भागलपुर केंद्रीय कारा में प्रभात फेरी से लेकर गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण तक हुए आयोजन; सत्य, अहिंसा और सदाचार को जीवन में अपनाने का लिया गया संकल्प
Bhagalpur News: गांधी जयंती के अवसर पर भागलपुर स्थित शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में शुक्रवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने प्रभात फेरी निकाली और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
गांधी जयंती के अवसर पर कारा परिसर में सुबह बंदियों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई। इसके बाद मध्याह्न में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों एवं कारा प्रशासन ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा और सदाचार के संदेश को याद किया।
गांधी जी के विचारों पर हुई वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिता
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के विचारों एवं उनके जीवन-दर्शन पर वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें बंदियों ने गांधी जी के विचारों, उनके संघर्ष और समाज के प्रति उनके संदेशों पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर कारा के सभी पदाधिकारियों एवं बंदियों ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा एवं सदाचार के सिद्धांतों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
अच्छे आचरण वाले चार बंदियों को मिली रिहाई
गांधी जयंती के अवसर पर लंबे समय से कारावास की सजा भुगत रहे और अच्छे आचरण वाले बंदियों को एक बारगी उपाय के तहत बिहार सरकार की कारामुक्ति योजना के अंतर्गत रिहा किया गया।
इसी योजना के तहत शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा, भागलपुर के चार बंदियों को कारामुक्त किया गया। कारामुक्त किए गए बंदियों में पंकज गुप्ता, दिलीप कुमार चतुर्वेदी, राम इकबाल सिंह एवं दिनेश तांती शामिल हैं।
कारा प्रशासन की ओर से कारामुक्त किए गए सभी बंदियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। साथ ही उम्मीद जताई गई कि वे समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल होकर सकारात्मक और सफल जीवन की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
गांधी जयंती पर मिला नई शुरुआत का संदेश
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने कारा परिसर में सुधार, आत्मचिंतन और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश दिया। गांधी जी के सत्य, अहिंसा और सदाचार के विचारों को याद करते हुए बंदियों को बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
चार बंदियों की कारामुक्ति उनके लिए नई शुरुआत का अवसर बनी। कारा प्रशासन ने उनके सुखद, सफल और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए समाज में जिम्मेदारी के साथ पुनः स्थापित होने की उम्मीद जताई।


