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राजगीर और वैशाली में बनेंगे पांच सितारा होटल-रिसॉर्ट, कैबिनेट बैठक में 16 प्रस्तावों पर मुहर

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पटना: बिहार में पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में नालंदा के राजगीर में दो पांच सितारा होटल और वैशाली में एक पांच सितारा रिसॉर्ट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह परियोजनाएँ पीपीपी (जन-निजी भागीदारी) मॉडल पर विकसित की जाएंगी।

कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने दी। उन्होंने बताया कि राजगीर के मेला मैदान के पास 10 एकड़ जमीन पर दो होटल बनाए जाएंगे, जबकि वैशाली के बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय परिसर में 10 एकड़ भूमि पर रिसॉर्ट का निर्माण होगा। निर्धारित अवधि के लिए निजी निवेशकों को जमीन लीज पर दी जाएगी और लीज समाप्ति के बाद परिसंपत्ति प्रबंधन का निर्णय सरकार लेगी।

बैठक में 16 महत्वपूर्ण एजेंडों पर भी मुहर लगी। इसमें राजकीय शिक्षक पुरस्कार की राशि को बढ़ाकर 15 हजार से 30 हजार रुपये करना शामिल है। इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानी उपेंद्र नाथ वर्मा की जयंती प्रतिवर्ष गयाजी में राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।

पर्यटन और शिक्षा के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी अहम फैसले हुए। राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंच मार्ग बनाने के लिए 363 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जबकि एनएच-30 के सालेपुर से करौटा तक 19.43 किमी सड़क को चार लेन में अपग्रेड करने के लिए 539 करोड़ 19 लाख रुपये मंजूर किए गए।

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कृषि उन्नति योजना के तहत 20 बाजार पांगणों में ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) को लागू करने के लिए 6 करोड़ रुपये की वन टाइम ग्रांट दी जाएगी। इससे ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध होगी और किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी।

सरकारी नौकरी अभ्यर्थियों के लिए भी राहत की घोषणा की गई। अब सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं में आवेदन शुल्क मात्र 100 रुपये होगा। यह प्रावधान बीपीएससी, एसएससी, तकनीकी सेवा आयोग, पुलिस अवर सेवा आयोग और केंद्रीय सिपाही चयन परिषद सहित सभी परीक्षाओं पर लागू होगा।

साल 2026 के लिए सरकारी कर्मियों को अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया गया है। इसमें कुल 35 छुट्टियों का प्रावधान है, हालांकि रविवार को पड़ने के कारण कर्मियों को वास्तविक रूप से 29 छुट्टियों का लाभ मिलेगा।

बिहार सरकार के इन फैसलों से पर्यटन, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और रोजगार के क्षेत्रों में नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अनुकंपा के आधार पर 5353 अभ्यर्थियों को दिया नियुक्ति पत्र, शिक्षा विभाग को मिला नया संबल

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में चयनित 4835 विद्यालय लिपिक और 518 विद्यालय परिचारी सहित कुल 5353 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से मणि कुमारी, अमित गौरव, दिव्या राज, किरण कुमारी गुप्ता एवं तूबा अशरफ को नियुक्ति पत्र सौंपा।

मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि वे ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में योगदान दें।

अनुकंपा पर नियुक्ति की पृष्ठभूमि

वर्ष 2006 से शिक्षा विभाग ने मृत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के आश्रितों को शिक्षक पद पर अनुकंपा के आधार पर नियोजित करने का प्रावधान किया था। लेकिन कई मामलों में आश्रित शिक्षक पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं कर पाते थे। इस कारण वर्ष 2020 में अनुकंपा पर विद्यालय लिपिक एवं विद्यालय परिचारी के पदों पर नियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई।

वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को और बेहतर बनाते हुए इन पदों को राज्यकर्मी श्रेणी में शामिल किया है। अब अनुकंपा पर नियुक्त विद्यालय लिपिक और विद्यालय परिचारी को बेहतर वेतनमान और सेवाशर्तें उपलब्ध होंगी।

पूरे राज्य में 5353 अभ्यर्थियों की नियुक्ति

आज आयोजित कार्यक्रम में राज्य भर से कुल 4835 विद्यालय लिपिक और 518 विद्यालय परिचारी नियुक्त किए गए। केवल पटना जिले में ही 212 विद्यालय लिपिक और 28 विद्यालय परिचारी को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इससे विद्यालयों के प्रशासनिक और सहायक कार्यों में सुचारूता आएगी।

कार्यक्रम में हुई गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें पुस्तक भेंट की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री  विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री  विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री  सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  दीपक कुमार, सचिव  अनुपम कुमार और  कुमार रवि, बिहार शिक्षा परियोज मयंक वरवड़े सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

शिक्षा विभाग को मिला नया आधार

विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियुक्तियों से राज्य के विद्यालयों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और शिक्षण कार्यों पर शिक्षकों का ध्यान और अधिक केंद्रित हो सकेगा। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।

बिहार के 20 बाजार प्रांगण जुड़ेंगे ई-नाम से, किसानों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार का लाभ

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पटना: बिहार सरकार ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राज्य के 20 बाजार प्रांगणों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से जोड़ने की स्वीकृति प्रदान की है। यह कदम कृषोन्नति योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में उठाया गया है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 6 करोड़ रुपये की वन टाइम ग्रांट उपलब्ध कराई गई है, जो शत-प्रतिशत केन्द्रांश होगी।

ई-नाम भारत सरकार का एक महत्वाकांक्षी अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है, जिसका संचालन लघु किसान कृषि व्यवसाय संघ (SFAC) द्वारा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत किया जाता है। इसका उद्देश्य देशभर की एपीएमसी मंडियों को जोड़कर किसानों और व्यापारियों के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार तैयार करना है।

किसानों को होंगे प्रत्यक्ष लाभ

इस योजना से बिहार के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्थानीय मंडियों तक सीमित रहने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अब पूरे देश के बाजार में खरीदारों तक पहुंच सकेंगे और अपनी फसल का बेहतर व प्रतिस्पर्धी मूल्य प्राप्त कर पाएंगे।
इसके साथ ही, ऑनलाइन भुगतान की सुविधा किसानों को समय पर आय सुनिश्चित करेगी। गुणवत्ता-आधारित नीलामी प्रणाली से उपज का मूल्य पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से तय होगा।

डिजिटल कृषि निदेशालय से होगी निगरानी

कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बताया कि बिहार में पहले ही देश का पहला डिजिटल कृषि निदेशालय स्थापित किया गया है। ई-नाम को इससे जोड़ने के बाद राज्य में बाजार प्रांगणों की अनुश्रवण व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो जाएगी। इससे किसानों को अपनी उपज की बिक्री में सुविधा होगी और खरीदारों को भी गुणवत्ता पर आधारित खरीद सुनिश्चित होगी।

कृषि क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ

ई-नाम से कृषि विपणन प्रणाली में एकरूपता और सुव्यवस्था आएगी। खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सूचना की कमी दूर होगी और वास्तविक मांग-आपूर्ति के आधार पर रियल-टाइम मूल्य तय होगा।
यह कदम न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगा बल्कि बिहार के कृषि व्यापार को नई दिशा देगा। अब राज्य के किसान अपनी फसल को राष्ट्रीय स्तर पर बेचकर बड़े बाजारों और बेहतर दामों तक पहुंच बना सकेंगे।

ऐतिहासिक पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे राज्य में कृषि क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और किसान आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होंगे।

हीरो एशिया कप 2025 बिहार: बक्सर, मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में पहुँची ट्रॉफी गौरव यात्रा, जिलों में हुआ भव्य स्वागत

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पटना: बिहार में पहली बार आयोजित होने जा रहा हीरो एशिया कप 2025 (29 अगस्त से 7 सितंबर, राजगीर) धीरे-धीरे राज्यवासियों के बीच उत्सव का रूप लेता जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन के प्रचार-प्रसार के लिए चलाई जा रही ट्रॉफी गौरव यात्रा आज बक्सर, मुजफ्फरपुर और मोतिहारी पहुँची, जहाँ लोगों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ ट्रॉफी का स्वागत किया।

गौरतलब है कि ट्रॉफी गौरव यात्रा 17 अगस्त से शुरू हुई है और यह केवल बिहार ही नहीं बल्कि देश के अन्य प्रमुख राज्यों—चेन्नई, दिल्ली, चंडीगढ़ (पंजाब, हरियाणा), ओडिशा, असम और झारखंड—से भी होकर गुजरेगी। इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं में हॉकी के प्रति रुचि जगाना, खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और आगामी एशिया कप में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

बक्सर में शानदार आयोजन

बक्सर समाहरणालय में आयोजित स्वागत समारोह में जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री शुभम आर्या, डीएसओ आदित्य कुमार, डीडीसी आकाश चौधरी और एडीएएम अरुण कुमार सिंह ने ट्रॉफी का भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में खिलाड़ी और स्थानीय लोगों की मौजूदगी ने माहौल को और भी ऊर्जावान बना दिया।

मुजफ्फरपुर में खेल भावना का उत्साह

मुजफ्फरपुर समाहरणालय में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री सुब्रत सेन ने स्वयं सांकेतिक रूप से हॉकी खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उनके साथ जिला खेल पदाधिकारी श्री राजेन्द्र कुमार, शारीरिक शिक्षक राम कुमार राय और करूनेश कुमार भी मौजूद रहे। स्थानीय खिलाड़ियों और जनता ने भी ट्रॉफी का उत्साहपूर्ण स्वागत किया।

मोतिहारी में गूंजा जयकारा

मोतिहारी के खेल भवन सह व्यायामशाला में जिलाधिकारी श्री सौरभ जोरवाल, जिला खेल पदाधिकारी श्री शुभम कुमार और जिला विकास आयुक्त श्री सौरभ सुमन यादव ने ट्रॉफी गौरव यात्रा का स्वागत किया। जिलाधिकारी ने लोगों को हीरो एशिया कप के महत्व के बारे में विस्तार से बताया और हॉकी खेलकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।

राजगीर में समापन

ट्रॉफी गौरव यात्रा बिहार के सभी जिलों से होकर गुजर रही है और हर जिले में इसे भव्य स्वागत मिल रहा है। यह यात्रा 29 अगस्त को राजगीर पहुँचेगी, जहाँ हीरो एशिया कप 2025 का आगाज होगा। यह आयोजन बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरव का क्षण होगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लिया पटना मेट्रो परियोजना का जायजा, अधिकारियों को तेजी से निर्माण कार्य पूर्ण करने का दिया निर्देश

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को पटना मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बैरिया स्थित पटना मेट्रो टर्मिनल और जीरोमाईल मेट्रो स्टेशन का स्थल निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से परियोजना की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले बैरिया स्थित पटना मेट्रो टर्मिनल का दौरा किया। यहां उन्होंने मेट्रो रेल के डिब्बे, रेलवे ट्रैक, यार्ड, पावर ग्रीड एवं प्रशासनिक भवन की प्रगति देखी। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यहीं पर मेट्रो रेल का ठहराव, रखरखाव एवं साफ-सफाई का कार्य होगा। साथ ही प्रशासनिक भवन से मेट्रो के सुचारू परिचालन का प्रबंधन किया जाएगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री जीरोमाईल मेट्रो स्टेशन पहुंचे और वहां निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव  अभय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को स्टेशन परिसर में उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं जैसे स्वचालित सीढ़ी (एस्केलेटर), टिकट काउंटर, यात्री सुविधा क्षेत्र, पब्लिक और पेड एरिया, लिफ्ट तथा प्लेटफॉर्म तक पहुंचने की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य में और अधिक तेजी लाई जाए ताकि तय समयसीमा में इसे पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि पटना मेट्रो परियोजना बिहार की राजधानी की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है। इससे लोगों को बेहतर, सुरक्षित और तेज यातायात की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत दूर किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर परियोजना का निरीक्षण करती रहेगी ताकि सुनिश्चित हो सके कि सभी कार्य योजनानुसार और पारदर्शिता के साथ पूरे हो रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  कुमार रवि, पटना प्रमण्डल के आयुक्त डॉ० चंद्रशेखर सिंह, पटना के जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एस०एम० सहित पटना मेट्रो रेल परियोजना के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

पटना मेट्रो परियोजना से शहरवासियों को जाम और यातायात की समस्याओं से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं यह परियोजना राजधानी के समग्र विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने किया एमडीसी एवं बालिका छात्रावास का उद्घाटन, छात्राओं को मिलेगा बेहतर आवास व प्रशिक्षण की सुविधा

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना परिसर में नवनिर्मित प्रबंधन विकास केंद्र (एम०डी०सी०) और बालिका छात्रावास का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने शिलापट्ट अनावरण और फीता काटकर दोनों भवनों का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने भवनों का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की विस्तार से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि संस्थान का नया प्रबंधन विकास केंद्र प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करेगा। वहीं, बालिका छात्रावास के निर्माण से छात्राओं को रहने की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनके पठन-पाठन में सहूलियत होगी।

इस अवसर पर जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री  सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  दीपक कुमार, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं संस्थान के निदेशक डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव  अनुपम कुमार और  कुमार रवि, बी०एस०ई०आई०डी०सी० की प्रबंध निदेशक श्रीमती इनायत खान, पटना के जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एस०एम० समेत कई वरीय अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

गौरतलब है कि ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान की स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। यहां वर्तमान में प्रबंधन एवं कम्प्यूटर के कुल 10 कोर्स संचालित हो रहे हैं, जिनमें 1600 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं।

नव स्थापित प्रबंधन विकास केंद्र (एमडीसी) में 26 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें 52 व्यक्तियों के रहने की व्यवस्था है। साथ ही प्रशिक्षण हॉल और डायनिंग हॉल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इस भवन के निर्माण पर 4 करोड़ 99 लाख 97 हजार 400 रुपये की लागत आई है।

वहीं, छात्राओं की बढ़ती संख्या और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए संस्थान में वातानुकूलित बालिका छात्रावास का निर्माण एवं उन्नयन भी किया गया है। इसमें दो ब्लॉक शामिल हैं, जिनमें 40 कमरे और 8 हॉल हैं। इस छात्रावास में कुल 168 छात्राओं के रहने की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके निर्माण पर भी लगभग 4 करोड़ 99 लाख 97 हजार 400 रुपये की लागत आई है।

इस उद्घाटन के साथ ही संस्थान में पढ़ने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और आधुनिक आवासीय सुविधा सुनिश्चित हो सकी है।

भागलपुर पुलिस में बड़े पैमाने पर पदस्थापन एवं तबादला, कई थानों को मिले नए प्रभारी

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भागलपुर: जिले में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भागलपुर पुलिस प्रशासन ने कई पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार तत्काल प्रभाव से इन अधिकारियों को उनके नए पदस्थापन स्थल पर भेजा गया है।

जारी सूची के मुताबिक, सुल्तानगंज थाना (अनुसंधान इकाई) में पदस्थापित संगीता कुमारी को पीरपैंती थाना भेजा गया है। वहीं, प्रीति कुमारी को रसूलपुर थाना से अकबरनगर थाना, लवली कुमारी को बाथ थाना से सबौर थाना और रीता कुमारी को पुलिस केंद्र से शाहकुंड थाना में स्थानांतरित किया गया है।

इसके अतिरिक्त, पुष्पराज को साइबर थाना से बरारी थाना, सोनाक्षी कुमारी को साइबर थाना से विश्वविद्यालय थाना, आशुतोष कुमार को पुलिस केंद्र से सुल्तानगंज थाना और रामानुज कुमार को पुलिस केंद्र से सुल्तानगंज थाना (अनुसंधान इकाई) में भेजा गया है।

दूसरी ओर, कुछ थानों में पद रिक्त होने के कारण नए थाना प्रभारी की भी नियुक्ति की गई है। आदेशानुसार, श्यामा कुमार को अपराध शाखा से स्थानांतरित कर कहलगांव थाना का प्रभार सौंपा गया है। वहीं, नीरज कुमार–2 को पुलिस कार्यालय से स्थानांतरित कर औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

इन तबादलों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विश्वास जताया है कि इन नए पदस्थापनों से अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था की स्थिति और भी सुदृढ़ होगी।

बिहार पुलिस की बड़ी सफलता: 4000 कारतूस, नकद व हथियारों के साथ शातिर अपराधी गिरफ्तार

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Bihar News: बेगूसराय पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। विशेष कार्य बल (STF) सेल पटना से मिली गुप्त सूचना के आधार पर जिले की पुलिस टीम एवं जिला आसूचना इकाई की संयुक्त कार्रवाई में लोहेडियानगर थाना क्षेत्र से एक शातिर अपराधी को भारी मात्रा में जिंदा कारतूसों, हथियारों और नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि लोहेडियानगर स्थित रेलवे ओवरब्रिज से एक वाहन में भारी मात्रा में हथियारों की खेप ले जाई जा रही है। इसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लोहेडियानगर थाना पुलिस, जिला आसूचना इकाई एवं विशेष टीम ने संयुक्त छापेमारी की। इस दौरान एक संदिग्ध कार (नंबर BR09AG9533) को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें से 4000 जिंदा कारतूस, 01 आधार कार्ड, 01 ड्राइविंग लाइसेंस, 01 वाहन की आरसी, 01 मोबाइल, 01 चाबी और 01 लाख रुपए नगद बरामद किए गए।

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान रविश सिंह, उम्र लगभग 50 वर्ष, पिता उचित नारायण सिंह, निवासी पंचायत सबलदपुर, वार्ड संख्या 01, थाना सोहथुबकस्माल, जिला बेगूसराय के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जेल की सजा काट चुका है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि बरामद हथियार और कारतूस किसी बड़े अपराध की तैयारी के उद्देश्य से लाए जा रहे थे। इस कार्रवाई से बेगूसराय में होने वाली बड़ी वारदात को टालने में पुलिस को सफलता मिली है।

बरामद सामानों की सूची में 4000 जिंदा कारतूस, 01 मोबाइल, 01 आधार कार्ड, 01 ड्राइविंग लाइसेंस, 01 वाहन की आरसी, 01 चाबी और 01 लाख रुपए नगद शामिल हैं। पुलिस ने वाहन को भी जब्त कर लिया है।

इस बड़ी उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक ने टीम को सराहा और कहा कि अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। बेगूसराय पुलिस का यह अभियान जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी के अन्य आपराधिक कनेक्शन की जांच की जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क के अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।

भागलपुर में लव मैरिज करने वाली विवाहिता और बेटे पर हमला, ससुर की हालत नाजुक, पांच लोग घायल

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के तुलसीपुर गांव से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां लव मैरिज करने वाली विवाहिता और उसके मासूम बेटे पर मायके वालों ने हमला कर दिया। घटना में विवाहिता समेत कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इनमें विवाहिता के ससुर की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों का इलाज भागलपुर स्थित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।

कोर्ट मैरिज से उपजा विवाद

जानकारी के अनुसार, करीब ढाई साल पहले तुलसीपुर निवासी लवकुश और करिश्मा की पहचान कोचिंग के दौरान हुई थी। इसके बाद खेत में हुई मुलाकातों ने दोस्ती को रिश्ते में बदल दिया। घरवालों की नाराजगी के बावजूद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी। शादी के बाद लड़की के परिवार ने करिश्मा से रिश्ता तोड़ लिया था और वे इस विवाह को कभी स्वीकार नहीं कर पाए।

करीब दो महीने पहले करिश्मा ने बेटे को जन्म दिया, जिससे मायके वालों का गुस्सा और बढ़ गया। आरोप है कि लड़की के पिता और भाई ने कई बार धमकी दी थी कि करिश्मा और उसके बच्चे को जान से मार देंगे।

हथियार लेकर घर में घुसे हमलावर

इसी बीच रविवार को करिश्मा के पिता निर्मल मंडल, भाई पवन मंडल और चाचा हथियार लेकर उसके ससुराल पहुंचे। अचानक घर में घुसते ही उन्होंने कुल्हाड़ी और अन्य हथियारों से हमला बोल दिया। इस हमले में करिश्मा, उसके ससुर सुमेर मंडल, भैंसुर राजेश मंडल सहित कुल पांच लोग बुरी तरह घायल हो गए।

घटना के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार ससुर सुमेर मंडल की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना पर परबत्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। हमलावरों की तलाश में छापेमारी भी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हमला लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद और नाराजगी का परिणाम है।

भागलपुर की पहचान बनी बिशहरी पूजा, राजकीय मेला घोषित करने की उठी मांग

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बिहार के भागलपुर जिले में इन दिनों श्रद्धा और आस्था का सबसे बड़ा लोकपर्व बिशहरी पूजा धूमधाम से मनाई जा रही है। इसे विषहरी पूजा या बिहुला-विषहरी पूजा भी कहा जाता है। यह महापर्व नागों की देवी मां मनसा को समर्पित है, जिन्हें लोक परंपरा में सांपों की देवी के रूप में पूजा जाता है। आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम यह पर्व अब भागलपुर की पहचान बन चुका है।

लोककथा बिहुला-बाला से जुड़ी अमर गाथा

इस पूजा का आधार अंग प्रदेश की प्राचीन लोककथा बिहुला-बाला है। मान्यता है कि देवी मनसा की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और विशेषकर सर्पदंश से रक्षा होती है। कथा के अनुसार, बिहुला ने अपने पति लखिंदर बाला को जीवनदान दिलाने के लिए देवी मनसा से संघर्ष किया था। यह गाथा नारी शक्ति, साहस और अटूट संकल्प का प्रतीक मानी जाती है। यही वजह है कि यह पर्व सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में नारी सशक्तिकरण और लोक परंपरा की गहरी जड़ें भी दर्शाता है।

उत्सव का भव्य स्वरूप

पूरे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। जगह-जगह लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। बड़े-बड़े मेले सज रहे हैं, जिनमें दूर-दराज़ से श्रद्धालु, कलाकार और व्यापारी शामिल हो रहे हैं। इस मौके पर सर्पदेवी मनसा की पूजा के साथ-साथ बिहुला की अमर कथा का मंचन किया जाता है, जिससे लोककला और संस्कृति को नया जीवन मिलता है।

राजकीय मेला घोषित करने की उठी मांग

स्थानीय लोग और सांस्कृतिक संगठन अब सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि बिशहरी पूजा को राजकीय मेला का दर्जा दिया जाए। उनका कहना है कि यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि अंग प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और लोकपरंपरा का भी अभिन्न हिस्सा है। अगर इसे राजकीय मेला घोषित किया जाता है तो यह आयोजन और भी भव्य स्वरूप में सामने आएगा तथा आने वाली पीढ़ियों तक इसे संरक्षित किया जा सकेगा।

बाइट

राजीव लाल, अध्यक्ष, मनसा मंदिर
“बिशहरी पूजा भागलपुर की आस्था और पहचान है। सरकार अगर इसे राजकीय मेला घोषित करे तो यह पूरे बिहार ही नहीं, बल्कि देश में भी सांस्कृतिक धरोहर के रूप में नई पहचान बना सकेगा।”

निस्संदेह, बिशहरी पूजा आस्था, लोकगीत और संस्कृति का अनूठा संगम है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इसे राजकीय दर्जा देकर इस लोकपरंपरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाती है।