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मालदा मंडल द्वारा मवेशी टकराव की घटनाओं की रोकथाम हेतु सतत जागरूकता अभियान

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Bhagalpur News: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा मवेशी टकराव (Cattle Run Over – CRO), मानव टकराव (Human Run Over – HRO) तथा पथराव जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए लगातार व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, ट्रेनों के निर्बाध संचालन और यात्रियों की जान-माल की रक्षा सुनिश्चित करना है।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारी और कर्मचारी मंडल के विभिन्न संवेदनशील रेलखंडों में प्रतिदिन स्थानीय नागरिकों से संवाद कर रहे हैं। इन्हें CRO, पथराव, रेल ट्रैक पर मवेशियों को बाँधने या चराने, पटरियों पर वस्तुएँ रखने, और आपातकालीन चेन खींचने (ACP) के दुरुपयोग जैसे खतरनाक कार्यों के गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

दरअसल 08 जून 2025 (रविवार) को भागलपुर–बाराहाट सेक्शन के टेकानी, हटपुरैनी, पोड़ैयाहाट एवं कोइली खुटाहा हाल्ट स्टेशनों पर विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान रेलवे अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों को इन गतिविधियों के खतरे समझाते हुए यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ रेल संचालन में बाधा और विलंब का कारण बनती है।

सुरक्षा संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर

CRO की घटनाओं को रोकने हेतु मालदा मंडल द्वारा संवेदनशील रेलखंडों पर सुरक्षा बाड़बंदी (Safety Fencing) का कार्य भी तीव्र गति से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मवेशियों की ट्रैक पर अनियंत्रित आवाजाही को रोकना और संभावित दुर्घटनाओं से बचाव करना है।

रेलवे की अपील

रेलवे प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे रेल सुरक्षा को लेकर सजग रहें और रेलवे अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय गतिविधियों से परहेज़ करें। रेल सेवा की निरंतरता, समयबद्धता और सुरक्षा में जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।

“मालदा मंडल यात्रियों की सुरक्षा और रेल संचालन की दक्षता सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और इस महत्वपूर्ण अभियान में आमजन से निरंतर सहयोग की अपेक्षा करता है।”

संकल्प से सिद्धि: मोदी युग में गढ़ा गया नए भारत का सशक्त, सुरक्षित और विकसित चेहरा

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New Delhi:  वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की कमान संभाली, तब देश एक ऐसे मोड़ पर खड़ा था जहाँ आकांक्षाएं तो थीं, लेकिन दिशा स्पष्ट नहीं थी। बीते 11 वर्षों में मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत ने विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा की नई ऊंचाइयों को छुआ है। आज ‘न्यू इंडिया’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक सशक्त और व्यवहारिक वास्तविकता बन चुका है।

गरीबी उन्मूलन से शुरू हुई बदलाव की कहानी

भारत की विकास यात्रा की शुरुआत समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने से हुई। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर जीवन की गुणवत्ता में ऐतिहासिक सुधार किया।

जन धन योजना से पहली बार देश के करोड़ों गरीब बैंकिंग से जुड़े, जिससे आर्थिक समावेशन को मजबूती मिली।

बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक विस्तार

गांव-गांव में सड़कों, बिजली और इंटरनेट की पहुंच सुनिश्चित की गई। स्मार्ट सिटी मिशन, मेट्रो परियोजनाएं, भारत माला, सागर माला और उड़ान योजना जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स ने शहरों से लेकर दूर-दराज़ के इलाकों तक संपर्क और जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव लाया।

डिजिटल इंडिया: तकनीक के दम पर बदलाव

UPI, आधार, मोबाइल, और जनधन की त्रिमूर्ति ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर को आसान और पारदर्शी बना दिया। भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल लेन-देन करने वाला देश बन चुका है।

महिला सशक्तिकरण में ऐतिहासिक पहल

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, एनडीए में महिला भर्ती, और मातृत्व अवकाश में वृद्धि जैसी पहलों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और निर्णायक भूमिका में लाकर खड़ा किया है।

कृषि और किसान कल्याण को मिली प्राथमिकता

पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, ई-नाम, माइक्रो सिंचाई, और ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसान को आत्मनिर्भर बनाया गया है। खेती को केवल आजीविका नहीं, बल्कि आय का मजबूत साधन बनाया गया है।

शिक्षा और कौशल विकास में नवाचार

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, मातृभाषा में शिक्षा, स्वयम, दीक्षा, और पीएम ई-विद्या जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाया। स्किल इंडिया अभियान ने युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की छाप

कोविड-19 के दौरान स्वदेशी वैक्सीन निर्माण और कोविन पोर्टल का सफल संचालन भारत की वैज्ञानिक क्षमता का प्रतीक बना। फिट इंडिया, योग दिवस, और आयुष मंत्रालय ने भारतीय जीवनशैली को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई।

उद्योग, स्टार्टअप और आत्मनिर्भर भारत की उड़ान

मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, और पीएलआई स्कीम जैसे अभियानों ने भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बना दिया है। रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव जैसे क्षेत्रों में अब भारत आत्मनिर्भरता की राह पर है।

रक्षा, सुरक्षा और सीमाओं पर शक्ति का प्रदर्शन

वन रैंक, वन पेंशन, ब्रह्मोस, अग्नि मिसाइल, विक्रांत का निर्माण, और सीमा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी उपलब्धियों ने भारत की रक्षा नीति को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया।

धार्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण

अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, और केदारनाथ पुनर्निर्माण जैसे प्रकल्पों ने सांस्कृतिक गौरव को फिर से जागृत किया है। योग दिवस को वैश्विक मान्यता दिलाकर भारत ने अपनी विचारधारा का प्रसार किया।

पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता

स्वच्छ भारत मिशन और नेट जीरो 2070 के लक्ष्य के तहत भारत ने सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हरित ऊर्जा में अग्रणी भूमिका निभाई है।

विदेश नीति में भारत का वैश्विक नेतृत्व

G20 की अध्यक्षता, वैक्सीन मैत्री, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, और वॉइस ऑफ़ ग्लोबल साउथ जैसे अभियानों ने भारत को वैश्विक दक्षिण का नेता बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी अब और मजबूत हो चुकी है।

राजनीतिक इच्छाशक्ति: बदलाव का सबसे बड़ा आधार

धारा 370 हटाना, तीन तलाक पर रोक, और GST जैसी व्यापक कर सुधार ने साबित किया है कि मोदी सरकार के पास निर्णय लेने की न केवल इच्छाशक्ति है, बल्कि उन्हें लागू करने की दक्षता भी है।

मधु श्री कॉलोनी में निजी नर्सिंग होम की लापरवाही के खिलाफ फूटा गुस्सा, कॉलोनीवासी आमरण अनशन पर बैठे

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के तिलकामांझी क्षेत्र अंतर्गत मधु श्री कॉलोनी में रहने वाले लोगों का सब्र अब जवाब दे चुका है। कॉलोनी में स्थित एक निजी नर्सिंग होम की कथित लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ सोमवार सुबह से कॉलोनीवासियों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस अनशन का नेतृत्व कॉलोनी के वरिष्ठ नागरिक जवाहरलाल मिश्रा कर रहे हैं।

चिकित्सा अपशिष्ट सीधे नाले में फेंकने का आरोप
स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि नर्सिंग होम द्वारा प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले चिकित्सा अपशिष्ट (मेडिकल वेस्ट) को बिना किसी सुरक्षित निस्तारण के सीधे कॉलोनी के खुले नाले में बहा दिया जा रहा है। इससे वातावरण में दुर्गंध फैलने के साथ-साथ संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।

शोर और हादसे की आशंका से सहमे लोग
इतना ही नहीं, कॉलोनीवासियों ने बताया कि नर्सिंग होम परिसर में एक ऑक्सीजन प्लांट भी संचालित किया जा रहा है, जिसकी मशीनें दिन-रात तेज आवाज करती हैं। इससे शोर की समस्या के साथ-साथ प्लांट में संभावित विस्फोट जैसी दुर्घटना की आशंका भी लोगों को सता रही है।

संकरी गलियों में सुरक्षा जोखिम
कॉलोनी की सड़कों की स्थिति भी बेहद संकरी है। स्थानीय निवासी चिंतित हैं कि यदि कभी कोई आपात स्थिति जैसे सिलेंडर ब्लास्ट की घटना घटती है, तो इलाके से समय पर सुरक्षित निकल पाना नामुमकिन हो सकता है। इससे जान-माल को भारी नुकसान हो सकता है।

प्रशासन की चुप्पी से नाराज हैं लोग
कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्होंने नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, सीएस और जिला प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें दीं, मगर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस उपेक्षा के चलते अब लोगों ने आमरण अनशन का रास्ता अपनाया है।

मांग: तत्काल जांच और कार्रवाई
आंदोलन कर रहे लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल इस नर्सिंग होम की जांच कर उचित कार्रवाई करे, ऑक्सीजन प्लांट को हटाया जाए और मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, अनशन जारी रहेगा।

स्थिति पर प्रशासन की निगाह
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मगर आमरण अनशन की खबर फैलते ही जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का ध्यान इस ओर आकर्षित होने लगा है।

भागलपुर सदर अस्पताल में नवप्रसूताओं को जच्चा-बच्चा किट का वितरण

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बिहार सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई कल्याणकारी योजना के तहत प्रसव के पश्चात नवप्रसूताओं को जच्चा-बच्चा किट प्रदान की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य माताओं और नवजात शिशुओं को समुचित देखभाल, पोषण और स्वच्छता से जुड़ी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है।

इसी क्रम में सोमवार को भागलपुर सदर अस्पताल में कई महिलाओं को यह विशेष किट वितरित की गई। कार्यक्रम में अस्पताल प्रभारी डॉ. राजू कुमार और अस्पताल प्रबंधक  आशुतोष कुमार ने स्वयं उपस्थित होकर महिलाओं को किट सौंपी और इसके उपयोग तथा महत्व के बारे में जानकारी दी।

क्या है जच्चा-बच्चा किट?

इस किट में प्रसव के बाद महिला और नवजात शिशु की देखभाल के लिए आवश्यक सामग्री शामिल है, जैसे:

  • आवश्यक दवाइयाँ
  • पोषण युक्त आहार
  • साफ-सफाई की सामग्री
  • नवजात के लिए गर्म कपड़े व टॉवल
  • सेनेटरी नैपकिन, साबुन आदि स्वच्छता किट

डॉ. राजू कुमार ने बताया कि,

“यह योजना सरकार की जनस्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके माध्यम से ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को समान रूप से लाभ मिल रहा है।”

लाभार्थियों की प्रतिक्रिया

इस अवसर पर किट प्राप्त करने वाली नवप्रसूता महिला मुस्कान देवी ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा,

“गांव की महिलाओं को इससे काफी राहत मिलेगी। प्रसव के तुरंत बाद ऐसी सुविधाएं मिलना हमारे लिए बहुत सहायक है।”

स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने की पहल

बिहार सरकार की यह योजना राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम करना तथा प्रसव उपरांत महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने लिया बख्तियारपुर में गंगा की पुरानी धारा पुनर्जीवन योजना का जायजा, बरसात से पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड स्थित लखनपुरा में गंगा नदी की पुरानी एवं मृतप्राय धारा को पुनर्जीवित करने के लिए घनसुरपुर घाट से देदौर घाट तक चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव  संतोष कुमार मल्ल ने मुख्यमंत्री को कार्य की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कार्य में तेजी लाकर इसे आगामी बरसात से पहले पूर्ण कराना सुनिश्चित करें ताकि आमजन को इसका शीघ्र लाभ मिल सके।

4.42 किलोमीटर में गंगा की पुरानी धारा होगी पुनर्जीवित

इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत घनसुरपुर से देदौर तक कुल 4,420 मीटर लंबाई में गाद सफाई कर गंगा की पुरानी धारा को पुनर्जीवन दिया जा रहा है। योजना की प्रशासनिक स्वीकृति ₹3427.80 लाख है। कार्य के अंतर्गत संभावित क्षरण वाले स्थानों पर 1,520 मीटर की लंबाई में जियो बैग स्लोप पिचिंग द्वारा सुरक्षात्मक निर्माण कराया जा रहा है।

योजना में तीन वर्षों तक चैनल के नियमित रखरखाव का प्रावधान भी किया गया है। साथ ही निर्माणाधीन सीढ़ी घाट मंदिर एवं जे०एम०टी० स्कूल के पास संपर्क पथ हेतु आवश्यक भूमि का अधिग्रहण भी किया जा रहा है।

सीढ़ी घाट क्षेत्र में व्यापक विकास कार्य जारी

मुख्यमंत्री ने इसके बाद सीढ़ी घाट क्षेत्र में चल रहे सुरक्षात्मक एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का भी जायजा लिया। यहां गंगा चैनल के दाएं तट पर कटाव रोकने हेतु पक्का निर्माण कार्य, गैबियन टो, पीपी रोप एवं जियो बैग स्लोप पिचिंग किया जा रहा है।

इसके अलावा कुल 330 मीटर लंबाई में सीढ़ी निर्माण, 2100 मीटर क्षेत्र में कटाव निरोधक कार्य, पाथवे, शौचालय, चेंजिंग रूम, लैंडस्केपिंग और प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं भी तैयार की जा रही हैं। इस योजना के लिए ₹5606 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है और कार्य को जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

श्रद्धांजलि और पूजा-अर्चना

निरीक्षण के पश्चात मुख्यमंत्री ने सीढ़ी घाट स्थित श्री राधे कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। साथ ही स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व सांसद पं० शीलभद्र याजी एवं उनकी धर्मपत्नी स्व० बालकेश्वरी याजी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री  विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव  कुमार रवि, पटना प्रमंडल के आयुक्त डॉ. चंद्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., वरीय पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार, सत्यानंद याजी सहित जल संसाधन विभाग के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भागलपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का भव्य स्वागत, गंगोता समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी पर उठा स्वर

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Bhagalpur News: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। इसी क्रम में भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल आज भागलपुर पहुंचे। उनके आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर जोरदार स्वागत किया गया।

महिलाओं ने हाथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोफिया कुरैशी और अन्य नेताओं के पोस्टर लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन तंदूर’ के नारे लगाए तथा फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। इस आयोजन ने राजनीतिक उत्साह और सामाजिक चेतना दोनों को एक साथ दर्शाया।

टाउनहॉल में गंगोता समाज सम्मेलन का आयोजन

भागलपुर टाउनहॉल में बाबा अनंत दास समिति के शताब्दी समारोह के अवसर पर गंगोता समाज का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका आयोजन भाजपा के बैनर तले किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि, स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि दिलीप जायसवाल ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा:

“गंगोता समाज हमेशा भाजपा और एनडीए का विश्वसनीय सहयोगी रहा है। हमारी सरकार उनकी हर ज़रूरत और हक के लिए प्रतिबद्ध है।”

विपक्ष पर तीखा हमला

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्षी दलों खासकर राजद और लालू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में बिहार अपराध, भ्रष्टाचार और शराब संस्कृति का केंद्र बना रहा। उन्होंने ‘इंडी गठबंधन’ की नीतियों को “राज्य के विकास के लिए बाधक” बताया।

गंगोता समाज ने रखी राजनीतिक हिस्सेदारी की माँग

सम्मेलन के दौरान गंगोता समाज के प्रतिनिधियों ने राजनीतिक भागीदारी को लेकर स्पष्ट मांग रखी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा आगामी चुनाव में कम से कम 6 विधानसभा सीटों पर प्रतिनिधित्व देती है, तो समाज पार्टी को पूरी ताकत के साथ समर्थन देगा और भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करेगा।

राजनीतिक संकेत और भावी समीकरण

इस आयोजन से यह स्पष्ट हुआ कि जातिगत समीकरण और सामाजिक प्रतिनिधित्व आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की रणनीति का एक अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। पार्टी न सिर्फ पुराने समर्थकों को जोड़ने बल्कि सशक्त वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर भी काम कर रही है।

ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन, सितारा 2023 स्कीम पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा

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Bhagalpur News: सामाजिक समावेशिता और कानूनी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर के तत्वावधान में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बुढ़ानाथ मंदिर रोड स्थित अशोक भवन में आयोजित किया गया, जिसमें सितारा 2023 स्कीम के तहत विभिन्न कानूनी अधिकारों और लाभों की जानकारी दी गई।

इस शिविर की मुख्य संचालिका सब-जज सह सचिव रंजीता कुमारी थीं, जिन्होंने कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग का संदेश दिया। शिविर में उपस्थित ट्रांसजेंडर प्रतिभागियों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सितारा 2023 स्कीम के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

पैनल अधिवक्ता वंदना भारती और पैरा लीगल वालंटियर शुभम कुमार ने कानून से जुड़ी बारीकियों को सरल भाषा में समझाया और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समिति की सक्रिय सदस्य कोमल अंजलि और पायल की विशेष सहभागिता रही। उनकी भागीदारी से यह शिविर और अधिक प्रभावशाली बना।

समापन के अवसर पर ट्रांसजेंडर प्रतिभागियों को अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे उन्हें सामाजिक सम्मान का भी अनुभव हुआ।

“हमारा उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को कानूनी रूप से जागरूक और सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं कर सकें,”
– रंजीता कुमारी, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर

“सितारा 2023 स्कीम ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अवसरों के नए द्वार खोलती है, इसका लाभ उठाना बेहद जरूरी है,”
– वंदना भारती, पैनल अधिवक्ता, भागलपुर

इस कार्यक्रम को सामाजिक न्याय और विधिक समावेशिता की दिशा में एक सार्थक और प्रशंसनीय पहल माना जा रहा है, जो ट्रांसजेंडर समुदाय के आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देगा।

जीवन जागृति सोसाइटी की बड़ी पहल: भागलपुर के बेरोजगार युवाओं को मिलेगा रोजगार का सुनहरा अवसर

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Bhagalpur News: भागलपुर में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी और सराहनीय पहल की गई है। शहर के प्रतिष्ठित शिशु रोग विशेषज्ञ एवं जीवन जागृति सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने आज एक प्रेस वार्ता में बेरोजगार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की योजना की औपचारिक घोषणा की।

डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले के हर प्रखंड स्तर पर रोजगार सहायता केंद्र खोले जाएंगे, जहां युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देकर प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह संपूर्ण प्रक्रिया भारत सरकार के मानकों के अनुरूप होगी और चयनित कंपनियों के साथ टाइअप (साझेदारी) पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है।

“फिलहाल हमारे पास 1000 पद रिक्त हैं, जिन पर योग्य युवाओं को तुरंत तैनात किया जा सकता है। यह एक सुनहरा अवसर है उन युवाओं के लिए जो लंबे समय से नौकरी की तलाश में हैं,”
– डॉ. अजय कुमार सिंह, अध्यक्ष, जीवन जागृति सोसाइटी

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को उचित मार्गदर्शन, कार्यस्थल पर सहयोग और करियर परामर्श भी दिया जाएगा ताकि वे नई जिम्मेदारियों को सफलता पूर्वक निभा सकें। इस योजना का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम नागरिक बनाना है।

प्रेस वार्ता में जीवन जागृति सोसाइटी के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में पत्रकारों के सवालों का संतोषजनक जवाब दिया गया।

भागलपुर में रोजगार के क्षेत्र में यह एक प्रेरणादायक और क्रांतिकारी पहल मानी जा रही है, जिससे जिले के हजारों युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

डिजिटल हेल्थ क्रांति में बिहार देश में अव्वल, 90% से अधिक स्वास्थ्य संस्थान हुए पेपरलेस

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Bihar News: डिजिटल इंडिया के सपने को धरातल पर उतारते हुए बिहार ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य में 90% से अधिक सरकारी स्वास्थ्य संस्थान अब लगभग पेपरलेस हो चुके हैं, और 92% ओपीडी पंजीकरण पूरी तरह डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं। इस परिवर्तन से न केवल मरीजों की सुविधा बढ़ी है, बल्कि सरकारी अस्पतालों में कार्यप्रणाली भी पहले से कहीं अधिक कुशल हो गई है।

‘स्कैन एंड शेयर’ पहल बनी गेमचेंजर

इस बदलाव की धुरी बनी है ‘स्कैन एंड शेयर’ पहल, जिसके अंतर्गत मरीज अस्पताल के प्रवेश द्वार पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं। इससे लंबी कतारों और कागजी फॉर्म भरने की जटिलता समाप्त हो गई है। इस प्रणाली की बदौलत अब एक मरीज को परामर्श से लेकर दवा लेने तक का औसतन समय घटकर 45 मिनट रह गया है, जो पहले एक घंटे से भी अधिक हुआ करता था।

नेशनल मीडिया डेलीगेशन ने की डिजिटल सिस्टम की समीक्षा

डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के इस मॉडल को समझने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर आए राष्ट्रीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने पटना सचिवालय स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का दौरा किया।
इस दौरान राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रशासनिक अधिकारी श्री राजेश कुमार ने बताया कि कैसे बिहार ने डिजिटल नवाचारों को ज़मीनी स्तर तक सफलतापूर्वक उतारा है।

कमांड सेंटर राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों से रियल-टाइम डेटा प्राप्त करता है, जिससे अलर्ट, निगरानी और संचालन में जबरदस्त पारदर्शिता और दक्षता आई है। यह प्रणाली जिला स्तर के मिनी कमांड सेंटर और डेटा एनालिटिक्स यूनिट से भी जुड़ी है, जिससे स्वास्थ्य आपात स्थितियों की तत्काल पहचान और प्रबंधन संभव हो सका है।

जमीनी हकीकत: मरीजों ने भी माना बदलाव असरदार

प्रतिनिधिमंडल ने जब नालंदा जिले के सिलाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया, तो मरीजों ने भी इस डिजिटल प्रणाली की सराहना की। मरीजों ने बताया कि अब अस्पताल जाना कम तनावपूर्ण और अधिक व्यवस्थित अनुभव बन चुका है।

ई-प्रिस्क्रिप्शन और डिजिटल रिकॉर्ड में भी अग्रणी

बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के सीईओ श्री शशांक शेखर सिन्हा ने जानकारी दी कि बिहार न सिर्फ क्यूआर कोड स्कैनिंग में देश में अग्रणी है, बल्कि सबसे अधिक ई-प्रिस्क्रिप्शन और इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार करने वाला राज्य भी बन गया है। इसके लिए बिहार को केंद्र सरकार की डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम (DHIS) के तहत देश में सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री की डिजिटल हेल्थ विजन से बनी मिसाल

यह उपलब्धि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र में लिए गए ठोस फैसलों और ज़मीनी क्रियान्वयन का प्रतिफल है। बिहार ने यह सिद्ध किया है कि सुनियोजित रणनीति और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ डिजिटल बदलावों के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को समावेशी, कुशल और उत्तरदायी बनाया जा सकता है।

बीएससी नर्सिंग परीक्षा में मचा हंगामा: देर से पहुंचे अभ्यर्थियों को नहीं मिला प्रवेश, परिजनों ने दीवार पर चढ़कर जताया विरोध

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Bhagalpur News: नाथनगर स्थित एसएस बालिका उच्च विद्यालय में रविवार को आयोजित बीएससी नर्सिंग परीक्षा के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब चार अभ्यर्थियों को सिर्फ तीन मिनट की देरी के चलते परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।

परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 8:30 था, जबकि अभ्यर्थी 8:33 बजे केंद्र पर पहुंचे। यह देरी उन छात्रों के लिए भारी पड़ गई, जो मुंगेर और आसपास के जिलों से आए थे। प्रवेश वंचित किए जाने पर अभ्यर्थियों के परिजन भड़क उठे और परीक्षा केंद्र के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कुछ परिजन स्कूल की दीवार पर चढ़ गए और जबरन परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश की। करीब 25 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मौके पर तैनात दंडाधिकारी और पुलिस बल ने स्थिति को संभालने के लिए हस्तक्षेप किया।

जमालपुर से आई एक अभ्यर्थी के भाई जितेंद्र कुमार ने बताया, “हम सिर्फ तीन मिनट लेट पहुंचे थे। बहुत विनती की, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। जब विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने हमें गालियां दीं। अगर हमने कोई अपराध किया है, तो हमें जेल भेज दीजिए—but please, abuse मत करिए।”

हालांकि, अधिकारियों की समझदारी और हस्तक्षेप के बाद सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई। इसके बाद परीक्षा शांतिपूर्वक संचालित हुई और स्थिति सामान्य हो गई।