शोध, आर्थिक विश्लेषण और हितधारकों की राय के आधार पर तैयार होगी BIIPP 2026; निवेश, उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
Patna News: बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उद्योग विभाग, बिहार सरकार और IIM बोधगया के बीच बिहार इंडस्ट्रीज इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी (BIIPP) 2026 तैयार करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर एवं उसका आदान-प्रदान किया गया।
यह पहल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के मार्गदर्शन में राज्य में निवेश का अनुकूल माहौल तैयार करने तथा भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक सुदृढ़ नीति विकसित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
MoU का आदान-प्रदान निदेशक, उद्योग मुकुल कुमार गुप्ता और IIM बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता सिंह सहाय के बीच हुआ।
IIM बोधगया बनेगा Knowledge & Research Partner
समझौते के तहत IIM बोधगया Knowledge & Research Partner के रूप में काम करेगा। संस्थान BIIPP 2026 के निर्माण में नीति अनुसंधान, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेंचमार्किंग, हितधारक परामर्श, आर्थिक विश्लेषण और नीति ड्राफ्टिंग से जुड़े कार्यों में सहयोग करेगा।
नई नीति तैयार करने की प्रक्रिया में शोध और आंकड़ों के आधार पर राज्य की औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाओं और विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित हितधारकों से परामर्श लेकर नीति को व्यावहारिक और निवेशक-अनुकूल बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उद्योग विभाग के पास रहेगा अंतिम निर्णय का अधिकार
BIIPP 2026 का निर्माण उद्योग विभाग के समग्र नेतृत्व और संस्थागत पर्यवेक्षण में किया जाएगा। विभाग नीति की प्राथमिकताओं, राजकोषीय मानदंड, परामर्श की रूपरेखा और अपेक्षित परिणाम निर्धारित करेगा।
IIM बोधगया की ओर से दी जाने वाली अनुशंसाएं परामर्शात्मक होंगी। नीति से जुड़े अंतिम निर्णय और अनुमोदन का अधिकार उद्योग विभाग के पास रहेगा।
‘सभी क्षेत्रों के लिए मदर पॉलिसी’ बनाने पर जोर
इस अवसर पर उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि IIM बोधगया के बहुविषयक पाठ्यक्रम, शोध क्षमता और मजबूत अकादमिक वातावरण को देखते हुए संस्थान BIIPP 2026 के निर्माण में महत्वपूर्ण साझेदार साबित होगा।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। इसमें बिहार की जमीनी वास्तविकताओं, उपलब्ध संसाधनों, औद्योगिक क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखा जाएगा।
उन्होंने BIIPP 2026 को “सभी क्षेत्रों के लिए मदर पॉलिसी” बताते हुए कहा कि यह भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों के लिए तैयार होने वाली नीतियों और नीति हस्तक्षेपों के लिए आधारभूमि तैयार करेगी।
कुंदन कुमार के अनुसार, IIM बोधगया के साथ यह साझेदारी शोध, संस्थागत विशेषज्ञता और नीति निर्माण को एक मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करने में मदद मिल सकती है।
बिहार की युवा प्रतिभा और संभावनाओं को जोड़ने पर जोर
IIM बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता सिंह सहाय ने बिहार की विशाल संभावनाओं, जनसांख्यिकीय क्षमता और जैव-विविधता का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में उभर रहे अवसरों के साथ युवा प्रतिभाओं को जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
नई नीति के निर्माण में बिहार की मानव संसाधन क्षमता और युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों को ध्यान में रखने की दिशा में भी विचार किया जाएगा।
निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य
BIIPP 2026 के लिए हुए इस समझौते का व्यापक उद्देश्य बिहार के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करना और राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करना है। नीति के जरिए निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण, उद्यमिता को बढ़ावा और रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर जोर दिया जाएगा।
इस पहल में शोध-आधारित, साक्ष्य-आधारित और निवेशक-अनुकूल औद्योगिक नीति तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। बहु-क्षेत्रीय अध्ययन और हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार होने वाली नीति भविष्य में बिहार के औद्योगिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
MoU कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
MoU आदान-प्रदान के अवसर पर डॉ. बिद्या नंद सिंह, निदेशक, हैंडलूम एवं सेरिकल्चर; अमन समीर, निदेशक, MSME; खंडेकर श्रीकांत कुंडलिक, संयुक्त सचिव; बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के प्रतिनिधि तथा विभिन्न हितधारक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उद्योग विभाग और IIM बोधगया के बीच हुआ यह समझौता बिहार में नई औद्योगिक निवेश नीति तैयार करने की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब शोध, परामर्श और आर्थिक विश्लेषण के आधार पर BIIPP 2026 का मसौदा तैयार करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।


