Bhagalpur News: सोमवार की रात भागलपुर वासियों के लिए किसी भयावह सपने से कम नहीं थी। अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते तेज आंधी-तूफान ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि पल भर में ही हंसता-खेलता शहर तबाही के मंजर में बदल गया। लोग जब तक कुछ समझ पाते और संभल पाते, कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया।
सड़कों पर गिरे विशालकाय पेड़, यातायात पूरी तरह ठप
तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के कई मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों में सालों पुराने विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़ गए। पेड़ गिरने के कारण भागलपुर के कई महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पूरी तरह से ब्लॉक हो गए हैं। सुबह होते ही सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रशासन की टीमें जेसीबी (JCB) लेकर पेड़ हटाने और रास्ता साफ करने में जुटी हैं, लेकिन नुकसान इतना ज्यादा है कि यातायात सामान्य होने में समय लग सकता है।
मलबे में तब्दील हुईं कारें, मकान और दुकानों को भारी नुकसान
इस प्राकृतिक आपदा ने लोगों की संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया है। कई इलाकों में भारी-भरकम पेड़ और उनकी शाखाएं सीधे सड़कों पर खड़ी कारों और बाइकों पर जा गिरीं, जिससे गाड़ियां पूरी तरह पिचक गईं।
चश्मदीदों के मुताबिक: “रात को इतनी तेज आवाज हुई जैसे कोई बम फटा हो। बाहर निकलकर देखा तो पड़ोस की दुकान और मकान के ऊपर एक विशाल पेड़ गिरा हुआ था और नीचे खड़ी कार पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुकी थी।”
इसके अलावा, दर्जनों दुकानों के साइनबोर्ड, होर्डिंग्स और कच्चे व एस्बेस्टस वाले मकानों की छतें हवा में तिनके की तरह उड़ गईं। व्यापारियों को इस तूफान के कारण लाखों का नुकसान होने की आशंका है।
बिजली के खंभे धराशायी, पूरा शहर ‘ब्लैकआउट’ की चपेट में
तूफान का सबसे बड़ा असर शहर की बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। तेज हवाओं के कारण दर्जनों जगहों पर बिजली के खंभे उखड़ गए और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। कई इलाकों में हाई-वोल्टेज तार टूटकर सड़कों पर गिर गए, जिसके चलते एहतियातन पूरे शहर की बिजली काट दी गई। पूरी रात भागलपुर घने अंधेरे (Blackout) में डूबा रहा। बिजली गुल होने के कारण सुबह पानी की सप्लाई भी बाधित हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बिजली विभाग के इंजीनियर और कर्मचारी युद्ध स्तर पर लाइनों को ठीक करने में लगे हैं।
प्रशासन अलर्ट पर, राहत कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत एक्शन में आ गईं। प्रभावित इलाकों में गिरे हुए पेड़ों को काटने और सड़कों से मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, वे सड़कों पर निकलने से बचें और टूटे हुए बिजली के तारों से दूर रहें। फिलहाल किसी बड़े जानी नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति का नुकसान बड़े पैमाने पर हुआ है।


