Bhagalpur News: पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और बेहतर स्वास्थ्य का संदेश देने के लिए आज बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर परिसर में एक अनूठी और अनुकरणीय पहल देखी गई। भारत सरकार एवं प्रधानमंत्री के आह्वान पर अमल करते हुए विश्वविद्यालय में आज “नो व्हीकल डे” (No Vehicle Day) मनाया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और शांत नजर आया।
पैदल और साइकिल से कार्यालय पहुंचे कुलपति और विश्वविद्यालय कर्मी
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश का असर आज सुबह से ही परिसर में साफ देखने को मिला। विश्वविद्यालय के कुलपति, सभी अधिष्ठाता (Deans), निदेशक (Directors), वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी अपने निजी या सरकारी वाहनों को छोड़कर या तो साइकिल से या फिर पैदल चलकर अपने-अपने दफ्तर पहुंचे। इस पहल ने परिसर में एक सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन का माहौल पैदा किया।
साइकिल चलाना स्वास्थ्य और देश की आर्थिक सेहत दोनों के लिए जरूरी: कुलपति
इस विशेष आयोजन के अवसर पर माननीय कुलपति ने सभी को बधाई देते हुए इस मुहिम के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाकर हम बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
“साइकिल चलाना और पैदल चलना न केवल हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य को दुरुस्त रखता है, बल्कि यह देश के आर्थिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। वर्तमान में डीजल-पेट्रोल की बढ़ती खपत और सीमित संसाधनों को देखते हुए ईंधन का संरक्षण समय की सबसे बड़ी मांग बन चुका है।”
— कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर
पीएम और सीएम के आह्वान को दैनिक जीवन में उतारने का संकल्प
कुलपति ने आगे कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय में “नो व्हीकल डे” मनाने का मुख्य उद्देश्य आम लोगों और छात्र-छात्राओं को एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही, यह आयोजन प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण और जल-जीवन-हरियाली को लेकर किए गए आह्वान को दैनिक जीवन में आत्मसात करने की एक मजबूत कोशिश है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छोटी दूरियों के लिए वाहनों का उपयोग बंद करने से प्रदूषण के स्तर में भारी कमी लाई जा सकती है।
विश्वविद्यालय परिवार से नियमित आदत बनाने की अपील
आयोजन के अंत में कुलपति ने पूरे विश्वविद्यालय परिवार, शोधकर्ताओं और छात्रों से अपील की कि वे इस पहल को सिर्फ एक दिन तक सीमित न रखें। उन्होंने सभी से सप्ताह में कम से कम एक दिन या नियमित रूप से परिसर के भीतर साइकिल या पैदल चलने की आदत डालने को कहा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण का निर्माण किया जा सके।


