Bhagalpur News: भागलपुर से एक बड़ी साइबर क्राइम कार्रवाई सामने आई है, जहां डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय फाइनेंशियल नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस सनसनीखेज मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है।
🔎 तकनीकी जांच से खुला राज
वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भागलपुर के निर्देश पर साइबर अपराध थाना में दर्ज कांड की गहन तकनीकी जांच की गई। अनुसंधान के दौरान खुलासा हुआ कि ठगी की गई रकम को एक संगठित नेटवर्क के जरिए विदेशों में ट्रांसफर किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जिसके तार दुबई सहित कई विदेशी शहरों से जुड़े हैं।
🚨 मधुबनी से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
एसएसपी के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में गठित विशेष टीम ने मधुबनी जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र अंतर्गत छिछुआडीह गांव में छापेमारी कर मुख्य आरोपी मो. गुफरान को उसके घर से विधिवत गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि पीड़ितों से ठगी गई रकम को वह अपने नेटवर्क के माध्यम से विदेश भेजता था।
📱 दो मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें नेटवर्क से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
🎙️ क्या बोले एसएसपी?
(बाइट – प्रमोद कुमार, एसएसपी, भागलपुर)
एसएसपी ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ यह बड़ी सफलता है और आम लोगों से अपील की कि डिजिटल अरेस्ट या किसी भी प्रकार की धमकी भरी कॉल से सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
भागलपुर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.20 करोड़ की ठगी! भागलपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का किया भंडाफोड़
बिना नोटिस भूमि अधिग्रहण का आरोप: ओवरब्रिज निर्माण के विरोध में शिवपुरी–कैलाशपुरी के लोग सड़क पर उतरे
Bhagalpur News: भागलपुर के शिवपुरी–कैलाशपुरी स्थित बाबा बासुकीनाथ कॉलोनी के पास शीतला स्थान चौक से बाईपास जाने वाले मार्ग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज (ROB) निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। छत्रपति शिवा कैलाश बासुकी समाज सेवा समिति के बैनर तले चारों मोहल्लों के लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की।
“ओवरब्रिज से नहीं, प्रक्रिया से आपत्ति”
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें ओवरब्रिज निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। लेकिन आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना, नोटिस या संवाद के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जमीन पर वे वर्षों से रह रहे हैं और छोटे व्यवसाय के जरिए अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, उसी जमीन को अधिग्रहित किए जाने की जानकारी उन्हें अखबार में प्रकाशित खाता-खेसरा विवरण से मिली। इससे पूरे इलाके में भय और असमंजस का माहौल बन गया है।
मुआवजा और पुनर्वास की मांग
समिति के सदस्यों ने प्रशासन से स्पष्ट संवाद, लिखित नोटिस, उचित मुआवजा और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में स्थानीय लोगों के अधिकारों और आजीविका की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ओवरब्रिज परियोजना जहां एक ओर यातायात सुधार की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल प्रशासन के लिए नई चुनौती बनते दिख रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।
डबल लाइन प्रोजेक्ट पर फोकस, भागलपुर स्टेशन पर जीएम-डीआरएम का दौरा
Bhagalpur News: भागलपुर रेलवे स्टेशन पर आज उच्चस्तरीय हलचल देखने को मिली, जब मालदा डिवीजन के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता और जीएम मिलिंद देउस्कर ने स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने रेलवे ट्रैक की स्थिति का जायजा लिया और प्रस्तावित डबल लाइन परियोजना को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
निरीक्षण के क्रम में स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि डबल लाइन निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि ट्रेनों के आवागमन में सुगमता आए और यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके।
सुरक्षा पर विशेष जोर
ट्रैक पर भारी वाहनों के संभावित आर-पार होने की घटनाओं को लेकर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को पूरी तरह रोका जा सके।
यात्री सुविधाओं की समीक्षा
साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार शाह सहित रेलवे और प्रशासन से जुड़े कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने स्टेशन के समग्र विकास, यात्री सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई।
रेलवे अधिकारियों के इस दौरे को भागलपुर स्टेशन के विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि डबल लाइन परियोजना और अन्य सुधारात्मक कार्य पूरे होने के बाद यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक रेल सेवा मिल सकेगी।
भागलपुर में CCTV पर सख्ती: SSP का बड़ा आदेश, 1900 कैमरों की समीक्षा के बाद जारी हुए कड़े निर्देश
Bhagalpur News: भागलपुर में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने जिले में लगे सीसीटीवी कैमरों की व्यापक समीक्षा के बाद सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि जिले के विभिन्न चौक-चौराहों पर करीब 1900 सीसीटीवी कैमरे अधिष्ठापित हैं, लेकिन अधिकांश कैमरों की विजिबिलिटी (दृश्यता) अपराध नियंत्रण की दृष्टि से संतोषजनक नहीं पाई गई।
भीड़-भाड़ वाले स्थानों की होगी विशेष मॉनिटरिंग
SSP ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में भीड़-भाड़ वाले स्थानों का चिन्हांकन कर भौतिक निरीक्षण करें। एक सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा कि किन-किन जगहों पर अतिरिक्त CCTV कैमरों की आवश्यकता है।
सार्वजनिक स्थानों पर अनिवार्य CCTV
बिहार पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत सार्वजनिक जमावड़े वाले स्थान — जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, खेल परिसर, रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव और बैंकिंग संस्थानों — में उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है।
साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि CCTV फुटेज को कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को उपलब्ध कराया जा सके।
सड़क की ओर भी रहें कैमरों की नजर
अक्सर देखा गया है कि कई प्रतिष्ठानों में CCTV कैमरे केवल भवन के अंदर की ओर लगे होते हैं, जिससे सड़क पर होने वाली घटनाओं की जांच में कठिनाई आती है। इस स्थिति को सुधारने के लिए निर्देश दिया गया है कि कुछ कैमरों की दिशा सड़क की ओर भी होनी चाहिए।
फरवरी के अंतिम सप्ताह तक अनुपालन
सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं अंचल पुलिस निरीक्षक को निर्देशित किया गया है कि फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह तक इन आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
SSP ने स्पष्ट किया है कि CCTV निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर अपराधियों पर नकेल कसना प्राथमिकता है।
भागलपुर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल: 8 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, 24 घंटे में योगदान का आदेश
Bhagalpur News: भागलपुर पुलिस महकमे में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के आदेशानुसार जिले में कार्यरत 8 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। जारी आदेश में सभी अधिकारियों को अपने-अपने नए पदस्थापन स्थल पर 24 घंटे के भीतर योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
जारी अधिसूचना के अनुसार विभिन्न थाना क्षेत्रों और पुलिस केंद्र में पदस्थ अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया है। यह फेरबदल प्रशासनिक जरूरतों और कार्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है।
सूची में शामिल अधिकारियों में थानाध्यक्ष स्तर से लेकर अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं, जिन्हें जिले के अलग-अलग थाना और इकाइयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस मुख्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर योगदान की सूचना वरीय कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
इस तबादले को लेकर पुलिस महकमे में हलचल तेज है। माना जा रहा है कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
अब देखना यह होगा कि नए पदस्थापन के बाद संबंधित थाना क्षेत्रों में कार्यप्रणाली में क्या बदलाव देखने को मिलता है।
भारत बंद का भागलपुर में व्यापक असर: बैंक बंद, कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन
Bhagalpur News: 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच और किसान संगठनों के समर्थन से बुलाए गए भारत बंद का असर शुक्रवार को भागलपुर में भी साफ तौर पर देखने को मिला। शहर के कई इलाकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि अनेक बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
बैंक कर्मचारियों ने शाखाओं के बाहर एकत्र होकर केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कोड से कर्मचारियों के अधिकार कमजोर हुए हैं और नौकरी की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
इस भारत बंद में इंटक (INTUC), एआईटीयूसी (AITUC), एचएमएस (HMS), सीआईटीयू (CITU), एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवाकर्मियों की यूनियन, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी सहित 10 प्रमुख ट्रेड यूनियनें शामिल हैं। यूनियनों का आरोप है कि पिछले वर्ष लागू किए गए चार नए श्रम कोड ने 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह ले ली है, जिससे कर्मचारियों के हितों को नुकसान पहुंचा है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि इन कानूनों के तहत नियोक्ताओं को कर्मचारियों की नियुक्ति और छंटनी में अधिक स्वतंत्रता मिल गई है, जिससे श्रमिकों की नौकरी असुरक्षित हो गई है।
इधर, बैंक बंद रहने से आम लोगों को लेन-देन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई उपभोक्ताओं को जरूरी बैंकिंग कार्य टालने पड़े।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सरकार से श्रम कोड वापस लेने, श्रमिक हितों की रक्षा करने और रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भागलपुर में ‘रंगबाज’ नेम प्लेट पर बवाल: गाड़ियों पर नाम लिखवाने के खिलाफ कार्मिक संघ का अनोखा विरोध
Bhagalpur News: भागलपुर में वाहनों पर नाम या विशेष शब्द लिखवाकर घूमने की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ अब विरोध का एक अनोखा तरीका सामने आया है। कार्मिक संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन पर आपत्ति जताते हुए प्रतीकात्मक अंदाज़ में अपना विरोध दर्ज कराया।
विरोध के तहत एक चार पहिया थार वाहन की नंबर प्लेट के ऊपर खुद ‘रंगबाज’ लिखवाकर प्रशासन और आम लोगों को संदेश देने की कोशिश की गई। यह विरोध प्रदर्शन कार्मिक संघ के अध्यक्ष प्रतीक झुनझुनवाला की अगुवाई में किया गया। बताया जा रहा है कि संबंधित वाहन का नंबर BR10 AP 7322 है।
कार्मिक संघ के उपाध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि जब तक अन्य लोग अपनी गाड़ियों पर लिखे नाम या शब्दों को स्वयं या प्रशासन के निर्देश पर नहीं हटाते, तब तक वे भी अपने वाहन से ‘रंगबाज’ लिखा हुआ नेम प्लेट नहीं हटाएंगे। उनका कहना है कि यह कदम नियमों के पालन और समान व्यवस्था की मांग को लेकर उठाया गया एक प्रतीकात्मक विरोध है।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर में वाहनों पर नियमों के विरुद्ध लिखावट को लेकर बहस तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें प्रशासन के रुख पर टिकी हैं कि क्या अनधिकृत नेम प्लेट और लिखावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
12 फरवरी भारत बंद: ट्रेड यूनियनों और किसानों का ऐतिहासिक आम हड़ताल आह्वान, जानें क्या रहेगा खुला और बंद
भागलपुर/नई दिल्ली: देशभर में 12 फरवरी, गुरुवार को एक व्यापक भारत बंद (Bharat Bandh) आयोजित किया जा रहा है। इसे 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कई किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से बुलाया है। इसका उद्देश्य श्रमिकों और किसानों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
ट्रेड यूनियनों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए श्रम कोड से मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे और नौकरी की सुरक्षा घटेगी। इसके अलावा, किसान संगठनों ने हाल ही में हुए भारत–अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध किया है।
कौन-कौन शामिल हैं:
इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)
सेंट्रल इंडियन ट्रेड यूनियन (CITU)
यूनाइटेड ट्रेड यूनियंस कांग्रेस (UTUC)
साम्युक्त किसान मोर्चा (SKM)
ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS)
भारत बंद का असर:
बैंक: कई सार्वजनिक बैंक शाखाएं बंद रह सकती हैं।
ट्रांसपोर्ट: सड़क परिवहन और लोकल बस सेवाओं में ठहराव या बाधा आ सकती है।
सरकारी दफ्तर: कुछ सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो सकता है।
स्कूल और कॉलेज: कुछ राज्यों में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर स्कूल बंद रह सकते हैं।
आवश्यक सेवाएं: अस्पताल, एम्बुलेंस, बिजली, पानी जैसी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी।
सरकारी प्रतिक्रिया:
सरकार ने कहा है कि हड़ताल का अधिकार सुरक्षित है, लेकिन इसे सार्वजनिक सूचना के साथ संचालित किया जाना चाहिए ताकि जनता के दैनिक जीवन पर कम से कम असर पड़े।
चंडीगढ़ से भागलपुर: कृष्णा–काजल ने कोर्ट में लिए सात फेरे, प्यार को मिली कानूनी मान्यता
Bhagalpur News: चंडीगढ़ की पढ़ाई से शुरू हुई दोस्ती अब कानूनी और सामाजिक मान्यता में बदल गई। मथुरापुर के कृष्णा और छपरा की काजल की प्रेम कहानी चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान शुरू हुई और धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।
पढ़ाई बीच में छोड़ने के बाद कृष्णा चंडीगढ़ में एक निजी कंपनी में काम करने लगा, लेकिन दोनों का रिश्ता और भी मजबूत होता चला गया। काजल ने छपरा से ट्रेन पकड़कर चंडीगढ़ पहुंचने का फैसला किया और कृष्णा के साथ जिंदगी बिताने का संकल्प लिया।
जब इस रिश्ते की जानकारी कृष्णा के परिवार को मिली, तो उन्होंने शादी के लिए सहमति दे दी। इसके बाद दोनों भागलपुर पहुंचे और कोर्ट परिसर में सात फेरे लेकर अपने प्यार को कानूनी और सामाजिक मान्यता दी।
काजल ने कहा कि अब वे हमेशा साथ रहेंगे और ससुराल में रहकर नया जीवन शुरू करेंगे। कृष्णा का परिवार खुश है, जबकि काजल के परिवार को फिलहाल इस शादी की जानकारी नहीं है।
चंडीगढ़ से शुरू हुई यह लव स्टोरी अब भागलपुर में एक नई जिंदगी की कहानी बन गई है।
भागलपुर के सचिन कुमार को IPL में बड़ा मौका, पंजाब किंग्स ने नेट बॉलर ट्रायल के लिए शॉर्टलिस्ट किया
Bhagalpur News: भागलपुर जिले के युवा और प्रतिभाशाली क्रिकेटर सचिन कुमार ने अपने शानदार प्रदर्शन से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। रणजी ट्रॉफी में प्रभावशाली गेंदबाजी करने के बाद सचिन को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी पंजाब किंग्स ने नेट बॉलर ट्रायल के लिए शॉर्टलिस्ट किया है।
पंजाब किंग्स की ओर से सचिन को विशेष कार्यक्रम “फ्यूचर किंग्स – बॉलिंग एडिशन” के तहत ट्रायल के लिए बुलाया गया है। यह ट्रायल युवा गेंदबाजों के लिए एक बड़ा मंच माना जाता है, जहां बेहतरीन प्रदर्शन करने पर उन्हें IPL टीम के साथ आगे जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
सचिन कुमार ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत जिला लीग से की थी और लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर रणजी ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में जगह बनाई। रणजी ट्रॉफी में उन्होंने सटीक लाइन-लेंथ, शानदार टर्न और दबाव की परिस्थितियों में संयमित गेंदबाजी से टीम को कई अहम सफलताएं दिलाईं।
सचिन एक राइट-आर्म ऑफ़ स्पिनर हैं और उनकी गेंदबाजी में निरंतरता और नियंत्रण उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।











