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भागलपुर में 25 मार्च से श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, चार दिनों तक गूंजेगी भक्ति की धुन

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Bhagalpur News: भागलपुर में धार्मिक आस्था और भक्ति का एक भव्य संगम देखने को मिलने वाला है। लाजपत पार्क के समीप स्थित श्री राम मंदिर में 25 मार्च 2026 से चार दिवसीय श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
महोत्सव की शुरुआत 25 मार्च को सुबह 9 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। श्रद्धालु मसानी काली बूढ़ानाथ मंदिर प्रांगण में एकत्रित होंगे, जहां से नगर परिक्रमा करते हुए कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा पूरे शहर में श्रद्धा और उत्साह का संदेश फैलाते हुए श्री राम मंदिर के पावन स्थल पर जाकर समाप्त होगी। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे और जय श्रीराम के नारों से वातावरण गूंज उठेगा।
26 मार्च को इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण श्री रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान होगा। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा। खास बात यह है कि भागलपुर में भी अयोध्या की तर्ज पर भगवान श्रीराम के विग्रह की स्थापना की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
27 मार्च को स्थापित विग्रह का विशेष पूजन किया जाएगा, जिसमें श्री राम नवमी पूजा और दोपहर 12 बजे ध्वजारोहण का कार्यक्रम शामिल है। इसके बाद शाम 4 बजे से महाप्रसाद वितरण शुरू होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। शाम 6 बजे महाआरती के बाद 24 घंटे का अष्टजाम कीर्तन आरंभ होगा, जो 28 मार्च तक लगातार चलता रहेगा।
आयोजन समिति के अनुसार, यह मंदिर भविष्य में राम भक्तों के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में विकसित होगा। यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा मिलेगी।
इस भव्य आयोजन में शहर के कई गणमान्य लोग, सामाजिक संगठन और श्रद्धालु सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। कुल मिलाकर, यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि भागलपुर में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी संदेश देगा।

नए हॉस्टल में शिफ्ट होते ही NEET छात्रा की संदिग्ध मौत, 3 घंटे बाद फंदे से लटका मिला शव

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Bhagalpur News: भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत खंजरपुर स्थित एक निजी हॉस्टल में उस वक्त सनसनी फैल गई जब NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ बरामद हुआ। मृतका की पहचान श्रृष्टि सिंह उर्फ लाडो के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अररिया जिले की रहने वाली थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रृष्टि सिंह हाल ही में उक्त हॉस्टल में शिफ्ट हुई थी। हैरानी की बात यह है कि शिफ्टिंग के महज तीन घंटे के भीतर ही यह दर्दनाक घटना सामने आ गई। बताया जा रहा है कि छात्रा के माता-पिता भी शिफ्टिंग के दौरान मौजूद थे, लेकिन उसे व्यवस्थित कर वापस अपने घर लौट गए थे।
घटना का खुलासा तब हुआ जब बगल के कमरे में रहने वाली एक अन्य छात्रा ने दरवाजा नहीं खुलने पर शक जताया और शोर मचाया। इसके बाद हॉस्टल संचालक और अन्य लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली, जहां छात्रा का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही बरारी थाना अध्यक्ष बिट्टू कमल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। हॉस्टल संचालक की मौजूदगी में शव को नीचे उतारा गया और जांच प्रक्रिया शुरू की गई। मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए।
पुलिस को छात्रा के मोबाइल फोन से कुछ व्हाट्सएप चैट भी मिले हैं, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है। शुरुआती जांच में कई बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है, हालांकि अभी तक मौत के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकला है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं, इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।
पुलिस का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। हॉस्टल संचालक और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके।
यह घटना एक बार फिर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिस पर समाज और प्रशासन दोनों को ध्यान देने की जरूरत है।

बिहार की बेटियों ने फिर किया कमाल, इंटर रिजल्ट 2026 में लहराया सफलता का परचम

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Patna News: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा जारी इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 के परिणाम में इस बार एक बार फिर बिहार की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। रिजल्ट में छात्राओं का प्रदर्शन शानदार रहा है, खासकर आर्ट्स और कॉमर्स संकाय में बेटियों ने टॉप कर नया इतिहास रच दिया है।
इस वर्ष आर्ट्स स्ट्रीम में रितु ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि कॉमर्स में निशु ने टॉप कर यह साबित कर दिया कि बिहार की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे राज्य को गर्व महसूस कराया है।
कुल मिलाकर इस वर्ष इंटर परीक्षा का परिणाम 85.19% रहा, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने सफलता हासिल की। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं और हर चुनौती का डटकर सामना कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं ने भी अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर शानदार प्रदर्शन किया है।
सफल छात्राओं का कहना है कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत की। परिवार और शिक्षकों के सहयोग को भी उन्होंने अपनी सफलता का मुख्य आधार बताया।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता राज्य में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं और जागरूकता अभियानों का सकारात्मक परिणाम है। आज के दौर में बेटियां हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और समाज में एक नई मिसाल पेश कर रही हैं।
रिजल्ट जारी होने के बाद अब सफल छात्राएं आगे की पढ़ाई और अपने करियर को लेकर नए सपने संजो रही हैं। वहीं, जो छात्राएं अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए स्क्रूटनी का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।
कुल मिलाकर, बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट 2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर अवसर और समर्थन मिले, तो बिहार की बेटियां हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए भी एक प्रेरणा है।

बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट जारी, 85.19% छात्र हुए सफल

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Patna News: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है, जिससे लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। बोर्ड द्वारा सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रिजल्ट की घोषणा की गई। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 85.19% रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में संतोषजनक माना जा रहा है।
इस बार भी बिहार बोर्ड ने देश में सबसे पहले इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम जारी कर अपनी तेज कार्यशैली को बरकरार रखा है। साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स—तीनों संकायों के रिजल्ट एक साथ घोषित किए गए हैं। परिणाम जारी होते ही छात्र-छात्राओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला और वेबसाइट पर रिजल्ट चेक करने के लिए भारी ट्रैफिक भी देखा गया।
टॉपर लिस्ट में इस वर्ष भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। साइंस स्ट्रीम में आदित्य ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि कॉमर्स में निशु और आर्ट्स में रितु ने टॉप कर अपने-अपने जिले और परिवार का नाम रोशन किया। टॉपर्स की सफलता ने यह साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत और सही दिशा में प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
छात्र अपना रिजल्ट बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना रोल कोड और रोल नंबर दर्ज करना होगा। रिजल्ट के साथ ही बोर्ड ने मार्कशीट भी ऑनलाइन उपलब्ध करा दी है, जिससे छात्रों को अपने अंक जानने में कोई परेशानी न हो।
वहीं, जो छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए बोर्ड ने स्क्रूटनी (उत्तर पुस्तिका पुनर्मूल्यांकन) का विकल्प भी दिया है। स्क्रूटनी के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 मार्च 2026 से शुरू होगी। इसके अलावा जो छात्र किसी विषय में असफल हुए हैं, वे कंपार्टमेंट परीक्षा के माध्यम से दोबारा मौका पा सकते हैं।
रिजल्ट जारी होने के बाद अब छात्रों के सामने आगे की पढ़ाई और करियर को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेने की चुनौती है। सफल छात्र उच्च शिक्षा के लिए कॉलेजों में नामांकन की तैयारी में जुट गए हैं।
कुल मिलाकर, बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट 2026 ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था की गति और पारदर्शिता को दर्शाया है, साथ ही छात्रों के लिए नए अवसरों के द्वार भी खोल दिए हैं।

चैती छठ के खरना पर भागलपुर के गंगा घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब

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Bhagalpur News: लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के दूसरे दिन खरना के अवसर पर भागलपुर के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार सुबह से ही घाटों पर भक्तों का तांता लगा रहा, जहां व्रती महिलाएं और श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान कर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते नजर आए।
सुबह की पहली किरण के साथ ही गंगा घाटों का नजारा पूरी तरह भक्तिमय हो गया। “छठी मैया की जय” और भगवान सूर्य के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। घाटों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, वहीं सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। दूर-दराज के गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान और पूजा के लिए पहुंचे, जिससे घाटों पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
खरना का दिन छठ पर्व का एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस दिन व्रती महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को स्वच्छता और पवित्रता के साथ विशेष पूजा-अर्चना करती हैं। पूजा के बाद गुड़-चावल की खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण किया जाता है, जिसके साथ ही 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत शुरू हो जाता है। इस व्रत के दौरान व्रती पूरी श्रद्धा और नियमों का पालन करते हुए भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना करते हैं।
घाटों पर साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था देखने को मिली। स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
चैती छठ के इस पावन अवसर पर भागलपुर का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्तिमय बना हुआ है। यह पर्व न केवल आस्था और विश्वास का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी संदेश देता है।
कुल मिलाकर, खरना के दिन गंगा घाटों पर उमड़ी यह भीड़ इस बात का प्रमाण है कि छठ पर्व आज भी लोगों के दिलों में गहराई से बसा हुआ है और इसकी परंपरा लगातार नई पीढ़ी तक पहुंच रही है।

NH-31 पर तेज रफ्तार का कहर: पैक्स अध्यक्ष की मौत, इलाके में शोक की लहर

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Bhagalpur News: खगड़िया जिले के पसराहा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-31 पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में पैक्स अध्यक्ष प्रेम कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे परिवार और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना सतीश नगर के पास की है, जहां प्रेम कुमार अपने गोदाम से घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रेम कुमार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़ पड़े।
घायल अवस्था में उन्हें परिजनों और स्थानीय लोगों की सहायता से तुरंत भागलपुर के मॉडल सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
प्रेम कुमार की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है।
इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस स्कॉर्पियो वाहन और उसके चालक की पहचान करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों की याद दिलाता है। स्थानीय लोग प्रशासन से हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, स्पीड कंट्रोल के उपाय लागू करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि सड़क पर सावधानी और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है।

बिहार दिवस पर प्रभात फेरी की गूंज, बच्चों ने जगाया गौरव और स्वाभिमान का संदेश

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Bhagalpur News: बिहार दिवस के अवसर पर पूरे राज्य में उत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में जिले में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा एक भव्य प्रभात फेरी निकाली गई, जिसने लोगों के दिलों में बिहार के प्रति गर्व और सम्मान की भावना को और मजबूत कर दिया। यह प्रभात फेरी समाहरणालय परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सैंडिस कंपाउंड तक पहुंची।
प्रभात फेरी के दौरान बच्चों ने हाथों में तख्तियां और बैनर थाम रखे थे, जिन पर बिहार के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और विकास की झलक दिखाने वाले संदेश लिखे थे। “जय बिहार”, “हमारा बिहार, महान बिहार” और “बिहार की धरती, ज्ञान की शक्ति” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। राह चलते लोगों ने भी इस आयोजन का स्वागत किया और बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, शिक्षक, अभिभावक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। प्रभात फेरी का उद्देश्य केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से नई पीढ़ी को बिहार की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास किया गया।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बबीता कुमारी ने बताया कि बिहार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत इस प्रभात फेरी का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में अपने राज्य के प्रति जुड़ाव बढ़ता है और वे अपनी जड़ों को समझ पाते हैं। साथ ही यह पहल उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच को भी विकसित करती है।
प्रभात फेरी के समापन पर सैंडिस कंपाउंड में एक संक्षिप्त सभा का आयोजन किया गया, जहां बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बिहार की लोक परंपराओं, कला और इतिहास को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया।
कुल मिलाकर, बिहार दिवस पर निकली यह प्रभात फेरी न केवल एक जागरूकता अभियान रही, बल्कि यह राज्य की नई पीढ़ी में गर्व, एकता और विकास के प्रति सकारात्मक सोच जगाने का सशक्त माध्यम भी

बिहार दिवस पर पांच दिवसीय महिला नाट्य उत्सव का भव्य शुभारंभ

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Patna News: बिहार दिवस के अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग और बिहार संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय महिला नाट्य उत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया। इस आयोजन ने राजधानी के सांस्कृतिक माहौल को नई ऊर्जा से भर दिया है।
कला-संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
उद्घाटन समारोह में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि 114वां बिहार दिवस हम सभी के लिए गर्व और उत्साह का अवसर है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले पांच दिनों तक विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को उत्कृष्ट रंगमंचीय अनुभव प्राप्त होगा।
कलाकारों को प्रोत्साहन देने की दिशा में सरकार प्रयासरत
मंत्री ने कहा कि बिहार जिस तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है, उसी तरह कला और संस्कृति को भी समान गति से आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना प्रमुख है। इसके माध्यम से वरिष्ठ कलाकारों को सम्मान और आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
‘पारो’ नाटक ने किया भावुक
उत्सव के प्रथम दिन प्रस्तुति संस्था द्वारा प्रसिद्ध साहित्यकार नागार्जुन के उपन्यास ‘पारो’ पर आधारित नाटक “पारो” का मंचन किया गया। इस नाटक का नाट्य रूपांतरण विवेक कुमार ने किया, जबकि निर्देशन शारदा सिंह ने किया। संगीत संयोजन वरिष्ठ रंग निर्देशक संजय उपाध्याय द्वारा किया गया।
सामाजिक कुरीतियों पर करारा प्रहार
नाटक “पारो” में मिथिला क्षेत्र की सामाजिक कुरीतियों—जैसे बाल विवाह, बहुविवाह और बेमेल विवाह—का बेहद मार्मिक चित्रण किया गया। कहानी की नायिका पारो, एक गरीब ब्राह्मण परिवार की 13 वर्षीय बच्ची, इन कुरीतियों का शिकार बनती है और अंततः प्रसव के दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया और समाज में व्याप्त कुप्रथाओं पर गंभीर चिंतन करने को मजबूर किया।
गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी, संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार तथा बिहार संगीत नाटक अकादमी की सहायक सचिव कीर्ति आलोक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बिहार दिवस पर कला-संस्कृति का पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र

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Patna News:  बिहार दिवस के अवसर पर राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति विभाग का भव्य पवेलियन लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया। “सेलिब्रेटिंग प्राइड, हेरिटेज एंड कल्चर” थीम पर आधारित इस पवेलियन का उद्घाटन कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया।

पारंपरिक और आधुनिक तकनीक का अनूठा मेल

इस पवेलियन की खास बात यह रही कि यहां बिहार की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत किया गया। डिजिटल इंटरैक्टिव कियोस्क और गेम्स के माध्यम से आगंतुकों को रोचक अंदाज में बिहार की परंपराओं और इतिहास से परिचित कराया जा रहा है। यह पहल खासकर युवाओं और बच्चों के लिए बेहद आकर्षक साबित हो रही है।

वीआर तकनीक से ऐतिहासिक स्थलों का अनुभव

पवेलियन में लगाए गए वीआर (वर्चुअल रियलिटी) अनुभव केंद्र ने लोगों को खासा आकर्षित किया। इसके जरिए दर्शक बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का वर्चुअल भ्रमण कर पा रहे हैं। मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने स्वयं वीआर हेडसेट का अनुभव लिया और इसे अत्यंत रोचक एवं सराहनीय पहल बताया।

ऐतिहासिक धरोहरों की झलक

पवेलियन में बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। बाराबर गुफाएं और केसरिया स्तूप जैसे महत्वपूर्ण स्थलों की झलक देखने को मिल रही है, जो दर्शकों को राज्य के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का काम कर रही है।

लोक कला और शिल्प का जीवंत प्रदर्शन

इस आयोजन में बिहार की पारंपरिक लोक कलाओं को भी विशेष स्थान दिया गया है। जूट कला, मंजूषा कला, सुजनी कढ़ाई, मधुबनी चित्रकला और टिकुली कला को बेहद आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। कलाकारों द्वारा लाइव प्रदर्शन और उनके उत्पादों की प्रदर्शनी भी लोगों को काफी आकर्षित कर रही है।

फोटो प्वाइंट और विजुअल इंस्टॉलेशन बने खास आकर्षण

पवेलियन में बनाए गए आकर्षक फोटो प्वाइंट और विजुअल इंस्टॉलेशन भी आगंतुकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और बिहार की सांस्कृतिक विरासत के साथ अपने जुड़ाव को महसूस कर रहे हैं।

अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाई गरिमा

इस अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग के सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी और संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

बिहार दिवस पर लगाया गया यह पवेलियन न केवल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम भी बन रहा है। यह आयोजन बिहार की पहचान, परंपरा और प्रगति का शानदार संगम प्रस्तुत करता है।

बिहार दिवस पर टाउन हॉल में भव्य आयोजन, दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

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Bhagalpur News: बिहार दिवस के अवसर पर शहर के टाउन हॉल में भव्य और आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, छात्र-छात्राएं और शहरवासी शामिल हुए।

दीप प्रज्वलन के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलन कर की गई, जो ज्ञान, प्रकाश और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान मंच पर उपस्थित अधिकारियों और अतिथियों ने बिहार दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जीता दिल

इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया। कलाकारों और छात्रों ने अपने रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से बिहार की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। लोकगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्साह और गर्व से भर दिया।

अतिथियों का किया गया सम्मान

कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों का स्वागत फूलों के गमले भेंट कर किया गया। यह सम्मान न केवल परंपरा का हिस्सा था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता नजर आया।

बिहार दिवस: गौरव और प्रेरणा का प्रतीक

इस मौके पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार दिवस सभी बिहारवासियों के लिए गर्व और सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास की यात्रा हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।

एकता और सांस्कृतिक पहचान का संदेश

इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बिहार अपनी सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक गौरव के साथ निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। कार्यक्रम ने न केवल लोगों को मनोरंजन का अवसर दिया, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का भी मौका प्रदान किया।

टाउन हॉल में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम बिहार दिवस के जश्न को खास बना गया। इसने एक बार फिर साबित किया कि बिहार अपनी समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में अग्रसर है।