Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडेय पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। सुल्तानगंज में मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचीं जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े मामले में बेहद संवेदनशील और सख्त रुख अख्तियार किया। अजगैबीनाथ मंदिर के पास निरीक्षण के दौरान जब उन्हें बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही दिखी, तो उन्होंने मौके पर मौजूद बिजली विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी की जमकर क्लास लगा दी।
रेलिंग से सटी हाईमास्ट लाइट, हादसे को दे रही थी न्योता
दरअसल, जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम के साथ सुल्तानगंज के विभिन्न घाटों और मंदिर परिसरों का निरीक्षण कर रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर अजगैबीनाथ मंदिर के पास लगी एक विशाल हाईमास्ट लाइट पर पड़ी।
- लापरवाही क्या थी? यह हाईमास्ट लाइट कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई लोहे की रेलिंग से बिल्कुल सटकर खड़ी थी।
- खतरा क्या था? सावन के महीने में लगातार बारिश और नमी के कारण लोहे की रेलिंग में करंट उतरने का भारी खतरा बना रहता है। इससे लाखों श्रद्धालुओं और कांवरियों की जान दांव पर लग सकती थी।
“इधर-उधर घूमने से काम नहीं चलेगा…” — बिजली अधिकारी को लगी फटकार
सुरक्षा के इस गंभीर खतरे को देखते ही जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने बिजली विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही यह हाईमास्ट लाइट नगर परिषद द्वारा लगाई गई हो, लेकिन इसकी विद्युत सुरक्षा और तकनीकी जांच सुनिश्चित करना पूरी तरह बिजली विभाग की जिम्मेदारी है।
“इधर-उधर घूमने से काम नहीं चलेगा। विद्युत आपूर्ति और बिजली से जुड़े तकनीकी मामलों की सबसे ज्यादा जानकारी आपके विभाग के पास होती है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी या खतरा नहीं होना चाहिए!”
— अलंकृता पांडेय, जिलाधिकारी (भागलपुर)
डीएम का ऑन-द-स्पॉट कड़ा निर्देश
जिलाधिकारी ने लापरवाही को तुरंत दुरुस्त करने के लिए ऑन-द-स्पॉट कड़े निर्देश जारी किए:
- निचले हिस्से को तुरंत करें कवर: हाईमास्ट लाइट के निचले हिस्से (जंक्शन बॉक्स और तारों वाले भाग) को जल्द से जल्द पूरी तरह से सुरक्षित कवर किया जाए ताकि कोई भी श्रद्धालु गलती से भी इसकी चपेट में न आए।
- कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपें: इस काम को तुरंत पूरा कर प्रशासन को इसकी लिखित एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) सौंपी जाए।
लाखों कांवरियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
श्रावण मास में सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा घाट का महत्व बेहद खास हो जाता है। यहाँ से हर दिन लाखों की संख्या में देश-विदेश के कांवरिया पवित्र गंगा जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए पैदल रवाना होते हैं। ऐसे में भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन सुरक्षा को लेकर कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहता। डीएम के इस कड़े तेवर से साफ है कि मेले की तैयारियों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है।


