Bhagalpur News: बिहार के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत गोपालपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ मुस्लिम टोला स्थित एक चिमनी भट्ठा के समीप पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से एक 7 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद से जहां पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
बकरी चराने के दौरान हुआ हादसा
मृतक मासूम की पहचान स्थानीय निवासी मोहम्मद अशफाक के 7 वर्षीय पुत्र मोहम्मद हैदर उर्फ रोहित अली के रूप में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को बच्चा अपने घर से कुछ ही दूरी पर स्थित मैदान में बकरी चराने के लिए गया था। इसी दौरान चिमनी भट्ठा के पास पानी से भरे एक गहरे गड्ढे के नजदीक जाने पर उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में समा गया।
अस्पताल लाने से पहले ही टूट चुकी थीं सांसें
गड्ढे में बच्चे को डूबता देख आस-पास मौजूद स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और तुरंत भारी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में मासूम को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) गोपालपुर लेकर पहुंचे। लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुधांशु कुमार ने गहन जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
खेत में काम कर रही मां को जब मिली कलेजे के टुकड़े की मौत की खबर…
घटना के वक्त मृतक बच्चे की मां पिंकी खातून खेत में काम करने गई थीं। जैसे ही उन्हें अपने लाडले की मौत की खबर मिली, वह बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचीं। अपने कलेजे के टुकड़े के बेजान शरीर को देखकर मां दहाड़ मारकर रोने लगी। अस्पताल परिसर में मौजूद हर शख्स की आंखें इस मंजर को देखकर नम हो गईं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मुआवजे की मांग
घटना की भनक लगते ही गोपालपुर थाना पुलिस भी अस्पताल परिसर पहुंची। सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) रसनदेव पासवान और अक्षय पराशर ने मामले की छानबीन करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया भेज दिया है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीण मोहम्मद इस्माइल, मोहम्मद सदीक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय अंचलाधिकारी (CO) से पीड़ित गरीब परिवार को आपदा प्रबंधन विभाग के तहत उचित और त्वरित सरकारी मुआवजा देने की पुरजोर मांग की है।


