नवरात्र में कलाकार की अनोखी कलाकारी ने खींचा ध्यान, तीन घंटे की मेहनत से हरे पत्ते पर उकेरी मां दुर्गा की सूक्ष्म तस्वीर; छेड़छाड़ रोकने और महिलाओं की सुरक्षा का दिया संदेश
Bhagalpur News: नवरात्र के पावन अवसर पर बिहार के प्रसिद्ध रेत कलाकार मधुरेन्द्र कुमार ने अपनी अनोखी कलाकारी के जरिए महिला सुरक्षा और सम्मान का संदेश दिया है। उन्होंने महज तीन सेंटीमीटर के हरे पीपल के पत्ते पर मां दुर्गा की बेहद सूक्ष्म तस्वीर उकेरकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। इस छोटी-सी कलाकृति को तैयार करने में उन्हें करीब तीन घंटे का समय लगा। मां दुर्गा की इस तस्वीर के माध्यम से कलाकार ने समाज से लड़कियों के साथ छेड़छाड़ रोकने और महिलाओं को सम्मान देने की अपील की है।
तीन सेंटीमीटर के पत्ते पर मां दुर्गा की मनमोहक तस्वीर
नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के बीच मधुरेन्द्र कुमार की यह कलाकृति कला और सामाजिक संदेश का अनूठा उदाहरण है। हरे पीपल के पत्ते जैसे छोटे आधार पर मां दुर्गा की तस्वीर उकेरना उनकी बारीक कलाकारी, एकाग्रता और धैर्य को दर्शाता है। महज तीन सेंटीमीटर के पत्ते पर तस्वीर तैयार करने के लिए उन्हें करीब तीन घंटे तक लगातार मेहनत करनी पड़ी।
कलाकार ने अपनी इस कलाकृति को केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसके जरिए समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देने की कोशिश की है। उनका उद्देश्य लोगों को यह याद दिलाना है कि मां दुर्गा की पूजा के साथ महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।
मां दुर्गा की पूजा के साथ महिलाओं का सम्मान भी जरूरी
मधुरेन्द्र कुमार ने अपनी कलाकृति के माध्यम से लड़कियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने की अपील की है। उनका संदेश है कि नारी को शक्ति का स्वरूप मानने वाले समाज को अपने व्यवहार में भी महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
नवरात्र के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में कलाकार की यह पहल धार्मिक आस्था को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ती है। महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी भी है।
कला के जरिए सामाजिक बदलाव की पहल
कला केवल सुंदर आकृतियां बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज तक प्रभावशाली संदेश भी पहुंचाया जा सकता है। मधुरेन्द्र कुमार की यह सूक्ष्म कलाकृति इसी सोच को सामने लाती है। छोटे से पीपल के पत्ते पर मां दुर्गा की तस्वीर बनाकर उन्होंने महिला सम्मान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है।
नवरात्र के इस अवसर पर उनकी कलाकृति का संदेश स्पष्ट है—मां दुर्गा की आराधना तभी सार्थक होगी, जब समाज में बेटियों और महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकार मिलेंगे।


