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जेएलएनएमसीएच में वी केयर का रक्तदान शिविर सफल, 78 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान

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Bhagalpur News: सामाजिक संस्था “वी केयर” द्वारा जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (जेएलएनएमसीएच) में आयोजित रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस पुनीत अवसर पर कुल 78 रक्तवीरों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

मानवता की सेवा में आगे आए रक्तवीर

रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। रक्तदान करने वालों में न केवल भागलपुर जिले के लोग शामिल रहे, बल्कि खगड़िया और बांका जिलों से भी लगभग दो दर्जन रक्तवीर इस अभियान से जुड़कर मानव सेवा का संदेश दिया।

एनएसएस के युवाओं की अहम भागीदारी

इस शिविर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के लगभग 25 स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। युवाओं के इस उत्साह ने यह साबित कर दिया कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और जागरूकता लगातार बढ़ रही है।

सचिव ने जताया आभार

संस्था के सचिव मनोज कुमार ने शिविर में उपस्थित सभी रक्तदाताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महादान है, जो जरूरतमंदों को जीवनदान देने का कार्य करता है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे मानवीय कार्यों में लोगों से निरंतर सहयोग की अपील की।

डॉक्टरों और समाजसेवियों का मिला सहयोग

शिविर के सफल आयोजन में डॉक्टरों और समाजसेवियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस मौके पर डॉ. सीता भगत, गौतम चौबे, डॉ. चंदन कुमार, डॉ. जैनेंद्र कुमार समेत कई लोगों ने सक्रिय योगदान दिया। साथ ही अर्जित, यश, रवि बसाक, सौम्या, गोल्डन सिंह, अभिषेक, लव, कुश, रिशांत, जितेंद्र, उज्जवल, पम्मी माधुरी, अंकित, फैसल, सानु प्रिया सहित कई युवाओं ने रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

रक्तदान से बचती हैं अनगिनत जानें

विशेषज्ञों का मानना है कि एक यूनिट रक्त कई लोगों की जान बचाने में सहायक हो सकता है। ऐसे में इस तरह के शिविर समाज में जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं।

बिहार स्पोर्ट्स कॉनक्लेव 2026: खेलों के सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ता बिहार

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Patna News: बिहार दिवस के अवसर पर राजधानी पटना के ताज सिटी सेंटर में आयोजित बिहार स्पोर्ट्स कॉनक्लेव 2026 ने राज्य के खेल भविष्य को नई दिशा देने की मजबूत नींव रख दी है। खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और स्पोर्ट्स स्टार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कॉनक्लेव में देशभर के खेल विशेषज्ञों, खिलाड़ियों, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

केंद्रीय मंत्री ने बताया—बिहार बन सकता है स्पोर्ट्स हब

कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे ने कहा कि बिहार प्रतिभाओं की धरती है, जहां खेलों के प्रति जुनून की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में मनरेगा के माध्यम से गांव-गांव में खेल मैदान और छोटे स्टेडियम विकसित करने की योजना सराहनीय है, जिसे अब केंद्र सरकार ने भी अपनाया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास ही नहीं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और समय प्रबंधन जैसे गुण भी विकसित करता है।

ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेलों में बिहार की हिस्सेदारी की मांग

बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य में खेलों के विकास के लिए आधारभूत संरचना को मजबूत किया गया है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम भी तैयार हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि यदि भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी मिलती है, तो बिहार में भी कुछ खेलों का आयोजन होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ इवेंट्स भी बिहार में आयोजित किए जाएं, जिससे राज्य को वैश्विक पहचान मिले।

“बिहार इतिहास लिखता नहीं, रचता है” – रवीन्द्रण शंकरण

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने कहा कि बिहार का खेल इतिहास गौरवशाली रहा है। उन्होंने बताया कि एक समय इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन का कार्यालय भी बिहार में रहा है।
उन्होंने जोर दिया कि राज्य को अब मेडल जीतने वाले खेलों पर विशेष फोकस करना होगा और जमीनी स्तर से खिलाड़ियों को तैयार करना होगा।

खेल और शिक्षा के संतुलन पर हुआ मंथन

कॉनक्लेव के दौरान दिनभर चले विभिन्न सत्रों में खेल और शिक्षा के संतुलन, स्पोर्ट्स गवर्नेंस, मेगा स्पोर्टिंग इवेंट्स की विरासत, और भारत के ओलंपिक विजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि किस तरह स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग और स्पोर्ट्स टूरिज्म के जरिए आर्थिक विकास को गति दी जा सकती है।

देश-विदेश के दिग्गजों की रही भागीदारी

इस आयोजन में ओलंपियन, कोच, आईएएस और आईपीएस अधिकारी, खेल संघों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत के कई बड़े नाम शामिल हुए।
इन सभी विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बिहार में खेलों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन्हें आगामी नीतियों में शामिल किया जाएगा।

बिहार के लिए नई पहचान की ओर कदम

बिहार स्पोर्ट्स कॉनक्लेव 2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राज्य के खेल भविष्य को संवारने की एक व्यापक सोच का प्रतीक बनकर उभरा है। इस मंच के जरिए न सिर्फ राज्य की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया, बल्कि आने वाले वर्षों की रणनीति भी तय की गई।

बिहार अब खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की पहल, विशेषज्ञों के सुझाव और खिलाड़ियों के जुनून के साथ यह राज्य आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।

कद्दू-भात के साथ चैती छठ महापर्व की शुरुआत, श्रद्धा और आस्था में डूबा भागलपुर

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Bhagalpur News: आस्था और सूर्य उपासना के महान पर्व चैती छठ की शुरुआत रविवार से पूरे जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ हो गई। चार दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व के पहले दिन “नहाय-खाय” की परंपरा निभाई गई, जिसमें व्रती महिलाएं कद्दू-भात का प्रसाद ग्रहण कर व्रत का शुभारंभ करती हैं। इस अवसर पर भागलपुर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भक्ति और शुद्धता का विशेष माहौल देखने को मिला।

नहाय-खाय के साथ व्रत की शुरुआत

छठ महापर्व के पहले दिन व्रती गंगा या अन्य पवित्र जल स्रोतों में स्नान कर शुद्धता के साथ घर लौटते हैं और पूजा-अर्चना के बाद कद्दू-भात का प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दिन से ही व्रती चार दिनों तक कठिन नियमों का पालन करते हुए व्रत की शुरुआत करते हैं। भागलपुर में भी सुबह से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।

बाजारों में बढ़ी रौनक, छठ सामग्री की खरीदारी तेज

चैती छठ को लेकर बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। फल, पूजा सामग्री, बांस की टोकरी (दउरा), सूप, नारियल और गन्ने की खरीदारी जोरों पर है। दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है और व्यापारी भी इस पर्व को लेकर खास तैयारी में जुटे हैं।

घाटों की साफ-सफाई और प्रशासन की तैयारी

छठ पूजा को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा गंगा घाटों की साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। व्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।

भक्ति में डूबा पूरा शहर

चैती छठ के पहले दिन से ही शहर में भक्ति का माहौल बन गया है। घरों में छठ गीत गूंज रहे हैं और महिलाएं पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना में जुटी हुई हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का भी संदेश देता है।

चार दिनों तक चलेगा महापर्व

पहले दिन नहाय-खाय के बाद दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उषा अर्घ्य के साथ इस महापर्व का समापन होगा। छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैया की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है।

बिहार दिवस पर मारवाड़ी महाविद्यालय में अंतर महाविद्यालय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ

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Bhagalpur News: बिहार दिवस के अवसर पर शहर के प्रतिष्ठित मारवाड़ी महाविद्यालय में अंतर महाविद्यालय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। 22 मार्च से 26 मार्च तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में कुल छह टीमें भाग ले रही हैं, जिससे पूरे परिसर में खेल और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
महापौर ने किया उद्घाटन, खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला
इस प्रतियोगिता का उद्घाटन भागलपुर नगर निगम की महापौर डॉ. वसुंधरा लाल ने किया। उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर मिलता है और वे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. एस.एन. पांडेय, सिनेट सदस्य डॉ. मृत्युंजय सिंह गंगा, डॉ. शंभू दयाल खेतान तथा प्रोफेसर डॉ. अर्चना साह मौजूद रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार झा ने की। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उद्घाटन मैच में दिखा शानदार प्रदर्शन

प्रतियोगिता का उद्घाटन मैच एसएम कॉलेज और बीएन कॉलेज की टीमों के बीच खेला गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया और दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं। मैच के दौरान खेल भावना और प्रतिस्पर्धा का शानदार संगम देखने को मिला, जिसने पूरे माहौल को रोमांचक बना दिया।

छात्राओं को मिल रहा सशक्त मंच

बिहार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह प्रतियोगिता छात्राओं के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभर रही है। इससे न केवल उनकी खेल प्रतिभा को निखारने का अवसर मिल रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित करने में मदद मिल रही है।

खेल के प्रति बढ़ रही रुचि

इस आयोजन के जरिए यह भी स्पष्ट हो रहा है कि अब छात्राओं में खेल के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा इस तरह के आयोजन भविष्य में भी जारी रखने की बात कही गई है, ताकि अधिक से अधिक छात्राएं खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

बाईपास थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई: ब्राउन शुगर और गांजा के साथ आरोपी गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बाईपास थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को ब्राउन शुगर और गांजा के साथ गिरफ्तार किया है।

गुप्त सूचना पर की गई त्वरित कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि बाईपास थाना क्षेत्र के गोनूधाम तरडीहा के समीप अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (नगर) के पर्यवेक्षण में किया गया।

छापेमारी में आरोपी गिरफ्तार

गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास से 9.6 ग्राम ब्राउन शुगर और 8.43 ग्राम गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सौरव कुमार (पिता – गनोरी राय), निवासी गोनूधाम तरडीहा, थाना बाईपास, जिला भागलपुर के रूप में हुई है।

अन्य सामान भी हुआ जब्त

पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है, जो इस अवैध कारोबार में इस्तेमाल किए जा रहे थे। बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

नशे के खिलाफ अभियान रहेगा जारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भागलपुर जिले में अवैध शराब, हथियार और मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। अपराध और नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस कार्रवाई में बाईपास थाना के पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

भोपाल में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवान नीरज कुमार को नम आंखों से अंतिम विदाई

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Bhagalpur News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए वीर जवान नीरज कुमार का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव सबौर प्रखंड के मिर्जापुर पहुंचा, पूरा इलाका शोक और गर्व के भाव से भर उठा। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा था, लेकिन हर घर से निकलकर लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने उमड़ पड़े।
तिरंगे में लिपटे वीर सपूत का हुआ भव्य स्वागत
जैसे ही सेना के जवानों का काफिला गांव में दाखिल हुआ, लोगों की भारी भीड़ सड़कों पर उमड़ आई। हर कोई अपने लाल की अंतिम झलक पाने को बेताब नजर आया। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को जब उनके घर के आंगन में लाया गया, तो “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहे” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। यह दृश्य हर किसी की आंखों को नम कर देने वाला था।
परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल, बच्चों को नहीं समझ आ रहा दर्द
शहीद नीरज कुमार के घर पर मातम पसरा हुआ था। मां अपने बेटे के वियोग में बार-बार बेहोश हो जा रही थीं, जबकि पत्नी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। दो छोटे बच्चों को अभी पूरी तरह यह एहसास भी नहीं हो पा रहा था कि उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। भाइयों और अन्य परिजनों का भी रो-रो कर बुरा हाल था।
सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम सलामी
सेना के जवानों और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पूरे सम्मान के साथ शहीद को अंतिम सलामी दी। जवानों ने अपने हथियार झुकाकर अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सबौर थाना पुलिस और औद्योगिक प्रक्षेत्र जीरो माइल पुलिस भी पूरी व्यवस्था में तैनात रही और अंतिम यात्रा में शामिल हुई।
बचपन से था देश सेवा का जज्बा
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि नीरज कुमार बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे। उनका सपना था कि वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करें। उन्होंने अपने इस सपने को पूरा किया और अंततः देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, नम आंखों से दी विदाई
शहीद की अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने पहुंचा। पूरे गांव में गम का माहौल था, लेकिन साथ ही अपने बेटे की शहादत पर गर्व भी साफ झलक रहा था। लोगों ने नम आंखों से अपने लाल को विदाई दी और उनके बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प लिया।

पीरपैंती में आंधी-बारिश का कहर, दियारा क्षेत्र में 40% तक फसल तबाह

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र में देर शाम आई तेज आंधी और बारिश ने दियारा इलाके में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक नुकसान मक्का और गेहूं की फसलों को हुआ है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीरपैंती के दियारा क्षेत्र में करीब 30 से 40 प्रतिशत तक फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। बाबूपुर, बाखरपुर, गोविंदपुर, परशुरामपुर, खवासपुर, एकचारी और रानी दियारा जैसे गांवों में तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है। तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी मक्का की फसल जमीन पर गिर गई, जिससे उत्पादन पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि मक्का की फसल इस समय झंडा और मोचा निकलने की महत्वपूर्ण अवस्था में थी। ऐसे समय आई तेज आंधी और बारिश ने फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। कई किसानों ने खेती के लिए कर्ज लिया था, अब फसल बर्बाद होने से उनके सामने कर्ज चुकाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। कुछ किसानों ने बताया कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में हुई हल्की बारिश से सूखी फसलों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन कुल मिलाकर नुकसान कहीं ज्यादा बड़ा है। खेतों में गिरी फसल को उठाना अब मुश्किल हो गया है, जिससे गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ेगा।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द क्षेत्र का सर्वे कराया जाए और वास्तविक नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय पर राहत नहीं मिली, तो उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो सकती है।
वहीं स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही संबंधित विभाग द्वारा क्षति का आकलन कराया जाएगा। फिलहाल पीरपैंती के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए राहत की उम्मीद कर रहे हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

भागलपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज हत्या का आरोप; ससुराल पक्ष फरार

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Bhagalpur News: भागलपुर के औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित बहादुरपुर में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान 20 वर्षीय अर्पणा कुमारी के रूप में हुई है, जो पटना में कार्यरत डीएम के निजी ड्राइवर अनिल यादव की बेटी बताई जा रही है। घटना ने दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अर्पणा की शादी 22 नवंबर 2024 को बहादुरपुर निवासी सोनू कुमार से हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही अर्पणा को दहेज के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। ससुराल पक्ष द्वारा सोने की चेन, अंगूठी और एक चार पहिया वाहन की मांग की जा रही थी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे अक्सर मारपीट और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता था।
घटना की रात एक पड़ोसी ने फोन कर अर्पणा की मौत की सूचना उसके पिता को दी। रात करीब एक बजे सूचना मिलने के बाद पिता ने दामाद को फोन करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद वे तुरंत पटना से भागलपुर के लिए रवाना हुए और सुबह करीब नौ बजे ससुराल पहुंचे।
परिजनों के अनुसार जब वे मौके पर पहुंचे तो अर्पणा का शव बेड पर पड़ा हुआ था और घर के अधिकांश सदस्य वहां से गायब थे। ससुराल पक्ष का दावा है कि अर्पणा ने पंखे से दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या की है, लेकिन मृतका के पिता ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि अर्पणा के गले पर रस्सी के स्पष्ट निशान मिले हैं, जिससे यह मामला संदिग्ध प्रतीत होता है।
मृतका के पिता ने पति सोनू कुमार, सास और अन्य ससुराल वालों पर दहेज हत्या और साजिश का गंभीर आरोप लगाते हुए औद्योगिक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने यह भी बताया कि अर्पणा अक्सर अपनी मां को फोन कर ससुराल में हो रही प्रताड़ना की जानकारी देती थी।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ससुराल पक्ष की तलाश में जुटी हुई है और हर पहलू से मामले की गहन जांच की जा रही है।

चैती छठ पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संदेश: “आत्मानुशासन और आस्था का पावन पर्व लाए सुख-समृद्धि”

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Patna News: चैती छठ के पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने छठ पर्व के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसे आत्मानुशासन, आस्था और शुद्धता का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें लोग पूरे श्रद्धा और नियम के साथ भगवान सूर्य की उपासना करते हैं। उन्होंने बताया कि यह पर्व आत्मिक शुद्धि और मन की निर्मलता का संदेश देता है, जहां व्रती अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
नीतीश कुमार ने कहा कि छठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह अनुशासन, समर्पण और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का एक अनूठा पर्व है। इसमें व्रत रखने वाले लोग कठिन नियमों का पालन करते हैं और पूरी निष्ठा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्होंने राज्यवासियों से अपील की कि इस पर्व को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखें। साथ ही, उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने अपनी शुभकामनाओं में कहा कि चैती छठ का यह महापर्व राज्यवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए तथा समाज में एकता और सद्भाव को और मजबूत करे।
बिहार में छठ पर्व का विशेष महत्व है और यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। चैती छठ, जो वर्ष में दो बार मनाए जाने वाले छठ पर्व का एक महत्वपूर्ण रूप है, पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री के इस संदेश ने राज्यवासियों के बीच उत्साह और श्रद्धा का माहौल और भी बढ़ा दिया है, और लोग इस पर्व को पूरे हर्षोल्लास और आस्था के साथ मनाने की तैयारी में जुटे हैं।

बिहार दिवस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संदेश: “गौरवशाली अतीत से प्रेरित होकर समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ रहा है बिहार”

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Patna News: बिहार दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस खास मौके पर उन्होंने बिहार के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सभी नागरिकों की भागीदारी को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बिहार का इतिहास सदियों से समृद्ध और प्रेरणादायक रहा है। यह भूमि ज्ञान, संस्कृति और सभ्यता की धरोहर रही है, जिसने देश और दुनिया को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बिहार विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और अपने मजबूत संकल्प के साथ एक गौरवशाली भविष्य का निर्माण कर रहा है।
नीतीश कुमार ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आपसी एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता और सद्भाव ही बिहार की असली ताकत है। यदि सभी लोग मिलकर इन मूल्यों को बनाए रखेंगे, तो बिहार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सपना निश्चित रूप से साकार होगा।
मुख्यमंत्री ने ‘समृद्ध बिहार’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह लक्ष्य तभी संभव है, जब हर नागरिक इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने सभी वर्गों के लोगों से मिल-जुलकर राज्य के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
बिहार दिवस, जो हर वर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है, राज्य की स्थापना और उसकी ऐतिहासिक पहचान को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन पूरे राज्य में विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बिहार की समृद्ध परंपरा और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है।
मुख्यमंत्री के इस संदेश को प्रदेश में सकारात्मक दृष्टिकोण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकार और जनता के संयुक्त प्रयासों से ही बिहार को एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाया जा सकता है।
बिहार दिवस के इस अवसर पर मुख्यमंत्री का यह संदेश न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि यह राज्य के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक मजबूत संकल्प का प्रतीक भी है।