कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेने का आरोप, महीनों से फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस; इश्तेहार के जरिए हाजिर होने का दिया कानूनी संदेश
Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में खुद को सीआईडी का डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से कथित ठगी करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर निवासी मनोज कुमार वर्मा के घर पुलिस ने ढोल बजाकर इश्तेहार चिपकाया। आरोप है कि मनोज वर्मा ने सरकारी नौकरी दिलाने और विभागों में अपनी पहुंच होने का भरोसा देकर कई लोगों से पैसे लिए, लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर उनकी रकम वापस नहीं की। मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार बताया जा रहा है।
ढोल बजाकर घर पहुंची पुलिस, चिपकाया इश्तेहार
जानकारी के अनुसार, इसाकचक थाना की पुलिस आरोपी मनोज कुमार वर्मा के घर पहुंची और ढोल बजाकर इश्तेहार चिपकाने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के जरिए आरोपी को मामले में कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य फरार आरोपी को न्यायालय की प्रक्रिया के तहत उपस्थित होने के लिए सूचित करना है।
इश्तेहार चिपकाया जाना पुलिस की कानूनी कार्रवाई का एक अहम चरण है। हालांकि, इसके बाद की कार्रवाई न्यायालय के आदेश और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होती है।
खुद को सीआईडी का डीएसपी बताने का आरोप
मामले में आरोप है कि मनोज कुमार वर्मा लोगों के सामने खुद को सीआईडी का डीएसपी बताता था। वह सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने और अधिकारियों तक अपनी पहुंच होने का भरोसा देकर लोगों को अपने झांसे में लेता था। पीड़ितों के आरोपों के मुताबिक, नौकरी लगवाने के नाम पर उससे कई लोगों ने संपर्क किया और उसे रुपये दिए।
जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली और लोगों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो कथित तौर पर उन्हें पैसे लौटाने में आनाकानी की गई। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की और मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई।
कई लोगों से ठगी की शिकायत, पुलिस की जांच जारी
इस मामले को लेकर भागलपुर में पहले भी खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मनोज वर्मा पर एक दर्जन से अधिक लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये लेने के आरोप लगे हैं। सबौर स्थित कृषि महाविद्यालय, एनटीपीसी और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने या पैरवी कराने का भरोसा देने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
20 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों में भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के हवाले से बताया गया था कि आरोपी सीआईडी का डीएसपी नहीं है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। अलग-अलग शिकायतों के संबंध में इशाकचक और बाईपास थाने में मामले दर्ज होने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई थी।
फरार आरोपी पर आगे क्या होगी कार्रवाई?
फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, मनोज कुमार वर्मा के घर इश्तेहार चिपकाने के बाद उसकी गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। इश्तेहार के बाद अगला कदम न्यायालय के आदेश, मामले की स्थिति और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोपों ने एक बार फिर ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत को उजागर किया है, जो सरकारी पद या अधिकारियों से करीबी का दावा कर नौकरी दिलाने का भरोसा देते हैं। नौकरी के नाम पर किसी को रकम देने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया और सूचना की जांच करना जरूरी है।


