Bhagalpur News: भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड अंतर्गत राघोपुर मुख्य जमींदारी बांध पर गंगा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी के तेज बहाव के कारण बांध में शुरू हुआ भीषण कटाव अब बेहद भयानक मोड़ ले चुका है। तबाही का मंजर ऐसा है कि जल संसाधन विभाग के कैंप कार्यालय का आधे से अधिक हिस्सा गंगा नदी की तेज धारा में समा गया। इसके साथ ही जमींदारी बांध का एक बड़ा हिस्सा भी नदी में विलीन हो चुका है, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है।
200 मीटर तक कट चुका है बांध, सिर्फ 25 प्रतिशत हिस्सा बचा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गंगा नदी के अचानक हुए तेज कटाव में अब तक लगभग 200 मीटर बांध नदी में बह चुका है। फिलहाल बांध का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही बचा हुआ है, जो लगातार कट रहा है। जल संसाधन विभाग का कैंप कार्यालय जलमग्न होकर धंसने से प्रशासनिक अमले के हाथ-पांव फूल गए हैं।
ऊर्जा मंत्री के आवास के करीब पहुंची तबाही, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप
इस भीषण कटाव की सबसे चिंताजनक बात यह है कि घटना स्थल से मात्र 500 मीटर की दूरी पर बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री का आवास स्थित है। बांध टूटने और कटाव के इतने करीब पहुंचने की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
खरीक और बिहपुर के दर्जनों गांवों पर गहराया बाढ़ का संकट
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल संसाधन विभाग ने तुरंत युद्धस्तर पर कटाव निरोधी (Erosion Control) कार्य शुरू नहीं किए, तो स्थिति बेकाबू हो जाएगी। अगर बांध पूरी तरह से टूटता है, तो खरीक और बिहपुर प्रखंड के दर्जनों गांवों में गंगा का पानी तबाही मचाते हुए प्रवेश कर जाएगा। इससे हजारों परिवारों के बेघर होने और जान-माल के भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
खौफ के साए में ग्रामीण, तत्काल कटाव निरोधी कार्य की मांग
फिलहाल स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। प्रशासन की ओर से मौके का जायजा लिया जा रहा है और स्थिति पर नजर रखने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर धीमी राहत कार्रवाई से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और खौफ है। स्थानीय लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि बिना वक्त गंवाए आधुनिक तकनीकों से कटाव को रोका जाए ताकि संभावित भीषण बाढ़ से पूरे इलाके को बचाया जा सके।


