कार्तिक पूर्णिमा पर हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ होगा समापन, वर्ष 2002 से चली आ रही है धार्मिक अनुष्ठान की परंपरा
Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत बैजानी पंचायत में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बनने जा रहा है। पोखर के समीप स्थित हनुमान मंदिर में श्रीश्री 1008 अखंड रामचरितमानस पाठ का आयोजन 27 अक्टूबर से शुरू होगा। कार्तिक मास में आयोजित होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजन समिति की बैठक में कार्यक्रम को भव्य और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
वर्ष 2002 से चली आ रही है अखंड रामायण पाठ की परंपरा
मंदिर के पुजारी गौरीशंकर ठाकुर ने बताया कि हनुमान मंदिर में अखंड रामचरितमानस पाठ की परंपरा वर्ष 2002 से चली आ रही है। प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास में आयोजित होने वाले इस अनुष्ठान में श्रद्धालु और संकल्पकर्ता बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पाठ के दौरान लगातार 24 घंटे रामचरितमानस का पाठ किया जाता है। इस वर्ष भी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विशेष आयोजन की तैयारी की गई है।
आयोजकों के अनुसार, इस बार पाठ की शुरुआत 27 अक्टूबर को कार्तिक प्रतिपदा के अवसर पर होगी। आयोजन का समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन किया जाएगा। इस दौरान मंदिर परिसर में राम नाम की गूंज के साथ श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करेंगे।
कार्तिक पूर्णिमा पर हवन, सत्यनारायण पूजा और भंडारा
अखंड रामचरितमानस पाठ के समापन अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें हवन-पूजन, भगवान सत्यनारायण की पूजा और विशाल भंडारे की व्यवस्था रहेगी। आयोजकों को उम्मीद है कि बैजानी सहित आसपास के गांवों और दूसरे क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। कार्यक्रम में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
अनुष्ठान के संचालन के लिए गोपाल तिवारी को मुख्य आचार्य के रूप में आमंत्रित किया गया है। उनके मार्गदर्शन में धार्मिक कार्यक्रमों को संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
आयोजन समिति की बैठक में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल और विश्राम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर की साफ-सफाई, पंडाल निर्माण, रोशनी, ध्वनि व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अलग-अलग कार्य समितियों का गठन किया गया है। समिति के सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में शामिल स्थानीय ग्रामीणों, समिति सदस्यों और श्रद्धालुओं ने आयोजन को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
आयोजकों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अखंड रामचरितमानस पाठ में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। उनका कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव में आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बैजानी के हनुमान मंदिर में होने वाला यह आयोजन एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और सामूहिक सहभागिता का केंद्र बनने जा रहा है।


