सड़क, नाला और सर्विस रोड की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे सैकड़ों ग्रामीण, मुंह पर लाल कपड़ा बांधकर की नारेबाजी; फोरलेन पर वाहनों की लंबी कतार
Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में सड़क, नाला और सर्विस रोड की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। नाथनगर के कंझिया मोड़ पर मंगलवार सुबह करीब 8 बजे सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मुंह पर लाल कपड़ा बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पर बांस-बल्ला लगाकर सड़क जाम कर दिया। आंदोलन के कारण फोरलेन के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित हुआ।
सर्विस रोड और नाले की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क, नाला और सर्विस रोड की व्यवस्था उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है। इन्हीं समस्याओं को लेकर उन्होंने सत्याग्रह का रास्ता अपनाया है। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण कंझिया मोड़ पर जुटे और एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मुंह पर लाल कपड़ा बांधकर नारेबाजी की। इसके बाद फोरलेन पर बांस-बल्ला लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। सड़क जाम होने से दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वरीय अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग
आंदोलन की सूचना मिलने पर मधुसूदनपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने और जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
ग्रामीणों की मांग है कि वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें। उनका कहना है कि जब तक संबंधित अधिकारी मौके पर आकर उनकी बात नहीं सुनते, तब तक आंदोलन को लेकर आगे का निर्णय नहीं लिया जाएगा।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन पर फैसला अधिकारियों से बातचीत के बाद
ग्रामीणों के रुख से स्पष्ट है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उनका जोर इस बात पर है कि सड़क, नाला और सर्विस रोड से जुड़ी मांगों पर जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर बातचीत करें।
फिलहाल ग्रामीणों का आंदोलन और फोरलेन जाम के कारण यातायात प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और सड़क पर आवागमन कब सामान्य होता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।


