किया संवाद, विकास कार्यों और उपलब्धियों को गिनाया

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पटना/गया: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज गया जिले के बेलागंज स्थित पड़ाव मैदान में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पितृपक्ष मेला-2025 की तैयारियों, प्रगति यात्रा के दौरान हुई घोषणाओं और विकास कार्यों के शिलान्यास के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से बातचीत का अवसर मिलना खुशी की बात है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 2005 में सरकार बनने के बाद से बिहार ने विकास की नई रफ्तार पकड़ी है। कानून का राज कायम हुआ है और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और आधारभूत संरचना पर विशेष ध्यान दिया गया है। सात निश्चय योजना के तहत हर घर बिजली, नल का जल, शौचालय और पक्की सड़क की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में युवाओं को 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य था, जबकि अब तक 10 लाख नौकरियाँ और 39 लाख रोजगार उपलब्ध कराए जा चुके हैं। आने वाले समय में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का संकल्प लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का बजट लगातार बढ़ा है। 2005-06 में 28 हजार करोड़ रुपये का बजट था, जो आज बढ़कर 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। हाल ही में लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वृद्धजनों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं की पेंशन राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है, जिससे 1.12 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है और इच्छुक घरों में सोलर पैनल लगाने की योजना शुरू की गई है।

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” की शुरुआत की गई है, जिसके तहत हर घर की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। सफल उद्यमियों को 2 लाख रुपये तक अतिरिक्त सहयोग मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष आर्थिक सहायता दी जा रही है। बिहार में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन होना राज्य के लिए गौरव की बात है।

गया जिले में किए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुल-पुलियों, सड़कों, शिक्षा संस्थानों, पेयजल योजनाओं और धार्मिक स्थलों के विकास से यह जिला तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी तबकों का विकास सरकार की प्राथमिकता है और आने वाले चुनावों में कार्यकर्ता घर-घर जाकर इन उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, विधायक मनोरमा देवी समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गया में 899 करोड़ की योजनाओं का किया शिलान्यास, पेंशनधारियों और जीविका दीदियों से किया संवाद

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पटना/गया:  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज गया जिले के चाकंद उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 899.46 करोड़ रुपये लागत की 10 बड़ी योजनाओं का शिलान्यास किया। ये योजनाएँ मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं से संबंधित हैं और गया जिला के विकास को नई दिशा देने वाली साबित होंगी।

मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से शिलान्यास करते हुए जिन योजनाओं की आधारशिला रखी उनमें 349 करोड़ 22 लाख रुपये लागत से मुफस्सिल मोड़ पर फ्लाईओवर का निर्माण, 90 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से गया-मानपुर रेलखंड पर आरओबी (बागेश्वरी गुमटी) का निर्माण और 104 करोड़ 72 लाख रुपये लागत से गया-परैया-गुरारू-औरंगाबाद-रफीगंज मार्ग का चौड़ीकरण शामिल है। इसके अलावा 119 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से इमामगंज-कोठी-सलेया मार्ग का चौड़ीकरण, 58 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से बेलथू ग्राम में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण, 41 करोड़ 60 लाख रुपये से कंडी नवादा पार्क एवं सिलौंजा पार्क का विकास और 14 करोड़ 52 लाख रुपये से इमामगंज में डिग्री कॉलेज की स्थापना की भी शुरुआत हुई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेला-पनारी पथ का निरीक्षण किया और 39 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से इस मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य का शिलान्यास किया। साथ ही, उन्होंने बारा बांध के जीर्णोद्धार (3 करोड़ 61 लाख रुपये) और बतसपुर वियर योजना (77 करोड़ 60 लाख रुपये) के अंतर्गत मोराटाल मुक्त पईन के चौड़ीकरण एवं पुनर्स्थापन कार्य का भी उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने लाभुक संवाद कार्यक्रम में पेंशनधारी लाभुकों, जीविका दीदियों और अन्य लाभार्थियों से बातचीत की। उपस्थित लोगों ने वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं की पेंशन राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक मदद मिली है और लोग बचत राशि का उपयोग अन्य आवश्यक कार्यों में कर पा रहे हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने की योजना की भी लोगों ने सराहना की। जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री को उनके लिए किए जा रहे विकास कार्यों के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने जनसमूह से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग मिल-जुलकर रहें और बिहार के विकास में भागीदार बनें।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, विधायक मनोरमा देवी सहित कई जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, वरीय पुलिस अधिकारी, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर एवं बड़ी संख्या में लाभुक और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

भागलपुर में फसल क्षति आकलन पर बैठक, लंबित आवेदनों की समीक्षा – धीमी प्रगति पर कार्रवाई

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल क्षति मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया को लेकर समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में अब तक प्राप्त आवेदनों की स्थिति, उनके सत्यापन और लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के बाढ़ प्रभावित 8 प्रखंडों से अब तक लगभग 49,000 किसानों ने फसल क्षति मुआवजे के लिए आवेदन किया है। इनमें से करीब 12,000 आवेदनों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। शेष आवेदनों की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के साथ मिलकर समीक्षा करें और 3 सितंबर की रात तक राजस्व विभाग की साइट से डाटा का सत्यापन सुनिश्चित करें। साथ ही 5 सितंबर तक कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकारों के माध्यम से क्षेत्र भ्रमण कर आवेदनों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन पूरा कर लें।

बैठक के दौरान यह शिकायत सामने आई कि कुछ आवेदकों को केवल विशेष साइबर कैफे से आवेदन कराने पर ही कृषि समन्वयक द्वारा स्वीकृति दी जा रही है। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों को ऐसे साइबर कैफे पर छापामारी करने का निर्देश दिया।

समीक्षा में पाया गया कि गोराडीह, पीरपैंती, सुल्तानगंज, कहलगांव और सबौर प्रखंडों में सबसे अधिक आवेदन लंबित हैं। धीमी प्रगति को देखते हुए अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर से स्पष्टीकरण मांगा गया और उनका वेतन स्थगित कर दिया गया। इसी तरह, सुल्तानगंज प्रखंड कृषि पदाधिकारी का भी वेतन स्थगित करने की कार्रवाई की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार आज ही प्रखंड मुख्यालय स्थित कृषि भवन में बैठकर राजस्व विभाग की साइट से डेटा का मिलान करें और सत्यापन कार्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता राजस्व दिनेश राम, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे। वहीं, नवगछिया के एसडीओ ऋतुराज प्रताप सिंह, कहलगांव के एसडीओ अशोक कुमार मंडल तथा सभी बीडीओ और प्रखंड कृषि पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भागलपुर में अहम बैठक, जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

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भागलपुर: आगामी बिहार विधानसभा आम निर्वाचन को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। समीक्षा भवन में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्वाचन से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में सबसे पहले SIR के दौरान प्राप्त आवेदनों—प्रपत्र 6, 7 और 8—के निष्पादन की विधानसभा-वार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन आवेदनों का क्रॉस वेरिफिकेशन अवश्य कराया जाए और सभी लंबित मामलों का निपटारा 5 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए जिलाधिकारी ने 3 सितंबर को ही सीएपीएफ के अवसान स्थल का सत्यापन करने का आदेश दिया। साथ ही, सभी मतदान केंद्रों पर एएमएफ (सुनिश्चित न्यूनतम सुविधा) की जांच भी पूरी करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी बीडीओ अपने-अपने सेक्टर पदाधिकारी, एसएसटी और एफएसटी की सूची की समीक्षा करें और आवश्यकता पड़ने पर उसमें बदलाव की सूचना दें।

बैठक में भेद्यता (वल्नरेबिलिटी) की मापी पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को सीएपीएफ के लिए बूथ टैगिंग की अग्रिम योजना बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों और सीडीपीओ को विधि-व्यवस्था से संबंधित आंकड़े संकलित करने, बीएनएसएस की धारा 107 और 110 के तहत कार्यवाही करने, बॉन्ड डाउन और क्षेत्र बदर की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने को कहा।

इसके अलावा, मतदान केंद्रों तक सड़क संपर्क की स्थिति की जांच कराने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां सड़क खराब है, वहां संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजकर मरम्मती पूर्व में ही कराई जाए। साथ ही, मतदान केंद्रों पर संख्या और मतदाताओं की जानकारी की स्पष्ट मार्किंग सुनिश्चित करने को कहा गया।

लॉजिस्टिक व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी इआरओ उपयुक्त स्थल का चयन कर डिस्पैच एवं रिसीविंग सेंटर बनाएं और 30 बूथ पर एक रिसीविंग सेंटर से अधिक न हो। नजदीक ही वाहन पड़ाव स्थल तय करने और मार्गों में पेट्रोल पंपों को ईंधन आपूर्ति के लिए चिन्हित करने का निर्देश दिया गया। वाहन चालकों को पहले से तेल का कूपन और बूथ नंबर वाला स्टीकर उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि पोलिंग पार्टी के डिस्पैच में किसी तरह की बाधा न आए।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी को मतदान केंद्रों के साथ रसोइयों की टैगिंग तथा डीपीओ-आईसीडीएस को सेविका-सहायिका की टैगिंग करने का आदेश दिया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता राजस्व दिनेश राम, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। नवगछिया और कहलगांव के एसडीओ सहित सभी बीडीओ ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

भागलपुर में 1 करोड़ के जेवरात चोरी का आरोप, पुलिस हिरासत में भीखनपुर निवासी – पत्नी ने लगाया मारपीट का आरोप

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर में जेवरात चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इसाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर गुमटी नंबर-3 निवासी आनंद कुमार सोनी पर 1 करोड़ रुपए मूल्य के जेवर चोरी करने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप बरारी थाना क्षेत्र के छोटी खंजरपुर निवासी अनिरुद्ध अंबेडकर ने दर्ज कराया है।

अनिरुद्ध अंबेडकर के अनुसार, उनके घर से अचानक जेवरात गायब हो गए। इस घटना की जानकारी सबसे पहले उनकी पत्नी ने दी। जब उन्होंने पूछताछ की तो बेटे ने कबूल किया कि उसने जेवर अपने दोस्त पियूष को दे दिया। इसके बदले पियूष ने बेटे को 25 हजार रुपये दिए, जिससे उसने अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी मनाई। घटना की सूचना मिलते ही बरारी थाना पुलिस सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आनंद कुमार सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

इधर, आरोपी आनंद कुमार सोनी की पत्नी पूजा कुमारी ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति और बेटे का इस चोरी से कोई संबंध नहीं है। पूजा कुमारी का आरोप है कि पुलिस बीते 24 घंटे से उनके पति के साथ मारपीट कर रही है और उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामला बेहद संवेदनशील है और आरोपों की गहन जांच की जा रही है। बरारी थाना पुलिस ने बताया कि चोरी हुए जेवरात की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिरकार जेवर किसके पास हैं और इसमें कौन-कौन शामिल है।

इस मामले में फिलहाल तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। एक ओर अनिरुद्ध अंबेडकर अपने आरोप पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर आनंद कुमार सोनी की पत्नी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने तक इस चोरी और आरोप-प्रत्यारोप की सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी। हालांकि, मामला जितना गंभीर है, उससे यह साफ है कि भागलपुर पुलिस के लिए यह केस चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

भागलपुर में 13 सितंबर से राष्ट्रीय लोक अदालत, लोगों को जागरूक करने निकला रथ

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भागलपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर की ओर से 13 सितंबर को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में बुधवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घूम-घूमकर लोगों को लोक अदालत की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगा और इसके लाभों के प्रति जागरूक करेगा।

लोक अदालत के महत्व को बताते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि यह मंच जनता के लिए न्याय प्राप्त करने का सबसे सरल और प्रभावी साधन है। यहां न तो किसी तरह की जटिल कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है और न ही अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने लंबित मामलों के निपटारे के लिए इस अवसर का भरपूर उपयोग करें।

आगामी लोक अदालत में बैंक ऋण, बिजली बिल, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना मुआवजा दावा, आपराधिक मामले और अन्य लंबित वादों का निपटारा आपसी सहमति से किया जाएगा। इससे न केवल समय और धन की बचत होगी बल्कि लोगों को वर्षों तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर से भी छुटकारा मिलेगा।

जागरूकता रथ के जरिए लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि लोक अदालत न्याय दिलाने का ऐसा माध्यम है, जहां बिना किसी लंबी कानूनी प्रक्रिया के तुरंत राहत मिल सकती है। यह पहल न्याय व्यवस्था को और अधिक जनसुलभ बनाने के लिए की गई है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारियों ने बताया कि न्याय तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में समाधान आपसी सहमति से होता है और दोनों पक्षों के बीच संतोषजनक निपटारा सुनिश्चित किया जाता है।

इस मौके पर न्यायिक अधिकारियों और विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़े पदाधिकारियों ने भी लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत से जुड़ें और अपने विवादों का समाधान खोजें।

इस पहल से न केवल न्यायिक बोझ कम होगा बल्कि आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय भी मिलेगा। जागरूकता रथ लगातार गांवों और कस्बों में पहुंचकर लोगों को 13 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी देगा।

बाढ़ पीड़ितों का जोरदार प्रदर्शन, दोगच्छी मोड़ पर सड़क जाम कर की नारेबाजी

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भागलपुर: बाढ़ पीड़ितों को जीआर राशि नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। पीड़ितों ने भागलपुर-सुल्तानगंज मुख्य मार्ग के दोगच्छी मोड़ के समीप बांस-बल्ला लगाकर सड़क जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले इस जाम के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

प्रदर्शनकारियों ने नाथनगर अंचल अधिकारी रजनीश कुमार और नाजीर पर मनमानी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। बाढ़ पीड़ितों का कहना था कि सरकार की ओर से राहत के रूप में जीआर राशि भेज दी गई है, लेकिन नाथनगर अंचल प्रशासन की उदासीनता के कारण वह अब तक लाभार्थियों तक नहीं पहुंची है। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से वे अंचल कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।

प्रदर्शनकारी बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि बाढ़ आने के बाद से उन्होंने बहुत कष्ट झेले हैं। घर-परिवार की स्थिति बिगड़ गई है और सरकारी मदद ही उनके लिए एकमात्र सहारा है। बावजूद इसके, प्रशासन की लापरवाही ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया है। उनका कहना था कि राहत राशि समय पर नहीं मिलने से वे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में असमर्थ हैं।

जाम की सूचना पर नाथनगर थाना इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ अंचल अधिकारी रजनीश कुमार भी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी देर तक हुई बातचीत के बाद बाढ़ पीड़ित शांत हुए और सड़क जाम हटाया गया।

इस दौरान मौके पर पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आक्रोशित पीड़ितों के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने साफ कहा कि यदि जल्द ही जीआर राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे और बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे।

प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि लाभार्थियों को शीघ्र ही जीआर राशि उपलब्ध कराई जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वाहन छोड़ने के एवज में पैसे की लेन-देन के आरोप में अकबरनगर थानाध्यक्ष सस्पेंड

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भागलपुर: भागलपुर पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए अकबरनगर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस आरोप के बाद की गई है, जिसमें कहा गया कि थानाध्यक्ष ने वाहन छोड़ने के एवज में किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से पैसे की लेन-देन की थी। मामला सामने आते ही वरीय पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए यह निर्णय लिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 2 सितंबर 2025 को अकबरनगर थाना क्षेत्र में वाहन छोड़ने से जुड़े एक मामले में पैसे की लेन-देन की बात प्रकाश में आई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह आचरण थानाध्यक्ष राजीव रंजन की कर्तव्यहीनता, मनमानेपन और स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। पुलिस प्रशासन ने इसे अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से वरीय पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी स्थिति में जनता से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी आधार पर अकबरनगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि निलंबन की अवधि में राजीव रंजन का मुख्यालय पुलिस केंद्र, भागलपुर रहेगा।

पुलिस प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि विभागीय कर्तव्यों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता के बीच पुलिस की छवि को बनाए रखना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भागलपुर पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए यह भी संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। चाहे वह किसी भी पद पर बैठे अधिकारी क्यों न हों, उन्हें अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना पड़ेगा।

पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से जिलेभर में यह संदेश गया है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। इससे आम जनता का भरोसा पुलिस व्यवस्था में और मजबूत होगा।

भागलपुर में कार्यपालक सहायकों ने सांसद को सौंपा 11 सूत्री मांग पत्र, स्थायीकरण और राज्यकर्मी का दर्जा प्रमुख मुद्दा

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भागलपुर: बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ की भागलपुर इकाई ने बुधवार को जिले के सांसद अजय मंडल को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा। संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे कार्यपालक सहायकों को अब स्थायी सेवा का दर्जा दिया जाए और उन्हें राज्यकर्मी की तरह सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

संघ के जिलाध्यक्ष राहुल चौहान ने कहा कि कार्यपालक सहायक बीते कई वर्षों से बिहार सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हर स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करने के बावजूद इन्हें न तो स्थायी सेवा का लाभ मिला है और न ही वेतनमान व अन्य आवश्यक सुविधाएं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार को अब संविदा कर्मियों के हित में ठोस निर्णय लेना चाहिए।

संघ की मुख्य मांगों में सेवा संवर्ग का गठन कर स्थायीकरण, मानदेय में सुधार, शैक्षणिक योग्यता में उन्नयन, ईपीएफ का लाभ, आकस्मिक निधन पर मुआवजा, स्वास्थ्य बीमा, मृतक सहायकों के आश्रितों को नौकरी और गृह जिला में स्थानांतरण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। संघ का कहना है कि राज्य के अन्य विभागों के संविदा कर्मियों को पहले ही नियमितीकरण और वेतनमान का लाभ मिल चुका है, लेकिन कार्यपालक सहायकों को लगातार वंचित रखा जा रहा है। यह सीधा-सीधा भेदभाव है।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि कार्यपालक सहायक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और लगन से कर रहे हैं। यदि सरकार समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो आने वाले समय में वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

इस अवसर पर सांसद अजय मंडल ने संघ की मांगों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि वे इसे राज्य सरकार और संबंधित मंत्रालय तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि कार्यपालक सहायक प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान होना जरूरी है।

संघ ने उम्मीद जताई है कि सांसद के प्रयासों से उनकी आवाज सरकार तक पहुंचेगी और जल्द ही कार्यपालक सहायकों को उनका हक मिलेगा। जिले में इस पहल को लेकर कार्यपालक सहायकों में उम्मीद और उत्साह दोनों देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री की मां पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में कल बिहार बंद, भागलपुर में एनडीए की प्रेस वार्ता

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भागलपुर: दरभंगा में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर पूरे बिहार में आक्रोश का माहौल है। इसी मुद्दे पर एनडीए ने बड़ा ऐलान करते हुए कल (गुरुवार) बिहार बंद की घोषणा की है। बंद को सफल बनाने और जनता से सहयोग की अपील को लेकर बुधवार को भागलपुर सर्किट हाउस में एनडीए घटक दलों की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

प्रेस वार्ता में भागलपुर के सांसद और जदयू नेता अजय मंडल, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार, लोजपा, हम और अन्य सहयोगी दलों के जिला अध्यक्ष व प्रवक्ता मौजूद रहे। इस दौरान एनडीए नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों से भटककर अब व्यक्तिगत हमले पर उतर आया है।

सांसद अजय मंडल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और समाज की मर्यादाओं का भी उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह सोच दर्शाती है कि उनके पास जनता को बताने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। अजय मंडल ने इस तरह की भाषा को निंदनीय और अशोभनीय बताते हुए कहा कि जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।

वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष पूरी तरह से बौखला चुके हैं। वे जानते हैं कि आने वाले चुनावों में जनता उन्हें नकार देगी, इसलिए वे ओछी राजनीति पर उतर आए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार बंद पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा। दुकानदारों और आमजन से सहयोग की अपील की जाएगी।

प्रेस वार्ता में मौजूद एनडीए नेताओं ने इसे कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति करार दिया और कहा कि विपक्ष जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की मां पर हुई अभद्र टिप्पणी का विरोध सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक आधार पर भी किया जा रहा है।

एनडीए नेताओं ने जनता से अपील की कि वे कल के बिहार बंद को सफल बनाने में अपना सहयोग दें और विपक्ष की इस प्रकार की राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दें। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार की जनता कांग्रेस और विपक्ष की इस हरकत को कभी माफ नहीं करेगी।