Homeबिहारपटनाहरित जीविका, हरित बिहार: पर्यावरण की रक्षक बनीं जीविका दीदियां, 6 साल...

हरित जीविका, हरित बिहार: पर्यावरण की रक्षक बनीं जीविका दीदियां, 6 साल में रोपे 4 करोड़ पौधे

310 नर्सरी और 677 पौधशालाओं से बदला बिहार का परिदृश्य; जलवायु परिवर्तन के खिलाफ जंग के साथ घर-घर पहुँची खुशहाली।

Patna News: बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली जीविका दीदियां अब प्रदेश को हरा-भरा बनाने में क्रांतिकारी भूमिका निभा रही हैं। ‘हरित जीविका, हरित बिहार’ अभियान के तहत पिछले छह वर्षों में राज्य की लगभग एक करोड़ जीविका दीदियों ने मिलकर 4 करोड़ से अधिक पौधरोपण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि ग्रामीण रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी मील का पत्थर साबित हो रही है।

नर्सरी बना आय का नया स्रोत: 987 केंद्रों का विकास

​ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, वर्ष 2019 से अब तक राज्य भर में जीविका दीदियों द्वारा 987 नर्सरी विकसित की जा चुकी हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण योगदान ‘दीदी की नर्सरी’ और ‘दीदी की पौधशाला’ का है:

  • 677 दीदी की पौधशाला: जहाँ छोटे पौधों को तैयार किया जा रहा है।
  • 310 दीदी की नर्सरी: जो बड़े स्तर पर पौधों की आपूर्ति कर रही हैं।
  • सफलता का पैमाना: लगाए गए पौधों में से 1.04 करोड़ पौधे 4 फीट से अधिक की ऊंचाई प्राप्त कर चुके हैं, जो इस अभियान की सफलता और उचित देखभाल को दर्शाता है।

आर्थिक सशक्तिकरण का ‘नर्सरी मॉडल’

​’दीदी की नर्सरी’ अब एक सफल बिजनेस मॉडल के रूप में उभर रहा है। कम लागत में शुरू होने वाला यह उद्यम महिलाओं को स्थिर और सतत आय प्रदान कर रहा है। सामुदायिक उद्यम के रूप में संचालित इन नर्सरियों ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है।

कैसे होता है चयन और प्रशिक्षण?

​नर्सरी संचालन के लिए दीदियों का चयन संकुल स्तरीय संघ (CLF) के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है:

  1. पात्रता: स्वयं सहायता समूह (SHG) की सक्रिय सदस्य, समूह नियमों का पालन और अच्छी क्रेडिट रेटिंग (ऋण वापसी का रिकॉर्ड)।
  2. तकनीकी प्रशिक्षण: इमारती लकड़ियों (Timber) के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।
  3. फलदार वृक्षों का संरक्षण: कृषि विभाग के तहत सेंटर फॉर एक्सीलेंस (देसारी, वैशाली) में 15 दिनों का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है।

जलवायु परिवर्तन पर कड़ा प्रहार

​पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में पौधरोपण से बिहार के ‘ग्रीन कवर’ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जीविका दीदियों का यह मौन आंदोलन ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने में बिहार की एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
Hindi News, हिंदी न्यूज, Latest News in Hindi, Aaj ki Taaja Khabar पढ़ें SilkTVNews पर.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Bhāgalpur
overcast clouds
26.9 ° C
26.9 °
26.9 °
90%
3.3m/s
100%
Wed
27 °
Thu
29 °
Fri
31 °
Sat
33 °
Sun
34 °

Most Popular